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लखनऊ में हुए एक अग्नि कांड में कम से कम 15 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है, जबकि कुछ अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस भीषण घटना के दौरान, छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने का प्रयास किया, जिसमें कुछ लोगों की मृत्यु भी हो गई। सरकार से तत्काल यह अपील की गई है कि वह प्रभावित छात्रों का जल्द से जल्द इलाज सुनिश्चित करे।
Rahul kaurav
लखनऊ में हुए एक अग्नि कांड में कम से कम 15 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है, जबकि कुछ अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस भीषण घटना के दौरान, छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने का प्रयास किया, जिसमें कुछ लोगों की मृत्यु भी हो गई। सरकार से तत्काल यह अपील की गई है कि वह प्रभावित छात्रों का जल्द से जल्द इलाज सुनिश्चित करे।
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- जौरा शहर में एक दुकान पर नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की शिकायत मिलने के बाद श्रम विभाग ने कार्रवाई करते हुए निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकान पर नाबालिग बच्चे काम करते हुए पाए गए, जिसके उपरांत विभाग ने संबंधित दुकान संचालक के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। श्रम विभाग के अधिकारी लकी शिवारे ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने पर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और इसमें नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद दुकान संचालक को भविष्य में किसी भी नाबालिग बच्चे से काम न कराने की सख्त हिदायत दी गई। अधिकारी ने यह भी बताया कि बाल श्रम पर रोक लगाने के लिए विभाग लगातार अभियान चला रहा है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी नाबालिग बच्चों से काम कराया जाता हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।1
- पोरसा शहर में इस वर्ष मोहर्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जहाँ कुल दो दर्जन, यानि 24 ताजिये बनाए गए हैं। मोहर्रम एवं कर्बला इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जनाब यूनिस खां पठान ने बताया कि ताजियों का मुख्य जुलूस 26 जून को निकाला जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 जून को आलम उठाए जाएंगे, जिसके बाद 25 जून की रात्रि में ताजिये गश्त पर निकलेंगे। अगले दिन, 26 जून को ये ताजिये पूरे शहर में भ्रमण करते हुए कर्बला तक पहुँचेंगे। इस वर्ष बने 24 ताजियों में जनाब मुन्ना स्या का बुर्राक तथा समीर खान का पंचायती जामा मस्जिद वाला ताजिया प्रमुख हैं। इनके साथ ही, अनवर (पुरानी बस्ती), रशीद खां, रफीक खान मुल्लाजी, रमजानी खां (इमली चौक), मुन्ना खां (गांधीनगर), याकूब खां (पुराना खेरा), सादिक खां (पुराना खेरा), अंसार खां (इमली चौक), शद्दों खां, शहजाद ख़ां, कासिम खां (छोटा पंचायती बगिया मोहल्ला), बल्ली खां, मुन्ना खां अब्बासी, सलीम खान (मोहल्ला पंचायती ईदगाह मोहल्ला), फिरोज शाह, अब्बू उर्फ अबरार खां, दिलशाद खां, बशारत खान, पुल्ली खां, साबिर खां और हसन खां द्वारा निर्मित ताजिए भी तैयार हो चुके हैं। इस आयोजन में अब्दुल्ला अखाड़ा, जिसके खलीफा जनाब सूफी आबिद खां हैं, और इस्लामिया अखाड़ा, जिसके खलीफा जनाब शरीफ खां हैं, भी अपनी भागीदारी निभाएंगे।1
- जौरा में शादी की तैयारियों के लिए बैंक से निकाले गए ₹1 लाख रुपये एक महिला के बैग से चोरी हो गए। जानकारी के अनुसार, महिला बैंक से यह राशि निकालकर जा रही थी, तभी भीड़ का फायदा उठाते हुए कुछ महिला चोरों ने उसके बैग को काटकर नकदी पार कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही जौरा थाना पुलिस सक्रिय हुई और मामले में कुछ संदेही महिलाओं को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उनकी जल्द गिरफ्तारी की जा सके। यह भी बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले भी एसबीआई बैंक तिकोनिया पार्क के सामने महिला चोरों के एक गिरोह ने इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में चिंता बढ़ गई है। इसी के मद्देनजर, पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बैंक से बड़ी राशि निकालने के बाद सतर्क रहें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने बैग व नकदी का विशेष ध्यान रखें।1
- अम्बाह/मुरैना में विश्व स्तरीय सुरक्षा कंपनी एसआईएस सिक्योरिटी बेरोजगारों के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर लेकर आई है। जिले भर में इसके लिए विशेष भर्ती अभियान चलाए जा रहे हैं, जिन्हें जनपद स्तर पर दो दिवसीय और एक दिवसीय शिविरों के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। भर्ती अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि एक माह का प्रशिक्षण पूरा करने के उपरांत जवानों को विभिन्न पोस्ट पर तैनात किया जाता है। जवान शुरुआती तीन महीने तक दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद आदि स्थानों पर सेवा देते हैं, जिसके बाद वे अपनी होम डिस्ट्रिक्ट और अपनी होम ब्रांच में भी जा सकते हैं। इस अवसर पर, जवान का वेतन 15,000 से 18,000 रुपये तक और सुपरवाइजर का वेतन 20,000 से 28,000 रुपये तक रहता है। प्रशिक्षण शुल्क के रूप में जवान को 10,500 रुपये और सुपरवाइजर को 40,000 रुपये का भुगतान करना होता है, जिसे धीरे-धीरे किस्तों के माध्यम से खाते में जोड़ा जाता है। जिला कलेक्टर द्वारा क्षेत्रीय जनपद कार्यालय से ही एसआईएस सुरक्षा कंपनी में रोजगार दिलाने में सहयोग किया जा रहा है।1
