कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम कांधी में राजस्व मानचित्र (नक्शे) की त्रुटि की आड़ में सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध पक्का निर्माण कराने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि राजस्व विभाग के कर्मचारियों और क्षेत्रीय लेखपाल की मिलीभगत से हाईवे के किनारे स्थित तालाब की कीमती जमीन पर इस अवैध खेल को अंजाम दिया जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित रामनाथ ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच, नक्शे के शुद्धिकरण और नए सिरे से पैमाइश कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम कांधी स्थित गाटा संख्या 664 मिंजुमला की बंजर भूमि में से लगभग 4 बिस्वा जमीन का पट्टा पूर्व में श्री राम आसरे के नाम हुआ था, जिसे बाद में गीता देवी, जिया, जानकी और सावित्री देवी को बेच दिया गया। आरोप है कि न तो मूल पट्टाधारक को और न ही नए खरीदारों को कभी इस जमीन का वास्तविक कब्जा मिला। इससे पहले की गई शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश के बाद तहसीलदार सिकंदरा द्वारा गठित राजस्व टीम जब बीते 16 जून 2026 को गाटा संख्या 674 से पैमाइश करने पहुंची, तो नक्शे के अनुसार जिसे गाटा संख्या 664 बताया जा रहा था, वह हकीकत में तालाब की जमीन निकली। इसके बाद आबादी की तरफ से दोबारा पैमाइश की गई, लेकिन सरकारी नक्शे में गड़बड़ी के कारण गाटा संख्या 664 की वास्तविक स्थिति और सीमांकन तय नहीं हो सका। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक राजस्व नक्शे का शुद्धिकरण नहीं होता, तब तक कोई भी पैमाइश अवैध कब्जे को ही वैध दर्शाती रहेगी। जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र में ग्रामीणों ने मांग की है कि सक्षम अधिकारी द्वारा गाटा संख्या 664 की तकनीकी और अभिलेखीय जांच कराई जाए तथा नक्शे की त्रुटियों को सुधारकर क्षेत्रीय लेखपाल के अलावा किसी अन्य टीम से मौके की पैमाइश कराई जाए। इसके साथ ही जांच पूरी होने तक विवादित स्थल पर चल रहे हर प्रकार के निर्माण पर तुरंत रोक लगाने और मिलीभगत करने वाले दोषी राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है।
कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम कांधी में राजस्व मानचित्र (नक्शे) की त्रुटि की आड़ में सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध पक्का निर्माण कराने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि राजस्व विभाग के कर्मचारियों और क्षेत्रीय लेखपाल की मिलीभगत से हाईवे के किनारे स्थित तालाब की कीमती जमीन पर इस अवैध खेल को अंजाम दिया जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित रामनाथ ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच, नक्शे के शुद्धिकरण और नए सिरे से पैमाइश कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम कांधी स्थित गाटा संख्या 664 मिंजुमला की बंजर भूमि में से लगभग 4 बिस्वा जमीन का पट्टा पूर्व में श्री राम आसरे के नाम हुआ था, जिसे बाद में गीता देवी, जिया, जानकी और सावित्री देवी को बेच दिया गया। आरोप है कि न तो मूल पट्टाधारक को और न ही नए खरीदारों को कभी इस जमीन का वास्तविक कब्जा मिला। इससे पहले की गई शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश के बाद तहसीलदार सिकंदरा द्वारा गठित राजस्व टीम जब बीते 16 जून 2026 को गाटा संख्या 674 से पैमाइश करने पहुंची, तो नक्शे के अनुसार जिसे गाटा संख्या 664 बताया जा रहा था, वह हकीकत में तालाब की जमीन निकली। इसके बाद आबादी की तरफ से दोबारा पैमाइश की गई, लेकिन सरकारी नक्शे में गड़बड़ी के कारण गाटा संख्या 664 की वास्तविक स्थिति और सीमांकन तय नहीं हो सका। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक राजस्व नक्शे का शुद्धिकरण नहीं होता, तब तक कोई भी पैमाइश अवैध कब्जे को ही वैध दर्शाती रहेगी। जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र में ग्रामीणों ने मांग की है कि सक्षम अधिकारी द्वारा गाटा संख्या 664 की तकनीकी और अभिलेखीय जांच कराई जाए तथा नक्शे की त्रुटियों को सुधारकर क्षेत्रीय लेखपाल के अलावा किसी अन्य टीम से मौके की पैमाइश कराई जाए। इसके साथ ही जांच पूरी होने तक विवादित स्थल पर चल रहे हर प्रकार के निर्माण पर तुरंत रोक लगाने और मिलीभगत करने वाले दोषी राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है।
- मंगलपुर थाना क्षेत्र के मियानी गांव में जमीनी विवाद को लेकर एक व्यक्ति के साथ गंभीर मारपीट का मामला सामने आया है। मियानी गांव निवासी राधा देवी के अनुसार, 19 जून की शाम जमीनी विवाद को लेकर मोहल्ले के ही प्रमोद, अंकित, सोनू और अनिल उनके दरवाजे पर पहुंचे और उनके पति वीरभान के साथ गाली-गलौज करने लगे। जब वीरभान ने इसका विरोध किया, तो आरोपितों ने उनके साथ मारपीट कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत गंभीर होने के कारण उनका इलाज हैलट अस्पताल में चल रहा है। घटना के संबंध में पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह ने रविवार शाम चार बजे बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- औरैया जिले के विकास खंड सहार की सहायल ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव भरखा में विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गांव में पिछले दो महीने से ट्रांसफार्मर खराब पड़ा हुआ है, जिसके चलते पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। भीषण गर्मी और उमस के इस दौर में बिजली न होने से ग्रामीणों का जीवन बेहाल हो गया है, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह बेखबर बने हुए हैं, जिससे ग्रामीणों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, ट्रांसफार्मर