ट्रेन दुर्घटना : ओखा गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन से एक घातक हादसा! एक यात्री की रेलवे ट्रैक पर कदम रखने के बाद मौत हो गई, यह घटना ओखा गुवाहाटी एक्सप्रेस के रुकने के बाद घटी । 👉ब्रेक बाइंडिंग के कारण ट्रेन में धुआं फैल गया और हड़कंप मच गया। 👉घटना इटावा में भरथना और साम्हो स्टेशनों के बीच की बताई गई है। 👉रेलवे ट्रैक पर उतरना महंगा साबित हुआ। मृत्यु का नृत्य। यात्री को रेल की पटरियों पर चलते समय एक दूसरी ट्रेन ने टक्कर मार दी। रिपोर्ट में रेलवे सुरक्षा नियमों की अनदेखी से दुर्घटना । #Viralvideo #trainaccident #itawa #okhaguwahatiexpress ट्रेन दुर्घटना : ओखा गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन से एक घातक हादसा! एक यात्री की रेलवे ट्रैक पर कदम रखने के बाद मौत हो गई, यह घटना ओखा गुवाहाटी एक्सप्रेस के रुकने के बाद घटी । 👉ब्रेक बाइंडिंग के कारण ट्रेन में धुआं फैल गया और हड़कंप मच गया। 👉घटना इटावा में भरथना और साम्हो स्टेशनों के बीच की बताई गई है। 👉रेलवे ट्रैक पर उतरना महंगा साबित हुआ। मृत्यु का नृत्य। यात्री को रेल की पटरियों पर चलते समय एक दूसरी ट्रेन ने टक्कर मार दी। रिपोर्ट में रेलवे सुरक्षा नियमों की अनदेखी से दुर्घटना । #Viralvideo #trainaccident #itawa #okhaguwahatiexpress
ट्रेन दुर्घटना : ओखा गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन से एक घातक हादसा! एक यात्री की रेलवे ट्रैक पर कदम रखने के बाद मौत हो गई, यह घटना ओखा गुवाहाटी एक्सप्रेस के रुकने के बाद घटी । 👉ब्रेक बाइंडिंग के कारण ट्रेन में धुआं फैल गया और हड़कंप मच गया। 👉घटना इटावा में भरथना और साम्हो स्टेशनों के बीच की बताई गई है। 👉रेलवे ट्रैक पर उतरना महंगा साबित हुआ। मृत्यु का नृत्य। यात्री को रेल की पटरियों पर चलते समय एक दूसरी ट्रेन ने टक्कर मार दी। रिपोर्ट में रेलवे सुरक्षा नियमों की अनदेखी से दुर्घटना । #Viralvideo #trainaccident #itawa #okhaguwahatiexpress ट्रेन दुर्घटना : ओखा गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन से एक घातक हादसा! एक यात्री की रेलवे ट्रैक पर कदम रखने के बाद मौत हो गई, यह घटना ओखा गुवाहाटी एक्सप्रेस के रुकने के बाद घटी । 👉ब्रेक बाइंडिंग के कारण ट्रेन में धुआं फैल गया और हड़कंप मच गया। 👉घटना इटावा में भरथना और साम्हो स्टेशनों के बीच की बताई गई है। 👉रेलवे ट्रैक पर उतरना महंगा साबित हुआ। मृत्यु का नृत्य। यात्री को रेल की पटरियों पर चलते समय एक दूसरी ट्रेन ने टक्कर मार दी। रिपोर्ट में रेलवे सुरक्षा नियमों की अनदेखी से दुर्घटना । #Viralvideo #trainaccident #itawa #okhaguwahatiexpress
- कल भामाशाह मंडी में नई फसलों की आवक से लगा भारी जाम1
- कोटा, राजस्थान कोटा जिले के एक गांव में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक भारी-भरकम मगरमच्छ आबादी में घुस आया। घटना हाथीखेड़ा गांव की है, जहां रात करीब साढ़े 8 बजे मगरमच्छ इधर-उधर भागने लगा। मगरमच्छ को देखकर गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए उसे घेरकर रस्सी से बांधने की कोशिश की, लेकिन छटपटाहट में मगरमच्छ ने रस्सी तोड़ दी और भागकर एक बकरे के बाड़े के पास जाकर बैठ गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद करीब 7 फीट लंबे मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू किया। इसके बाद गांव वालों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास जल स्रोत होने के कारण ऐसे वन्यजीवों का खतरा बना रहता है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई2