- शिवपुरी के दुलहारा मनियार गांव में अंकेश धाकड़ और सत्येंद्र धाकड़ नामक दो युवक पोहरी पुलिस द्वारा कथित तौर पर परेशान किए जाने के कारण पानी की टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने पुलिस से न्याय की मांग को लेकर यह कदम उठाया।1
- मुरैना के अंबाह सहित पूरे जिले में विश्व स्तरीय सुरक्षा कंपनी एसआईएस सिक्योरिटी द्वारा बेरोजगारों के लिए रोजगार के सुनहरे अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कंपनी जनपद स्तर पर दो दिवसीय और एक दिवसीय शिविरों के माध्यम से एक विशेष भर्ती अभियान चला रही है। भर्ती अधिकारी अजीत सिंह ने इस अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक महीने का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जवानों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जाता है, जिसमें दिल्ली, मेरठ और गाजियाबाद जैसे शहर शामिल हैं। तीन महीने की अवधि पूरी होने के बाद, जवान अपनी होम डिस्ट्रिक्ट और होम ब्रांच में भी स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। जवानों को ₹15,000 से ₹18,000 तक का मासिक वेतन दिया जाएगा, जबकि सुपरवाइजर का वेतन ₹20,000 से ₹28,000 तक रहेगा। प्रशिक्षण शुल्क के तौर पर जवानों को ₹10,500 देने होंगे, जिसे धीरे-धीरे किस्तों के माध्यम से उनके खाते में 'जोड़' दिया जाता है। वहीं, सुपरवाइजर के लिए यह शुल्क ₹40,000 निर्धारित किया गया है। एसआईएस सिक्योरिटी मेला में मासिक वेतन के रूप में ₹28,000 तक की राशि मिलेगी।2
- जौरा शहर के तिकोनिया पार्क पर एक व्यक्ति से ₹1,00,000 की चोरी का मामला सामने आया है। उदपुरा से बाजार का सामान खरीदने आए अवधेश कुशवाहा के पैसे राजगढ़ की एक महिला और एक लड़की ने चुरा लिए। इस घटना का पता चलते ही मौके पर जमकर हंगामा हुआ।1
- गुना पुलिस ने एक सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड का मात्र 07 घंटे में पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गुना के म्याना थाना क्षेत्र में हुई इस जघन्य घटना का खुलासा पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल, संवेदनशील एवं प्रभावी नेतृत्व में किया गया, जिसने गुना पुलिस की त्वरित कार्यवाही, सूक्ष्म विवेचना और पेशेवर दक्षता को एक बार फिर साबित किया है। यह मामला 21 जून 2026 को तब सामने आया जब म्याना स्थित ओमप्रकाश शर्मा के खेत पर बने मकान से दुर्गंध आने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को मकान के एक बंद कमरे से लगभग 3-4 दिन पुराना, सड़ी-गली अवस्था में एक पुरुष का शव मिला, जिसकी प्रारंभिक पहचान ओमप्रकाश शर्मा (56 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। अगले ही दिन, 22 जून 2026 को, उसी मकान के दूसरे बंद कमरे से भी दुर्गंध आने पर ताला खोलने पर एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद हुए। महिला की पहचान बिन्दाबाई जाटव (निवासी बदरवास जिला शिवपुरी, हाल म्याना) के तौर पर हुई, जबकि दूसरे शव को शुरुआत में रामकृष्ण जाटव का माना गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर गहन जांच के निर्देश दिए और लगातार निगरानी की। पुलिस द्वारा मृतकों के परिजनों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की गई और कस्बे के कई सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले गए। इसमें दिनांक 18 जून 2026 को कलारी कस्बे की फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखा, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसकी पहचान मृतिका बिन्दाबाई की बहन के लड़के सुरेन्द्र जाटव (ग्राम शाहपुर, थाना म्याना निवासी) के रूप में हुई। इस दौरान, मृतिका बिन्दाबाई के पुत्र सीताराम जाटव और उसकी बहन के लड़के सुरेन्द्र जाटव के कथनों में विरोधाभास और संदिग्धता पाए जाने पर उनसे गहनता से पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि बिन्दाबाई के ओमप्रकाश शर्मा से अवैध संबंध थे। इसी बात से नाराजगी और ओमप्रकाश शर्मा की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर 18 जून 2026 की रात तीनों की योजनाबद्ध तरीके से गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने शवों को अलग-अलग कमरों में बंद कर ताले लगा दिए थे। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सीताराम जाटव (32 वर्ष) और सुरेन्द्र जाटव (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान एक अन्य आरोपी की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी पहचान कर ली गई है तथा उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयासरत हैं। गुना पुलिस की यह सफलता अपराधों के प्रति उसकी शून्य सहनशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया और वैज्ञानिक जांच प्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पुलिस द्वारा मामले के शेष पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की जा रही है तथा फरार आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।1
- ग्वालियर के निवासियों को एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिसमें भीख देने से पहले व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया है। इस सलाह के तहत, लोगों से विशेष रूप से यह आग्रह किया गया है कि वे नशे की लत वाले व्यक्तियों को पैसे न दें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दान की गई मदद केवल सही और सच्चे ज़रूरतमंदों तक ही पहुँचे, ताकि उनका अधिकार किसी भी तरह से छिनने न पाए। सभी से ऐसे लोगों से सावधान रहने की हिदायत दी गई है।1