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जम्मू-कश्मीर में आज पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती के नेतृत्व में जेएंडके पीडीपी (J&K PDP) की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और जनता के सामने आ रहे गंभीर मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान नागरिकों द्वारा सामना की जा रही विभिन्न चुनौतियों की समीक्षा की गई और लोगों की चिंताओं को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके साथ ही, पार्टी ने जनता के अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं की लगातार वकालत करते रहने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया।
Waqar Khan
जम्मू-कश्मीर में आज पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती के नेतृत्व में जेएंडके पीडीपी (J&K PDP) की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और जनता के सामने आ रहे गंभीर मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान नागरिकों द्वारा सामना की जा रही विभिन्न चुनौतियों की समीक्षा की गई और लोगों की चिंताओं को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके साथ ही, पार्टी ने जनता के अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं की लगातार वकालत करते रहने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया।
More news from जम्मू और कश्मीर and nearby areas
- पीएसएजेके (PSAJk) के अध्यक्ष नजरुल इस्लाम ने श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।1
- जम्मू-कश्मीर के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने राजनीतिक खरीद-फरोख्त को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब खरीद-फरोख्त की राजनीति काम नहीं आने वाली है। कैबिनेट मंत्री ने बेहद आक्रामक और मजबूत लहजे में दोटूक कहा है कि "कोई मुझे खरीद नहीं सकता।" सतीश शर्मा का यह बयान सीधे तौर पर राजनीतिक सौदेबाजी की कोशिशों को खारिज करता है।1
- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित नाला ओवरा में बादल फटने की घटना सामने आई है। इस अचानक हुई घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है और मौके पर तत्काल प्रतिक्रिया शुरू कर दी गई है।1
- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने स्पष्ट किया है कि केंद्रशासित प्रदेश के लोगों ने उन्हें धारा 370 और धारा 35A की बहाली के लिए वोट दिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता का यह जनादेश केवल राज्य का दर्जा वापस पाने की मांग तक सीमित नहीं था। कुलगाम के शाहू इलाके में 25वें मुहर्रम के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रुहुल्लाह ने कहा कि मतदाताओं ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को इस उम्मीद के साथ समर्थन दिया था कि वह जम्मू-कश्मीर के विशेष संवैधानिक दर्जे को बहाल करने के लिए काम करेगी। आगा रुहुल्लाह ने 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस प्रदर्शन में हिस्सा जरूर लेंगे, लेकिन वह वहां सिर्फ राज्य के दर्जे की मांग नहीं करेंगे, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए धारा 370 और धारा 35A के मुद्दों को उठाएंगे। उन्होंने केवल राज्य के दर्जे पर ध्यान केंद्रित करने की आलोचना करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन को सिर्फ इस मांग तक सीमित रखना भाजपा के एजेंडे से मेल खाता हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने इस बात को बार-बार दोहराया कि लोगों का जनादेश विशेष दर्जे की बहाली के लिए था, न कि महज राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए। जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर उनकी खुद की स्थिति के बारे में सवाल पूछा गया, तो रुहुल्लाह ने बेबाकी से टिप्पणी करते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को उनकी जरूरत नहीं थी।1
- दुनिया का गम और दौलत का गम तुम्हारी जान ले लेगा, लेकिन शब्बीर के गम में रोकर तुम्हारा मन जी उठेगा और तुम जीवित रह सकोगे। इस संदेश में साफ तौर पर आगाह किया गया है कि दुनियावी और आर्थिक चिंताएं केवल विनाश की ओर ले जाती हैं, जबकि शब्बीर के गम में रोने से ही जीवन संभव है।1
- जम्मू के बिशनाह में विधायक डॉ राजीव कुमार भगत के एक उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। विधायक के कार्यक्रमों की कवरेज करने वाले उनके निजी सहायक द्वारा पत्रकार गगन के साथ जमकर बदसलूकी और गाली-गलौज की गई। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पत्रकार गगन ने कार्यक्रम में उपस्थित एक उच्च अधिकारी से आम जनता से जुड़ा एक सवाल पूछ लिया। जनहित का यह सवाल सुनते ही विधायक का निजी सहायक अचानक भड़क गया और पत्रकार के साथ बदतमीजी करते हुए गाली-गलौज करने लगा। इस घटना से आक्रोशित पत्रकारों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर बिशनाह थाने के बाहर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पीड़ित पत्रकार गगन ने आरोपी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस को लिखित में शिकायत दर्ज कराई है।1
- जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि उनकी खामोशी को कमजोरी समझा जा रहा है। भाजपा द्वारा कसे जा रहे तानों और उंगली उठाने की हरकतों के बाद, उन्होंने अब सड़कों पर उतरने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का स्पष्ट कहना है कि जिन चीजों को वे बातचीत के जरिए हासिल नहीं कर सके, उन्हें अब सड़कों पर उतरकर हासिल किया जाएगा।1
- भूकंप, बाढ़, युद्ध और हमलों जैसे बुरे हालातों के कारण लोगों की जिंदगी पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। इस समय हर व्यक्ति को अपनी अच्छी भूमिका निभानी चाहिए, क्योंकि जब खुद के घर में शांति होगी, तभी मोहल्ले, क्षेत्र, राज्य और फिर देश में भी हालात बेहतर होंगे। लेकिन कुछ राजनेता ऐसा नहीं होने देंगे। कश्मीर के पहलगाम में आई पहली बाढ़ के साथ ही चीन, ताजिकिस्तान, भारत और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में हालात बेहद खराब हो गए हैं, जहाँ बाढ़ का पानी खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका है। इसके अलावा, मेरठ में एक पुलिसकर्मी को बेहद बेरहमी से पीटा गया है।4