खराब होते ही इसकी लिखित और मौखिक सूचना संबंधित विद्युत उपकेंद्र बेला और विभागीय अधिकारियों को दे दी गई थी। इसके बावजूद दो महीने का लंबा समय बीत जाने पर भी कोई समाधान नहीं हुआ और ग्रामीणों को बार-बार दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अधिकारियों की इस अनदेखी से जनजीवन अस्त-व्यस्त है और बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, बारिश के मौसम में अंधेरी रातों में कीड़े-मकोड़ों और सांपों का खतरा बढ़ गया है, जबकि मोबाइल चार्जिंग के लिए भी ग्रामीणों को दूर जाना पड़ रहा है। शंकर सिंह गौर, लल्ला ठाकुर, मनोज शर्मा, विमल शर्मा, शिवनंदन दुबे, सुदामा दुबे, संतोष कश्यप, कन्हैया कश्यप, अरुण शर्मा और हरविंद सिंह सहित कई ग्रामीणों ने विभाग से शीघ्र नया ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय औरैया कूच कर जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे।1
- पलक्कड़ जिला मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर नेम्मारा मार्ग पर स्थित 10 से 15 किलोमीटर लंबी बीड़ूमाला पर्वत श्रृंखला स्थानीय लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है। जनश्रुति के अनुसार, लंका युद्ध के दौरान घायल लक्ष्मण के उपचार के लिए महाबली हनुमान संजीवनी सहित द्रोणागिरि पर्वत लेकर आकाश मार्ग से जा रहे थे। उसी दौरान पर्वत के कुछ टुकड़े यहां गिर गए थे, जिनसे इस बीड़ूमाला पर्वत श्रृंखला का निर्माण हुआ। स्थानीय लोग बताते हैं कि यह कथा पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती रही है। स्वामी पूर्णानंद तीर्थपाद, हिन्दू एक्य वेदी के जिला सचिव मधुसूदन पिल्लै तथा स्वामी देवानंद पुरी के अनुसार, आज भी आयुर्वेद के विशेषज्ञ इस पर्वत क्षेत्र में दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों की खोज के लिए आते हैं। वहीं बीड़ूमाला पर्वत की तलहटी में बसे तेनिलापुरम और चिर्रा गांवों में अयोध्या धाम से लाई गई श्रीराम ज्योति का श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। यह पूरी पर्वत श्रृंखला हनुमान जी से जुड़ी धार्मिक आस्था का एक महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।3
- उत्तर प्रदेश के औरैया में नेशनल हाईवे स्थित एक गेस्ट हाउस में ब्राह्मण समाज का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण समाज एकजुट होकर समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगा। इस कार्यक्रम में बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जिनका हजारों लोगों ने जोरदार स्वागत किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद सनातन पांडे ने कहा कि इस धरा पर सबसे बड़ा ब्राह्मण समाज है, क्योंकि उसके पास हर धर्म और वर्ग को साथ लेकर चलने की क्षमता है। भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर भाजपा ने लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया और चंदा चोरी की, इसी का नतीजा है कि जो भाजपा पहले शीर्ष पर थी वह अब जमीन पर आ गिरी है। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन ने पहली बार भाजपा सरकार को घुटनों पर ला दिया और अब प्रदेश के साथ देश की राजनीति भी बदलने वाली है। कार्यक्रम के दौरान घोषणा की गई कि जनेश्वर मिश्र जी की आगामी पुण्यतिथि पर देशव्यापी बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश की वर्तमान स्थिति पर मंथन होगा। इस सम्मेलन में सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम, विधूना विधायक रेखा वर्मा, पूर्व विधायक रामजी शुक्ला, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुमन दिवाकर, लालजी शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ ही हजारों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद रहे।3
- औरैया जिले में 30 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले श्रावण मास पर्व के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए रूट डायवर्जन निर्धारित किया गया है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी बिधूना द्वारा बयान जारी कर आवश्यक जानकारी प्रदान की गई है, ताकि पर्व के दौरान जिले में आवागमन सुचारू बना रहे।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति की नाबालिग पुत्री पांच जुलाई की शाम करीब छह बजे मोहल्ले में आयोजित जन्मदिन की पार्टी में गई थी। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि चंदकुरा निवासी नीलेंद्र कथित रूप से उनकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पीड़ित की तहरीर पर मंगलपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नाबालिग किशोरी की तलाश शुरू कर दी है। मामले में रविवार शाम साढ़े चार बजे थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और किशोरी की तलाश की जा रही है।1
- औरैया जिले के कोतवाली अजीतमल क्षेत्रांतर्गत ग्राम भीखेपुर के पास 18 जुलाई 2026 को मिले अज्ञात शव की गलत पहचान होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में रविवार, 26 जुलाई 2026 को क्षेत्राधिकारी अजीतमल द्वारा बयान जारी कर जानकारी दी गई है।1
- औरैया में सोशल मीडिया पर लाइक्स पाने के लिए युवाओं द्वारा किए गए खतरनाक स्टंट का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में युवा अपनी जान जोखिम में डालते हुए दिखाई दे रहे हैं, सिर्फ चंद सेकेंड की रील बनाने के लिए। यह स्टंट किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था, लेकिन सौभाग्य से ऐसा नहीं हुआ। प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया है और स्थिति पर नजर रखे हुए है। इस वीडियो से स्पष्ट होता है कि रील बनाने का जुनून किस हद तक युवाओं को खतरनाक कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है।1