प्रीपेड मीटर पर उपभोक्ताओं में आया उबाल, चुनाव में भाजपा के लिए क्या बनेगा जी का जंजाल स्मार्ट मीटर ,प्रीपेड मीटर व मनमाने तरीके से बढ़ रहे बिल, फिर कैसे हैं अधिकारी काबिल..... प्रीपेड मीटर, स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं का फूट रहा आक्रोश फिर भी शासन प्रशासन है खामोश औरैया। इन दिनों सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर ,प्रीपेड मीटर लगाकर यूं तो अपना राजस्व बढ़ाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है लेकिन दूसरी ओर उपभोक्ता इस स्मार्ट मीटर व प्रीपेड मीटर से बड़े पैमाने पर बढ़ रहे विद्युत बिलों के साथ उत्पन्न हो रही विभिन्न समस्याओं को लेकर बेहद परेशान होने के साथ बड़े पैमाने पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ का ठीकरा सरकार पर फोड़ते हुए बेहद आक्रोशित नजर आ रहे हैं ऐसे में माना जा रहा है कि यदि सरकार ने जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने से हाथ पीछे ना खींचे तो आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को इसका बड़ा खामियाजा भुगतने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। . हालांकि भाजपा नेताओं ने स्मार्ट मीटर व प्रीपेड मीटर से जनता में किसी प्रकार की नाराजगी होने की बात से साफ इन्कार किया है वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर व प्रीपेड मीटर से किसी प्रकार के बिल बढ़ने की बात को स्पष्ट रूप से नकारा है लेकिन भाई यह जनता है सब जानती है। स्मार्ट मीटर प्रीपेड मीटर को लेकर जिस तरह से जनता में गुस्से का उबाल नजर आ रहा है आगामी चुनाव में भाजपा को जनता के इस आक्रोश का बड़ा सामना करने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। इन दिनों केंद्र व उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार द्वारा विद्युत संबंधी राजस्व बढ़ाने की मंशा से पहले स्मार्ट मीटर लगाने और अब प्रीपेड मीटर लगाने के चलाए जा रहे अभियान से भले ही सरकार अपना राजस्व बढ़ाने की मंशा में कामयाब हो जाए लेकिन आमतौर पर इस मामले को लेकर उपभोक्ताओं का एक स्वर में शासन व विद्युत विभाग के प्रति बड़े पैमाने पर आक्रोश भड़कता नजर आ रहा है। . उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर व प्रीपेड मीटर से बड़े पैमाने पर मनमाना बिल बढ़ रहा है जिससे उनके ऊपर बड़े पैमाने पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। यही नहीं उपभोक्ताओं का यह भी दर्द है कि एक और जहां स्मार्ट मीटर प्रीपेड मीटर से बिल तेजी से बढ़ रहे हैं वहीं दूसरी ओर इससे विभिन्न समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं जिससे उन्हें बिजली संकट से भी अक्सर जूझना पड़ता है। एक ओर केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि जबरन किसी उपभोक्ता के यहां प्रीपेड मीटर नहीं लगाए जाएंगे लेकिन इसके बावजूद भी जबरन प्रीपेड मीटर लगाने का अभियान थमता नजर नहीं आ रहा है। जमीनी धरातल पर देखने में आ रहा है कि इस समय सबसे अधिक विद्युत उपभोक्ता तेजी से बढ़ रहे विद्युत बिलों की समस्या को लेकर परेशान है और जिस तरह से बिजली के स्मार्ट मीटर व प्रीपेड व मीटर को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश सरकार के प्रति भड़कता नजर आ रहा है उसके चलते आगामी चुनावों में उत्तर प्रदेश में भाजपा को इसका बड़ा खामियाजा भुगतने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस समय जनता सबसे अधिक प्रीपेड मीटर व स्मार्ट मीटर की समस्या को लेकर सरकार से नाराज दिख रही है लेकिन इसके बावजूद सरकार इस मामले में पर्दा डालती नजर आ रही है। वैसे आमतौर पर माना जा रहा है कि सरकार ने यदि जल्द इस मामले पर अपना लचीला रवैया न अपनाया तो भाई यह जनता है सब जानती है और जो ठानती है वह कर डालती है। हालांकि भाजपा नेताओं ने इस मामले को लेकर विद्युत उपभोक्ताओं में किसी भी प्रकार की नाराजगी की बात से इंकार किया है साथ विद्युत विभाग के अधिकारियों ने भी स्मार्ट मीटर व प्रीपेड मीटर से बिल बढने के आरोपों को निराधार बताया है।
