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अबूझमाड़ के जंगलों में एक बार फिर वन्यजीव के हमले ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अबूझमाड़ के जंगलों में एक बार फिर वन्यजीव के हमले ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पदमकोट जंगल में खेत में काम करने जा रही एक 7 वर्षीय बालिका पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। भालू के हमले में बालिका बुरी तरह घायल हो गई।
रौशन ठाकुर
अबूझमाड़ के जंगलों में एक बार फिर वन्यजीव के हमले ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अबूझमाड़ के जंगलों में एक बार फिर वन्यजीव के हमले ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पदमकोट जंगल में खेत में काम करने जा रही एक 7 वर्षीय बालिका पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। भालू के हमले में बालिका बुरी तरह घायल हो गई।
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- कोंडागांव: कोंडागांव में साइबर जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और गुड टच-बैड टच की दी गई जानकारी कोण्डागांव के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, जामकोटपारा में कोण्डागांव पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा, IPS ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित सोशल मीडिया उपयोग, OTP-फ्रॉड, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से सतर्क रहने की जानकारी दी। कार्यक्रम में पिंक स्क्वाड ने महिला एवं बालिका सुरक्षा, अधिकार, आत्मरक्षा तथा गुड टच-बैड टच के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। साइबर ठगी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की जानकारी दी गई।1
- पुराना कचेहरी के पीछे मांझापारा में फिर निकला 5 फीट का अजगर, लोगो की चिंता बढ़ी 2 सितंबर शाम 7 बजे मांझापारा राजमाता मंदिर के पास लगभग 5 फीट लंबा अजगर निकला। लगातार जंगली जानवर और जीव जंतु के रिहायशी इलाके आने व,निकलने से लोगो की चिंता बड़ा दिया है। जिले में लगातार भालू के हमले और,अजगर से लेकर जहरीले सांप के निकलने से लोगो की नीद उड़ा दी है। अच्छी बात यह है की वन विभाग द्वारा सहायता के लिए एक ग्रुप बना दिया है। जिसमें केवल वन्य प्राणियों की सूचना देने के कुछ देर में रेस्क्यू टीम उस जगह पे पहुंच जाते है। सोमवार की रात में न्यायिक कर्मचारी कालोनी में निकला था लगभग 10 फीट का अजगर। मंगलवार को मांझापारा में दोपहर 1 बजे लगभग 10 फीट से बड़ा अजगर निकला था। जिसे वन विभाग की टीम ने लगभग 8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, सुरक्षित पकड़ कर जंगल में छोड़ दिया। और आज बुधवार को शाम 7 बजे पुराना कचहरी के पीछे,मांझापारा में राज माता मंदिर के पास लगभग 5 फीट का अजगर निकला।अजगर निकलने की खबर सुन कर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई अजगर को देखने के लिए।1
- किरंदुल में कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल गांधी की FIR का विरोध किरंदुल में कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR का जताया विरोध। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने FIR की कॉपी जलाकर जमकर नारेबाजी की। पार्टी ने देहरादून रैली के बाद हुए “शुद्धिकरण अनुष्ठान” पर आपत्ति जताई। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को असंवैधानिक बताया। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस ने “शुद्धिकरण अनुष्ठान” करने वालों पर FIR दर्ज करने की मांग की।4
- दलपत सागर का वजूद बचाने फिर करोड़ों का दांव, NMDC देगा 50 लाख, नई योजना 9.88 करोड़ की बस्तर रियासत के राजा दलपत देव द्वारा निर्मित और 340 एकड़ में फैला प्रदेश का सबसे बड़ा ऐतिहासिक तालाब दलपत सागर एक बार फिर अपनी बदहाली और सफाई अभियानों को लेकर सुर्खियों में है। वजूद बचाने के लिए फिर करोड़ों का दांव लगाया गया है। सागर को जलकुंभी से मुक्त कराने के लिए जगदलपुर नगर निगम और NMDC के बीच समझौता हुआ है। NMDC अपने CSR मद से 50 लाख की मदद देगा, जिसकी 20 लाख की पहली किस्त जारी भी हो गई है। लेकिन 9.88 करोड़ की नई योजना के बीच 13 करोड़ के पुराने खर्च पर सवाल भी उठ रहे हैं। दलपत सागर का बड़ा हिस्सा आज भी जलकुंभी की हरी चादर से ढका है। रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले 20 सालों में इसके संरक्षण पर 13 करोड़ से ज्यादा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। निगम की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ जलकुंभी हटाने पर ही करीब 3 करोड़ खर्च हुए, जिसमें 80 से 90 लाख की वीड हार्वेस्टर मशीन भी शामिल है। 