- कोटा, राजस्थान। शिक्षा की नगरी कोटा एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है। सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने कोटा के प्रति लोगों के अलग-अलग नजरियों को एक नई दिशा दी है। जहाँ कुछ लोग इसे 'प्रेसर कुकर' की संज्ञा देते हैं, वहीं लाखों विद्यार्थी इसे अपने 'सपनों के शहर' के रूप में देखते हैं। कोटा के अलग-अलग रंग वीडियो में कोटा के बहुआयामी चेहरों को बखूबी दर्शाया गया है: मेहनत की मिसाल: एक तरफ वे छात्र हैं जो अपनी कड़ी मेहनत के दम पर शून्य से शिखर तक पहुँचे और शानदार करियर बनाया। प्रोपेगेंडा और हकीकत: रिपोर्ट में उन लोगों पर भी कटाक्ष किया गया है जो यहाँ के सिस्टम की नकल कर अपना साम्राज्य खड़ा करते हैं और बाद में इसी शहर को बदनाम करने का प्रयास करते हैं। सफलता के साक्षी: कई अभिभावकों ने भी सामने आकर बताया कि कैसे इसी शहर ने उनके परिवार को चार-चार एमबीबीएस डॉक्टर दिए हैं, जो यहाँ की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है। बदनामी बनाम परिणाम वीडियो में साफ़ तौर पर कहा गया है कि आजकल 'इमोशन बेचने' और 'बेचारे' वाला नैरेटिव सेट करने का ट्रेंड चल रहा है। स्थापित संस्थानों को बदनाम करने की कोशिशें तो होती हैं, लेकिन "रिजल्ट" सिर्फ मेहनत से ही आता है। "कोटा कैसा है, यह किसी भी शहर के डॉक्टर या इंजीनियर से पूछिए। उनके दिल में आज भी कोटा बसता है।"1
- इन्द्रगढ़ में शिक्षकों ने उपार्जित अवकाश की मांग को लेकर एसडीएम के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन।41
- कस्बे मे दिनांक 10 अप्रैल 2026 को तालुका विधिक सेवा समिति अंता के निर्देशन में पैनल अधिवक्ता जाकिर हुसैन अंसारी ने स्थानीय इम्मानुएल मिशन माध्यमिक विद्यालय अंता में एक विधिक शिविर का आयोजन किया जिसमे पैनल अधिवक्ता जाकिर अंसारी ने बालक एवं बालिकाओं को साइबर क्राइम के बारे में विस्तृत जानकारी दी | शिविर मे पैनल अधिवक्ता पुरुषोत्तम बिसारती पेरा लीगल वालंटियर प्रेमलता खत्री भी उपस्थित रही । शिविर के दौरान पैरा लीगल वोली यंटर प्रेमलता खत्री ने बालिकाओं एवं बालकों को कानूनी जानकारियां दी ।अधिवक्ता ने कहा कि साइबर क्राइम में अपराधी कंप्यूटर डिवाइस एवं तकनीक का इस्तेमाल कर साइबर ठगी करते हैं उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास किसी अनजान नंबर से फोन आवे तथा उसे ओटीपी बताने को कहा जाए या अन्य प्रकार की धमकी देकर रकम जमा करने हेतु कहा जाए तो ऐसे में घबराना नहीं है बल्कि नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर इसकी सूचना देनी चाहिए ताकि समय रहते साइबर ठगी से बचा जा सके इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित स्टाफ के अन्य सदस्य भी शामिल रहे1
- शाहाबाद ग्राम पंचायत बीलखेड़ा माल के ग्राम छीपोल में करीब 35 से 40 परिवार निवास करते हैं, जहां वर्षों बाद पीएम जन आवास योजना के तहत पक्की सड़क स्वीकृत हुई है। वर्तमान में सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। नेशनल हाईवे-27 से हिनोतिया होते हुए छिपोल तक ग्रेवल रोड का कार्य पूरा किया जा चुका है, साथ ही पुलियों का निर्माण भी कर लिया गया है। इसके बावजूद हनोतिया से आगे गिट्टी निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। गांव के आदिवासी किशोर-किशोरियों एवं महिला समूह ने बताया कि यदि जल्द कार्य शुरू नहीं किया गया तो आगामी बरसात में सड़क अधूरी रह जाएगी और करीब चार महीने तक आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने सरकार और सार्वजनिक निर्माण विभाग से मांग की है कि बंद पड़े निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू किया जाए, ताकि बरसात के मौसम में गांव के लोगों को राहत मिल सके और आवागमन सुचारू बना रहे। जाग्रत महिला संगठन ने प्रशासन से अधूरे सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने की मांग रखी है।3
