भैंसदेही ब्लॉक कांग्रेस सेवादल ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में किसानों को खाद, बीज, डीज़ल और कई वित्तीय सहायता से जुड़ी परेशानियों को उजागर करते हुए तत्काल समाधान की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि वन भूमि पर कृषि करने वाले आदिवासियों को ई-टोकन न मिलने के कारण खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। वहीं, जिन किसानों की फार्मर आईडी में कमी है, उन्हें भी खाद नहीं मिल रहा है। एनपीके खाद की बोरी जो पहले लगभग 1600 रुपये में मिलती थी, अब 2400 रुपये में मिल रही है, जिसके दाम कम करने की मांग की गई है। साथ ही, डीएपी खाद की कमी से किसान बुवाई के समय बेहद परेशान हैं, और उन्हें खाद उनके पास वाली सहकारिता समिति से न मिलकर 40-50 किलोमीटर दूर से लाना पड़ रहा है। इसके अलावा, सहकारिता बैंक भैंसदेही में केवल एक काउंटर होने से 70 किलोमीटर दूर से आने वाले किसानों में से दिन भर में केवल 70-80 किसान ही लेनदेन कर पाते हैं, जिससे अन्य किसानों को वापस लौटना पड़ता है; बैंक में दो काउंटर खोलने की मांग की गई है। बुवाई के समय ट्रैक्टर के लिए किसानों को पेट्रोल पंपों पर केन में डीजल नहीं दिया जा रहा है, जिससे उन्हें ट्रैक्टर लाने पर ही डीजल मिलता है, जिसमें 5-6 किलोमीटर आने-जाने में ही 1000 रुपये का डीजल बर्बाद हो जाता है; कृषि कार्य हेतु केन में डीजल देने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में कृषि विभाग से सस्ते दामों पर अच्छे बीज उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है, ताकि किसानों को अच्छी फसल और मुनाफा मिल सके। साथ ही, लगभग एक वर्ष से किसानों को राज्य सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिल पा रहा है और कई किसानों को फसल बीमा भी नहीं दिया गया है, जिसे जल्द से जल्द जारी करने की मांग की गई है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर ने बताया कि खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन किसान डीएपी खाद, ई-टोकन व्यवस्था और सर्वर की समस्याओं के कारण लगातार केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कांग्रेस सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. नीलेश बर्डे ने सरकार पर किसानों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है। कांग्रेसियों ने सरकार से किसानों की इन सभी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करने का निवेदन किया है।
भैंसदेही ब्लॉक कांग्रेस सेवादल ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में किसानों को खाद, बीज, डीज़ल और कई वित्तीय सहायता से जुड़ी परेशानियों को उजागर करते हुए तत्काल समाधान की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि वन भूमि पर कृषि करने वाले आदिवासियों को ई-टोकन न मिलने के कारण खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। वहीं, जिन किसानों की फार्मर आईडी में कमी है, उन्हें भी खाद नहीं मिल रहा है। एनपीके खाद की बोरी जो पहले लगभग 1600 रुपये में मिलती थी, अब 2400 रुपये में मिल रही है, जिसके दाम कम करने की मांग की गई है। साथ ही, डीएपी खाद की कमी से किसान बुवाई के समय बेहद परेशान हैं, और उन्हें खाद उनके पास वाली सहकारिता समिति से न मिलकर 40-50 किलोमीटर दूर से लाना पड़ रहा है। इसके अलावा, सहकारिता बैंक भैंसदेही में केवल एक काउंटर होने से 70 किलोमीटर दूर से आने वाले किसानों में से दिन भर में केवल 70-80 किसान ही लेनदेन कर पाते हैं, जिससे अन्य किसानों को वापस लौटना पड़ता है; बैंक में दो काउंटर खोलने की मांग की गई है। बुवाई के समय ट्रैक्टर के लिए किसानों को पेट्रोल
पंपों पर केन में डीजल नहीं दिया जा रहा है, जिससे उन्हें ट्रैक्टर लाने पर ही डीजल मिलता है, जिसमें 5-6 किलोमीटर आने-जाने में ही 1000 रुपये का डीजल बर्बाद हो जाता है; कृषि कार्य हेतु केन में डीजल देने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में कृषि विभाग से सस्ते दामों पर अच्छे बीज उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है, ताकि किसानों को अच्छी फसल और मुनाफा मिल सके। साथ ही, लगभग एक वर्ष से किसानों को राज्य सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिल पा रहा है और कई किसानों को फसल बीमा भी नहीं दिया गया है, जिसे जल्द से जल्द जारी करने की मांग की गई है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर ने बताया कि खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन किसान डीएपी खाद, ई-टोकन व्यवस्था और सर्वर की समस्याओं के कारण लगातार केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कांग्रेस सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. नीलेश बर्डे ने सरकार पर किसानों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है। कांग्रेसियों ने सरकार से किसानों की इन सभी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करने का निवेदन किया है।
- भैंसदेही में, ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी किसानों की समस्याओं को लेकर अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष पहुंचे। इस भेंट के दौरान, ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी अनुविभागीय अधिकारी के चरणों में नतमस्तक हुए।1