प्रीपेड मीटर पर उपभोक्ताओं में आया उबाल, चुनाव में भाजपा के लिए क्या बनेगा जी का जंजाल स्मार्ट मीटर ,प्रीपेड मीटर व मनमाने तरीके से बढ़ रहे बिल, फिर कैसे हैं अधिकारी काबिल..... प्रीपेड मीटर, स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं का फूट रहा आक्रोश फिर भी शासन प्रशासन है खामोश औरैया। इन दिनों सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर ,प्रीपेड मीटर लगाकर यूं तो अपना राजस्व बढ़ाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है लेकिन दूसरी ओर उपभोक्ता इस स्मार्ट मीटर व प्रीपेड मीटर से बड़े पैमाने पर बढ़ रहे विद्युत बिलों के साथ उत्पन्न हो रही विभिन्न समस्याओं को लेकर बेहद परेशान होने के साथ बड़े पैमाने पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ का ठीकरा सरकार पर फोड़ते हुए बेहद आक्रोशित नजर आ रहे हैं ऐसे में माना जा रहा है कि यदि सरकार ने जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने से हाथ पीछे ना खींचे तो आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को इसका बड़ा खामियाजा भुगतने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। . हालांकि भाजपा नेताओं ने स्मार्ट मीटर व प्रीपेड मीटर से जनता में किसी प्रकार की नाराजगी होने की बात से साफ इन्कार किया है वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर व प्रीपेड मीटर से किसी प्रकार के बिल बढ़ने की बात को स्पष्ट रूप से नकारा है लेकिन भाई यह जनता है सब जानती है। स्मार्ट मीटर प्रीपेड मीटर को लेकर जिस तरह से जनता में गुस्से का उबाल नजर आ रहा है आगामी चुनाव में भाजपा को जनता के इस आक्रोश का बड़ा सामना करने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। इन दिनों केंद्र व उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार द्वारा विद्युत संबंधी राजस्व बढ़ाने की मंशा से पहले स्मार्ट मीटर लगाने और अब प्रीपेड मीटर लगाने के चलाए जा रहे अभियान से भले ही सरकार अपना राजस्व बढ़ाने की मंशा में कामयाब हो जाए लेकिन आमतौर पर इस मामले को लेकर उपभोक्ताओं का एक स्वर में शासन व विद्युत विभाग के प्रति बड़े पैमाने पर आक्रोश भड़कता नजर आ रहा है। . उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर व प्रीपेड मीटर से बड़े पैमाने पर मनमाना बिल बढ़ रहा है जिससे उनके ऊपर बड़े पैमाने पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। यही नहीं उपभोक्ताओं का यह भी दर्द है कि एक और जहां स्मार्ट मीटर प्रीपेड मीटर से बिल तेजी से बढ़ रहे हैं वहीं दूसरी ओर इससे विभिन्न समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं जिससे उन्हें बिजली संकट से भी अक्सर जूझना पड़ता है। एक ओर केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि जबरन किसी उपभोक्ता के यहां प्रीपेड मीटर नहीं लगाए जाएंगे लेकिन इसके बावजूद भी जबरन प्रीपेड मीटर लगाने का अभियान थमता नजर नहीं आ रहा है। जमीनी धरातल पर देखने में आ रहा है कि इस समय सबसे अधिक विद्युत उपभोक्ता तेजी से बढ़ रहे विद्युत बिलों की समस्या को लेकर परेशान है और जिस तरह से बिजली के स्मार्ट मीटर व प्रीपेड व मीटर