नर्मदा, सतपुड़ा और विरासत का संगम: पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा नर्मदापुरम धार्मिक आस्था, वन्यजीव, एडवेंचर और ग्रामीण पर्यटन को जोड़कर जिले को समग्र पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में तेज हुए प्रयास नर्मदापुरम। मां नर्मदा की पावन धारा, सतपुड़ा की हरित वादियां, प्राचीन पुरातात्विक धरोहरें और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण नर्मदापुरम अब मध्यप्रदेश के उभरते हुए प्रमुख पर्यटन जिलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले में पर्यटन विकास को नई गति मिली है। धार्मिक, ग्रामीण, साहसिक और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन अवसंरचना के विस्तार और नए पर्यटन स्थलों की पहचान पर लगातार काम किया जा रहा है। सेठानी घाट और बांद्राभान बने आस्था व प्रकृति के आकर्षण नर्मदापुरम की पहचान मां नर्मदा से जुड़ी हुई है। सेठानी घाट पर प्रतिदिन होने वाली भव्य मां नर्मदा आरती देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है। वहीं बांद्राभान में नर्मदा और तवा नदियों का संगम धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा दृश्य प्रस्तुत करता है। पचमढ़ी और मढ़ई बने पर्यटन की धुरी जिले का सबसे बड़ा आकर्षण पचमढ़ी है, जिसे सतपुड़ा की रानी कहा जाता है। यहां के झरने, गुफाएं, घाटियां, घने जंगल और प्राकृतिक दृश्य वर्षभर पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। वहीं मढ़ई स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व वन्यजीव प्रेमियों के लिए प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां सफारी के दौरान बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर और सांभर जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में देखे जा सकते हैं। तवा जलाशय से बढ़ रही ईको-टूरिज्म की संभावनाएं तवा बांध और उसका विशाल जलाशय नौकायन, प्रकृति पर्यटन और पक्षी अवलोकन के लिए लोकप्रिय स्थल बनता जा रहा है। जिले के जलप्रपात, ट्रैकिंग रूट और वन क्षेत्र एडवेंचर पर्यटन की बड़ी संभावनाएं समेटे हुए हैं। पर्यटन बोर्ड और जिला प्रशासन इन स्थलों के विकास के माध्यम से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। ओडीओपी योजना से जुड़ रहा पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना के अंतर्गत नर्मदापुरम में पर्यटन को भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से पर्यटन को स्थानीय हस्तशिल्प, लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, ईको-टूरिज्म, एडवेंचर पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर पर्यटकों को विविध अनुभव उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नवाचारों से बढ़ी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान पिछले कुछ वर्षों में जिले में पचमढ़ी मानसून मैराथन, पर्यटन क्विज, ट्रेकिंग अभियान, महिला सुरक्षित पर्यटन कार्यक्रम, एस्ट्रो टूरिज्म, होमस्टे विकास और बांस शिल्प प्रोत्साहन जैसी अनेक पहलें की गई हैं। इन नवाचारों ने नर्मदापुरम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर तेजी से पहचान दिलाई है। स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक अलैया राजा टी. ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले की विशिष्ट प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटन के माध्यम से नई पहचान दिलाना पर्यटन बोर्ड की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम में प्रकृति, वन्यजीव, धार्मिक आस्था, साहसिक पर्यटन और ग्रामीण जीवन का अनूठा संगम है, जिसे सतत और जिम्मेदार पर्यटन के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित होगा नर्मदापुरम जिला पर्यटन प्रबंधक मनोज सिंह ठाकुर ने बताया कि नर्मदापुरम प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक पर्यटन का अद्भुत संगम है। पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और जनसहभागिता से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में नर्मदापुरम को देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य नर्मदापुरम को केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व और आध्यात्मिक अनुभवों से परिपूर्ण एक समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना है। नई पर्यटन परियोजनाओं और स्थानीय जनसहभागिता के बल पर नर्मदापुरम अब मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन जिलों में अग्रणी स्थान हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नर्मदा, सतपुड़ा और विरासत का संगम: पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा नर्मदापुरम धार्मिक आस्था, वन्यजीव, एडवेंचर और ग्रामीण पर्यटन को जोड़कर जिले को समग्र पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में तेज हुए प्रयास नर्मदापुरम। मां नर्मदा की पावन धारा, सतपुड़ा