झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर दी है, जहाँ राज्य की जेलों में कुल 1733 कक्षपाल (जेल वार्डर) पदों पर भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर शुरू कर दी गई है। यह भर्ती अभियान विशेष रूप से उन 10वीं पास उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी का अवसर प्रदान करेगा, जो इच्छुक हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 19 जून 2026 तक जमा किए जा सकते हैं, और पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन ही रखी गई है। इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट का प्रावधान है। पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। शारीरिक मानकों के तहत, सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 160 सेंटीमीटर होनी चाहिए, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 155 सेंटीमीटर है। महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 148 सेंटीमीटर तय की गई है। कुल 1733 कक्षपाल पदों में से 1634 पद पुरुष उम्मीदवारों के लिए और 64 पद महिला उम्मीदवारों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पुरुष (बैकलॉग) के लिए 19 पद और महिला (बैकलॉग) के लिए 16 पद भी शामिल हैं। आवेदन शुल्क जमा करने और आवेदन पत्र का प्रिंट निकालने की अंतिम तिथि 21 जून 2026 तय की गई है। जिन उम्मीदवारों को अपने आवेदन पत्र में किसी प्रकार का संशोधन करना होगा, उनके लिए करेक्शन विंडो 22 से 24 जून 2026 तक खुली रहेगी।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर दी है, जहाँ राज्य की जेलों में कुल 1733 कक्षपाल (जेल वार्डर) पदों पर भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर शुरू कर दी गई है। यह भर्ती अभियान विशेष रूप से उन 10वीं पास उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी का अवसर प्रदान करेगा, जो इच्छुक हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 19 जून 2026 तक जमा किए जा सकते हैं, और पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन ही रखी गई है। इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट का प्रावधान है। पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। शारीरिक मानकों के तहत, सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 160 सेंटीमीटर होनी चाहिए, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 155 सेंटीमीटर है। महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 148 सेंटीमीटर तय की गई है। कुल 1733 कक्षपाल पदों में से 1634 पद पुरुष उम्मीदवारों के लिए और 64 पद महिला उम्मीदवारों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पुरुष (बैकलॉग) के लिए 19 पद और महिला (बैकलॉग) के लिए 16 पद भी शामिल हैं। आवेदन शुल्क जमा करने और आवेदन पत्र का प्रिंट निकालने की अंतिम तिथि 21 जून 2026 तय की गई है। जिन उम्मीदवारों को अपने आवेदन पत्र में किसी प्रकार का संशोधन करना होगा, उनके लिए करेक्शन विंडो 22 से 24 जून 2026 तक खुली रहेगी।
- झारखंड के धनबाद में एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई है।1
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर, झरिया कोयलांचल में कोलफील्ड चिल्ड्रेन क्लासेज़ (CCC) के लगभग 50 छात्रों के एक समूह ने भारत से बाल श्रम को पूरी तरह समाप्त करने के लिए एक 'मास्टर प्लान' लाने की मांग की। इस रैली में कई ऐसे छात्र-छात्राएं भी शामिल थे जो आज भी अपने माता-पिता के साथ खानों में बाल श्रमिक के रूप में काम करते हैं और इस क्षेत्र से बाल श्रम के उन्मूलन के लिए मुखर हुए। CCC के शिक्षक और संस्थापक पिनाकी रॉय के मार्गदर्शन में यह रैली अम्बेडकर चौक, बस्तकोला से शुरू हुई। लगभग 5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यह रैली बंगाली कोठी, सहाना पहाड़ी, रजवार बस्ती, लिलोरीपथरा जैसे कई कोलियरी गांवों से होकर झरिया शहर तक पहुँची। बस्तकोला में प्रतीकात्मक रूप से एक बड़ी दीवार को धकेलते हुए छात्रों ने “'बाल श्रम की दीवार को तोड़ना है … देश को आगे बढ़ाना है” और “मास्टर प्लान लाओ, बाल मजदूरी हटाओ” तथा “आधी रोटी खाएंगे तब पर भी स्कूल जाएंगे” जैसे जोरदार नारे लगाए। सहाना पहाड़ी दोबारी