हरदोई के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में रविवार रात एक किसान पलविंदर सिंह को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। प्रथम दृष्टया इस घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि ग्रामीणों और किसान के परिजनों के अलग-अलग दावे मामले को और उलझा रहे हैं। पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटी है। धरौली झाला निवासी पलविंदर सिंह रविवार रात करीब 8 बजे अटवा गांव जा रहे थे, तभी कथित तौर पर अज्ञात हमलावर ने उन्हें गोली मार दी। गोली चलने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने घायल पलविंदर सिंह को तत्काल सीएचसी कोथावां पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया और बाद में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, क्षेत्राधिकारी हरियांवा और अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे जमीन विवाद से जुड़ी घटना मानकर चल रही है। हालांकि, घटना के बाद धरौली गांव के सैकड़ों ग्रामीण बेनीगंज कोतवाली पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाया कि गांव निवासी रामशंकर विश्वकर्मा को इस मामले में बेवजह फंसाया जा रहा है। ग्रामीणों ने दावा किया कि घटना के समय रामशंकर एक दुकान पर कई लोगों के साथ मौजूद थे और उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए निर्दोष व्यक्ति को फर्जी तरीके से न फंसाने का आग्रह किया। रामशंकर की पत्नी सुशीला देवी ने भी अपने पति को निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि पलविंदर सिंह पहले भी गोली चलने जैसी झूठी शिकायतों का आरोप लगा चुके हैं, और अब उनके पति को झूठे मुकदमे में फंसाकर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। कुछ स्थानीय लोगों और कथित चश्मदीदों ने तो गोली चलने की आवाज तक न सुनने की बात कही है, और इसे 'बनाई गई कहानी' बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पलविंदर सिंह घर से यह कहकर निकले थे कि वह अटवा गांव की चक्की पर आटा लेने जा रहे हैं। लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि उन्होंने हाल के दिनों में चक्की पर गेहूं नहीं पिसाया था, और चक्की के रजिस्टर में उनका नाम कई महीने पुराना दर्ज मिला। इन तथ्यों से घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए पुलिस सतर्क है।
हरदोई के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में रविवार रात एक किसान पलविंदर सिंह को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। प्रथम दृष्टया इस घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि ग्रामीणों और किसान के परिजनों के अलग-अलग दावे मामले को और उलझा रहे हैं। पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटी है। धरौली झाला निवासी पलविंदर सिंह रविवार रात करीब 8 बजे अटवा गांव जा रहे थे, तभी कथित तौर पर अज्ञात हमलावर ने उन्हें गोली मार दी। गोली चलने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने घायल पलविंदर सिंह को तत्काल सीएचसी कोथावां पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया और बाद में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, क्षेत्राधिकारी हरियांवा और अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे जमीन विवाद से जुड़ी घटना मानकर चल रही है। हालांकि, घटना के बाद धरौली गांव के सैकड़ों ग्रामीण बेनीगंज कोतवाली पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाया कि गांव निवासी रामशंकर विश्वकर्मा को इस मामले में बेवजह फंसाया जा रहा है। ग्रामीणों ने दावा किया कि घटना के समय रामशंकर एक दुकान पर कई लोगों के साथ मौजूद थे और उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए निर्दोष व्यक्ति को फर्जी तरीके से न फंसाने का आग्रह किया। रामशंकर की पत्नी सुशीला देवी ने भी अपने पति को निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि पलविंदर सिंह पहले भी गोली चलने जैसी झूठी शिकायतों का आरोप लगा चुके हैं, और अब उनके पति को झूठे मुकदमे में फंसाकर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। कुछ स्थानीय लोगों और कथित चश्मदीदों ने तो गोली चलने की आवाज तक न सुनने की बात कही है, और इसे 'बनाई गई कहानी' बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पलविंदर सिंह घर से यह कहकर निकले थे कि वह अटवा गांव की चक्की पर आटा लेने जा रहे हैं। लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि उन्होंने हाल के दिनों में चक्की पर गेहूं नहीं पिसाया था, और चक्की के रजिस्टर में उनका नाम कई महीने पुराना दर्ज मिला। इन तथ्यों से घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए पुलिस सतर्क है।
