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इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम: बारिश में निखर उठी रायसेन दुर्ग की हरियाली, 800 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को खुद में समेटे है यह पहाड़ी रायसेन। रिमझिम बारिश की फुहारों और सुहावने मौसम के बीच रायसेन का सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक दुर्ग इन दिनों अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक भव्यता का केंद्र बना हुआ है। विंध्याचल पर्वत श्रृंखला की विशाल बलुआ पत्थर (Sandstone) की पहाड़ी पर स्थित यह किला मानसून की दस्तक के साथ ही घनी हरियाली की चादर ओढ़ चुका है। शहर के शोर-शराबे से दूर पहाड़ी पर फैली यह प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर का संगम यहाँ आने वाले लोगों को एक अनोखा सुकून दे रहा है। 800 साल पुराना वास्तुकला और संघर्ष का इतिहास 12वीं शताब्दी (लगभग 1200 ईस्वी) में निर्मित यह विशाल दुर्ग स्थापत्य कला और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इतिहास के पन्नों में यह किला तोमर राजाओं, शेरानी शासकों और मालवा के सुल्तानों के आधिपत्य का गवाह रहा है। इस किले की सबसे प्रमुख ऐतिहासिक घटना सन 1543 की है, जब शेरशाह सूरी ने रायसेन किले पर चढ़ाई की थी। उस समय राजपूत राजा पूरनमल और शेरशाह सूरी के बीच भीषण युद्ध हुआ था। शेरशाह सूरी के धोखे से किए गए आक्रमण के दौरान रानी रत्नावली और सैकड़ों वीरांगनाओं ने अपने स्वाभिमान और धर्म की रक्षा के लिए ऐतिहासिक 'जौहर' किया था। जल संरक्षण की अद्भुत प्राचीन तकनीक रायसेन किला अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला के साथ-साथ जल संचयन तकनीक के लिए भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। दुर्ग परिसर में वर्षा जल को सहेजने के लिए 84 प्राचीन तालाब और विशाल जलकुंड बनाए गए थे। जल प्रबंधन की यह उन्नत प्रणाली आज के आधुनिक दौर के लिए भी एक बड़ी मिसाल है। मानसून के दौरान बारिश के पानी से लबालब भरे ये प्राचीन कुंड किले की ऐतिहासिकता के साथ-साथ यहाँ की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। धार्मिक सौहार्द और सांस्कृतिक धरोहर पहाड़ी की ऊंचाई पर स्थित यह दुर्ग धार्मिक एवं सांस्कृतिक समरसता का भी प्रतीक है। किले के ऊपरी हिस्से में स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर वर्ष में एक बार महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इसके अलावा परिसर में स्थित प्राचीन मस्जिद, रानी महल, मदार साहब की दरगाह और बादल महल इतिहास की कई कहानियों को बयां करते हैं। बादलों की आगोश में प्राचीर और पर्यटकों का जमावड़ा समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण बारिश के मौसम में काले बादल और कोहरा किले की विशाल बुर्जों और दीवारों को छूकर गुजरते हैं। पहाड़ी की चोटी से नीचे फैले दूर-दूर तक के मैदानी इलाकों और हरे-भरे जंगलों का दृश्य देखते ही बनता है। इस सुहावने मौसम और ऐतिहासिक वैभव को करीब से महसूस करने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक, इतिहास प्रेमी और स्थानीय नागरिक दुर्ग पहाड़ी पहुँच रहे हैं।

12 hrs ago
user_Rahul Rajoriya
Rahul Rajoriya
रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago

इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम: बारिश में निखर उठी रायसेन दुर्ग की हरियाली, 800 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को खुद में समेटे है यह पहाड़ी रायसेन। रिमझिम बारिश की फुहारों और सुहावने मौसम के बीच रायसेन का सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक दुर्ग इन दिनों अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक भव्यता का केंद्र बना हुआ है। विंध्याचल पर्वत श्रृंखला की विशाल बलुआ पत्थर (Sandstone) की पहाड़ी पर स्थित यह किला मानसून की दस्तक के साथ ही घनी हरियाली की चादर ओढ़ चुका है। शहर के शोर-शराबे से दूर पहाड़ी पर फैली यह प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर का संगम यहाँ आने वाले लोगों को एक अनोखा सुकून दे रहा है। 800 साल पुराना वास्तुकला और संघर्ष का इतिहास 12वीं शताब्दी (लगभग 1200 ईस्वी) में निर्मित यह विशाल दुर्ग स्थापत्य कला और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इतिहास के पन्नों में यह किला तोमर राजाओं, शेरानी शासकों और मालवा के सुल्तानों के आधिपत्य का

