साहेबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र अंतर्गत जयराम डांगा गांव में एक जमीन विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया, जिसके चलते 70 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई। इस घटना में एक महिला सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। मृतक के पुत्र रामदेव यादव ने बताया कि उनके पिता रुदल यादव (70) और चाचा हरिकिशोर यादव के बीच लंबे समय से एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए कई बार पंचायती भी की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। बुधवार को इसी विवादित जमीन पर हरिकिशोर यादव बाउंड्री का काम करवा रहे थे। रामदेव यादव ने जब इसका विरोध किया, तो हरिकिशोर यादव और उनके पुत्रों - राम अवतार यादव, धर्मराज यादव, धर्मवीर यादव, और परमेश्वर यादव - ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान रामदेव यादव अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले। हालांकि, बीच-बचाव करने आए उनके पिता रुदल यादव, माता रेखा देवी (60), और भाई जीतू यादव (25) के साथ हरिकिशोर यादव और अन्य लोगों ने मारपीट की। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल राजमहल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सक डॉ. उदय टुडू ने रुदल यादव (70) को मृत घोषित कर दिया। रेखा देवी और जीतू यादव को प्रारंभिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए रेफर कर दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही राजमहल पुलिस हरकत में आई। राजमहल पुलिस इंस्पेक्टर राजीव रंजन, राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी, सहायक अवर निरीक्षक महादेव उरांव, सजन मुर्मू, सनातन हेम्ब्रम, नंदकिशोर यादव सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
साहेबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र अंतर्गत जयराम डांगा गांव में एक जमीन विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया, जिसके चलते 70 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई। इस घटना में एक महिला सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। मृतक के पुत्र रामदेव यादव ने बताया कि उनके पिता रुदल यादव (70) और चाचा हरिकिशोर यादव के बीच लंबे समय से एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए कई बार पंचायती भी की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। बुधवार को इसी विवादित जमीन पर हरिकिशोर यादव बाउंड्री का काम करवा रहे थे। रामदेव यादव ने जब इसका विरोध किया, तो हरिकिशोर यादव और उनके पुत्रों - राम अवतार यादव, धर्मराज यादव, धर्मवीर यादव, और परमेश्वर यादव - ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान रामदेव
यादव अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले। हालांकि, बीच-बचाव करने आए उनके पिता रुदल यादव, माता रेखा देवी (60), और भाई जीतू यादव (25) के साथ हरिकिशोर यादव और अन्य लोगों ने मारपीट की। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल राजमहल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सक डॉ. उदय टुडू ने रुदल यादव (70) को मृत घोषित कर दिया। रेखा देवी और जीतू यादव को प्रारंभिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए रेफर कर दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही राजमहल पुलिस हरकत में आई। राजमहल पुलिस इंस्पेक्टर राजीव रंजन, राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी, सहायक अवर निरीक्षक महादेव उरांव, सजन मुर्मू, सनातन हेम्ब्रम, नंदकिशोर यादव सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
- 🕺बिहार के बैजनाथपुर गांव🌳 में डीजे 🔊में बहुत लोग डांस 🕺🕺करते हुए दिखाई दिए आप लोग🙏 इस 🫣वीडियो में देख सकते हैं 🕺बिहार के बैजनाथपुर गांव🌳 में डीजे 🔊में बहुत लोग डांस 🕺🕺करते हुए दिखाई दिए आप लोग🙏 इस 🫣वीडियो में देख सकते हैं1
