स्वास्थ्य केंद्र में योग शिविर आयोजित, ग्रामीणों को निरोग रहने के बताए उपाय बंगाणा। उपमंडल बंगाणा के तहत ग्राम पंचायत नाहरी देवी सिंह में बुधवार और वीरवार को स्वास्थ्य केंद्र परिसर में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान योगा ट्रेनर उदय उपमन्यु और शुभलता ने ग्रामीणों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास करवाया। योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को बताया कि नियमित योग अभ्यास से शरीर स्वस्थ और मन शांत रहता है। उन्होंने कहा कि योग से कई प्रकार की बीमारियों से बचाव संभव है तथा जीवनशैली में सुधार लाकर निरोग जीवन जिया जा सकता है। शिविर में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और संतुलित दिनचर्या अपनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों ने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग भी की।
स्वास्थ्य केंद्र में योग शिविर आयोजित, ग्रामीणों को निरोग रहने के बताए उपाय बंगाणा। उपमंडल बंगाणा के तहत ग्राम पंचायत नाहरी देवी सिंह में बुधवार और वीरवार को स्वास्थ्य केंद्र परिसर में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान योगा ट्रेनर उदय उपमन्यु और शुभलता ने ग्रामीणों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास करवाया। योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को बताया कि नियमित योग अभ्यास से शरीर स्वस्थ और मन शांत रहता है। उन्होंने कहा कि योग से कई प्रकार की बीमारियों से बचाव संभव है तथा जीवनशैली में सुधार लाकर निरोग जीवन जिया जा सकता है। शिविर में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और संतुलित दिनचर्या अपनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों ने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर आयोजित करने की मांग भी की।
- बंगाणा,किसानों को रासायनिक कीटनाशकों के दुष्प्रभावों से बचाते हुए पर्यावरण अनुकूल खेती की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग हिमाचल प्रदेश की जैव नियंत्रण प्रयोगशाला, शिमला-9 द्वारा वीरवार को खंड विकास कार्यालय बंगाणा में जैव नियंत्रण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिषद सदस्या सत्या देवी ने की। अपने संबोधन में सत्या देवी ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक एवं जैविक खेती ही भविष्य की दिशा है। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे रासायनिक दवाइयों पर निर्भरता कम कर जैव नियंत्रण तकनीकों को अपनाएं, जिससे फसलों की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ-साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। प्रशिक्षण शिविर में विशेषज्ञों ने कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए उपयोग किए जाने वाले जैव एजेंट्स, उनके उत्पादन, संरक्षण और प्रयोग की वैज्ञानिक विधियों पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि जैव नियंत्रण पद्धति से कृषि लागत में कमी आती है और दीर्घकालिक रूप से मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने जैव उत्पादों की उपयोगिता को समझा और अपने अनुभव भी साझा किए। इस अवसर पर एसएमएस वीरेंद्र वर्मा, एसएमएस रिधिमा शर्मा ऊना के बागवानी अधिकारी वरिंदर भारद्वाज, अनुपम शर्मा, वंदना कुमारी, अरशद सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। किसानों में योगराज, कमल किशोर, अजय शर्मा, पुष्पा सहित अनेक प्रगतिशील बागवानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने जैव नियंत्रण प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। विभाग ने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही1
- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने ऊना में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अराजकता का माहौल तेजी से बढ़ रहा है और सरकार अपराधियों को संरक्षण देने में जुटी है। विशेष रूप से एआई समिट प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर देश की अंतरराष्ट्रीय छवि धूमिल करने के आरोप हैं, उन्हें बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने पुलिस तंत्र का दुरुपयोग किया है। उन्होंने इसे संघीय ढांचे और संवैधानिक मर्यादाओं के लिए खतरा बताया। डॉ. बिंदल ने कहा कि यदि सरकार राजनीतिक हितों के लिए कानून के रखवालों को ही आमने-सामने खड़ा कर दे, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर संकेत है।1
- સુરતના પાંડેસરા વિસ્તારમાં મોડી રાત્રે આગ લાગવાની ઘટના સામે આવી છે. માહિતી મુજબ મણિનગર પાસે આવેલા ગાયના તબેલામાં અચાનક ભીષણ આગ લાગી હતી, જેના કારણે વિસ્તારમાં ચિંતા ફેલાઈ હતી. આગની ઘટનામાં બે થી ત્રણ ભેસોને ગંભીર ઇજાઓ પહોંચી છે, જ્યારે અંદાજે 70 થી 80 હજાર રૂપિયાનું નુકસાન થયાનું પ્રાથમિક અંદાજ છે. તબેલા માલિકોએ આ ઘટનામાં અજાણ્યા ઇસમો પર શંકા વ્યક્ત કરી છે. તેમનું કહેવું છે કે છેલ્લા 20 વર્ષથી તેઓ ત્યાં ગાયનો તબેલો ચલાવી રહ્યા છે, પરંતુ આજ સુધી આવી કોઈ ઘટના બની નથી. તબેલા માલિકે સમગ્ર મામલે નિષ્પક્ષ તપાસ કરવાની અને જવાબદાર લોકો સામે કડક કાર્યવાહી કરવાની માંગ કરી છે. હાલ પોલીસ દ્વારા સમગ્ર મામલે તપાસ હાથ ધરવામાં આવી છે.1