गवाह रहा है। इस किले की सबसे प्रमुख ऐतिहासिक घटना सन 1543 की है, जब शेरशाह सूरी ने रायसेन किले पर चढ़ाई की थी। उस समय राजपूत राजा पूरनमल और शेरशाह सूरी के बीच भीषण युद्ध हुआ था। शेरशाह सूरी के धोखे से किए गए आक्रमण के दौरान रानी रत्नावली और सैकड़ों वीरांगनाओं ने अपने स्वाभिमान और धर्म की रक्षा के लिए ऐतिहासिक 'जौहर' किया था। जल संरक्षण की अद्भुत प्राचीन तकनीक रायसेन किला अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला के साथ-साथ जल संचयन तकनीक के लिए भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। दुर्ग परिसर में वर्षा जल को सहेजने के लिए 84 प्राचीन तालाब और विशाल जलकुंड बनाए गए थे। जल प्रबंधन की यह उन्नत प्रणाली आज के आधुनिक दौर के लिए भी एक बड़ी मिसाल है। मानसून के दौरान बारिश के पानी से लबालब भरे ये प्राचीन कुंड किले की ऐतिहासिकता के साथ-साथ यहाँ की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। धार्मिक

सौहार्द और सांस्कृतिक धरोहर पहाड़ी की ऊंचाई पर स्थित यह दुर्ग धार्मिक एवं सांस्कृतिक समरसता का भी प्रतीक है। किले के ऊपरी हिस्से में स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर वर्ष में एक बार महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इसके अलावा परिसर में स्थित प्राचीन मस्जिद, रानी महल, मदार साहब की दरगाह और बादल महल इतिहास की कई कहानियों को बयां करते हैं। बादलों की आगोश में प्राचीर और पर्यटकों का जमावड़ा समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण बारिश के मौसम में काले बादल और कोहरा किले की विशाल बुर्जों और दीवारों को छूकर गुजरते हैं। पहाड़ी की चोटी से नीचे फैले दूर-दूर तक के मैदानी इलाकों और हरे-भरे जंगलों का दृश्य देखते ही बनता है। इस सुहावने मौसम और ऐतिहासिक वैभव को करीब से महसूस करने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक, इतिहास प्रेमी और स्थानीय नागरिक दुर्ग पहाड़ी पहुँच रहे हैं।

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  • नई स्कॉर्पियो खरीदकर घर पहुंचे, डेढ़ घंटे में ही चोरी; CCTV में कैद हुई वारदात नई स्कॉर्पियो खरीदकर घर पहुंचे, डेढ़ घंटे में ही चोरी; CCTV में कैद हुई वारदात
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    नई स्कॉर्पियो खरीदकर घर पहुंचे, डेढ़ घंटे में ही चोरी; CCTV में कैद हुई वारदात
नई स्कॉर्पियो खरीदकर घर पहुंचे, डेढ़ घंटे में ही चोरी; CCTV में कैद हुई वारदात
    user_ABBTAK NEWS Dewangnj
    ABBTAK NEWS Dewangnj
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    8 min ago
  • बेखौफ चोर देवास से स्कॉर्पियो खरीदकर पहुंचे थे भाई, घर के सामने से एक घंटे के भीतर वाहन पार CCTV में कैद हुए रायसेन। जिले की गैरतगंज तहसील अंतर्गत गढ़ी कस्बे में बेखौफ बदमाशों का दुस्साहस सामने आया है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात चोरों ने एक मकान के बाहर खड़ी नई स्कॉर्पियो गाड़ी पर हाथ साफ कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित परिवार महज एक घंटे पहले ही इस वाहन को देवास से खरीदकर लाया था। घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। रात 12:30 बजे घर पहुंचे, 1:30 बजे चोरी प्राप्त जानकारी के अनुसार, गढ़ी निवासी मोहन माहेश्वरी के पुत्र शुभम माहेश्वरी और सुजल माहेश्वरी देवास से एक नई स्कॉर्पियो (वाहन क्रमांक: MP07 ZN 8626) खरीदकर लाए थे। दोनों भाई रात करीब 12:30 बजे अपने घर पहुंचे और गाड़ी को मकान के ठीक सामने पार्क कर सोने चले गए। सुबह जब परिजन जागे, तो दरवाजे के सामने से वाहन गायब था। आसपास काफी खोजबीन करने के बाद भी जब गाड़ी का कोई सुराग नहीं मिला, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। देवास से ही पीछा करने की आशंका घटना के तरीके और समयावधि को देखते हुए पुलिस और स्थानीय लोगों को आशंका है कि अंतरराज्यीय या शातिर वाहन चोर गिरोह देवास से ही गाड़ी का पीछा कर रहा था। परिजनों के घर पहुंचते ही और माहौल शांत होते ही चोरों ने महज एक घंटे के भीतर वारदात को अंजाम दे दिया। CCTV फुटेज में दिखे संदिग्‍ध, मुंह पर बांधा था कपड़ा सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास व मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। एक फुटेज में चोरी हुई स्कॉर्पियो सलामतपुर रोड की ओर तेज रफ्तार में जाती दिखाई दे रही है। फुटेज में गाड़ी चला रहे संदिग्धों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरों पर काला कपड़ा बांध रखा था। पुलिस ने दर्ज की FIR, पुलिस की अपील गढ़ी पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस की अलग-अलग टीमें सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर संदिग्धों की तलाश में जुट गई हैं। पुलिस प्रशासन और पीड़ित परिवार ने आम जनता से सहयोग की अपील की है। गढ़ी, गैरतगंज, सलामतपुर व आसपास के क्षेत्र के निवासियों से कहा गया है कि यदि इस वाहन (MP07 ZN 8626) या संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या वाहन मालिक को सूचित करें।
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    बेखौफ चोर देवास से स्कॉर्पियो खरीदकर पहुंचे थे भाई, घर के सामने से एक घंटे के भीतर वाहन पार CCTV में कैद हुए 
रायसेन। जिले की गैरतगंज तहसील अंतर्गत गढ़ी कस्बे में बेखौफ बदमाशों का दुस्साहस सामने आया है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात चोरों ने एक मकान के बाहर खड़ी नई स्कॉर्पियो गाड़ी पर हाथ साफ कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित परिवार महज एक घंटे पहले ही इस वाहन को देवास से खरीदकर लाया था। घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
रात 12:30 बजे घर पहुंचे, 1:30 बजे चोरी प्राप्त जानकारी के अनुसार, गढ़ी निवासी मोहन माहेश्वरी के पुत्र शुभम माहेश्वरी और सुजल माहेश्वरी देवास से एक नई स्कॉर्पियो (वाहन क्रमांक: MP07 ZN 8626) खरीदकर लाए थे। दोनों भाई रात करीब 12:30 बजे अपने घर पहुंचे और गाड़ी को मकान के ठीक सामने पार्क कर सोने चले गए। सुबह जब परिजन जागे, तो दरवाजे के सामने से वाहन गायब था। आसपास काफी खोजबीन करने के बाद भी जब गाड़ी का कोई सुराग नहीं मिला, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
देवास से ही पीछा करने की आशंका घटना के तरीके और समयावधि को देखते हुए पुलिस और स्थानीय लोगों को आशंका है कि अंतरराज्यीय या शातिर वाहन चोर गिरोह देवास से ही गाड़ी का पीछा कर रहा था। परिजनों के घर पहुंचते ही और माहौल शांत होते ही चोरों ने महज एक घंटे के भीतर वारदात को अंजाम दे दिया।
CCTV फुटेज में दिखे संदिग्‍ध, मुंह पर बांधा था कपड़ा सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास व मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। एक फुटेज में चोरी हुई स्कॉर्पियो सलामतपुर रोड की ओर तेज रफ्तार में जाती दिखाई दे रही है। फुटेज में गाड़ी चला रहे संदिग्धों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरों पर काला कपड़ा बांध रखा था।
पुलिस ने दर्ज की FIR, पुलिस की अपील गढ़ी पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस की अलग-अलग टीमें सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर संदिग्धों की तलाश में जुट गई हैं।
