उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पांच दिन पूर्व लोकार्पित किए गए ₹270 करोड़ से अधिक की लागत वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज की नवनिर्मित बिल्डिंग में भारी जलभराव हो गया है। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद इस नई बिल्डिंग में पानी भरने का एक वीडियो शनिवार को सामने आया है, जिसने कॉलेज प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, तेज बारिश की वजह से कॉलेज के बेसमेंट और लिफ्ट के डक्ट में पानी जमा हो गया था। पानी को बाहर निकालने का काम कराया गया है और फिलहाल स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि बीते वर्ष भी बरसात के दौरान इस मेडिकल कॉलेज में जलभराव का ऐसा ही वीडियो सामने आया था। ऐसे में, नवनिर्मित बिल्डिंग के बेसमेंट में बार-बार पानी भरने की इस समस्या को लेकर यहां की व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पांच दिन पूर्व लोकार्पित किए गए ₹270 करोड़ से अधिक की लागत वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज की नवनिर्मित बिल्डिंग में भारी जलभराव हो गया है। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद इस नई बिल्डिंग में पानी भरने का एक वीडियो शनिवार को सामने आया है, जिसने कॉलेज प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, तेज बारिश की वजह से कॉलेज के बेसमेंट और लिफ्ट के डक्ट में पानी जमा हो गया था। पानी को बाहर निकालने का काम कराया गया है और फिलहाल स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि बीते वर्ष भी बरसात के दौरान इस मेडिकल कॉलेज में जलभराव का ऐसा ही वीडियो सामने आया था। ऐसे में, नवनिर्मित बिल्डिंग के बेसमेंट में बार-बार पानी भरने की इस समस्या को लेकर यहां की व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
- अमेठी जनपद के पीपरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बालीपुर डुढ़िया गांव में आबादी की भूमि पर निर्माण को लेकर हुए विवाद में एक महिला के साथ मारपीट करने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। गांव की निवासी ममता तिवारी ने पीपरपुर थाने में प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, उनके हिस्से की आबादी की भूमि पर विकास तिवारी द्वारा जबरन निर्माण कराया जा रहा था, जिसके खिलाफ पहले भी शिकायत की गई थी। इस संबंध में बीते 22 जून 2026 को दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद समझौते का उल्लंघन कर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि 10 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे धनंजय तिवारी, विमल तिवारी, कमल तिवारी सहित अन्य लोग उनके घर के पीछे दीवार पर चद्दर लगा रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो धनंजय तिवारी ने घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की, जिससे उनके हाथ और नाक में चोट आई और नाक से खून बहने लगा। इसके साथ ही आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने पीपरपुर थाना पुलिस से इस मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- अमेठी में लखनऊ से अपहृत बताए जा रहे युवक दीपक सिंह के शव की तलाश शनिवार को भी जारी रही। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने पीपरपुर और रामगंज थाना क्षेत्र से निकलने वाली शारदा सहायक खंड-51 की जौनपुर मुख्य शाखा नहर में सघन खोज अभियान चलाया, लेकिन फिलहाल शव बरामद नहीं हो सका है। टीम ने दोनों थाना क्षेत्रों में नहर के किनारों पर कई किलोमीटर तक सघन खोजबीन की है, जिसके बाद अब टीम शिवगढ़ थाना क्षेत्र की ओर बढ़ गई है। इस खोज अभियान की शुरुआत एक गेट मैन से मिली सूचना के आधार पर की गई थी। सुलतानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अलहदादपुर गांव में नहर के गेट पर तैनात गेट मैन ने 23 जून को फाटक के पास एक अज्ञात शव देखे जाने की जानकारी दी थी। निरीक्षक सुभाष चंद्र मिश्र के नेतृत्व में एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार नहर और आसपास के इलाकों में दीपक सिंह की तलाश कर रही हैं।1
- प्रतापगढ़ में प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने जनपद में तैनात 4 उप जिलाधिकारियों के स्थानान्तरण के आदेश जारी किए हैं। 11 जुलाई 2026 को जारी किया गया यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।1
