जिले में गैस की कोई कमी नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें: उपायुक्त सचिन गुप्ता रोहतक, 11 मार्च। उपायुक्त सचिन गुप्ता के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है। जिले में सभी गैस एजेंसियों के पास एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस की आपूर्ति की जा रही है। उपायुक्त के निर्देशानुसार आज जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक कार्यलय में जिले में कार्यरत गैस एजेंसियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैस एजेंसियों के संचालकों को निर्देश दिए गए कि गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जाए तथा उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही गैस वितरण से संबंधित कार्यों की जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी भी की जा रही है। जिला प्रशासन ने आमजन को यह भी जानकारी दी है कि गैस कंपनियों के नियमों के अनुसार कोई भी उपभोक्ता अपने गैस कनेक्शन पर 25 दिनों के बाद दूसरा गैस सिलेंडर बुक करवा सकता है। इसलिए नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और धैर्य बनाए रखें। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपनी गैस की कॉपी या कनेक्शन किसी अन्य व्यक्ति को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए न दें और गैस से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए कार्यालय जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक, रोहतक के दूरभाष नंबर 01262-269895 पर संपर्क कर सकते हैं। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन को आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिले में गैस की कोई कमी नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें: उपायुक्त सचिन गुप्ता रोहतक, 11 मार्च। उपायुक्त सचिन गुप्ता के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है। जिले में सभी गैस एजेंसियों के पास एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस की आपूर्ति की जा रही है। उपायुक्त के निर्देशानुसार आज जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक कार्यलय में जिले में कार्यरत गैस एजेंसियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैस एजेंसियों के संचालकों को निर्देश दिए गए कि गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जाए तथा उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही गैस वितरण से संबंधित कार्यों की जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी भी की जा रही है। जिला प्रशासन ने आमजन को यह भी जानकारी दी है कि गैस कंपनियों के नियमों के अनुसार कोई भी उपभोक्ता अपने गैस कनेक्शन पर 25 दिनों के बाद दूसरा गैस सिलेंडर बुक करवा सकता है। इसलिए नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और धैर्य बनाए रखें। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपनी गैस की कॉपी या कनेक्शन किसी अन्य व्यक्ति को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए न दें और गैस से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए कार्यालय जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक, रोहतक के दूरभाष नंबर 01262-269895 पर संपर्क कर सकते हैं। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन को आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- शारदा आयुर्वेद का विश्व में परचम: डॉ. मुकेश शारदा बने Guinness World Records पाने वाले पहले भारतीय आयुर्वेदिक डॉक्टर . #shardaayurveda1
- बाबा खाटू श्याम सेवा मंडल कलानौर द्वारा श्री बाबा खाटू श्याम जी धाम कलानौर में सभी संत महापुरुषों एवं भक्तों के सहयोग से बड़े हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष श्री श्याम संकीर्तन व बालाजी महाराज के जागरण का आयोजन करवाया गया । जिसमें दूर दराज से पहुंचे कलाकारों द्वारा प्रभु कीर्तन गुणगान किया गया । कार्यक्रम में विभिन्न गुरु गद्दीयों से संत महापुरुष भी उपस्थित रहे । जिन्होंने श्री श्याम व हनुमान जी के श्री चरणों में मत्था टेक बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया । इस अवसर पर भंडारे का आयोजन भी किया गया । जिसमें साध संगत ने प्रभु कीर्तन रसपान करते हुए प्रसाद भी ग्रहण किया । इस अवसर पर महंत बाबा हरपाल दास जी महाराज,महंत ईश्वर शाह जी महाराज सहित संत महात्मा एवं श्रद्धालु गण उपस्थित रहे1
- दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई तरुण की हत्या का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर तरुण को श्रद्धांजलि दी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. मंगोलपुरी के भगवा चौक से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च इलाके के कई चौक-चौराहों से होता हुआ मंगोलपुरी थाने तक पहुंचा. इस दौरान हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और समाज के कई प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे. हाथों में मोमबत्तियां लेकर लोगों ने तरुण को श्रद्धांजलि दी और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग उठाई. कैंडल मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि होली जैसे त्योहार के दिन हुई इस हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके. फिलहाल इस मामले को लेकर लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है. कैंडल मार्च के जरिए लोगों ने साफ संदेश दिया है कि जब तक तरुण के हत्यारों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक उनकी आवाज उठती रहेगी.1
- सजन से सड़क तक सत्ता से सवाल पूछती आवाज1
- Post by SATYA GRAHA Bharat T.V Channel1
- नेल कटर एक ऐसी चीज़ है जिसे हम लगभग हर हफ्ते इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके डिजाइन में छिपे छोटे-छोटे फीचर्स पर हमारा ध्यान कम ही जाता है। आपने जिस छोटे छेद (hole) की बात की है, उसके पीछे कोई रॉकेट साइंस नहीं बल्कि बहुत ही व्यावहारिक और स्मार्ट कारण हैं: 1. की-चेन (Key-chain) अटैचमेंट के लिए इसका सबसे आम और प्राथमिक कारण इसे पोर्टेबल बनाना है। उस छेद के जरिए आप नेल कटर को अपनी चाबियों के गुच्छे (key-ring) में डाल सकते हैं। चूंकि नेल कटर छोटा होता है और अक्सर दराजों में खो जाता है, इसलिए की-चेन में लगाकर रखने से यह आसानी से मिल जाता है और यात्रा के दौरान ले जाने में भी सुविधा होती है। 2. मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली जब नेल कटर कारखाने में बनते हैं, तो मशीनों में इन्हें एक साथ पकड़ने या लटकाने के लिए इस छेद का इस्तेमाल किया जाता है। पॉलिशिंग या कोटिंग की प्रक्रिया के दौरान, इन छेदों के सहारे इन्हें हुक पर टांग कर केमिकल या पेंट में डुबोया जाता है, जिससे हर तरफ समान फिनिशिंग आती है। 3. दीवार पर टांगने के लिए पुराने समय में या कई घरों में आज भी, लोग इसे कील या हुक पर टांगने के लिए उस छेद का उपयोग करते हैं ताकि यह बच्चों की पहुँच से दूर रहे और सही जगह पर सुरक्षित रहे। क्या आप जानते हैं? (एक और छिपा हुआ फीचर) नेल कटर के लीवर के पीछे जो छोटा सा गोल गड्ढा होता है, वह सिर्फ डिजाइन नहीं है। वह ग्रिप बनाने के लिए होता है ताकि काटते समय आपका अंगूठा फिसले नहीं। साथ ही, कुछ नेल कटर में एक छोटा 'नेल फाइलर' भी होता है जिसे उसी छेद के पास लगे रिवेट (Rivet) के जरिए घुमाया जाता है। क्या आप नेल कटर के साथ आने वाले उस छोटे चाकू जैसे 'नेल क्लीनर' के अन्य इस्तेमाल के बारे में जानना चाहेंगे?1
- मंगोलपुरी के स्कूल में छात्रों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, पुलिस ने बढ़ाया सुरक्षा जागरूकता का संदेश1
- सेहरी कर लौट रहे बाइक में खड़े दो युवकों को स्कॉर्पियो ने मारी थी टक्कर, इलाज के दौरान एक की मौत, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, पुलिस ने आरोपी ड्राइवर स्कॉर्पियो किया जब्त, छत्रीपुरा थाना क्षेत्र की घटना1