जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम घुसिया निवासी गरीब किसान देशराज पुत्र करसोले ने मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हेमंत पटेल को एक शिकायती पत्र सौंपा है। इस पत्र में उन्होंने अपनी खड़ी खीरे की फसल को गौशाला की गायों द्वारा नष्ट किए जाने की शिकायत की है। किसान देशराज ने बताया कि उनके हिस्से में केवल 0.081 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिस पर उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर खीरे की फसल तैयार की थी। देशराज का आरोप है कि उनके खेत के पास स्थित गौशाला में लगभग 80 गायें हैं। गौशाला के कर्मचारी इन गायों को दिन और रात में खुला छोड़ देते हैं, जिसके कारण गायें जाली के रास्ते उनके खेत में घुस गईं और पूरी खड़ी खीरे की फसल चर गईं। इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो गई है। पीड़ित किसान ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में प्रधान प्रतिनिधि से भी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने मामले में कोई जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। किसान का कहना है कि उनका परिवार पूरी तरह से खेती पर निर्भर है, और फसल नष्ट होने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। किसान देशराज ने एसडीएम से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और नष्ट हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस पर एसडीएम हेमंत पटेल ने किसान को त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कोंच को मामले की जांच कर शीघ्र समाधान कराने के निर्देश दिए हैं। अब किसान को प्रशासन की ओर से कार्रवाई और राहत मिलने की उम्मीद है।
जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम घुसिया निवासी गरीब किसान देशराज पुत्र करसोले ने मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हेमंत पटेल को एक शिकायती पत्र सौंपा है। इस पत्र में उन्होंने अपनी खड़ी खीरे की फसल को गौशाला की गायों द्वारा नष्ट किए जाने की शिकायत की है। किसान देशराज ने बताया कि उनके हिस्से में केवल 0.081 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिस पर उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर खीरे की फसल तैयार की थी। देशराज का आरोप है कि उनके खेत के पास स्थित गौशाला में लगभग 80 गायें हैं। गौशाला के कर्मचारी इन गायों को दिन और रात में खुला छोड़ देते हैं, जिसके कारण गायें जाली के रास्ते उनके खेत में घुस गईं और पूरी खड़ी खीरे की फसल चर गईं। इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो गई है। पीड़ित किसान ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में प्रधान प्रतिनिधि से भी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने मामले में कोई जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। किसान का कहना है कि उनका परिवार पूरी तरह से खेती पर निर्भर है, और फसल नष्ट होने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। किसान देशराज ने एसडीएम से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और नष्ट हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस पर एसडीएम हेमंत पटेल ने किसान को त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कोंच को मामले की जांच कर शीघ्र समाधान कराने के निर्देश दिए हैं। अब किसान को प्रशासन की ओर से कार्रवाई और राहत मिलने की उम्मीद है।
- कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने चुरखी की जुगनू महापंचायत की वास्तविकता पर प्रकाश डाला है। उन्होंने इस महापंचायत से जुड़ी सच्चाई को लोगों के सामने प्रस्तुत किया।1
- जालौन जिले से खबर है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर लगभग एक दर्जन ग्रामीण जिला मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे। गायर गांव से आए इन ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा और शिकायत दर्ज कराई कि पात्रता सूची से उनके नाम हटा दिए गए हैं। ग्रामवासियों ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि पात्र गरीब परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न और पक्के मकानों में रहने वाले कुछ लोगों के नाम सूची में शामिल कर दिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई जरूरतमंद परिवार आज भी कच्चे एवं जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें योजना से वंचित रखा गया है। उन्होंने मांग की है कि पात्रता सूची की निष्पक्ष जांच की जाए, अपात्र लोगों के नाम हटाए जाएं और वास्तविक जरूरतमंदों को ही इस योजना का लाभ दिया जाए।1
- सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने मड़ौरा में पंचायत उत्सव भवन का शिलान्यास किया है। इस आयोजन के साथ ही मड़ौरा क्षेत्र में विकास को नई रफ्तार मिली है।1
- जालौन जिले के जालौन-बंगरा मार्ग पर कमसेरा चौराहे के पास एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। यहाँ दो मोटरसाइकिलों में आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसके परिणामस्वरूप तीन लोग घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद, सभी घायलों को एम्बुलेंस सेवा की सहायता से अस्पताल पहुँचाया गया।1
- जालौन के उरई रेलवे स्टेशन पर स्थित शौचालय की अत्यधिक गंदगी को देखकर लोग हैरान हैं। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि इतने सारे कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद शौचालय की यह दयनीय स्थिति बनी हुई है। इस भयानक गंदगी के लिए असल में कौन जिम्मेदार है, यह जांच का विषय है और इस पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की मांग की गई है।1
- जनपद जालौन के उरई-कोटरा मार्ग पर मंगलवार को गोरन नहर के समीप एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें लगभग 20 यात्री घायल हो गए। कोटरा से उरई की ओर आ रही एक निजी बस की सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, जिससे कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान वहां से गुजर रहे प्राथमिक विद्यालय करथर के शिक्षक निर्दोष द्विवेदी की मोटरसाइकिल भी ट्रक की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि वे बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। बताया गया कि हादसे के समय बस में लगभग 40 यात्री सवार थे। इस दुर्घटना में बस चालक पुष्पेंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कामना, सिद्धि, ज्ञान सिंह, राधा, माता प्रसाद, सत्य प्रकाश, साक्षी, रामदेवी, रामकुमार, कमला सहित करीब 20 यात्रियों को हाथ-पैर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं। अधिकांश घायल कोटरा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल एंबुलेंस एवं अन्य वाहनों के माध्यम से राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल उरई भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को कब्जे में लेने के साथ चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हादसे के बाद कुछ समय तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर सामान्य कराया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. महेंद्र कुमार सिंह तथा सीएमएस डॉ. प्रशांत निरंजन इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना, उपचार व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा चिकित्सकों को सभी घायलों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अस्पताल प्रशासन ने भी आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सकीय संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की। सदर क्षेत्राधिकारी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दुर्घटनाग्रस्त निजी बस कोटरा निवासी रामकुमार अग्रवाल की बताई गई है। पुलिस ट्रक एवं बस चालक से पूछताछ कर रही है और हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है, जिसके बाद सभी पहलुओं की जांच के बाद अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर उरई-कोटरा मार्ग पर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज गति से वाहन चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम, नियमित यातायात निगरानी और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।4