चित्तौडगढ : सुदरी पटवारी को किया निलम्बित, पटवार संघ ने निलम्बन के विरोध में दिया ज्ञापन गंगरार। तहसील गंगरार के सुदरी पटवार मण्डल के पटवारी को जिला कलेक्टर ने तुरन्त प्रभाव से निलम्बित कर दिया हैं। जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने गंगरार तहसील के सुदरी पटवार मण्डल के पटवारी प्रमोद कुमार के विरूद्ध विभागीय जाॅच के चलते निलम्बित कर दिया हैं। निलम्बन काल के दौरान पटवारी प्रमोद कुमार का मुख्यालय तहसील कार्यालय रावतभाटा रखा गया हैं। दिये गये आरोप पत्र के अनुसार पटवारी प्रमोद कुमार पटवार हल्का सुदरी द्वारा न्यायालय के आदेशों के बाद भी कार्यवाही नहीं करने, कार्यालय में आफिस कानुनगो से अभद्र व्यवहार करने, तहसील कार्यालय व उपखण्ड कार्यालय द्वारा दिये गये नोटिस का समय पर जवाब नहीं देने, कास्तकारों के दस्तावेज समय पर अपलोड नहीं करवाने, परिवादों का समय पर निस्तारण नहीं करने सम्बन्धित विभिन्न आरोप तथा पुलिस थाना गंगरार में आपराधिक मुकदमा दर्ज होने पर विभागीय जाॅच प्रस्तावित करते हुए पटवारी को निलम्बित कर दिया गया। इधर राजस्थान पटवार संघ उपशाखा गंगरार द्वारा जिला कलेक्टर के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन प्रस्तुत कर पटवारी प्रमोद कुमार के निलंबन को निरस्त कर बहाली कराने तथा तहसीलदार गंगरार व उपखण्ड अधिकारी गंगरार के विरूद्ध कार्यवाही की माग की। पटवार संघ उपशाखा द्वारा दिये गये ज्ञापन में बताया गया कि पटवारी प्रमोद कुमार को व्यक्तिगत द्वेषता, नियम विरूद्ध कार्य करवाने तथा पुर्वाग्रह के आधार पर निलम्बित किया गया। जो कि न्यायोचित नहीं हैं। पटवारी प्रमोद कुमार की बहाली नहीं होने पर 19 फरवरी को जिले के पटवारी जिला स्तर पर कार्य का बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन प्रस्तुत करने के दौरान समस्त पटवारीगण उपस्थित थे। तहसीलदार पुष्पेन्द्र सिंह राजावत ने बताया कि निलम्बित पटवारी के विरूद्ध बार बार शिकायते आ रही थी। किसानों द्वारा सम्पर्क पोर्टल पर शिकायत करने, उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार के निर्देशों के बाद भी कार्यवाही नहीं करना, समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं कर कार्यो में लापरवाही करने सहित विभिन्न आरोपों के चलते विभागीय जाॅच प्रस्तावित होने से जिला कलेक्टर द्वारा निलम्बित किया गया हैं।
चित्तौडगढ : सुदरी पटवारी को किया निलम्बित, पटवार संघ ने निलम्बन के विरोध में दिया ज्ञापन गंगरार। तहसील गंगरार के सुदरी पटवार मण्डल के पटवारी को जिला कलेक्टर ने तुरन्त प्रभाव से निलम्बित कर दिया हैं। जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने गंगरार तहसील के सुदरी पटवार मण्डल के पटवारी प्रमोद कुमार के विरूद्ध विभागीय जाॅच के चलते निलम्बित कर दिया हैं। निलम्बन काल के दौरान पटवारी प्रमोद कुमार का मुख्यालय तहसील कार्यालय रावतभाटा रखा गया हैं। दिये गये आरोप पत्र के अनुसार पटवारी प्रमोद कुमार पटवार हल्का सुदरी द्वारा न्यायालय के आदेशों के बाद भी कार्यवाही नहीं करने, कार्यालय में आफिस कानुनगो से अभद्र व्यवहार करने, तहसील कार्यालय व उपखण्ड कार्यालय द्वारा दिये गये नोटिस का समय पर जवाब नहीं देने, कास्तकारों के दस्तावेज समय पर अपलोड नहीं करवाने, परिवादों का समय पर निस्तारण नहीं करने सम्बन्धित विभिन्न आरोप तथा पुलिस थाना गंगरार में आपराधिक मुकदमा दर्ज होने पर विभागीय जाॅच प्रस्तावित करते हुए पटवारी को निलम्बित कर दिया गया। इधर राजस्थान पटवार संघ उपशाखा गंगरार द्वारा जिला कलेक्टर