- कटिहार में मुहर्रम के आयोजन से पहले ही वर्षों से चले आ रहे अखाड़े के पारंपरिक रूट में बदलाव को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। इसी नाराजगी के चलते कई खलीफाओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद जिला मुहर्रम कमेटी के सचिव ने भी अपना पद छोड़ दिया है। बताया गया है कि मुहर्रम कमेटी के सचिव और कई खलीफा अखाड़ा के रूट में किए गए इस बदलाव से नाखुश थे। कटिहार नगर निगम के रामपाड़ा मोहल्ले में हुई एक बैठक के दौरान, रामपाड़ा बड़ी इमामबाड़ा के खलीफा मो0 फकरुद्दीन और मो0 अंसार, बेगना हाजीटोला के खलीफा शेख मंजर, रामपाड़ा छोटी इमामबाड़ा के खलीफा मो0 मुमताज, मोमिन टोला रामपाड़ा के खलीफा मो0 गोल्डन और झरनी के खलीफा नूर मोहम्मद ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। इन सभी खलीफाओं ने आरोप लगाया कि चौधरी मोहल्ले में हुई पिछली बैठक में यह तय हुआ था कि जिला प्रशासन की राय जानने के बाद सभी खलीफाओं के साथ बैठकर अखाड़ा के रूट पर विचार किया जाएगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और अचानक जिला प्रशासन द्वारा अखाड़ा का रूट बदल दिया गया, जिससे वे सहमत नहीं हैं। इस्तीफा देने वाले खलीफाओं ने स्पष्ट कहा कि वे इस नए रूट के कारण मुहर्रम नहीं मनाएंगे। इस पूरे मामले की जानकारी मिलने पर जिला मुहर्रम कमेटी के सचिव इजहार अली ने भी एक पत्र जारी करते हुए अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वे इस्तीफा देने वाले खलीफाओं की बातों से सहमत हैं और उन्होंने अपने निजी कार्यों में व्यस्तता का हवाला देते हुए पद छोड़ा है। इस घटनाक्रम के बाद, मुहर्रम के अखाड़ा निकालने वाले कई मोहल्लों के लोग अब नाराज़ हैं और जिला प्रशासन से पुराने रूट को बहाल करने की मांग कर रहे हैं।2
- भागलपुर रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट यात्रा कर रहे यात्रियों के साथ हुए एक वाकये पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इन यात्रियों को इस तरह पकड़ा गया, मानो उन्होंने कोई बहुत बड़ा अपराध किया हो या वे आतंकवादी हों। इस घटना ने रेलवे की कार्रवाई पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है, क्योंकि यह सवाल उठाया जा रहा है कि टीटी का काम केवल जुर्माना वसूलना होता है, न कि यात्रियों को जेल में डालना। स्रोत के अनुसार, यह कैसा न्याय है, जहाँ बिना टिकट यात्रा करने वालों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।1
- बीएससी परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस वर्ष कई विद्यार्थियों ने 70 प्रतिशत अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की है। सफल छात्र-छात्राओं ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। परीक्षा परिणाम में छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा, जहाँ अनेक छात्राओं ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर अपने परिवार, विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया। यह भी बताया गया है कि देशभर में विभिन्न परीक्षाओं के परिणामों में भी छात्राओं का प्रदर्शन लगातार बेहतर देखने को मिला है। सफल विद्यार्थियों ने इस अवसर पर बताया कि नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। अभिभावकों एवं शिक्षकों ने भी इन विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।1
- गोड्डा जिले के एक गांव में मोनी कुमारी ने अपने ही देवर दिलखुश कुमार से शादी कर ली है। यह घटना गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि मोनी कुमारी की पहली शादी कुछ ही दिन पहले हुई थी। मूल पाठ के अनुसार, महिला ने प्यार और इश्क के 'बुखार' में आकर 'सारी मर्यादाओं का उल्लंघन' किया। इस शादी के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- तेजस्वी यादव ने एक बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि भरत तिवारी एनकाउंटर के लिए सरकार ही जिम्मेदार है।1
- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सवाल उठाए गए हैं। दावा किया गया है कि इस घटना से संबंधित एक वीडियो देखने के बाद सारी गलतफहमी पूरी तरह से दूर हो जाएगी। इस पूरे प्रकरण में मुख्य प्रश्न यह है कि वास्तविक दोषी कौन है – पुलिस या भरत।1
- एक ओर जहां देश डिजिटल युग में आगे बढ़ रहा है, वहीं हसनगंज के कोला गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंची है। पूरा गांव आज भी अंधेरे में रहने को मजबूर है, जिसके कारण यहां के बच्चों को अपनी पढ़ाई 'डिग्री' के सहारे करनी पड़ रही है।1
- आजमनगर अंचल के राजस्व कर्मचारी सुनील कुमार ठाकुर का म्यूटेशन के नाम पर खुलेआम रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में राजस्व कर्मचारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए देखा जा रहा है। आरोप है कि इन भ्रष्ट अधिकारियों के कारण आजमनगर का अंचल कार्यालय अब गरीब, किसान, मजदूर और बेबस लोगों के लिए एक 'वसूली केंद्र' बन गया है। आजमनगर क्षेत्र की समस्त जनता ने इस वायरल वीडियो के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करने की अपील की है।1