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक निर्माणाधीन ओवरब्रिज का हिस्सा अचानक गिर गया है। इस हादसे में तीन मजदूर घायल हो गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में लखनऊ-पलिया हाइवे पर एक निर्माणाधीन ओवरब्रिज से गाटर गिर गया, जिससे कई लोग दब गए। यह घटना थाना बेहटा गोकुल क्षेत्रांतर्गत NH-731 लखनऊ-शाहजहाँपुर मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान हुई। हादसे की सूचना मिलने पर, हरदोई के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने घायलों को उपचार के लिए चिकित्सालय भिजवाने की व्यवस्था की और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- हरदोई जनपद के कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र में उस समय भारी दहशत फैल गई, जब अज्ञात बदमाशों ने एक झाले (डेरे) पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में 55 वर्षीय बलविंदर सिंह पुत्र लखबीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली लगने से वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी और डर का माहौल व्याप्त हो गया। यह घटना बेनीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरपाल सिंह के झाले पर हुई, जहां बदमाशों ने बिना किसी चेतावनी के सीधे गोलीबारी शुरू कर दी। घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने घायल बलविंदर सिंह को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल के पुत्र हरपाल सिंह ने फोन पर बताया कि अज्ञात हमलावरों ने अचानक आकर उनके पिता पर गोली चलाई, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। गोलीकांड की सूचना मिलते ही बेनीगंज कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस इस मामले में पुरानी रंजिश और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सघन जांच कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित कैरमैर गाँव में एक घटना हुई है, जिस पर तत्काल ध्यान देने और जल्द से जल्द सुनवाई करने की मांग की जा रही है। इस मामले में अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।1
- आज सोमवार को हरदोई जनपद के सुन्नी ग्राम स्थित मां महिषासुर मर्दिनी धाम में भगवान भोलेनाथ के दिव्य श्रृंगार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान, शिवभक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ जलाभिषेक किया और पूजन-अर्चन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। सुन्नी धाम में भक्तों की गहरी आस्था देखने को मिली।2
- हरदोई के शाहाबाद में ड्यूटी पर जा रहे एक होमगार्ड जवान अरविंद कुमार (28) की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक पुनीत (30) गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। इस दुखद घटना के बाद मृतक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं ड्यूटी पर जान गंवाने वाले जवान के प्रति प्रशासनिक उदासीनता को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह हादसा शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र की आंझी चौकी के अंतर्गत टुमुर्की मोड़ के पास आलमनगर रोड पर हुआ, जब अरविंद की बाइक सामने से आ रही एक अन्य बाइक से टकरा गई। मझिला थाना क्षेत्र के टेडवां फत्तेपुर निवासी अरविंद, जो टोडरपुर होमगार्ड कंपनी में तैनात थे, शनिवार शाम को ड्यूटी के लिए मझिला थाना जा रहे थे। भीषण टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। सूचना पर पहुंची एम्बुलेंस दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाई, जहां चिकित्सकों ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पचदेवरा थाना के फेरमा किलकिली निवासी पुनीत की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर भेजा गया; वह दिल्ली से घर आया था और अपनी बहन के घर रेभा मुरादपुर जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, अरविंद के पिता जुगराज भी होमगार्ड थे और उनके निधन के बाद अरविंद को मृतक आश्रित के रूप में यह नौकरी मिली थी। परिवार की सारी जिम्मेदारियां संभाल रहे अरविंद की असमय मौत से घर का सहारा छिन गया है। वह अपने पीछे पत्नी, पांच वर्षीय पुत्री शिवांकी और दो वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। अस्पताल में परिजनों का विलाप देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय पुलिस कर्मी और आंझी चौकी प्रभारी सक्रिय दिखे, लेकिन ड्यूटी पर जान गंवाने वाले होमगार्ड जवान के लिए कोई भी वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल या अस्पताल नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी के साथ ऐसी घटना होती तो जिले के बड़े अधिकारी संवेदना व्यक्त करने पहुंचते, लेकिन एक होमगार्ड जवान की मौत के बाद न तो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और न ही होमगार्ड विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी दिखाई दिया। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या होमगार्ड जवान केवल ड्यूटी लेने तक ही सिस्टम के अपने हैं और क्या उनकी शहादत व उनके परिवार का दर्द किसी बड़े अधिकारी की संवेदना का भी हकदार नहीं?4
- हरदोई के सैदपुर स्थित शारदा नहर पर शाहजहांपुर-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-731) पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। पुल निर्माण के दौरान एक भारी बीम असंतुलित होकर नीचे गिर गई, जिससे वहां कार्य कर रहे दो मजदूर राहुल पुत्र छोटेलाल और राजेश्वर पुत्र गेंदालाल गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह करीब 10:20 बजे पुल पर बीम स्थापित करने का काम चल रहा था और अचानक बीम का संतुलन बिगड़ गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य मजदूरों ने तत्काल दोनों घायल मजदूरों को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने घायलों के उपचार की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। दुर्घटना के बाद गिरी हुई बीम को हटाने का कार्य भी तुरंत शुरू करा दिया गया। प्रशासन ने निर्माण एजेंसी से इस हादसे की विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद निर्माण कार्य में बरती जा रही सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए बड़े निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।4