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nagar nigam gali saf karvane hetu
Amarnath
nagar nigam gali saf karvane hetu
More news from Shamli and nearby areas
- वेदखेड़ी, शामली: सतलोक आश्रम में तीन दिवसीय विश्व शांति महा अनुष्ठान का शुभारंभ, पहले दिन उमड़े अलीगढ़ और सहारनपुर के श्रद्धालु1
- बागपत के शहर कोतवाली क्षेत्र में लापता युवक के शव को पुलिस द्वारा लावारिस मानकर अंतिम संस्कार किए जाने पर परिजनो और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। नाराज लोगों ने कोतवाली के सामने प्रदर्शन करते हुए कोर्ट रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया। मामला संतोषपुर गांव के पास नहर किनारे मिले एक शव से जुड़ा है। मृतक की पहचान कृष्णपाल के रूप में हुई, जो छह दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियो में लापता हो गए थे। परिजनो का आरोप है कि शव मिलने के बाद पुलिस ने पहचान के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए और उसे लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण कोतवाली के बाहर धरने पर बैठ गए और न्याय की मांग करने लगे। उनका कहना है कि कृष्णपाल की मौत किन परिस्थितियो मे हुई, यह स्पष्ट किया जाए। यदि मामला हत्या का है, तो दोषियो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई। मृतक के भतीजे कपिल कुमार ने बताया कि कृष्णपाल परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके दो बेटे और दो बेटिया हैं, जिनका पालन-पोषण वे मेहनत मजदूरी कर करते थे। पुलिस अधिकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी पहलुओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम (SC/ST एक्ट) से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को उसकी जाति से संबोधित किया जाता है, लेकिन उसमें अपमानित करने या डराने की मंशा नहीं है, तो इसे इस कानून के तहत अपराध नहीं माना जा सकता।यह फैसला जस्टिस मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने अमय पांडे और तीन अन्य द्वारा दायर आपराधिक अपील पर सुनाया। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी समन आदेश को रद्द कर दिया। हालांकि भारतीय दंड संहिता के तहत चल रही कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी। क्या है पूरा मामला ? दरअसल, साल 2019 में अमय पांडे और अन्य के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि उन्होंने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट और जातिगत टिप्पणी की। हालांकि, आरोपियों की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि पूरा मामला विरोधाभासी है और दुर्भावनापूर्ण तरीके से गढ़ा गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में शुरू में जातिगत गाली या अपमान का कोई जिक्र नहीं था। बल्कि यह केवल एक सामान्य विवाद और कथित मारपीट का मामला था जो एक शादी समारोह के दौरान हुआ था। बाद में शिकायतकर्ता ने अपने बयान में बदलाव करते हुए जातिगत टिप्पणी और हमले का नया आरोप जोड़ा और यह भी कहा कि उसने आरोपियों की पहचान CCTV फुटेज के आधार पर की है। हाईकोर्ट ने क्या टिप्पणी की? कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि अभियोजन के मामले में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। प्राथमिकी और बाद के बयानों के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है, जिससे मामले की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में केवल मामूली चोटों का उल्लेख है, जो अभियोजन की गंभीर आरोपों वाली कहानी से मेल नहीं खाता। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि मामले की पृष्ठभूमि एक निजी विवाद से जुड़ी प्रतीत होती है, जिससे यह शक और गहरा होता है कि SC/ST एक्ट का उपयोग सही संदर्भ में किया गया या नहीं। एक्ट को लेकर स्पष्टता अपने फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SC/ST एक्ट के प्रावधान लागू करने के लिए यह जरूरी है कि आरोपी ने जानबूझकर पीड़ित को उसकी जाति के आधार पर अपमानित या डराया हो। वहीं यह कृत्य सार्वजनिक स्थान या सार्वजनिक दृष्टि में किया गया हो। कोर्ट ने कहा कि केवल किसी को उसकी जाति से पुकारना या सामान्य गाली-गलौज या झगड़ा SC/ST एक्ट के दायरे में नहीं आता। जब तक उसमें स्पष्ट रूप से जातिगत अपमान की मंशा न हो।4
- Post by हुड्डा यूनियन नंबर 12661
- उत्तर प्रदेश के बरेली में एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हुआ है जिसमें एक महिला दूसरी महिला को एक के बाद एक लगातार थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रही है. बताया जा रहा है बरेली में लोगों के घरों में साफ सफाई का काम करने वाली एक महिला की मां के साथ यह घटना हुई है. मजदूरी मांगने के लिए जब महिला अपनी मालकिन के पास पहुंची तो वह आग बबूला हो गई और उसने एक के बाद एक महिला को 11 थप्पड़ मार दिए. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब तेजी से वायरल हुआ.3
- Post by Jabid1
- फिर से एक घटना सामने आई है जहाँ एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल ने अभिभावक को बुरी तरह पीटा और ये नई घटना नहीं है, आए दिन प्राइवेट स्कूलों की ऐसी मनमानी सामने आ रही है । महिला टीचर को मोबाइल छीनने के लिए भेजा । लेकिन अभिभावक ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया । जो अब ट्रेंड कर रहा है । प्राइवेट स्कूलों की मनमानी दादागिरी लगातार बढ़ रही है । मनमानी फीस वसूली जा रही है और ड्रेस से लेकर किताबें 📕 सब स्कूल से जबरदस्ती महंगे दामों पर बेची जा रही है । आखिर कब सरकार इन पर लगाम लगाएगी??? अभिभावकों और बच्चों से बत्तमीजी प्राइवेट स्कूल का ट्रेंड बन चुका है ।1
- दूल्हे को छोड़ दुल्हन फरार, शादी में हड़कंप! #ViralVideo #Bride #Wedding1
- अमीन नगर सराय में दबंगों ने गरीब युवकों को पकड़ कर बहुत मारा और बहुत उनके शरीर में चोटे आई मेरा सभी भाइयों से निवेदन है की ज्यादा से ज्यादा शेयर और कमेंट करें4