कोलियरी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ CCC की ओर से कई बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने हेतु शैक्षिक सामग्री प्रदान की गई। इन गांवों के कई बच्चे गरीबी के कारण कोयला इकट्ठा कर बेचते हैं। कोलफील्ड चिल्ड्रन क्लासेज़ के पिनाकी रॉय ने बताया कि पिछले 8 सालों से वे कोलफील्ड के बच्चों की जीवनशैली बदलने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन अभी भी बाल श्रम की समस्या व्यापक है। उन्होंने उच्च सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह सही समय है कि 2026 की जनगणना के दौरान बाल श्रम की सही संख्या गिनी जाए और इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एक 'मास्टर प्लान' अपनाया जाए। रॉय ने कहा कि उनकी संस्था केंद्रीय और राज्य सरकारों, जिसमें कोयला मंत्रालय, रेलवे मंत्रालय और झारखंड के राज्यपाल व मुख्यमंत्री शामिल हैं, को ईमेल भेज रही है, क्योंकि “शून्य बालश्रम ही हमारे देश को महान बना सकता है।” कार्यक्रम में, 2026 ILO थीम “बाल श्रम को रेड कार्ड दिखाएँ” के अनुसार गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें शिक्षकों पिनाकी रॉय, मौसुमी रॉय, संजय पंडित और गीता देवी (कोल लोडर) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रैली में पिनाकी रॉय के अलावा CCC के शिक्षक मौसुमी रॉय, संजय पंडित और कई अभिभावक जैसे डाशनी देवी, जुग्गू भूमि, गीता देवी, रेश्मी देवी सहित केंडुआ, जैरमपूर, झरिया, बस्ताकोला के लगभग 50 छात्रों ने सामाजिक परिवर्तन के उद्देश्य से भाग लिया। रैली का समापन नेताजी चौक, फूलारी बाग, झरिया में राष्ट्रीय गान “जन गण मन” के साथ हुआ।1
- बोकारो पुलिस ने बालीडीह थाना क्षेत्र के कुर्मीडीह से 6 जून को लापता हुए एक बच्चे को ओडिशा के पुरी से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस को यह बड़ी सफलता 5 दिन के भीतर मिली, जब बच्चे को उसकी माता की मौजूदगी में बरामद किया गया। बच्चे के लापता होने की लिखित शिकायत बालीडीह थाने में दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना के निर्देश पर उसकी तलाश के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच टीमों ने बोकारो रेलवे स्टेशन समेत कुल 8 रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की। इस जांच में बच्चे को बोकारो और मुरी रेलवे स्टेशनों पर परिसर में और ट्रेन में सवार होते हुए देखा गया। सीसीटीवी फुटेज की मदद से ही पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और उसे ओडिशा के पुरी से बरामद कर लिया। मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि नाबालिग बच्चों के लापता होने के मामलों में माननीय उच्च न्यायालय भी अत्यंत गंभीर है। इसी गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 दिनों के भीतर बच्चे को सकुशल ढूंढ निकाला। डीएसपी ने यह भी बताया कि बच्चे के पिता अमित गुप्ता एक आपराधिक मामले में जेल में बंद हैं और माता दिल्ली में कार्यरत हैं, जिसके कारण बच्चा पूरी तरह भटक गया था और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया था।2
- स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर निरसा मध्य पंचायत में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम लगातार 12 दिनों से विभिन्न क्षेत्रों में चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा था, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था। इस कार्यक्रम में जनता मजदूर संघ की संयुक्त महासचिव मिनी सिद्धार्थ गौतम मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। इनके अलावा, निरसा मध्य पंचायत की मुखिया रीता देवी और जनता मजदूर संघ के मुगमा एरिया असंगठित मोर्चा अध्यक्ष मनोज सिंह सहित सैकड़ों स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया, जहाँ सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधे लगाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिनी सिद्धार्थ गौतम ने चिंता व्यक्त की कि झरिया, धनबाद और निरसा जैसे क्षेत्रों में जितने वृक्ष काटे जा रहे हैं, उसकी तुलना में नए वृक्ष नहीं लगाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी उचित देखभाल करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने दो महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिए: प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान कर किसी का जीवन बचाने का प्रयास करना चाहिए, और वृक्षारोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखना चाहिए। वहीं, निरसा मध्य पंचायत की मुखिया रीता देवी ने वृक्षों के महत्व को बताते हुए कहा कि “एक वृक्ष पुत्र के समान होता है”, जो वर्तमान और भविष्य में स्वच्छ वातावरण, शुद्ध हवा और प्रदूषण से सुरक्षा प्रदान करता है, ठीक वैसे ही जैसे बच्चे भविष्य का सहारा बनते हैं। उन्होंने भी लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और एक हरित समाज के निर्माण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।6
- साहिबगंज जिले के निवासियों से कहा गया है कि यदि उन्हें कहीं भी गज (हाथी) दिखाई दे, तो वे उसे छूने का प्रयास न करें।1
- गिरिडीह के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत शीतलपुर पांडेडीह निवासी दो युवक खंडोली घूमने के दौरान हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब वे खंडोली घूमने गए थे। घायलों की पहचान बिट्टू कुमार, जो टेढ़ा दास के पुत्र हैं, और मुकेश कुमार, जो बचु दास के पुत्र हैं, के रूप में की गई है। इस हादसे के बाद एक घायल का इलाज शनिवार सुबह 10 बजे सदर अस्पताल में चल रहा था। वहीं, दूसरे गंभीर घायल को शुक्रवार रात में ही धनबाद रेफर कर दिया गया।1
- धनबाद के रणधीर वर्मा स्टेडियम (गोल्फ ग्राउंड) में चल रहे मेले में अवैध पार्किंग शुल्क वसूली का मामला सामने आने के बाद धनबाद नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। मेयर संजीव सिंह ने स्पष्ट किया है कि निगम क्षेत्र में पार्किंग शुल्क वसूलने का अधिकार केवल नगर निगम के पास है और बिना अनुमति की जा रही यह वसूली पूरी तरह अवैध है। नगर निगम की जांच टीम ने मौके पर पहुँचकर पड़ताल की, जहाँ पार्किंग शुल्क वसूल रहे लोगों ने निगम से कोई अनुमति न होने की बात स्वीकार की। मेयर संजीव सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भी ऐसे ही एक मामले में आयोजक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, और इस बार भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन ने अवैध वसूली और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के मामले को गंभीरता से लेते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की बात कही है। निगम ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- धनबाद के बाघमारा में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह भयावह घटना गुरुवार रात करीब 9 बजे बरोरा थाना क्षेत्र के मुराईडीह-हरिना मार्ग पर जमुआ टांड के पास हुई, जहाँ एक बेलगाम हाइवा ने एक कार को रौंद दिया। इस हादसे में नीचितपुर खोनाठी निवासी बिनोद कुमार महतो के पुत्र सौरभ की गंभीर चोटों के कारण अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वहीं, हरिना निवासी नवीन सिंह, जो ब्लॉक दो के सेफ्टी पदाधिकारी हैं, उनके पुत्र निशांत को गंभीर हालत में इलाज के लिए दुर्गापुर ले जाए जाने की खबर है। दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद आरोपी हाइवा चालक मौके से फरार हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुराईडीह-हरिना मार्ग पर स्थित हरिना चौक को 20 घंटे से जाम कर रखा है। ग्रामीण इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।1
- बोकारो समाहरणालय परिसर में जिला प्रशासन और ओएनजीसी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) मद के तहत 10 दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राईसाइकिलें वितरित की गईं। यह पहल बोकारो जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक कदम के रूप में की गई है। समाहरणालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त अजय नाथ झा ने लाभुकों को ट्राईसाइकिलें प्रदान कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही प्रशासन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि लोकसंवाद कार्यक्रम में दिव्यांगजनों द्वारा लगातार बैटरी चालित ट्राईसाइकिल की मांग की जा रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने CSR के माध्यम से यह पहल की है।1