पुलिस प्रशासन और पीड़ित परिवार ने आम जनता से सहयोग की अपील की है। गढ़ी, गैरतगंज, सलामतपुर व आसपास के क्षेत्र के निवासियों से कहा गया है कि यदि इस वाहन (MP07 ZN 8626) या संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या वाहन मालिक को सूचित करें।
    user_Rahul Rajoriya
    Rahul Rajoriya
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उज्जैन की तर्ज पर रायसेन में पहल बाबा सोमेश्वर को बांधी राखी रायसेन। अमित शर्मा एंकर-रायसेन के ऐतिहासिक किले पर स्थित सोमेश्वर धाम में रक्षाबंधन का पर्व इस बार बेहद खास और अनोखे अंदाज में मनाया गया। 'हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर' अभियान के तहत श्रद्धालुओं ने बाबा सोमेश्वर महादेव को विशेष राखी की माला अर्पित की और भव्य महाआरती का आयोजन किया। उज्जैन के बाबा महाकाल की तर्ज पर शुरू की गई इस नई परंपरा में बड़ी संख्या में स्थानीय शिवभक्त शामिल हुए। Vo1-रायसेन दुर्ग स्थित प्राचीन सोमेश्वर महादेव मंदिर में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। 'हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर' अभियान के अंतर्गत आयोजक अंकित गुप्ता और शशिकांत जायसवाल की अगुवाई में दर्जनों श्रद्धालुओं ने दुर्ग पहुंचकर बाबा सोमेश्वर को रक्षासूत्र अर्पित किया। इसके बाद पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा जिस तरह उज्जैन में महाकाल बाबा को राखी बांधने की परंपरा है, उसी तरह हम अपने रायसेन के आराध्य सोमेश्वर महादेव के लिए यह परंपरा शुरू कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य युवा पीढ़ी को इस ऐतिहासिक मंदिर के महत्व से जोड़ना है। Vo2-गौरतलब है कि रायसेन किले पर स्थित यह पौराणिक शिव मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन है और इसके पट वर्ष में केवल एक बार महाशिवरात्रि के दिन ही श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। रक्षाबंधन पर हुए इस आयोजन के जरिए स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने एक बार फिर सोमेश्वर धाम को ताले से मुक्त कर नियमित दर्शनों के लिए खोलने की मांग को लोकतांत्रिक तरीके से बुलंद किया है। महाआरती के दौरान गोलू चौबे, निलेश अहिरवार, सानू कुशवाहा, राज कुशवाहा और शरद मालवीय सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रह
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    उज्जैन की तर्ज पर रायसेन में पहल बाबा सोमेश्वर को बांधी राखी 
रायसेन। 
अमित शर्मा 
एंकर-रायसेन के ऐतिहासिक किले पर स्थित सोमेश्वर धाम में रक्षाबंधन का पर्व इस बार बेहद खास और अनोखे अंदाज में मनाया गया। 'हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर' अभियान के तहत श्रद्धालुओं ने बाबा सोमेश्वर महादेव को विशेष राखी की माला अर्पित की और भव्य महाआरती का आयोजन किया। उज्जैन के बाबा महाकाल की तर्ज पर शुरू की गई इस नई परंपरा में बड़ी संख्या में स्थानीय शिवभक्त शामिल हुए।
Vo1-रायसेन दुर्ग स्थित प्राचीन सोमेश्वर महादेव मंदिर में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। 'हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर' अभियान के अंतर्गत आयोजक अंकित गुप्ता और शशिकांत जायसवाल की अगुवाई में दर्जनों श्रद्धालुओं ने दुर्ग पहुंचकर बाबा सोमेश्वर को रक्षासूत्र अर्पित किया। इसके बाद पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा जिस तरह उज्जैन में महाकाल बाबा को राखी बांधने की परंपरा है, उसी तरह हम अपने रायसेन के आराध्य सोमेश्वर महादेव के लिए यह परंपरा शुरू कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य युवा पीढ़ी को इस ऐतिहासिक मंदिर के महत्व से जोड़ना है।