के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन प्रस्तुत कर पटवारी प्रमोद कुमार के निलंबन को निरस्त कर बहाली कराने तथा तहसीलदार गंगरार व उपखण्ड अधिकारी गंगरार के विरूद्ध कार्यवाही की माग की। पटवार संघ उपशाखा द्वारा दिये गये ज्ञापन में बताया गया कि पटवारी प्रमोद कुमार को व्यक्तिगत द्वेषता, नियम विरूद्ध कार्य करवाने तथा पुर्वाग्रह के आधार पर निलम्बित किया गया। जो कि न्यायोचित नहीं हैं। पटवारी प्रमोद कुमार की बहाली नहीं होने पर 19 फरवरी को जिले के पटवारी जिला स्तर पर कार्य का बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन प्रस्तुत करने के दौरान समस्त पटवारीगण उपस्थित थे। तहसीलदार पुष्पेन्द्र सिंह राजावत ने बताया कि निलम्बित पटवारी के विरूद्ध बार बार शिकायते आ रही थी। किसानों द्वारा सम्पर्क पोर्टल पर शिकायत करने, उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार के निर्देशों के बाद भी कार्यवाही नहीं करना, समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं कर कार्यो में लापरवाही करने सहित विभिन्न आरोपों के चलते विभागीय जाॅच प्रस्तावित होने से जिला कलेक्टर द्वारा निलम्बित किया गया हैं।
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- चित्तौड़गढ़ गंगरार के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में आयोजित कक्षा 10 विज्ञान परीक्षा के दौरान छात्रों और छात्राओं ने अव्यवस्था का आरोप लगाया। विद्यार्थियों का कहना है कि अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका समय पर नहीं मिली और समय प्रबंधन की कमी के कारण कई प्रश्न अधूरे रह गए। कक्षा में घड़ी और समय की जानकारी का अभाव छात्रों और छात्राओं के लिए तनाव का कारण बना। प्रभावित छात्रों और छात्राओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और राहत की मांग की है। इस घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़ – सेवाएँ और विशेषताएँ (Complete Guide) 🌟 क्यों चुनें आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़? आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़ में आयुर्वेद के प्राचीन सिद्धांतों और आधुनिक चिकित्सकीय सुविधा का सुंदर मिश्रण मिलता है। यहाँ अनुभवी डॉक्टर्स, पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट प्लान और शुद्ध आयुर्वेदिक औषधियाँ उपलब्ध हैं। 📍 आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) 📞 94618 08623 | 83020 83835 🩺 हमारी प्रमुख सेवाएँ (Core Services) 1️⃣ पंचकर्म चिकित्सा – Panchakarma Therapy शरीर से विषाक्त पदार्थों (toxins) को निकालकर संवहनीय स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। ✔ वास्टि (Basti) ✔ वमन (Vamana) ✔ विरेचन (Virechana) ✔ नेति, धनुर इत्यादि #Panchakarma #DetoxTreatment #BestAyurvedicHospital 2️⃣ बस्ति चिकित्सा – Basti Therapy आयुर्वेद के पंचकर्म का सबसे महत्वपूर्ण उपचार — विशेष रूप से वात विकारों (जोड़ दर्द, स्लिप डिस्क आदि) में लाभदायक। #BastiTherapy #JointPainRelief #BackPainTreatment 3️⃣ स्लिप डिस्क और जोड़ दर्द उपचार आयुष हॉस्पिटल में स्लिप डिस्क, सायटिका, कंधा-कमर के दर्द के लिए गठिया और वात व्याधि केंद्रित आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट उपलब्ध। #SlipDisc #Sciatica #ArthritisAyurveda 4️⃣ लकवा (Paralysis) पुनर्वास चिकित्सा न्यूरोलॉजिकल विकारों में विशिष्ट आयुर्वेदिक पुनर्वास कार्यक्रम — जो मांसपेशियों की कार्यक्षमता और संतुलन को सुधारे। #ParalysisRehab #NeurologicalCare #AyurvedicRehabilitation 5️⃣ महिला स्वास्थ्य एवं प्रजनन (Women’s Health & Infertility) स्त्री रोग, मासिक धर्म असमयता, PCOS, गर्भावस्था समर्थन और बाँझपन उपचार के लिए विशेषज्ञ सलाह। #WomensHealth #InfertilityTreatment #AyurvedaForWomen 6️⃣ त्वचा एवं बालों का आयुर्वेदिक उपचार एक्ने, पिगमेंटेशन, रूखापन, बालों का झड़ना इत्यादि समस्याओं के लिए चिकित्सीय औषधियाँ और देसी उपचार। #SkinCareAyurveda #HairTreatment #NaturalBeautyCare 7️⃣ डायबिटीज, BP, थायरॉयड का प्राकृतिक प्रबंधन लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को संतुलित जीवनशैली, औषधियाँ और आहार-परामर्श के साथ कंट्रोल करना। #DiabetesControl #BPManagement #ThyroidAyurveda ⭐ हमारी विशेषताएँ (Key Features) ✔ NABH प्रमाणित अस्पताल गुणवत्ता, सुरक्षा और रोगी-केन्द्रित चिकित्सा के उच्च मानकों के अनुरूप। #NABHCertified #QualityHealthcare #PatientSafety ✔ अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सक (Experienced Doctors) डॉक्टर्स और थेरेपिस्ट्स की टीम अत्यधिक अनुभवी और प्रमाणित हैं। #ExpertAyurvedaDoctors #HolisticHealing1
- Post by Lucky sukhwal1
- Post by Alert Nation News1
- वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के कारण राजस्थान के मौसम बदल गया है। बुधवार को 13 जिलों में आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। नए सिस्टम के असर से जयपुर सहित आसपास के एरिया में बुधवार सुबह तेज बरसात हुई है। शहर के आसपास के इलाकों में ओले भी गिरे। तापमान में गिरावट के साथ हवा में भी ठंडक बढ़ गई है। जयपुर के साथ आसपास के जिलों में बरसात के बाद मौसम बदला है। वहीं, मंगलवार को कई जिलों में हल्की बारिश हुई। नागौर में ओले भी गिरे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 20 फरवरी से मौसम में फिर बदलाव होगा। जयपुर में बादल गरजे, बिजली चमकी राजधानी जयपुर में बीते कई दिनों से बढ़े तापमान में मंगलवार रात से गिरावट हुई है। तेज हवा और बिजली चमकने के साथ बुधवार सुबह 4 बजे से रुक-रुककर बरसात हो रही है। शहर के दादी का फाटक, खिरणी फाटक सहित कई एरिया में ओले भी गिरे। अचानक बदले मौसम के कारण सुबह फिर से सर्दी महसूस हुई है। दिन में तेज धूप के कारण बीते कई दिनों से राजधानी का तापमान लगातार बढ़ रहा था। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार बारिश के बाद एक-दो दिन हल्की ठंड का एहसास हो सकता है। 25 डिग्री से नीचे दिन का तापमान पिछले 24 घंटे में नागौर, श्रीगंगानगर, पाली, हनुमानगढ़, चूरू जिलों में हल्की बारिश हुई। नागौर में बारिश के साथ कुछ जगहों पर ओले गिरे। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 5.7 डिग्री गिरकर 24.4 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया-राज्य में आज इस सिस्टम का असर सबसे ज्यादा उत्तर-पूर्वी हिस्सों में रहेगा। 19 फरवरी को तापमान में थोड़ी कमी होगी, लेकिन उसके बाद वापस तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होगी और आसमान साफ रहेगा।2
