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मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी की सराहनीय पहल: नन्हे रोजेदारों के सम्मान से बिलासपुर को मिली नई पहचान मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी की सराहनीय पहल: नन्हे रोजेदारों के सम्मान से बिलासपुर को मिली नई पहचान
जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी की सराहनीय पहल: नन्हे रोजेदारों के सम्मान से बिलासपुर को मिली नई पहचान मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी की सराहनीय पहल: नन्हे रोजेदारों के सम्मान से बिलासपुर को मिली नई पहचान
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- मुंगेली जिले के पथरिया थाना क्षेत्र में धान खरीदी केंद्र धरदेई में हुए बड़े गबन का पुलिस ने खुलासा किया है। जांच में 2156 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसकी कीमत लगभग 66.83 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी केंद्र प्रभारी कार्तिक राम ध्रुव ने रिकॉर्ड में हेराफेरी कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। #Mungeli #ChhattisgarhNews #PaddyScam #GabanKand #PoliceAction #BreakingNews #IndiaNews #CrimeNews #धान_घोटाला #CGPolice1
- बिना नोटिस घर तोडना ,1
- अमानक पनीर पर बड़ी कार्रवाई: 100 किलो पनीर नष्ट, फैक्ट्री सीलबंद बलौदाबाजार, 27 अप्रैल 2026। जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर चल रहे सघन अभियान के पहले ही दिन बड़ी कार्रवाई सामने आई है। संयुक्त जांच टीम ने अमानक और अस्वस्थकर तरीके से तैयार किए जा रहे एनॉलॉग पनीर पर सख्त कदम उठाते हुए करीब 100 किलोग्राम पनीर का विनष्टिकरण कराया और संबंधित फर्म को अगले आदेश तक सीलबंद कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसडीएम सिमगा के नेतृत्व में ग्राम औरेठी (तहसील सिमगा) स्थित अमृतमय फूड्स प्रा. लि. का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि यहां अस्वच्छ परिस्थितियों में एनॉलॉग पनीर का निर्माण किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। मौके पर ही टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए संदिग्ध पनीर के नमूने संकलित कर खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे, ताकि गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच की जा सके। साथ ही, परिसर में मौजूद लगभग 100 किलो अमानक पनीर को तत्काल नष्ट करवाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त दल ने फर्म को सील कर दिया, और अब आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में 27 अप्रैल से 11 मई तक 15 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं औषधि उपलब्ध कराना है। यह अभियान “सही दवा, शुद्ध आहार—यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर आधारित है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर इस अभियान के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो जिलेभर में लगातार कार्रवाई कर रही है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- बलौदा बाजार जिला के अल्ट्राटेक सीमेंट ग्रासीम विहार रावन, के आश्रीत ग्राम पंचायत चुंचरुंगपुर के ग्रामीणो से कर रहे हैं शोषण कंपनी प्रबंधन , कंपनी से निकलने वाली जहरीली गैस, और जर्जर रोड़ से है परेशान ग्रामीणों ने लगाया कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप। बलौदा बाजार जिला के ग्राम पंचायत