Vo2-गौरतलब है कि रायसेन किले पर स्थित यह पौराणिक शिव मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन है और इसके पट वर्ष में केवल एक बार महाशिवरात्रि के दिन ही श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। रक्षाबंधन पर हुए इस आयोजन के जरिए स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने एक बार फिर सोमेश्वर धाम को ताले से मुक्त कर नियमित दर्शनों के लिए खोलने की मांग को लोकतांत्रिक तरीके से बुलंद किया है। महाआरती के दौरान गोलू चौबे, निलेश अहिरवार, सानू कुशवाहा, राज कुशवाहा और शरद मालवीय सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रह
    user_Amit sharma
    Amit sharma
    Local News Reporter रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर अभियान के तहत रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन रायसेन हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर अभियान के तहत रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्राचीन दुर्ग पर स्थित बाबा सोमेश्वर महादेव को विशेष राखी की माला अर्पित कर महाआरती की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बाबा सोमेश्वर महादेव के प्रति अपनी श्रद्धा एवं आस्था प्रकट की। जिस प्रकार बाबा महाकाल को रक्षाबंधन के अवसर पर राखी अर्पित करने की परंपरा श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है और इसी धार्मिक भाव के साथ देशभर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है, उसी भावना को रायसेन के आराध्य बाबा सोमेश्वर महादेव से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आने वाले वर्षों में रक्षाबंधन पर बाबा सोमेश्वर महादेव को राखी अर्पित करने की परंपरा को और व्यापक रूप देने का उद्देश्य है। आपको बता दें कि रायसेन प्राचीन दुर्ग पर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर के पट साल में एक बार खुलते हैं महादेव बरसों से कैद में है जिससे रायसेन नगर वासियों के मन में नाराजगी है ताला हमेशा के लिए खोले जाएं इसी उद्देश्य ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं।
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    हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर अभियान के तहत रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन 
रायसेन हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर अभियान के तहत रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्राचीन दुर्ग पर स्थित बाबा सोमेश्वर महादेव को विशेष राखी की माला अर्पित कर महाआरती की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बाबा सोमेश्वर महादेव के प्रति अपनी श्रद्धा एवं आस्था प्रकट की। जिस प्रकार बाबा महाकाल को रक्षाबंधन के अवसर पर राखी अर्पित करने की परंपरा श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है और इसी धार्मिक भाव के साथ देशभर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है, उसी भावना को रायसेन के आराध्य बाबा सोमेश्वर महादेव से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आने वाले वर्षों में रक्षाबंधन पर बाबा सोमेश्वर महादेव को राखी अर्पित करने की परंपरा को और व्यापक रूप देने का उद्देश्य है।
आपको बता दें कि रायसेन प्राचीन दुर्ग पर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर के पट साल में एक बार खुलते हैं महादेव बरसों से कैद में है जिससे रायसेन नगर वासियों के मन में नाराजगी है ताला हमेशा के लिए खोले जाएं इसी उद्देश्य ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं।