- भारत को उच्च गुणवत्ता वाले, टिकाऊ और ट्रेसेबल कॉटन उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (TEXPROCIL) ने CITI-CDRA के सहयोग से ‘कस्तूरी कॉटन विलेज’ और ‘कस्तूरी कॉटन मित्र’ पहल का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल भीलवाड़ा में आयोजित ‘भारत कॉटनेट 2026’ कार्यक्रम के दौरान लॉन्च की गई। इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय, कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) और राजस्थान सरकार का विशेष समर्थन रहा। कार्यक्रम में ILO, ICAR-CIRCOT, बीज कंपनियों, स्पिनिंग मिलों और कॉटन वैल्यू चेन से जुड़े अनेक प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए। गांवों को मॉडल बनाकर होगा कस्तूरी कॉटन भारत मानक का पालन इस पहल के तहत देशभर के कपास उत्पादक क्षेत्रों में चुनिंदा गांवों को ‘कस्तूरी कॉटन विलेज’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन गांवों में कस्तूरी कॉटन भारत मानक के अनुरूप प्रमाणित बीज, उन्नत कृषि तकनीक, सही कटाई प्रक्रिया और गुणवत्ता आधारित उत्पादन पर विशेष जोर रहेगा। कार्यक्रम के अनुसार भारत के कॉटन बेल्ट में प्रत्येक जिले में 3 से 5 मॉडल गांव विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता एक समान बने और वैश्विक बाजार में भारत की पहचान मजबूत हो। किसानों को मिलेगा ‘कस्तूरी कॉटन मित्र’ का वैज्ञानिक मार्गदर्शन किसानों को खेत स्तर पर लगातार सहायता देने के लिए प्रशिक्षित ‘कस्तूरी कॉटन मित्र’ नियुक्त किए जाएंगे। ये मित्र फील्ड फैसिलिटेटर के रूप में काम करते हुए किसानों को— मिट्टी पुनर्जीवन (Biochar के जरिए) जल प्रबंधन उर्वरकों का संतुलित उपयोग उन्नत कटाई व पोस्ट-हार्वेस्ट प्रक्रिया पर वैज्ञानिक तरीके से मार्गदर्शन देंगे, ताकि फसल विश्वस्तरीय मानकों पर खरी उतर सके। ELS कॉटन पर फोकस, आयात निर्भरता घटाने की तैयारी इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य Extra-Long Staple (ELS) Cotton को बढ़ावा देना है, जिसकी लंबाई 34mm+ और 35mm+ होती है। ELS कॉटन के उत्पादन में वृद्धि से— भारत की आयात निर्भरता घटेगी प्रीमियम स्पिनिंग उद्योग को देश में ही बेहतर कच्चा माल मिलेगा उच्च मूल्य वाले टेक्सटाइल उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी किसानों की आय बढ़ाने और प्रीमियम बाजार से जोड़ने पर जोर आयोजकों ने कहा कि यह पहल केवल गुणवत्ता सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य लक्ष्य किसानों की आय और जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। आयोजकों के अनुसार, कस्तूरी कॉटन भारत मानक अपनाने वाले किसानों को गुणवत्ता के आधार पर प्रीमियम मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। डिजिटल ट्रेसेबिलिटी से खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा कार्यक्रम में बताया गया कि इस पहल में डिजिटल ट्रेसेबिलिटी सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदार कपास की उत्पत्ति, खेती की पद्धति और टिकाऊपन की जानकारी प्रमाणिक रूप से प्राप्त कर सकेंगे। इससे भारतीय कॉटन की विश्वसनीयता और मांग दोनों बढ़ने की उम्मीद है। पायलट के बाद देशभर में तेज विस्तार की योजना कार्यक्रम के तहत चयनित क्लस्टर्स में पायलट सफल होने के बाद इसे तेजी से पूरे देश में लागू करने की योजना है। उद्देश्य यह है कि कस्तूरी कॉटन ब्रांड का लाभ भारत के हर संभावनाशील कपास उत्पादक क्षेत्र तक पहुंचे और लाखों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिले। TEXPROCIL के बारे में कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (TEXPROCIL) भारतीय कपास वस्त्र निर्यात को बढ़ावा देने वाली शीर्ष संस्था है। यह भारत सरकार के साथ मिलकर भारतीय टेक्सटाइल उद्योग की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करने और निर्यात बढ़ाने के लिए कार्य करती है।8
- Sri Lakshminath bhagvan ji 🙏🏽 ki mangla Aarti Darshan hari om 🕉 nmo bhagvate vasuydevay1