शाहजहांपुर। रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक नगर के साथ जनपद के सभी क्षेत्राधिकारियों एवं उनके कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी की। इस दौरान अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित प्रकरणों और अभियोगों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की समीक्षा की गई। आईजीआरएस, जनसुनवाई, प्रारंभिक जांच, मानवाधिकार, महिला एवं एससी-एसटी प्रकोष्ठ से संबंधित जांच तथा शासन और उच्चाधिकारियों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जघन्य अपराधों के आरोपितों की गिरफ्तारी, गैर-जमानती एवं रिकवरी वारंट की कार्रवाई, हिस्ट्रीशीटरों और वांछित अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई तथा अपराध नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी रखने को कहा। श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में क्षेत्राधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट पर्यवेक्षण एवं प्रभावी पुलिस प्रबंधन की पुलिस अधीक्षक ने सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी निष्ठा, सजगता एवं कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की गरिमा बनाए रखें। समीक्षा गोष्ठी के बाद उत्कृष्ट कार्य, समर्पित कर्तव्यनिष्ठा एवं प्रभावी पुलिस पर्यवेक्षण के लिए क्षेत्राधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए भविष्य में भी इसी लगन और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
शाहजहांपुर। रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक नगर के साथ जनपद के सभी क्षेत्राधिकारियों एवं उनके कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी की। इस दौरान अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित प्रकरणों और अभियोगों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की समीक्षा की गई। आईजीआरएस, जनसुनवाई, प्रारंभिक जांच, मानवाधिकार, महिला एवं एससी-एसटी प्रकोष्ठ
से संबंधित जांच तथा शासन और उच्चाधिकारियों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जघन्य अपराधों के आरोपितों की गिरफ्तारी, गैर-जमानती एवं रिकवरी वारंट की कार्रवाई, हिस्ट्रीशीटरों और वांछित अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई तथा अपराध नियंत्रण के
लिए लगातार निगरानी रखने को कहा। श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में क्षेत्राधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट पर्यवेक्षण एवं प्रभावी पुलिस प्रबंधन की पुलिस अधीक्षक ने सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी निष्ठा, सजगता एवं कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते
हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की गरिमा बनाए रखें। समीक्षा गोष्ठी के बाद उत्कृष्ट कार्य, समर्पित कर्तव्यनिष्ठा एवं प्रभावी पुलिस पर्यवेक्षण के लिए क्षेत्राधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए भविष्य में भी इसी लगन और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
- भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण को राजस्व-पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण को राजस्व-पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक डीएम ने अवैध कब्जे और सह-खातेदारी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश शाहजहांपुर। भूमि विवादों के प्रभावी, निष्पक्ष एवं स्थायी निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र ने भूमि विवादों के प्रमुख कारण, लंबित प्रकरणों तथा उनके समाधान की कार्ययोजना पर पीपीटी के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि भूमि विवादों में मुख्य रूप से सीमा एवं मेड़, अवैध कब्जा, सह-खातेदारी व बंटवारा, रास्ते तथा सिंचाई के साधनों से जुड़े मामले सामने आते हैं। ऐसे मामलों में राजस्व संहिता की धारा 24 के तहत सीमांकन एवं पैमाइश तथा धारा 116 के तहत सह-खातेदारों के बंटवारे की व्यवस्था है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अवैध कब्जे से जुड़े मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय से तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करें। यदि किसी व्यक्ति ने ऐसी भूमि पर कब्जा किया है जो उसके आसपास स्थित नहीं है, तो मामले में नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए तथा वास्तविक खातेदार को कब्जा दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। पात्र मामलों में भू-माफिया संबंधी कार्रवाई भी नियमानुसार करने के निर्देश दिए गए। सह-खातेदारी के मामलों में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विधिवत