चुंचरुंगपुर में ग्रामीणों द्वारा ओवर लोड गाड़ी और कचड़ा गाड़ी को रोका गया। ग्राम पंचायत चुंचरुंगपुर में ग्रामीणों द्वारा कचड़ा गाड़ी और ओवर लोड गाड़ी को रोका गया ग्रामीणों का कहना है कि अल्ट्राटेक सीमेंट ग्रासीम विहार रावन का आश्रीत गांव चुंचरुंगपुर,छिराही,सरेनी,गुमा , है ग्रामीणों का आरोप है कि दुसरे प्रदेश से बाहर से आने वाली कचड़ा गाड़ी को कंपनी प्रबंधन इकट्ठा कर रखते जैसे ही हवा चलती है वैसे ही पुरा गांव में जहरीली गैस फैल जाती है जिससे सांस लेने में बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ता है कई बार गांव के जनप्रतिनीधी कंपनी प्रबंधन और कलेक्टर में भी आवेदन दिया गया था फिर भी कंपनी प्रबंधन नज़र अंदाज़ किया जा रहा है, और कई सालों से चुंचरुंगपुर से कंपनी गेट 3किलोमीटर तक रोड़ बहुत ही जर्जर है जगह-जगह पर गड्ढे हो चुका है जिससे आने जाने वाले स्कूली बच्चे, कंपनी में काम करने जाने वाले मजदूर गीरकर कई बार चोट हो चुका है और यह रोड़ 8टन से 10टन की छमता है और सुबह साम कंपनी की गाड़ी चलने से रोड़ बहुत ही जर्जर हो चुका है धूल दस्ट बहुत उड़ता है ग्रामीणों का कहना है की कंपनी प्रबंधन को कई बार बोला जा चुका है कि हमारे गांव में कंपनी की किसी भी प्रकार ओवर लोड गाड़ी नहीं चलनी चाहिए फिर भी बाहर से गाड़ी महाराष्ट्र, कोलकाता,नागपुर,उड़िसा, जैसे दूसरे प्रदेशों से ला करके छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिला के अल्ट्राटेक सीमेंट ग्रासीम विहार रावन में कचड़ा गाड़ी रोज सुबह शाम प्लांट में ला करके छोड़ते हैं जिससे प्रदुषण फैला रहा है जिससे आश्रीत गांव चुंचरुंगपुर, छिराही, सरेनी, गुमा,ईन सभी गांवों के ग्रामीण बहुत ही जहरीली गैस से परेशान हैं स्वांस लेने में घुटन महसूस होती है जिससे ग्रामीणों में डर बना हुआ है कि कहीं कोई बड़ा बीमारी न हो जाए। जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखने को मिला। इसी कारण ग्रामीणों ने दुसरे प्रदेश आने वाली कचड़ा गाड़ी को रोका गया। और जब कंपनी प्रबंधन बताया गया तो बोल दिया गया कि आप लोग जो करना है ओ कर सकते हो। छिराही सरपंच -प्रतिनिधि लिलेंद साहू ने कहा कि कलेक्टर और कंपनी प्रबंधन को कई बार जर्जर रोड़ के बारे में आवेदन दिया गया फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सरेनी सरपंच -टिकेश्वर देवांगन ने बताया कि कंपनी से निकलने वाली जहरीली गैस से ग्रामीण दो तीन सालों से शोषण हो रहा है। शिवसेना प्रदेश सचिव -मनहरण लाल साहू मौके पर पहुंचे और बताया कि चुंचरुंगपुर से रावन रोड 10 टन की छमता है लेकिन कंपनी की ओवर लोड गाड़ी 40से50 टन की गाड़ी चलने से रोड़ बहुत ही जर्जर हो चुकी है। युवा कांग्रेस नेता -लिलाधर यादव ने बताया कि आश्रीत गांव वाले जब भी आवेदन देने जाते हैं तो ठीक है करके बोल देते हैं लेकिन अभी तक झूठे आश्वासन देते आ रहे हैं और आज तक कंपनी प्रबंधन बहुत ही शोषण किया जा रहा है। अब देखना यह है कि शासन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन गांव वालों की अब बात नहीं सुनती है तो फिर से कलेक्ट्रेट में आवेदन देकर के जल्द ही उग्र आंदोलन किया जाएगा और किसी भी ग्रामीण को कुछ भी होता है तो शासन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन स्वायं जिम्मेदार होंगे। ग्रामीणों के नाम, उमाशंकर वर्मा,वासु वर्मा, गोपाल चतुर्वेदी,अभीशेक दिवाकर,बीटानिया वर्मा,गुहत राम यादव, चन्द्रीका ध्रुव, पीन्टू महाराज,भूवन वर्मा,देवा वर्मा, रोहित सोनवानी, राजेश घृतलहरे, रामलाल सोनवानी, दयालु सोनवानी, कांशी राम वर्मा, मोहनलाल वर्मा, और पंचायत प्रतिनिधिय समस्त ग्रामवासी सैंकड़ों की बड़ी जनसंख्या में उपस्थित थे।4
