उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सोमवार को बेगमपुरा एक्सप्रेस से लंभुआ रेलवे स्टेशन पहुंचीं। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। निर्धारित समय तक ट्रेन के ठहराव के दौरान स्टेशन परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया, जिसके बाद राज्यपाल वाराणसी के लिए रवाना हो गईं। राज्यपाल के आगमन को लेकर लंभुआ रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्टेशन परिसर को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की कमान उप जिलाधिकारी प्रीति जैन, सीओ ऋतिक कपूर, थाना प्रभारी निरीक्षक लंभुआ, जीआरपी तथा आरपीएफ अधिकारियों ने संभाली। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राज्यपाल के आगमन और प्रस्थान के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद रहीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्टेशन परिसर में आम लोगों की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी गई, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हुई।
उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सोमवार को बेगमपुरा एक्सप्रेस से लंभुआ रेलवे स्टेशन पहुंचीं। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। निर्धारित समय तक ट्रेन के ठहराव के दौरान स्टेशन परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया, जिसके बाद राज्यपाल वाराणसी के लिए रवाना हो गईं। राज्यपाल के आगमन को लेकर लंभुआ रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्टेशन परिसर को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की कमान उप जिलाधिकारी प्रीति जैन, सीओ ऋतिक कपूर, थाना प्रभारी निरीक्षक लंभुआ, जीआरपी तथा आरपीएफ अधिकारियों ने संभाली। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राज्यपाल के आगमन और प्रस्थान के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद रहीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्टेशन परिसर में आम लोगों की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी गई, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हुई।
- उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सोमवार को बेगमपुरा एक्सप्रेस से सुलतानपुर के लम्भुआ रेलवे स्टेशन पहुंचीं। लम्भुआ स्टेशन पर ट्रेन थोड़ी देर रुकने के बाद बनारस के लिए रवाना हो गई। राज्यपाल के आगमन को लेकर रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे स्टेशन परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा व्यवस्था में उप जिलाधिकारी लम्भुआ प्रीति जैन, सीओ ऋतिक कपूर, थाना प्रभारी निरीक्षक लम्भुआ, जीआरपी और आरपीएफ समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और राज्यपाल के आगमन के दौरान पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही।3
- काशी जाते समय बेगमपुरा एक्सप्रेस से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल महोदया के लम्भुआ स्टेशन पहुँचने के बाद स्टेशन पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट दिखा। राज्यपाल के आगमन के दौरान लम्भुआ स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग, एलआईयू (LIU), इंटेलिजेंस, पुलिस, रेलवे पुलिस और अन्य विभागों की टीमें सतर्क और मुस्तैद रहीं।4
- सुल्तानपुर जिले के लंभुआ विधानसभा क्षेत्र स्थित प्रमुख आस्था केंद्र मरी माता धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और राहगीरों को सड़क पर बह रहे नालियों के गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-731) से मदनपुर गांव होते हुए धाम की ओर जाने वाले इस मार्ग पर जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। एक ओर सरकार संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाकर स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस महत्वपूर्ण धार्मिक रास्ते पर नालियों की समुचित सफाई और जल निकासी का इंतजाम न होने से अभियान की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक प्रत्येक मंगलवार को मरी माता धाम में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। लोग घरों से स्नान करके पवित्र भाव से निकलते हैं, लेकिन मंदिर पहुंचने से पहले ही उन्हें दूषित पानी में से गुजरने को मजबूर होना पड़ता है। आगामी सावन माह में बाबा जनवरीनाथ धाम जाने वाले हजारों श्रद्धालु भी इसी रास्ते का उपयोग करेंगे। मरी माता धाम, बाबा जनवरीनाथ धाम और धौपाप धाम इस क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक आस्था के केंद्र हैं। इसके अलावा यह सड़क एक विधानसभा क्षेत्र को दूसरे विधानसभा क्षेत्र से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग भी है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि सावन का महीना शुरू होने से पहले मार्ग पर नालियों की सफाई, जल निकासी और सड़क पर फैले गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित रास्ता मिल सके।1