    user_भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर अभियान के तहत रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन रिपोर्ट,,,, अरुण कुमार शेन्डे रिपोर्ट,,,,,,संजय चौहान हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर अभियान के तहत रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन रायसेन हर-हर सोमेश्वर घर-घर सोमेश्वर अभियान के तहत रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्राचीन दुर्ग पर स्थित बाबा सोमेश्वर महादेव को विशेष राखी की माला अर्पित कर महाआरती की गई इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बाबा सोमेश्वर महादेव के प्रति अपनी श्रद्धा एवं आस्था प्रकट की। जिस प्रकार बाबा महाकाल को रक्षाबंधन के अवसर पर राखी अर्पित करने की परंपरा श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है और इसी धार्मिक भाव के साथ देशभर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है, उसी भावना को रायसेन के आराध्य बाबा सोमेश्वर महादेव से जोड़ने का प्रयास किया गया है आने वाले वर्षों में रक्षाबंधन पर बाबा सोमेश्वर महादेव को राखी अर्पित करने की परंपरा को और व्यापक रूप देने का उद्देश्य है आपको बता दें कि रायसेन प्राचीन दुर्ग पर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर के पट साल में एक बार खुलते हैं महादेव बरसों से कैद में है जिससे रायसेन नगर वासियों के मन में नाराजगी है ताला हमेशा के लिए खोले जाएं इसी उद्देश्य ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं। संजय चौहान रायसेन
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    हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर अभियान के तहत रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन 

रिपोर्ट,,,, अरुण कुमार शेन्डे
रिपोर्ट,,,,,,संजय चौहान
हर-हर सोमेश्वर, घर-घर सोमेश्वर अभियान के तहत रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन 
रायसेन हर-हर सोमेश्वर घर-घर सोमेश्वर अभियान के तहत रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्राचीन दुर्ग पर स्थित बाबा सोमेश्वर महादेव को विशेष राखी की माला अर्पित कर महाआरती की गई इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बाबा सोमेश्वर महादेव के प्रति अपनी श्रद्धा एवं आस्था प्रकट की। जिस प्रकार बाबा महाकाल को रक्षाबंधन के अवसर पर राखी अर्पित करने की परंपरा श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है और इसी धार्मिक भाव के साथ देशभर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है, उसी भावना को रायसेन के आराध्य बाबा सोमेश्वर महादेव से जोड़ने का प्रयास किया गया है आने वाले वर्षों में रक्षाबंधन पर बाबा सोमेश्वर महादेव को राखी अर्पित करने की परंपरा को और व्यापक रूप देने का उद्देश्य है आपको बता दें कि रायसेन प्राचीन दुर्ग पर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर के पट साल में एक बार खुलते हैं महादेव बरसों से कैद में है जिससे रायसेन नगर वासियों के मन में नाराजगी है ताला हमेशा के लिए खोले जाएं इसी उद्देश्य ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं।
संजय चौहान 
रायसेन
    user_ARUN SHENDE
    ARUN SHENDE
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by Vineet maheshwari
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    Post by Vineet maheshwari
    user_Vineet maheshwari
    Vineet maheshwari
    पत्रकारिता Raisen, Madhya Pradesh•
    11 hrs ago
  • नेपाल में आई भीषण त्रासदी ने जहां कई परिवारों को चिंता में डाल दिया है, वहीं मध्य प्रदेश के विदिशा से भी एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने एक परिवार की खुशियों को चिंता में बदल दिया विदिशा के वरिष्ठ चिकित्सक केसी बागरेचा की बेटी स्वाती बागरेचा कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान लापता बताई जा रही हैं स्वाती कनाडा में रहती हैं और कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए भारत आई थीं बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी बेटी को परिजनों के पास छोड़ा और इसके बाद ईशा फाउंडेशन ग्रुप के साथ यात्रा पर निकल गईं यात्रा के दौरान परिवार से उनकी बातचीत भी होती रही, लेकिन नेपाल में त्रासदी की खबर सामने आने के बाद से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है और सबसे भावुक तस्वीरें