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 3 करोड़ की घोषणा की थी, राजा दलपत देव की मूर्ति, परिक्रमा पथ, घाट, लाइट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का वादा था, जो आज तक धरातल पर नहीं उतरा। अब प्रशासन 9.88 करोड़ के मास्टर प्लान के साथ फिर मैदान में है। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 9 करोड़ 88 लाख की स्वीकृति मिल चुकी है। नगर निगम आयुक्त प्रवीर वर्मा के मुताबिक मार्च 2027 तक दलपत सागर को पूरी तरह जलकुंभी मुक्त करने का लक्ष्य है। फिलहाल NMDC के 50 लाख के CSR फंड से सघन सफाई अभियान शुरू किया जा रहा है। करोड़ों खर्च के बाद भी जलकुंभी बार-बार क्यों पनपती है? विशेषज्ञों के मुताबिक शहर के कई बड़े नालों का प्रदूषित पानी सीधा सागर में गिरता है, जो जलकुंभी के लिए खाद का काम करता है। प्रशासन का जोर सिर्फ जलकुंभी निकालने पर है, उसे पनपने से रोकने वाले पोषक तत्वों पर नहीं। नागरिकों की मांग है कि जब तक नालों का डायवर्जन नहीं होगा, चाहे 13 करोड़ खर्च हो या 50 करोड़, स्थायी समाधान नहीं होगा।4
- गुरुर सहित बालोद जिले मे संतान की दीर्घायु के लिए मनाया गया कमरछठ का पर्व आज गुरुर बालोद सहित पूरे छत्तीसगढ़ मे बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ कमर छठ का पर्व मनाया जा रहा है, यह त्योहार मुख्य रूप से माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख समृद्धि की कामना के लिए रखती है, धार्मिक मान्यताओ के अनुसार,यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है,जिनका प्रिय शस्त्र हल था, इस कारण इस पर्व को हलषष्ठी के नाम से भी जाना जाता है, यह पर्व भगवान बलराम हलधर से जुड़ा है,इसलिए इस दिन व्रत रखने वाली माताएं केवल बिना हल चलाए उगने वाले पसहर चावल और छह प्रकार की भाजियों को मिलाकर तैयार किया गया प्रसाद ही ग्रहण करती है, गुरुर सहित ग्राम खैरवही,भरदा,धनोरा, कुलिया,कनेरी सहित ग्रामीण क्षेत्रो मे प्रमुख स्थानो पर एक छोटा सा तालाबनुमा गड्ढा बनकर उसमे पानी भरकर चारों ओर बेर,पलाश,कांस के फूल और पेड़ पौधो से सजाया जाता गया था,जहां मिट्टी के बर्तन,मिट्टी की नावें और छह प्रकार के खिलौने रखकर पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजा अर्चना की गई, पूजा के दौरान कमरछठ माता और भगवान बलराम से जुड़ी छह पौराणिक कहानियां का भी वाचन किया गया, पूजा का समापन होने के बाद माताएं अपनी संतान की पीठ पर कपड़े से छुही की सफेद मिट्टी के पानी की छाप लगाकर छह बार आशीर्वाद दी गई।1
- मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में1
- कोंडागांव: न्याय की पहुंच बढ़ाएंगे पैरालीगल वॉलिंटियर्स, कोण्डागांव में हुआ प्रशिक्षण कोण्डागांव। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पैरालीगल वॉलिंटियर्स का एक दिवसीय मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जरूरतमंद और वंचित लोगों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने, विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने और लोक अदालत एवं मध्यस्थता की जानकारी देने पर जोर दिया गया।1
- जगदलपुर: इंद्रावती पुल से गोरिया बहार तक बनेगा ग्रीन गेटवे, 2700 पौधों से सजेगा शहर का प्रवेश द्वार जगदलपुर। शहर के प्रवेश द्वार आमागुड़ा क्षेत्र को ग्रीन गेटवे बनाने की कवायद नगर निगम ने शुरू की है। इंद्रावती नए पुल से गोरिया बहार तक 2700 पौधे लगाकर एनएच क्षेत्र को हरित स्वरूप देने का दावा किया गया है। महापौर संजय पांडे ने बताया 10 सितंबर को डिप्टी सीएम अरुण साव और वन मंत्री केदार कश्यप की मौजूदगी में कनेर, बोगनविलिया और टेकोमा के पौधे लगाए जाएंगे। पौधे वन विभाग उपलब्ध करा रहा है। वहीं कांग्रेस ने प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए इसे महापौर की छवि चमकाने का प्रयास बताया।3
- मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में1