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उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में मानसिंह राजभर जी के ऊपर एक बार फिर से जानलेवा हमला होने का गंभीर मामला सामने आया है।
अच्छेलाल राजभर पत्रकार
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में मानसिंह राजभर जी के ऊपर एक बार फिर से जानलेवा हमला होने का गंभीर मामला सामने आया है।
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- जौनपुर से आए श्रद्धालुओं का एक समूह वाराणसी पहुंचा और बाबा काल भैरव के दर्शन प्राप्त किए। यह यात्रा जौनपुर से वाराणसी तक पूरी की गई, जहाँ भक्तों ने मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद लिया।1
- वियतनाम में भारतीय टूरिस्ट से भरी एक बोट पलटने से 15 भारतीयों की मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद बचाव अभियान चलाकर 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, दुर्घटना का शिकार हुए कुछ अन्य लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।1
- बुलंदशहर के खुर्जा कोतवाली क्षेत्र के बुर्ज उस्मान मुहल्ले में 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आए पोते को बचाने के प्रयास में दादा की करंट लगने से मौत हो गई। शुक्रवार को बरसात के कारण स्कूल बंद होने की वजह से 12 वर्षीय अहद अपने घर की छत पर अकेला पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान उसकी पतंग मकान के बाहर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में अटक गई। अहद ने लोहे के पाइप से पतंग उतारने का प्रयास किया, जिससे पाइप तार से छूते ही तेज धमाका हुआ और वह करंट की चपेट में आ गया। धमाके की आवाज सुनकर नीचे बैठे 65 वर्षीय दादा इसरार तुरंत छत की ओर भागे। उन्होंने जैसे ही अपने पोते को बचाने के लिए उठाया, वे खुद भी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। परिजन दोनों को तुरंत जटिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इसरार को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से झुलसे अहद को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। इस हादसे के वक्त अहद के पिता अबरार पॉटरी में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और ऊर्जा निगम के कर्मचारी अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल की। अधीक्षण अभियंता प्रथम हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि किशोर द्वारा लोहे के पाइप से पतंग उतारने के प्रयास के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें उसे बचाने गए दादा की जान चली गई। एसडीओ ने इस घटना के संबंध में स्थानीय कोतवाली पुलिस को सूचित किया है और आम जनता से अपील की है कि वे कभी भी हाईटेंशन लाइन से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के उमरहां स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में बीएड प्रशिक्षुओं के पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। 7 जुलाई से 11 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों को सीखा। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए बिना बर्तनों के भोजन तैयार किया और अपने गुरुजनों को उसका स्वाद चखाया।1
- जौनपुर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु वाराणसी पहुंचे हैं। ये सभी भक्त दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती देखने के लिए एकत्र हुए हैं, जिससे वहां भारी जनसैलाब देखने को मिला है।1
- वाराणसी की सारनाथ पुलिस ने एक वृद्ध महिला से सोने की चेन लूटने की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के कब्जे से लूटी गई लगभग 9.09 ग्राम वजन की सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल की गई चोरी की एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक संयुक्त प्रेसवार्ता के दौरान डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, एडीसीपी लिपि नागायच और एसीपी सारनाथ विनय दुबे ने इस मामले का खुलासा किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 11 जुलाई को हेवेलिया क्रॉसिंग के पास से आरोपी विजय चौहान उर्फ लकी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर 6 जुलाई को सारनाथ क्षेत्र में एक 71 वर्षीय महिला की दुकान में घुसकर मारपीट की थी और सोने की चेन लूट ली थी। फिलहाल, पुलिस घटना में शामिल आरोपी के फरार साथी की तलाश कर रही है।1
- मायावती ने अब खुले तौर पर चंद्रशेखर आजाद को अपना राजनीतिक प्रतिद्वंदी मान लिया है। उन्होंने आज चंद्रशेखर को इशारों-इशारों में "मगरमच्छ" कहा है। इसके साथ ही, मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज और हरदोई का नाम लेकर यह भी कहा गया है कि ऐसे लोगों के लिए कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है। बाबा साहब ने संविधान में अदालत के जरिए न्याय पाने के अधिकार दिए हैं।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में बैरागी कैंप के पास नीलधारा नदी में कुछ मनबढ़ युवकों ने इंजन की ताकत परखने के लिए अपनी थार गाड़ी उतार दी। लेकिन नदी के तेज बहाव में थार बीच नदी में ही फंस गई, जिसके बाद युवकों के खिलवाड़ का सारा नशा हिरन हो गया और वे मदद की गुहार लगाने लगे। भला हो स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का, जिन्होंने काफी देर की मशक्कत के बाद आखिरकार जेसीबी की मदद से थार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इंजन की ताकत परखने निकले इन रईसजादों का यही हाल है।1