रक्षाबंधन के दिन इस परिवार में देखने को मिलीं जिस घर में त्योहार की खुशियां होनी थीं, वहां हर किसी की नजर स्वाती के फोन और उनकी एक खबर पर टिकी है विदिशा का यह घर जहां रक्षाबंधन के मौके पर खुशियां होनी थीं, आज वहां चिंता और इंतजार का माहौल है परिजन उस बेटी का इंतजार कर रहे हैं, जो कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गई थी लेकिन अब उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है वाती बागरेचा कनाडा में रहती हैं और कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए भारत आई थीं परिजनों के मुताबिक स्वाती करीब 10 से 15 दिन पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुई थी बताया जा रहा है कि वह ईशा ग्रुप के साथ यात्रा कर रही थीं यात्रा के दौरान स्वाती लगातार परिवार के संपर्क में थीं और परिजनों को भरोसा था कि यात्रा पूरी होने के बाद वह सुरक्षित वापस लौट आएंगी लेकिन नेपाल में सामने आई त्रासदी की खबरों ने परिवार की चिंता बढ़ा दी रक्षाबंधन का त्योहार आया लेकिन इस परिवार के लिए यह दिन खुशियों बजाय इंतजार और चिंता लेकर आया बहन की कलाई पर राखी है लेकिन भाई-बहन के इस त्योहार पर स्वाती की मौजूदगी नहीं हैपरिजन बार-बार फोन कर रहे हैं फोन की घंटी भी जा रही है लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा परिवार को अब सिर्फ एक उम्मीद है किसी तरह स्वाती से संपर्क हो जाए और उनकी कुशल-क्षेम की जानकारी मिल जाए परिजन फोन पर रिंग जा रही है, लेकिन बात नहीं हो पा रही है हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह स्वाती से संपर्क हो जाए एक तरफ नेपाल में आई त्रासदी की तस्वीरों ने चिंता बढ़ा रखी है तो दूसरी तरफ विदिशा का यह परिवार अपनी बेटी की सलामती की खबर का इंतजार कर रहा हहर फोन कॉल पर उम्मीद जागती है और जवाब न मिलने पर चिंता और गहरी हो जाती है परिजनों को उम्मीद है कि जल्द ही स्वाती से संपर्क होगा और उनके सुरक्षित होने की खबर मिलेगी
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    नेपाल में आई भीषण त्रासदी ने जहां कई परिवारों को चिंता में डाल दिया है, वहीं मध्य प्रदेश के विदिशा से भी एक ऐसी खबर सामने आई है,
जिसने एक परिवार की खुशियों को चिंता में बदल दिया विदिशा के वरिष्ठ चिकित्सक केसी बागरेचा की बेटी स्वाती बागरेचा कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान लापता बताई जा रही हैं स्वाती कनाडा में रहती हैं और कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए भारत आई थीं बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी बेटी को परिजनों के पास छोड़ा और इसके बाद ईशा फाउंडेशन ग्रुप के साथ यात्रा पर निकल गईं यात्रा के दौरान परिवार से उनकी बातचीत भी होती रही, लेकिन नेपाल में त्रासदी की खबर सामने आने के बाद से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है और सबसे भावुक तस्वीरें रक्षाबंधन के दिन इस परिवार में देखने को मिलीं जिस घर में त्योहार की खुशियां होनी थीं, वहां हर किसी की नजर स्वाती के फोन और उनकी एक खबर पर टिकी है विदिशा का यह घर जहां रक्षाबंधन के मौके पर खुशियां होनी थीं, आज वहां चिंता और इंतजार का माहौल है परिजन उस बेटी का इंतजार कर रहे हैं, जो कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गई थी लेकिन अब उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है वाती बागरेचा कनाडा में रहती हैं और कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए भारत आई थीं परिजनों के मुताबिक स्वाती करीब 10 से 15 दिन पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुई थी बताया जा रहा है कि वह ईशा ग्रुप के साथ यात्रा कर रही थीं यात्रा के दौरान स्वाती लगातार परिवार के संपर्क में थीं और परिजनों को भरोसा था कि यात्रा पूरी होने के बाद वह सुरक्षित वापस लौट आएंगी लेकिन नेपाल में सामने आई त्रासदी की खबरों ने परिवार की चिंता