- Post by Dinesh Kumar1
- हमीरपुर बड़सर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले कस्बे सलौनी के साथ लगते पंजारड़ी गांव मेंबुधवार शाम करीव 7: 30 बजे सड़क किनारे गाड़ी लगी थी। इस दौरान आचानक से ऑल्टो गाड़ी में आग भड़क उठी। इस दौरान वन खंड अधिकारी विनोद राणा (बिझडी़), वनरक्षक कपिल देव ,वन मित्र रजत जोकि रात्रि गश्त पर थे। वहाँ से गुजर रहे थे गाड़ी में भीषण लगी आग को देखकर रुक गए। वन विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से पानी व रेत की सहायता से आग पर काबू पाया। इसमें किसी की जान को कोई नुकसान नहीं हुआ है। बहरहाल वन विभाग के कर्मचारियों की इस कार्य के लिए लोगों द्वारा तारीफ की जा रही। गाड़ी में लगी आग वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर बायरल हो रहा है।1
- राजकीय महाविद्यालय बंद करना सरकार का निराशाजनक फैसला, 25 पंचायतों की बेटियों की शिक्षा पर असर — वीरेंद्र शर्मा खबर: चिंतपूर्णी क्षेत्र के घंगरेट के पूर्व प्रधान वीरेंद्र शर्मा ने राजकीय महाविद्यालय को बंद किए जाने के सरकार के निर्णय को निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय चिंतपूर्णी क्षेत्र का सबसे पुराना शिक्षण संस्थान है और वर्षों से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान करता आ रहा है। वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि इस कॉलेज की विशेषता यह रही है कि कई प्राध्यापकों ने बिना किसी स्वार्थ और बिना किसी मानदेय के भी यहां छात्रों को पढ़ाया, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने इसे शिक्षा के प्रति समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बताया। उन्होंने आगे कहा कि यह महाविद्यालय लगभग कांगड़ा ऊना जिले की 25 पंचायतों के विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। ग्रामीण परिवेश में रहने वाली छात्राओं के लिए यह कॉलेज उच्च शिक्षा का सुलभ और सुरक्षित माध्यम रहा है। कॉलेज बंद होने से न केवल विद्यार्थियों को दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ेगा, बल्कि कई परिवार आर्थिक और सामाजिक कारणों से अपनी बेटियों की पढ़ाई भी रोक सकते हैं। पूर्व प्रधान ने सरकार से मांग की है कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करे और क्षेत्र के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय को पुनः सुचारू रूप से चलाने का निर्णय ले। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों को बंद करना किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए उचित कदम नहीं हो सकता। वाईट वीरेन्द्र शर्मा पूर्व प्रधान घंगरेट पंचायत.1
- सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि देवभूमि हिमाचल में अपराधियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और स्वयं मुख्यमंत्री कानून की मर्यादाओं को तार-तार कर रहे हैं। राजेंद्र राणा ने नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई समिट के दौरान कथित उपद्रव की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन आरोपियों ने देश की साख पर आघात पहुंचाया, उन्हें हिमाचल में पनाह मिलना और उनकी गिरफ्तारी के लिए आई दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में अड़ंगा लगाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह प्रकरण प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में उपद्रव के आरोपियों को बचाने के लिए जिस प्रकार प्रदेश सरकार सक्रिय नजर आई, उससे स्पष्ट है कि सत्ता खुद को कानून से ऊपर समझने लगी है। राणा ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस को रोकना, उनसे बहस करना और उल्टा उन्हीं पर एफआईआर दर्ज करना दर्शाता है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके बचाव में खड़ी है। उन्होंने कहा कि अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलना इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई विधिसम्मत थी, जबकि प्रदेश सरकार का रवैया राजनीतिक दबाव से प्रेरित प्रतीत होता है। राजेंद्र राणा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि देवभूमि की छवि को सबसे अधिक नुकसान यदि किसी ने पहुंचाया है तो वह स्वयं मुख्यमंत्री का रवैया है। राणा ने कहा कि हिमाचल की जनता कानून का सम्मान करने वाली है और यहां अपराधियों को संरक्षण देने की राजनीति को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के हाथ में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी हो, वही यदि कानून तोड़ने वालों का संरक्षक बन जाए तो यह सुशासन नहीं, बल्कि सत्ता का दुरुपयोग है। पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली को बचकानी, अपरिपक्व और अहंकार से भरी बताते हुए कहा कि प्रदेश की साख दांव पर लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर तय करेगी कि सरकार ने कानून का साथ दिया या कानून तोड़ने वालों का।1
- Post by KESHAV PANDIT®4