- सुल्तानपुर के लंभुआ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मठिया निवासी अवधेश कुमार यादव ने अपनी खाते की भूमि पर स्वयं के खर्चे से लगभग 5 मीटर खड़ंजा (ईंट) लगवाया था। पीड़ित के अनुसार, गेंदा देवी के नाम दर्ज भूमि धरी गाटा संख्या 176 में खड़ंजा बिछाने के बाद वह अपनी आबादी और खतौनी की भूमि की बाउंड्री कराना चाहता है। हालांकि, विपक्षी दबंगों ने उन पर सरकारी खड़ंजा उखाड़ने का आरोप लगाया है। पीड़ित का स्पष्ट कहना है कि उसने किसी भी सरकारी खड़ंजे को नहीं हटाया है और उसके खिलाफ दी गई शिकायत पूरी तरह तथ्यों के विपरीत है। इसके अलावा पीड़ित अवधेश कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि विपक्षीगण उनकी जमीन पर जबरदस्ती घूर गड्ढा भी लगा रहे हैं। मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित ने थानाध्यक्ष लंभुआ को प्रार्थना पत्र सौंपा है और निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- सुल्तानपुर की अमहट मंडी में यातायात व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। मंडी के गेट नंबर 2 से गेट नंबर 3 तक प्रतिदिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे व्यापारियों, किसानों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सड़क पर हर समय धक्का-मुक्की और रेंगते वाहनों का नजारा देखने को मिलता है। व्यापारियों का आरोप है कि जाम की समस्या दूर करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था 'ऊंट के मुंह में जीरा' साबित हो रही है। मंडी में सुरक्षा कर्मियों की संख्या कम होने के कारण यातायात नियंत्रण प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है। कभी-कभार गश्त बढ़ाने या औपचारिक कार्रवाई करने से स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं आता और जाम जस का तस बना रहता है। मंडी के व्यापारियों ने मांग की है कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लें तथा सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि जब तक उच्च अधिकारियों की नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या से निजात मिलना मुश्किल है। व्यापारियों ने चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो मंडी में व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।1
- पेपर लीक के खिलाफ आज नया बिल लाया जा रहा है। दूसरी ओर, राहुल ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर पैलेट गन किसके आदेश पर चलाई गई थी। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का ऐलान किया गया है।1
- सुलतानपुर में निषाद पार्टी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सीताराम वर्मा के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय सचिव केस कुमारी निषाद के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरक्षण की मांग को लेकर विधायक को एक ज्ञापन सौंपा। यह अभियान निषाद समाज के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। निषाद पार्टी की राष्ट्रीय सचिव ने बताया कि डॉ. संजय कुमार निषाद के निर्देशानुसार, प्रदेश के सभी 75 जिलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य निषाद समाज (जिसमें बिंद, माझी, मझवार, केवट, मल्लाह आदि शामिल हैं) को आरक्षण दिलाना है। पार्टी पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों को ज्ञापन सौंप रही है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानमंडल सत्र के दौरान सभी विधायक निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे पर सदन में अपनी आवाज उठाएं। पार्टी चाहती है कि विधायक इस विषय पर कम से कम दो शब्द बोलकर सरकार को इस दिशा में निर्णय लेने के लिए प्रेरित करें। पार्टी नेता ने चेतावनी दी कि यदि आरक्षण की मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो निषाद पार्टी उग्र धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। सुलतानपुर में, निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सदर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सीताराम वर्मा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को अपनी मांगों और मुद्दों से संबंधित एक ज्ञापन पत्र सौंपा। इस दौरान निषाद पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक पारंपरिक लाल टोपी और पार्टी का झंडा लिए मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने निषाद समाज और पार्टी से जुड़े विभिन्न विषयों तथा स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की और विधायक से उन पर उचित कार्रवाई का अनुरोध किया। इस अवसर पर बृजलाल वर्मा (प्रदेश सचिव), रामलाल निषाद (प्रदेश सचिव), महेश निषाद (प्रदेश सचिव), राजेश निषाद (जिला अध्यक्ष), रमेश निषाद (संगठन जिला अध्यक्ष), डॉ. अमरबहादुर निषाद (युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष), आनंद निषाद (जिला महासचिव), जगदीश निषाद (विधानसभा अध्यक्ष), हरीराम निषाद (विधानसभा अध्यक्ष), प्रियंका निषाद, उमा देवी निषाद और शिव बहादुर निषाद सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- उत्तर प्रदेश में मानसून के विकराल रूप के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका बन गई है। बलिया में सरयू नदी के तेज कटान से एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय देखते ही देखते नदी में समा गया। वहीं कई स्थानों पर नहर टूटने के कारण सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है, जबकि एक्सप्रेस-वे के एक हिस्से की सड़क धंसने से आवागमन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई शहरों में सुबह से बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश और बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जलभराव व बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है, वहीं लगातार हो रही वर्षा से किसानों की फसलों पर भी संकट गहरा गया है।1