- बैतूल गंज के जवाहर वार्ड स्थित पीपलेश्वर शिव शक्ति हनुमान मंदिर में 20 जून शनिवार शाम को सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इस भक्तिमय कार्यक्रम का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। मंदिर में प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को शाम 8:00 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया जाता है।3
- बैतूल जिले की चिचोली तहसील के ग्राम कहुपानी में ग्रामीणों ने सड़क किनारे गोबर, खाद और कचरा डालने से फैल रही भीषण गंदगी पर चिंता जताई है। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव के भीतर ही सड़क किनारे इस तरह कचरा जमा होने से गंदगी फैल रही है, जिसके कारण अन्य बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने ग्रामीण विकास विभाग से निवेदन किया है कि वे स्वच्छ भारत अभियान के तहत तत्काल कार्रवाई करें, ताकि गाँव में गंदगी फैलने से रोक लगाई जा सके और ग्रामीणों को बीमारियों से बचाया जा सके। उन्होंने इस समस्या के शीघ्र समाधान हेतु पुनः अपील की है।4
- बैतूल बाजार पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हाईवे पर मिले एक शव के मामले में हत्या का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस की अधिकृत राज्यसभा उम्मीदवार और गांधीवादी विचारक मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बेवजह खारिज किए जाने से कांग्रेस भड़क उठी है। इस घटना के विरोध में, आमला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय सोलंकी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने भाजपा के इशारे पर चल रहे चुनाव आयोग का जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के तहत, आमला बस स्टैंड से चुनाव आयोग की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई। नारेबाज़ी करते हुए प्रदर्शनकारी जनपद चौक पहुंचे, जहाँ उन्होंने भारत के चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। प्रशासन ने वाटर कैनन का उपयोग कर इस पुतले को बचाने का प्रयास किया। इस प्रदर्शन के बाद, राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार आमला और थाना प्रभारी आमला को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में भारत के चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की मांग की गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ऐसे महिला विरोधी और लोकतंत्र के हत्यारे अधिकारी को जब तक सरकार का संरक्षण मिलता रहेगा, तब तक देश अराजकता की ओर बढ़ता चला जाएगा।2
- शनिवार को मध्य प्रदेश के आमला में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की शहर इकाई ने राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजय सोलंकी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड से जनपद चौराहे तक रैली निकाली, भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आयोग की प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाते हुए उनका पुतला दहन किया, जिससे इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी होने की जानकारी सामने आई। बाद में, राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार आमला और थाना प्रभारी को सौंपा गया। इस ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बिना किसी उचित कारण के खारिज किया गया है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जितेंद्र शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की अहम जिम्मेदारी होती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री सीमा अतुलकर ने सीधे आरोप लगाया कि चुनाव आयोग राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है, और विपक्ष की आवाज को दबाने तथा राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने के प्रयासों को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। नगरपालिका पार्षद खुशबू अतुलकर ने भी जोर दिया कि लोकतंत्र की मजबूती स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर निर्भर करती है और इन संस्थाओं पर जनता का विश्वास बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इस विरोध प्रदर्शन में नरेंद्र बिल्लू यादव, नीरज सोनी, शाबीर शाह, रेखा कनोजिया, विजय अतुलकर, रमेश प्रजापति, विजय पारदी, छन्नू बेले, मदन साहू, रमेश दामले, योगेश डांगरे, वीरेंद्र बर्ठे, हरी प्रसाद गोहे, दीपक द्विवेदी, कमलेश माकोड़े, रवि घाणेकर, बडू अतुलकर, प्रमोद सेठिया, बंटू बेले, रमजान खान, अकरम खान, राकेश सोने, संजय सोलंकी, कनैया साहू, जीतेश वाईकर और राकेश निरापुरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- बैतूल जिले के आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र में शुक्रवार-शनिवार रात एक तेज रफ्तार बाइक तीन युवकों की मौत का कारण बन गई। नत्थू ढाना अम्बाडा गाँव के तीनों युवक अपनी बाइक से वापस गाँव जा रहे थे, तभी टेमनी के समीप एक पुलिया की रेलिंग से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर टकरा गई। इस भीषण दुर्घटना में तीनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आठनेर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आठनेर भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने तीनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से पूरे गाँव में मातम पसर गया है, और एक साथ तीन दोस्तों की अर्थी देखकर सभी की आँखें नम हो गईं। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर लोगों से बाइक या अन्य वाहन धीरे चलाने और सावधानी बरतने का निवेदन किया गया है, क्योंकि सुरक्षा में ही बचाव है। दुर्घटनाओं से बचने और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।1