बंटवारा होने तक प्रत्येक सह-खातेदार का संयुक्त भूमि पर अधिकार रहता है। विवादित भूमि पर किसी एक पक्ष द्वारा एकतरफा निर्माण अथवा कब्जे की स्थिति उत्पन्न न होने देने तथा संबंधित पक्षों को नियमानुसार बंटवारा कराने की सलाह देने के निर्देश दिए। डीएम ने राजस्व निरीक्षक एवं संबंधित पुलिस उपनिरीक्षक की संयुक्त टीम गठित कर भूमि विवादों की पहचान, मौके पर सत्यापन और निस्तारण कराने को कहा। प्रत्येक थाना एवं तहसील स्तर पर लंबित और पुराने भूमि विवादों की सूची तैयार कर नियमित अनुश्रवण करने के निर्देश दिए। थाना दिवस, तहसील दिवस एवं आईजीआरएस से संबंधित भूमि विवादों को भी सूची में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धारा 24, धारा 116 अथवा अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। स्थानीय स्तर पर समाधान संभव न होने वाले मामलों को एसडीएम, तहसीलदार एवं क्षेत्राधिकारी स्तर पर संदर्भित किया जाए। संवेदनशील मामलों में पर्याप्त पुलिस बल के साथ मौके पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने कहा कि आईजीआरएस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त भूमि विवादों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता में रखा जाए। न्यायालय में विचाराधीन मामलों में संबंधित दस्तावेजों को रिपोर्ट के साथ संलग्न करने तथा थाना दिवस एवं तहसील दिवस से पूर्व लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर संबंधित पक्षों को बुलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं समान व्यवहार के साथ कार्य करने तथा किसी भी प्रकार के पक्षपात या अनावश्यक दबाव से मुक्त होकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही निस्तारित भूमि विवादों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन में प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक आवेश सहित संबंधित राजस्व निरीक्षक, क्षेत्राधिकारी एवं पुलिस उपनिरीक्षक मौजूद रहे।2
- *****जनपद में सड़कों पर भैंसें, डेयरी संचालक बेखौफ **** शाहजहांपुर। शहर में डेयरी संचालक मनमाने तरीके से सुबह, दोपहर और शाम अपनी भैंसों को सड़कों पर छोड़ रहे हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी के साथ हादसे का खतरा बना रहता है। प्रशासन कई बार डेयरी संचालकों के साथ बैठक कर चुका है, लेकिन समस्या जस की तस है। चौराहों पर हरी-लाल बत्ती लगाने के बावजूद सड़कों पर घूमती भैंसों पर कोई नियंत्रण नजर नहीं आ रहा। सवाल है कि प्रशासन आखिर डेयरी संचालकों के लिए पशु निकालने का समय कब निर्धारित करेगा और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई कब होगी?1
- मदनापुर में मरीज की मौत पर बवाल! परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, स्वास्थ्य विभाग पर भी उठे सवाल शाहजहांपुर के थाना मदनापुर क्षेत्र में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला थाने तक पहुंचा तो परिजनों का आक्रोश देखने को मिला। वहीं डॉक्टर द्वारा मरीज को जिला मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मदनापुर क्षेत्र में मरीज की मौत के बाद परिजन गुस्से में थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों के मुताबिक, हालत गंभीर होने के बाद डॉक्टर मरीज को लेकर जिला मेडिकल कॉलेज की ओर चला गया। इस दौरान परिवार के लोग भी सवाल उठाते रहे कि आखिर मरीज की स्थिति इतनी गंभीर होने तक बेहतर उपचार क्यों नहीं मिल सका? मामले ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में कथित रूप से झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी अब सवाल उठना लाजिमी है। सवाल बड़ा है—क्या स्वास्थ्य विभाग को ऐसे मामलों की जानकारी नहीं है? और अगर जानकारी है, तो कार्रवाई कब होगी? फिलहाल मरीज की मौत के वास्तविक कारण और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।2
- मदनापुर थाना क्षेत्र मे इलाज को ले जाते समय युवक की मौत, परिजनों ने सड़क पर बैठने का किया प्रयास बुखार से पीड़ित 40 वर्षीय युवक की इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मौत के बाद परिजन और ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाकर लोगों को हटाया। परिजन निजी डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी, मां और छह बच्चों को छोड़ गया है। पिता का कहना है कि उनका इकलौता बेटा भी अब नहीं रहा।1
