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डायल-112 सेवा को मिली नई रफ्तार, सीतापुर पुलिस के बेड़े में शामिल हुईं 10 नई मोटरसाइकिलें सीतापुर। जनपद में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को और अधिक प्रभावी व मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से 10 नई मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिन्हें जनपदीय डायल-112 स्क्वाड में शामिल किया गया।
असद जुनैद भारत नैशनल न्यूज
डायल-112 सेवा को मिली नई रफ्तार, सीतापुर पुलिस के बेड़े में शामिल हुईं 10 नई मोटरसाइकिलें सीतापुर। जनपद में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को और अधिक प्रभावी व मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से 10 नई मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिन्हें जनपदीय डायल-112 स्क्वाड में शामिल किया गया।
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- Post by Rajan Singh1
- *शबे बरात पर कब्रिस्तानों में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़, सीओ ने किया स्थल निरीक्षण* सीतापुर। शबे बरात के पाक मौके पर जनपद के विभिन्न कब्रिस्तानों, विशेष रूप से ईदगाह स्थित कब्रिस्तान में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंचकर अपने पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी, अगरबत्ती जलाई और उनके लिए मगफिरत व बख्शिश की दुआ मांगी। यह परंपरा मुस्लिम समाज में वर्षों से चली आ रही है, जिसे श्रद्धा और आस्था के साथ निभाया जाता है। इस अवसर पर सीतापुर सदर कोतवाली क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी (सीओ) विनायक भोसले ने कब्रिस्तान पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मौजूद लोगों से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह आपसी भाईचारे और अमन का त्योहार है, इसे शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं। सीओ ने लोगों को शासन-प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की हिदायत दी तथा पटाखे, रॉकेट व अन्य आतिशबाजी न करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी लोग अपनी सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। प्रशासन की मौजूदगी और सतर्कता के चलते शबे बरात का पर्व जिले में शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।4
- सीतापुर नगर पालिका विकास के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर सीतापुर की भार्गव कॉलोनी से सामने आ रही है। यहाँ के मुख्य मार्ग पर नालियों का गंदा पानी सड़क के ऊपर इस कदर बह रहा है कि स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी उन मासूम स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें रोजाना इसी गंदगी और दुर्गंध के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा नाला निर्माण?4
- जनपद सीतापुर के कोतवाली बिसवां क्षेत्र में एक महिला ने रेलवे लाइन पर जाकर आत्महत्या कर ली1
- यह नल रामस्वरूफ की जगह में बना है1
- आदिवासी महिला पर हुए दुष्कर्म के मामले पुलिस के हथकंडों पर हाथ किसका* *🚨पत्रकार उमेश चौधरी 🚨* *निर्भीकता से कोई समझौता नहीं* खबर/मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर मजदूरी करने वाली एक महिला के साथ दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे बहाने से बुलाकर बेहोश किया और फिर एक होटल में ले जाकर जबरन शारीरिक शोषण किया। होश में आने पर आरोपी ने उसके पति और उसे जान से मारने की धमकी दी, जिससे वह डर के कारण चुप रही।बताया गया कि घटना के समय पीड़िता का पति बाहर मजदूरी कर रहा था। पति के लौटने के बाद जब दोनों ने आरोपी से बात की तो उन्हें जातिसूचक गालियां और धमकियां दी गईं। इसके बाद दंपति ने रामनगर थाने में शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें डांटकर भगा दिया।पीड़िता और उसके पति ने अब पुलिस अधीक्षक से मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला पुलिस की संवेदनशीलता और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- मोहम्मदी के बरबर रोड पर नले का पानी रोड पर आया लोग परेशान मोहम्मदी खीरी। जहां एक ओर नगरपालिका द्वारा स्वच्छ नगर पालिका का दावा किया जाता है वहीं बरवर रोड पर नाला चोक होने के चलते नाले का गंदा पानी नाले के ऊपर बह रहा है जिससे आसपास के दुकानदारों , राहगीरों , और स्कूली बच्ची को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वहीं नाले का गंदा पानी कब्रिस्तान में बनी कब्रों में भर रहा है जब की आज सवेबरात आज के दिन सभी मुस्लिम तबके के लोग कब्रिस्तानों में जाके मरहूम के लिया दुआएं करते हैं लेकिन यहां जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जान कर भी बने अंजान।1
- सीतापुर में मनरेगा के 20 वर्ष पूरे होने पर ग्रामीण मजदूरों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। संगतिन किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में हजारों मजदूरों ने प्रस्तावित “विकसित ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (ग्रामीण)” के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के फैसले को मजदूर विरोधी करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि सरकार अगर मनरेगा की मूल आत्मा से छेड़छाड़ करेगी तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।1