- ग्राहक दहशत में – सील बंद बोतल में मिला जिंदा ककरोज़ सरकारी शराब दुकान की लापरवाही उजागर गुणवत्ता जांच पर फिर खड़ा बड़ा सवाल, प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार #LoramiNews #Mungeli #ChhattisgarhNews #DesiSharab #SealedBottle #HealthHazard #BreakingNews #ManiyariNews1
- Post by गोविंद राम 92947315371
- ग्राम धौराभाठा मे 40 हजार के बिजली बिल ने छीन ली थी चैन की नींद, समाधान योजना ने फिर जगाई उम्मीद की रोशनी मंगलवार की साम 6.10 बजे पी आर ओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी अनुसार एक साधारण सा घर, सीमित आमदनी और अचानक सामने आ गया 40 हजार रुपये का बिजली बिल—ग्राम धौराभांटा निवासी सनत धुव्र के लिए यह सिर्फ एक बिल नहीं, बल्कि रोज बढ़ती चिंता और बेबसी की कहानी बन गया था। हर दिन यही सोच—“इतना पैसा आएगा कहां से?”—परिवार के सुकून पर भारी पड़ रही थी। घर के छोटे-बड़े खर्चों के बीच इतना बड़ा बकाया चुकाना लगभग नामुमकिन लग रहा था। हालात ऐसे थे कि उम्मीद भी धीरे-धीरे कम होती जा रही थी। इसी बीच मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना उनके जीवन में एक नई उम्मीद लेकर आई।धौराभांटा में आयोजित शिविर में जब सनत धुव्र अपनी समस्या लेकर पहुंचे, तो यह उनके लिए एक आखिरी कोशिश जैसा था। शिविर में उनके प्रकरण की जांच की गई और योजना के तहत 27 हजार रुपये की छूट स्वीकृत की गई। कुछ ही पलों में 40 हजार का बोझ काफी हद तक हल्का हो गया—और उसी के साथ उनके मन का भार भी। अब बची हुई राशि को भी आसान बना दिया गया है। कार्यपालन अभियंता अनुपम सरकार ने बताया कि शेष रकम केवल 350 रुपये प्रतिमाह की 40 किश्तों में जमा करनी होगी। उन्होंने कहा कि “इस योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना है, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपने बकाया का भुगतान कर सकें। अधिक से अधिक लोग इसका लाभ लें, यही हमारी कोशिश है।” इसके अंतर्गत मूल राशि और अधिभार दोनों में छूट दी जा रही है। निष्क्रिय बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत तथा अधिभार में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है, जबकि निष्क्रिय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत और अधिभार में पूर्ण छूट दी जा रही है। राहत मिलने के बाद सनत धुव्र की आंखों में साफ सुकून झलक रहा था। उन्होंने भावुक होकर कहा कि “अब सब ठीक हो गया।” उन्होंने इस राहत के लिए विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने उनके जैसे कई परिवारों को बड़ी चिंता से मुक्त किया है। धौराभांटा में आयोजित इस शिविर में ऐसे कई और परिवार भी पहुंचे, जिनकी परेशानियां लंबे समय से अनसुनी रह गई थीं। मौके पर ही समस्याओं का समाधान मिलने से लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत बकाया बिजली बिल में छूट, सरचार्ज में राहत और किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिल रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आकर ऐसे शिविरों का लाभ उठाएं, क्योंकि समय पर मिला समाधान न केवल बिल का बोझ कम करता है, बल्कि जिंदगी में उम्मीद और सुकून भी लौटाता है।1
- Post by Dwarika prasad Yadaw1
- ज्यादा से ज्यादा share kro..…... यह मार तो खा ही लिया है पर सजा जरूर मिलनी चाहिए1