की हरित वादियां, प्राचीन पुरातात्विक धरोहरें और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण नर्मदापुरम अब मध्यप्रदेश के उभरते हुए प्रमुख पर्यटन जिलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले में पर्यटन विकास को नई गति मिली है। धार्मिक, ग्रामीण, साहसिक और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन अवसंरचना के विस्तार और नए पर्यटन स्थलों की पहचान पर लगातार काम किया जा रहा है। सेठानी घाट और बांद्राभान बने आस्था व प्रकृति के आकर्षण नर्मदापुरम की पहचान मां नर्मदा से जुड़ी हुई है। सेठानी घाट पर प्रतिदिन होने वाली भव्य मां नर्मदा आरती देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है। वहीं बांद्राभान में नर्मदा और तवा नदियों का संगम धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा दृश्य प्रस्तुत करता है। पचमढ़ी और मढ़ई बने पर्यटन की धुरी जिले का सबसे बड़ा आकर्षण पचमढ़ी है, जिसे सतपुड़ा की रानी कहा जाता है। यहां के झरने, गुफाएं, घाटियां, घने जंगल और प्राकृतिक दृश्य वर्षभर पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। वहीं मढ़ई स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व वन्यजीव प्रेमियों के लिए प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां सफारी के दौरान बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर और सांभर जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में देखे जा सकते हैं। तवा जलाशय से बढ़ रही ईको-टूरिज्म की संभावनाएं तवा बांध और उसका विशाल जलाशय नौकायन, प्रकृति पर्यटन और पक्षी अवलोकन के लिए लोकप्रिय स्थल बनता जा रहा है। जिले के जलप्रपात, ट्रैकिंग रूट और वन क्षेत्र एडवेंचर पर्यटन की बड़ी संभावनाएं समेटे हुए हैं। पर्यटन बोर्ड और जिला प्रशासन इन स्थलों के विकास के माध्यम से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। ओडीओपी योजना से जुड़ रहा पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक जिला-एक उत्पाद
(ODOP) योजना के अंतर्गत नर्मदापुरम में पर्यटन को भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से पर्यटन को स्थानीय हस्तशिल्प, लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, ईको-टूरिज्म, एडवेंचर पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर पर्यटकों को विविध अनुभव उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नवाचारों से बढ़ी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान पिछले कुछ वर्षों में जिले में पचमढ़ी मानसून मैराथन, पर्यटन क्विज, ट्रेकिंग अभियान, महिला सुरक्षित पर्यटन कार्यक्रम, एस्ट्रो टूरिज्म, होमस्टे विकास और बांस शिल्प प्रोत्साहन जैसी अनेक पहलें की गई हैं। इन नवाचारों ने नर्मदापुरम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर तेजी से पहचान दिलाई है। स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक अलैया राजा टी. ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले की विशिष्ट प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटन के माध्यम से नई पहचान दिलाना पर्यटन बोर्ड की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम में प्रकृति, वन्यजीव, धार्मिक आस्था, साहसिक पर्यटन और ग्रामीण जीवन का अनूठा संगम है, जिसे सतत और जिम्मेदार पर्यटन के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित होगा नर्मदापुरम जिला पर्यटन प्रबंधक मनोज सिंह ठाकुर ने बताया कि नर्मदापुरम प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक पर्यटन का अद्भुत संगम है। पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और जनसहभागिता से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में नर्मदापुरम को देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य नर्मदापुरम को केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व और आध्यात्मिक अनुभवों से परिपूर्ण एक समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना है। नई पर्यटन परियोजनाओं और स्थानीय जनसहभागिता के बल पर नर्मदापुरम अब मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन जिलों में अग्रणी स्थान हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- Post by Vineet maheshwari1
- शिव धाम के रास्ते में बिक रही थी कच्ची शराब आबकारी विभाग ने की कार्रवाई नागद्वारी मेले के पहले 450 किलो महुआ लाहन और 70 लीटर कच्ची शराब जप्त,अंग्रेजी शराब की बड़ी मात्रा में हो रही सप्लाई1