- प्रतापगढ़ के रामपुर खास में अमन-चैन, सुरक्षा और संविधान की रक्षा के लिए श्री छोटेलाल सरोज जी ने एक अपील की है। उन्होंने क्षेत्र में शांति व्यवस्था और आपसी भाईचारा बनाए रखने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और संविधान की रक्षा करने पर विशेष बल दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आलापुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध तपोस्थली महात्मा गोविंद साहब धाम के संभावित दौरे को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। हालांकि इस कार्यक्रम की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इसी सिलसिले में शनिवार को मेला समिति के अध्यक्ष भौमेन्द्र सिंह 'पप्पू' और पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिषेक निषाद सहित कई अन्य नेताओं ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया है। इस संभावित दौरे को लेकर क्षेत्रवासियों में बड़ी उम्मीदें बंधी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान ऐतिहासिक 'गोविंद साहब मेले' को राजकीय मेले का दर्जा मिल सकता है और इस तपोस्थली के कायाकल्प के लिए किसी बड़ी घोषणा का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही रामनगर, कटेहरी और भीटी बाजार को नगर पंचायत बनाए जाने की चर्चाएं भी काफी तेज हैं। इनमें से रामनगर के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अब बस अंतिम स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस दौरे के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। आगामी चुनावों के मद्देनजर भाजपा संगठन जिले की पांचों सीटों को मजबूत करने की कवायद में सक्रियता से जुटा हुआ है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर को पहले ही जिले का प्रभारी मंत्री बनाया जा चुका है, जिससे मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक महत्व के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के अमेठी डिपो में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। डिपो परिसर में एकत्र होकर कर्मचारियों ने हाथ उठाकर नारेबाजी की और विभागीय अधिकारियों से समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से उनकी कई मांगें लंबित हैं, जिनके समाधान के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और व्यापक करेंगे। इस प्रदर्शन के दौरान राकेश वर्मा, आशीष कुमार, विजय सिंह, हरिचन्द्र, राकेश यादव, दिलीप तिवारी, सतीश शर्मा, रीतेश कुमार और राजीत कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई। हालांकि, यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बसों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा। कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों से शीघ्र वार्ता कर समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।2
- प्रतापगढ़ में पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए 12 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर के नेतृत्व में व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य कार्यक्रम रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में आयोजित किया गया, जहां पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री आलोक कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) श्री बृजनन्दन राय के साथ मिलकर विधिवत रूप से पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए पर्यावरण को हरा-भरा रखने का आह्वान किया। वृक्षारोपण के उपरांत पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्ष पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं। ये न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित और सुखद बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को न केवल पौधे लगाने, बल्कि उनके जीवित रहने तक उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करने का संकल्प भी दिलाया। यह अभियान केवल पुलिस लाइन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके तहत जनपद के समस्त थाना परिसरों, पुलिस चौकियों एवं अन्य प्रशासनिक इकाइयों में भी वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों की देखरेख में फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे रोपे गए। प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना और जन-सामान्य को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने हेतु प्रेरित करना है। इस कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, निरीक्षक, उपनिरीक्षक और भारी संख्या में पुलिस बल के जवान मौजूद रहे।1
- सुलतानपुर के लंभुआ में लम्भुआ से दुर्गापुर रोड पर क्रॉसिंग से पहले एक विशाल शीशम का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। यह पेड़ इस समय विद्युत विभाग के तारों के सहारे टिका हुआ है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पेड़ गिरने की वजह से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और वहां से गुजरने वाले राहगीरों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचने की मांग की है ताकि पेड़ को हटाकर विद्युत आपूर्ति सुरक्षित की जा सके और किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचा जा सके। इसके साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि जब तक पेड़ नहीं हटाया जाता, तब तक वाहन चालक और राहगीर इस मार्ग पर अत्यंत सावधानी बरतें और बिजली के तारों के पास जाने से बचें।1