श्री वर्द्धमान कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्कृत सप्ताह का भव्य शुभारंभ न्यू राजस्थान धरा कैलाश फुलवारी श्री वर्द्धमान कन्या महाविद्यालय में संस्कृत सप्ताह का भव्य शुभारंभ, श्लोक पाठ एवं संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा ब्यावर: श्री वर्द्धमान कन्या महाविद्यालय में 25 से 31 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे ‘संस्कृत सप्ताह’ का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। संस्कृत भाषा के प्रति छात्राओं में रुचि, जागरूकता एवं गौरव की भावना विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित इस सप्ताह के प्रथम दिन विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत श्लोक पाठ एवं संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी संस्कृत विषय की दक्षता एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. सी. लोढा ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत केवल संचार का माध्यम मात्र नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, दर्शन, साहित्य, ज्ञान-विज्ञान एवं चिंतन परंपरा की आधारभूत भाषा है। संस्कृत में भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का विशाल भंडार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि वर्तमान युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों एवं गौरवशाली ज्ञान-विरासत से परिचित कराने में संस्कृत भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर संस्कृत व्याख्याता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी प्रीति शर्मा ने संस्कृत सप्ताह के आयोजन की पृष्ठभूमि, इतिहास एवं उद्देश्यों के बारे में छात्राओं को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 1969 में श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर ‘संस्कृत दिवस’ मनाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद संस्कृत भाषा के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं विद्यार्थियों में इसके प्रति रुचि उत्पन्न करने के उद्देश्य से वर्ष 2001 में केंद्र सरकार ने संस्कृत दिवस के आयोजन को विस्तृत स्वरूप प्रदान करते हुए श्रावणी पूर्णिमा से तीन दिन पूर्व और तीन दिन बाद तक, अर्थात पूरे एक सप्ताह को ‘संस्कृत सप्ताह’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन, अनुसंधान एवं प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया है। भारतीय ज्ञान परंपरा की मूल आत्मा संस्कृत भाषा में निहित है संस्कृत सप्ताह के दौरान छात्राओं की रचनात्मकता एवं प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें संस्कृत गीत गायन, निबंध लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता तथा संस्कृत नाट्य प्रस्तुतियां प्रमुख हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को संस्कृत भाषा के व्यावहारिक एवं रचनात्मक पक्ष से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस आयोजित श्लोक पाठ प्रतियोगिता में छात्राओं ने पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। मोनिका साहू, डिम्पल, हर्षिता चौहान एवं खुशी सहित अन्य छात्राओं ने विभिन्न संस्कृत श्लोकों का धाराप्रवाह एवं प्रभावपूर्ण पाठ किया। छात्राओं के उच्चारण, स्वर, लय एवं प्रस्तुति ने उपस्थित जनों का ध्यान आकर्षित किया। श्लोक पाठ के माध्यम से छात्राओं ने संस्कृत भाषा के प्रति अपनी रुचि एवं अभ्यास का परिचय दिया। इसके पश्चात संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका संचालन प्रीति शर्मा ने किया। प्रतियोगिता में संस्कृत भाषा, साहित्य, व्याकरण, भारतीय संस्कृति एवं सामान्य संस्कृत ज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रश्न छात्राओं के समक्ष रखे गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं और उन्होंने पूरे उत्साह के साथ आयोजन में सहभागिता की। संस्कृत सप्ताह के आगामी दिनों में भी विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी।
श्री वर्द्धमान कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्कृत सप्ताह का भव्य शुभारंभ न्यू राजस्थान धरा कैलाश फुलवारी श्री वर्द्धमान कन्या महाविद्यालय में संस्कृत सप्ताह का भव्य शुभारंभ, श्लोक पाठ एवं संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा ब्यावर: श्री वर्द्धमान कन्या महाविद्यालय में 25 से 31 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे ‘संस्कृत सप्ताह’ का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। संस्कृत भाषा के प्रति छात्राओं में रुचि, जागरूकता एवं गौरव की भावना विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित इस सप्ताह के प्रथम दिन विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत श्लोक पाठ एवं संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी संस्कृत विषय की दक्षता एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. सी. लोढा ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत केवल संचार का माध्यम मात्र नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, दर्शन, साहित्य, ज्ञान-विज्ञान एवं चिंतन परंपरा की आधारभूत भाषा है। संस्कृत में भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का विशाल भंडार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि वर्तमान युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों एवं गौरवशाली ज्ञान-विरासत से परिचित कराने में संस्कृत भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर संस्कृत व्याख्याता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी प्रीति शर्मा ने संस्कृत सप्ताह के आयोजन की पृष्ठभूमि, इतिहास एवं उद्देश्यों के बारे में छात्राओं को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 1969 में श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर ‘संस्कृत दिवस’ मनाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद संस्कृत भाषा के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं विद्यार्थियों में इसके प्रति रुचि उत्पन्न करने के उद्देश्य से वर्ष 2001 में केंद्र सरकार ने संस्कृत दिवस के आयोजन को विस्तृत स्वरूप प्रदान करते हुए श्रावणी पूर्णिमा से तीन दिन पूर्व और तीन दिन बाद तक, अर्थात पूरे एक सप्ताह को ‘संस्कृत सप्ताह’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन, अनुसंधान एवं प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया है। भारतीय ज्ञान परंपरा की मूल आत्मा संस्कृत भाषा में निहित है संस्कृत सप्ताह के दौरान छात्राओं की रचनात्मकता एवं प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें संस्कृत गीत गायन, निबंध लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता तथा संस्कृत नाट्य प्रस्तुतियां प्रमुख हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को संस्कृत भाषा के व्यावहारिक एवं रचनात्मक पक्ष से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस आयोजित श्लोक पाठ प्रतियोगिता में छात्राओं ने पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। मोनिका साहू, डिम्पल, हर्षिता चौहान एवं खुशी सहित अन्य छात्राओं ने विभिन्न संस्कृत श्लोकों का धाराप्रवाह एवं प्रभावपूर्ण पाठ किया। छात्राओं के उच्चारण, स्वर, लय एवं प्रस्तुति ने उपस्थित जनों का ध्यान आकर्षित किया। श्लोक पाठ के माध्यम से छात्राओं ने संस्कृत भाषा के प्रति अपनी रुचि एवं अभ्यास का परिचय दिया। इसके पश्चात संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका संचालन प्रीति शर्मा ने किया। प्रतियोगिता में संस्कृत भाषा, साहित्य, व्याकरण, भारतीय संस्कृति एवं सामान्य संस्कृत ज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रश्न छात्राओं के समक्ष रखे गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं और उन्होंने पूरे उत्साह के साथ आयोजन में सहभागिता की। संस्कृत सप्ताह के आगामी दिनों में भी विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी।
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