- सीजफायर का आज तीसरा दिन: हिज़्बुल्लाह ने अपने नवीनतम हमलों में एक इजरायली सैन्य मुख्यालय को उड़ा दिया है: एक इजरायली रिपोर्ट के अनुसार हमले में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के मारे जाने और कई सैनिकों के मलबे में फंसे होने की खबर है...1
- कोटा राजस्थान कोटा शहर के महावीर नगर थाना क्षेत्र में एक मामूली कहासुनी ने खौफनाक रूप ले लिया, जहां एक दोस्त ने अपने ही दोस्त की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना वीर सावरकर नगर इलाके की है, जहां देर रात करीब साढ़े 8 बजे वारदात को अंजाम दिया गया। जानकारी के अनुसार मृतक शब्बीर उर्फ सबीर ठेला लगाता था आरोपी, जो उसका ही परिचित और दोस्त था, ठेले के पास बैठकर शराब पी रहा था। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब शब्बीर अपना ठेला समेटकर घर लौट रहा था, तभी आरोपी ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शब्बीर को तुरंत न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही महावीर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। दोनों युवक पहले से एक-दूसरे को जानते थे और शाम से साथ थे। प्रारंभिक जांच में मामूली विवाद को ही हत्या की वजह माना जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।1
- कोटा | राजस्थान की शिक्षा नगरी और 'स्मार्ट सिटी' कोटा अपनी सुंदरता के लिए देश भर में वाहवाही लूट रहा है, लेकिन हकीकत की जमीन पर कुछ और ही मंजर है। शहर का सबसे प्रमुख पर्यटन केंद्र, सिटी पार्क (ऑक्सीजन पार्क), जिसकी दीवारें आधुनिकता की कहानी कहती हैं, उसी की बगल से गुजरने वाली सड़क राहगीरों के लिए 'काल' बन गई है। गड्ढों में 'स्मार्ट सिटी' का सपना सिटी पार्क से सटी इस मुख्य सड़क पर इतने गहरे गड्ढे हो चुके हैं कि यहां से गुजरना किसी जोखिम भरे स्टंट से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि दुपहिया वाहन चालक आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। किसी का हाथ टूट रहा है तो किसी के पैर छिल रहे हैं। जनता का दर्द: "क्या यही है स्मार्ट सिटी?" सड़क से गुजरने वाले एक नागरिक ने आक्रोश जताते हुए कहा, "एक तरफ करोड़ों की लागत से पार्क और मूर्तियां बनाई जा रही हैं, दूसरी तरफ आम आदमी के चलने के लिए सड़क तक सही नहीं है। अगर इंसान गड्ढे में गिरकर अपाहिज हो जाए, तो इस दिखावे की स्मार्टनेस का क्या फायदा?" बड़ी लापरवाही के संकेत हैरानी की बात यह है कि यह इलाका वीआईपी मूवमेंट और पर्यटकों की आवाजाही वाला क्षेत्र है। इसके बावजूद नगर विकास न्यास (UIT) और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों की नजर इन जानलेवा गड्ढों पर नहीं पड़ रही है। धूल के गुबार और असंतुलित सड़क के कारण दुर्घटना का अंदेशा हर वक्त बना रहता है। प्रशासन से अपील क्षेत्रवासियों ने 'नेताओं' और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है कि कागजों पर स्मार्ट सिटी बनाने से पहले धरातल पर सड़कों को चलने लायक बनाया जाए। चुनाव और बड़े आयोजनों से इतर, आम जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस सड़क का तुरंत पैचवर्क या नवनिर्माण किया जाना अनिवार्य है। सवाल यह है: क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या जल्द ही इस 'स्मार्ट' सड़क की किस्मत बदलेगी?2