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पीलीभीत में ट्रेन की चपेट में आने से महिला हुई घायल......
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पीलीभीत में ट्रेन की चपेट में आने से महिला हुई घायल......
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- Post by Sudheer Kumar1
- पीलीभीत में करोड़ों रुपये के सनसनीखेज सरकारी गबन मामले में पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य अभियुक्त इल्हामउर्रहमान शम्सी की पत्नी, सास, साली और सलहज सहित परिवार व जान पहचान की 7 महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन महिलाओं पर फर्जी बेनिफिशियरी आईडी के जरिए सरकारी धन को अपने खातों में ठिकाने लगाने का गंभीर आरोप है। क्या है पूरा मामला? अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) विक्रम दहिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह पूरा खेल जनता टेक्निकल इण्टर कालेज बीसलपुर के कर्मचारी इल्हामउर्रहमान शम्सी ने रचा था। शम्सी जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में अटैच था और वेतन बिल व टोकन जनरेशन का काम देखता था। उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बेनिफिशियरी आईडी तैयार कीं और ट्रेजरी के माध्यम से सरकारी धन को अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दिया। करोड़ों का ट्रांजेक्शन और पुलिस की कार्रवाई जांच में सामने आया है कि शम्सी ने योजनाबद्ध तरीके से अब तक कुल 5,50,54,594 रुपये (करीब 5.5 करोड़) का गबन किया है। पुलिस अब तक इस मामले से जुड़े 53 संदिग्ध खातों को फ्रीज करा चुकी है। आज गिरफ्तार हुईं महिलाएँ और उनके खातों में भेजी गई रकम: पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गबन की राशि इन महिलाओं के खातों में इस प्रकार भेजी गई थी: लुबना (पत्नी): 2,37,12,640 रुपये अजारा खान (पत्नी): 2,12,16,393 रुपये फातिमा नवी (साली): 1,03,11,672 रुपये नाहिद (सास): 95,28,449 रुपये आफिया (सलहज): 80,68,696 रुपये परवीन खातून (परिचित): 48,55,261 रुपये आशकारा परवीन (परिचित): 38,00,112 रुपये पुलिस टीम को मिली सफलता पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित विभिन्न टीमों ने आज दिनांक 01.05.2026 को दबिश देकर इन सभी 7 अभियुक्ताओं को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। मुख्य अभियुक्त की एक अन्य पत्नी अर्शी खातून को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। अपर पुलिस अधीक्षक का बयान: > "अभियुक्त ने कूटरचित तरीके से सरकारी धन का गबन कर उसे अपने परिजनों के खातों में भेजा था। साक्ष्यों के आधार पर इन महिलाओं की संलिप्तता पाई गई है, जिसके बाद यह गिरफ्तारी की गई है। मामले की विवेचना जारी है।" कोतवाली पुलिस ने सभी महिलाओं के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।1
- Post by समाचार Crime News1
- आखिर क्या होगा पांच राज्यों में हुए चुनावों का परिणाम सत्ता में कौन आएगा और कैसे जानने के लिए देखें1
- पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम सम्सी द्वारा करोड़ों रुपए के हेरफेर के चलते पुलिस ने इल्हाम की पत्नी समेत कुल 7 रिश्तेदार महिलाओं को गिरफ्तार किया है।1
- इस वीडियो में राजीव भाई ने स्वदेशी अपनाना और देश को मजबूत बनाने का संदेश दिया है। भक्ति के साथ-साथ समाज को जागरूक करने की बात भी कही गई है। ऐसे विचार हमें अपने जीवन में अपनाने चाहिए ताकि देश और समाज दोनों का भला हो सके।"1
- पीलीभीत, भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने गुरुवार को जिलाधिकारी पीलीभीत को 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष भजन लाल क्रोधी ने कहा कि जनपद में भ्रष्टाचार, अवैध खनन और जनसमस्याएं चरम पर हैं। ज्ञापन में पुराने ज्ञापनों पर कार्रवाई न होने, खाद-गैस की किल्लत, अंत्योदय राशन कार्ड चालू न होने और कालाबाजारी का मुद्दा उठाया गया। यूनियन ने आरोप लगाया कि मुड़लिया में एवरेस्ट स्टोन क्रेशर का लाइसेंस खत्म होने पर भी अवैध संचालन जारी है। पूरनपुर व देवा नदी में खुलेआम खनन हो रहा है। स्मार्ट मीटर से गलत बिल आने पर संगठन ने मीटर उखाड़कर जमा करने की चेतावनी दी। DPRO ऑफिस में आवास-शौचालय घोटाले की जांच और निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक लगाने की मांग भी की गई। BKU (भानु) ने कहा कि तत्काल कार्रवाई न हुई तो उग्र आंदोलन होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान बाबूराम वर्मा, ओमप्रकाश राजपूत, रामगोपाल प्रजापति, श्याम सिंह व धर्मेंद्र गंगवार समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- ⛽ चुनाव खत्म, महंगाई शुरू: जनता की जेब पर एक और 'सर्जिकल स्ट्राइक' 💸 5 राज्यों में वोटिंग क्या रुकी, महंगाई का तांडव शुरू हो गया! 30 अप्रैल तक जो कॉमर्शियल LPG सिलेंडर ₹2106 का था, आज 1 मई से उसकी कीमत ₹3099 हो गई है। असर की गणित समझिए: एक झटके में ₹993 की भारी बढ़ोतरी! छोटे दुकानदार (चाय, ढाबा, होटल) अगर महीने में 4 सिलेंडर जलाते हैं, तो उन पर ₹3972/महीना का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सालाना नुकसान लगभग ₹47,664। नतीजा क्या होगा? जब दुकानदार की लागत बढ़ेगी, तो आपकी चाय ₹10 से ₹15 और समोसा ₹20 से ₹30 का होगा ही। आखिर वह अपनी जेब से कब तक भरेगा? कड़वा सच: चुनाव तक 'अच्छे दिनों' के भाषण चलते हैं और चुनाव खत्म होते ही 'वसूली' का नया अर्थशास्त्र लागू हो जाता है। तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए जनता को महज एक ATM समझ लिया गया है। अगली बार जब विकास का गीत सुनाई दे, तो गैस की रसीद देख लीजिएगा—असली हाल वहीं लिखा है। 🧾🔥 #Inflation #LPGPriceHike #LPG #Economy #CommonMan #LPGPrice #SocialIssue #PostElection #BusinessNews1