बढ़ा दी रक्षाबंधन का त्योहार आया लेकिन इस परिवार के लिए यह दिन खुशियों बजाय इंतजार और चिंता लेकर आया बहन की कलाई पर राखी है लेकिन भाई-बहन के इस त्योहार पर स्वाती की मौजूदगी नहीं हैपरिजन बार-बार फोन कर रहे हैं फोन की घंटी भी जा रही है लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा परिवार को अब सिर्फ एक उम्मीद है किसी तरह स्वाती से संपर्क हो जाए और उनकी कुशल-क्षेम की जानकारी मिल जाए परिजन फोन पर रिंग जा रही है, लेकिन बात नहीं हो पा रही है हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह स्वाती से संपर्क हो जाए एक तरफ नेपाल में आई त्रासदी की तस्वीरों ने चिंता बढ़ा रखी है तो दूसरी तरफ विदिशा का यह परिवार अपनी बेटी की सलामती की खबर का इंतजार कर रहा हहर फोन कॉल पर उम्मीद जागती है और जवाब न मिलने पर चिंता और गहरी हो जाती है परिजनों को उम्मीद है कि जल्द ही स्वाती से संपर्क होगा और उनके सुरक्षित होने की खबर मिलेगी
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • भगवान श्री लव-कुश जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया 🚩 आज दशहरा मैदान स्थित लव-कुश मांगलिक भवन में भगवान श्री लव-कुश जी का जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया । इस अवसर पर लेगी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के नवनियुक्त एल्डरमैन भुवनेश कुशवाहा जी को सरकारी वकील बनने पर एवं बृजेश कुशवाहा जी को भी सम्मानित कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। “जय महावीर, जय रघुवीर” की मुखौटा परंपरा इस वर्ष हमारे अनिल कुशवाहा जी द्वारा धारण की जाएगी। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ एवं सम्माननीयजन लाल कुशवाहा जी, हरिराम कुशवाहा जी, नरेश कुशवाहा जी, मनोज कुशवाहा जी, प्रताप सिंह कुशवाहा जी, राजेश कुशवाहा जी, कोमल प्रसाद कुशवाहा जी, तहसील अध्यक्ष राजू कुशवाहा जी, महेश कुशवाहा जी, गुलाब कुशवाहा जी, विशाल कुशवाहा जी (OBC महासभा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष), सुरेश कुशवाहा जी, बाबूलाल कुशवाहा जी, बीरबल कुशवाहा जी, चमन कुशवाहा जी एवं मूलचंद कुशवाहा जी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी समाजजनों ने भगवान श्री लव-कुश जी की पूजा-अर्चना कर समाज की एकता, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
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    भगवान श्री लव-कुश जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया 🚩
आज दशहरा मैदान स्थित लव-कुश मांगलिक भवन में भगवान श्री लव-कुश जी का जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया
। इस अवसर पर लेगी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में समाज के नवनियुक्त एल्डरमैन भुवनेश कुशवाहा जी को सरकारी वकील बनने पर एवं बृजेश कुशवाहा जी को भी सम्मानित कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
“जय महावीर, जय रघुवीर” की मुखौटा परंपरा इस वर्ष हमारे अनिल कुशवाहा जी द्वारा धारण की जाएगी।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ एवं सम्माननीयजन लाल कुशवाहा जी, हरिराम कुशवाहा जी, नरेश कुशवाहा जी, मनोज कुशवाहा जी, प्रताप सिंह कुशवाहा जी, राजेश कुशवाहा जी, कोमल प्रसाद कुशवाहा जी, तहसील अध्यक्ष राजू कुशवाहा जी, महेश कुशवाहा जी, गुलाब कुशवाहा जी, विशाल कुशवाहा जी (OBC महासभा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष), सुरेश कुशवाहा जी, बाबूलाल कुशवाहा जी, बीरबल कुशवाहा जी, चमन कुशवाहा जी एवं मूलचंद कुशवाहा जी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
सभी समाजजनों ने भगवान श्री लव-कुश जी की पूजा-अर्चना कर समाज की एकता, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
    user_भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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