- नर्मदा तट सांडिया से कांवड़ यात्रा, निकली जटाशंकर में होगा नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक नर्मदा तट सांडिया से कांवड़ यात्रा, निकली जटाशंकर में होगा नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक 31/7/2026 छगन कुशवाहा पिपरिया। सावन माह में आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा। अखिल भारतीय माँ नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ एवं महतारी जनकल्याण समिति के तत्वावधान में वर्ष 2009 से लगातार आयोजित की जा रही कांवड़ यात्रा इस वर्ष भी 31 जुलाई 2026 की प्रातःकाल नर्मदा तट स्थित सीताराम घाट, सांडिया से प्रारंभ होगी। यात्रा में शामिल शिवभक्त नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा करते हुए पिपरिया मार्ग से पचमढ़ी के प्रसिद्ध जटाशंकर धाम पहुंचेंगे। यहां प्राकृतिक पर्वतीय गुफाओं में जटाओं के मध्य विराजमान स्वयंभू भगवान शिव का नर्मदा जल से विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक किया जाएगा। आयोजक मीरा गढवाल ने बताया कि यह धार्मिक यात्रा वर्ष 2009 से निरंतर आयोजित की जा रही है। यात्रा का उद्देश्य नर्मदा मैया के प्रति श्रद्धा, सनातन संस्कृति का संरक्षण तथा समाज में धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। यात्रा के दौरान शिवभक्त "हर-हर महादेव" और "नर्मदे हर" के जयघोष के साथ आगे बढ़ेंगे, जिससे पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहेगा। श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर यात्रा में सहभागी बनने तथा अनुशासन एवं सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की गई है।1
- काल सर्प दोष के लिए विशेष पूजा भोपाल में भी करा सकते हैं ये जानने के लिए पंडित गजेंद्र शास्त्री जी विशेष बातचीत पूरी खबर अवश्य देखे4
- 🚨 भोपाल में व्यापारियों की लड़ाई को मिला बड़ा राजनीतिक समर्थन! 🔥 व्यापारियों के समर्थन में खुलकर उतरे विधायक Arif Masood। भोपाल में व्यापारियों से जुड़े मुद्दे पर विधायक आरिफ मसूद ने समर्थन देते हुए सरकार से व्यापारियों की आवाज़ सुनने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की। 💬 क्या व्यापारियों की मांगें तुरंत मानी जानी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें। 📲 ताज़ा अपडेट्स के लिए SAB News Tak को फॉलो करें। #Bhopal #BreakingNews #ArifMasood #Vyapari #MadhyaPradesh #BhopalNews #SABNewsTak #ViralNews #NewsUpdate1
- भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन हमेशा ग्राहकों की सेवा में तत्पर हैं इसी क्रम में छठा मिल अरवलिया बैरसिया रोड पर जे.के.पेट्रोलियम प्लाजा का शुभारम थॉमस जेम्स हेड (रिटेल) वेस्ट मुकुंद धमाल जनरल मैनेजर मार्केटिंग (रिटेल) वेस्ट नीरज के जारिआ स्टेट हेड (रिटेल) मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ ने किया इस मौके पर जे.के.पेट्रोलियम प्लाजा के ऑनर शकील खान सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे1
- होशंगाबाद और सोहागपुर विधानसभा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इस जर्जर सड़क के कारण रोज़ाना 1,000 से अधिक छात्र-छात्राओं और लोहारिया कला, तारारोड़ा, ग्वाड़ी खुर्द, सोमलवाडा, हिम्मत कदई, रामपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों ने दोनों क्षेत्रीय विधायकों से इस मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। ताज़ा और सटीक खबरों के लिए 'इटारसी अपडेट' को फॉलो करें। 5 हैशटैग (Hashtags): #ItarsiUpdate #HoshangabadNews #Sohagpur #RoadRepair #MPNews होशंगाबाद और सोहागपुर विधानसभा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इस जर्जर सड़क के कारण रोज़ाना 1,000 से अधिक छात्र-छात्राओं और लोहारिया कला, तारारोड़ा, ग्वाड़ी खुर्द, सोमलवाडा, हिम्मत कदई, रामपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों ने दोनों क्षेत्रीय विधायकों से इस मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। ताज़ा और सटीक खबरों के लिए 'इटारसी अपडेट' को फॉलो करें। 5 हैशटैग (Hashtags): #ItarsiUpdate #HoshangabadNews #Sohagpur #RoadRepair #MPNews1
- 🚨 BREAKING | सावधान! बारिश के मौसम में बढ़ा सांप काटने का खतरा 🐍 डॉक्टर की अहम सलाह: सांप काटने के बाद क्या करें, जिससे जान बचाई जा सके? ✅ घबराएं नहीं, मरीज को शांत रखें। ✅ काटे गए अंग को जितना हो सके स्थिर रखें। ✅ तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुंचें। ❌ जहर चूसने की कोशिश न करें। ❌ ब्लेड से चीरा न लगाएं। ❌ कसकर रस्सी या कपड़ा न बांधें। ❌ झाड़-फूंक या घरेलू इलाज में समय बर्बाद न करें। ⏳ याद रखें: सही समय पर अस्पताल में इलाज और एंटी-स्नेक वेनम (ASV) मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है। 📢 इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, क्योंकि सही जानकारी किसी की जान बचा सकती है।1
- E 20 पेट्रोल पर केजरीवाल बोले – सरकार अपनी नीति स्पष्ट करे! आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने टी-20 पेट्रोल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सरकार से अपनी नीति स्पष्ट करने की मांग की है। आखिर इस मुद्दे पर केजरीवाल ने क्या कहा और इसके राजनीतिक मायने क्या हैं, जानिए इस वीडियो में।1