- गाय पर कील लगे डंडे से जानलेवा हमला, हिंदू रक्षा दल ने पुलिस से की कार्यवाही की मांग शाहजहांपुर। निगोही थाना क्षेत्र में एक गाय पर कथित रूप से कील लगे डंडे से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल करने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर हिंदू रक्षा दल ने थाना निगोही पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। हिंदू रक्षा दल के जिला अध्यक्ष नीरज वर्मा की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि 15 सितंबर 2026 को कुछ अज्ञात अराजक तत्वों ने गाय पर कील लगे डंडे से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रार्थना पत्र में घटना को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए कहा गया कि इस घटना से स्थानीय क्षेत्र में रोष व्याप्त है। संगठन ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घायल गोवंश के समुचित उपचार की व्यवस्था कराने और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है।1
- डीएम ने प्राथमिक विद्यालय बेहटा का किया औचक निरीक्षण, शिक्षण व्यवस्था परखी मिड-डे मील की गुणवत्ता से लेकर शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की शैक्षिक दक्षता का लिया जायजा डीएम ने प्राथमिक विद्यालय बेहटा का किया औचक निरीक्षण, शिक्षण व्यवस्था परखी मिड-डे मील की गुणवत्ता से लेकर शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की शैक्षिक दक्षता का लिया जायजा1
- अंधेरे में आवारा गौवंश बने हादसे का कारण, यातायात पुलिस ने निकाला अनोखा समाधान अंधेरे में आवारा गौवंश बने हादसे का कारण, यातायात पुलिस ने निकाला अनोखा समाधान रात में गौवंश के गले में बांधी जा रही रिफ्लेक्टिव बेल्ट, वाहन चालकों को दूर से दिखाई देंगे पशु शाहजहांपुर। रात्रि के समय सड़कों पर बैठे या घूमते आवारा गौवंश के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए शाहजहांपुर यातायात पुलिस ने विशेष पहल शुरू की है। पुलिस टीम ने आवारा गौवंश के गले में रिफ्लेक्टिव बेल्ट बांधने का अभियान शुरू किया है। बेल्ट पर पड़ने वाली वाहनों की रोशनी से गौवंश दूर से ही दिखाई देगा, जिससे वाहन चालक समय रहते अपनी गति नियंत्रित कर सकेंगे। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात के नेतृत्व में प्रभारी यातायात द्वारा जनपद में सुगम और जाममुक्त यातायात व्यवस्था के साथ सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रात्रि गश्त के दौरान मार्गों पर घूमने और बैठने वाले आवारा गौवंश को चिन्हित कर उनके गले में रिफ्लेक्टिव बेल्ट लगाई जा रही हैं। यातायात पुलिस के मुताबिक रात के अंधेरे में काले या गहरे रंग के गौवंश कई बार वाहन चालकों को समय से दिखाई नहीं देते। इससे अचानक ब्रेक लगाने या गौवंश से टकराने की स्थिति में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रिफ्लेक्टिव बेल्ट के जरिए गौवंश की दृश्यता बढ़ने से वाहन चालकों को पहले ही सतर्क होने का मौका मिलेगा। यातायात पुलिस द्वारा जनपद की सीसी टीमों के साथ समन्वय कर रात्रि गश्त और प्रभावी प्रवर्तन की कार्रवाई भी की जा रही है। दुर्घटना संभावित स्थानों और प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखते हुए सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्राधिकारी यातायात ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा यातायात पुलिस की प्राथमिकता है। रात्रि में आवारा गौवंश की दृश्यता बढ़ाने के लिए रिफ्लेक्टिव बेल्ट लगाने की पहल सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात में वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें और विशेष सतर्कता बरतें। सड़क पर गौवंश अथवा अन्य बाधा दिखाई देने पर गति नियंत्रित करते हुए सुरक्षित तरीके से वाहन चलाएं तथा यातायात नियमों का पालन कर स्वयं और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।1
- मदनापुर में मरीज की मौत पर बवाल! परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, स्वास्थ्य विभाग पर भी उठे सवाल एंकर:- शाहजहांपुर के थाना मदनापुर क्षेत्र में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला थाने तक पहुंचा तो परिजनों का आक्रोश देखने को मिला। वहीं डॉक्टर द्वारा मरीज को जिला मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वीओ:- मदनापुर क्षेत्र में मरीज की मौत के बाद परिजन गुस्से में थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों के मुताबिक, हालत गंभीर होने के बाद डॉक्टर मरीज को लेकर जिला मेडिकल कॉलेज की ओर चला गया। इस दौरान परिवार के लोग भी सवाल उठाते रहे कि आखिर मरीज की स्थिति इतनी गंभीर होने तक बेहतर उपचार क्यों नहीं मिल सका? मामले ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में कथित रूप से झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी अब सवाल उठना लाजिमी है। सवाल बड़ा है—क्या स्वास्थ्य विभाग को ऐसे मामलों की जानकारी नहीं है? और अगर जानकारी है, तो कार्रवाई कब होगी? फिलहाल मरीज की मौत के वास्तविक कारण और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।2