को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश सरकार के प्रति भड़कता नजर आ रहा है उसके चलते आगामी चुनावों में उत्तर प्रदेश में भाजपा को इसका बड़ा खामियाजा भुगतने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस समय जनता सबसे अधिक प्रीपेड मीटर व स्मार्ट मीटर की समस्या को लेकर सरकार से नाराज दिख रही है लेकिन इसके बावजूद सरकार इस मामले में पर्दा डालती नजर आ रही है। वैसे आमतौर पर माना जा रहा है कि सरकार ने यदि जल्द इस मामले पर अपना लचीला रवैया न अपनाया तो भाई यह जनता है सब जानती है और जो ठानती है वह कर डालती है। हालांकि भाजपा नेताओं ने इस मामले को लेकर विद्युत उपभोक्ताओं में किसी भी प्रकार की नाराजगी की बात से इंकार किया है साथ विद्युत विभाग के अधिकारियों ने भी स्मार्ट मीटर व प्रीपेड मीटर से बिल बढने के आरोपों को निराधार बताया है।
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- खबर औरैया से है जहां फफूंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जुआ निवासी युवक की संभवता जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाते हुए पूरी घटना को लेनदेन के विवाद से जुड़ा बताया है। आपको बतादे की फफूंद थाना क्षेत्र के जुआ गांव का रहने वाला 28 वर्षीय प्रदीप मीट की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था जिसकी एक दुकान अजीतमल थाना क्षेत्र के ग्राम बल्लापुर में तथा दूसरी फफूंद थाना क्षेत्र के गांव जुआ में थी। मृतक की पत्नी ने बताया कि वह गांव निवासी मुस्कीम अली से मुर्गा खरीदता था जिसका कुछ पैसा उसके पति पर बकाया था पैसा बकाया होने को लेकर दोनों के बीच अक्सर नोक झोंक होती रहती थी। पत्नी का आरोप है कि शनिवार दोपहर मुस्कीम अली बल्लापुर स्थित उसके पति की दुकान पर पहुंचा,जहां पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच मारपीट हो गई।अलका के मुताबिक, प्रदीप ने फोन कर उसे बताया था कि उसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।सूचना मिलते ही वह बल्लापुर स्थित अपने पति की दुकान पर पहुंची और पति को घायल देख तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मृतक अपने बाद पांच वर्षीय पुत्र ऋषभ और छह वर्षीय पुत्री नव्या को छोड़ गया है वहीं घटना के बाद से मृतक की पत्नी व बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्ट के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। मृतक के पिता ने थाने में तहरीर दी है,पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुर्गा व्यापारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करदी है। बाइट - अलका,मृतक प्रदीप की पत्नी।1
- विद्युत की चिंगारी से गेहूं की पांच बीघा फसल जलकर हुई खाक। औरैया जिले के बिधूना-इटावा मार्ग स्थित ग्राम लक्षीराम पुरवा में सोमवार को विद्युत लाइन से निकली चिंगारी के कारण खेत में खड़ी गेहूं की फसल में भीषण आग लग गई। आग लगने की घटना से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ग्रामीणों में हाहाकार मच गया। देखते ही देखते आग ने करीब पांच बीघा गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया और खेत के किनारे खड़े पेड़ों तक फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल फायर सर्विस को सूचना दी, लेकिन दमकल टीम के पहुंचने से पहले ही गांव के लोगों ने निजी संसाधनों और कड़ी मशक्कत के बल पर आग पर काफी हद तक काबू पा लिया। हालांकि तब तक अधिकांश फसल जलकर पूरी तरह राख हो चुकी थी, जिससे किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कस्बा निवासी मोनेन्द्र मल्होत्रा पुत्र अनिल कुमार मल्होत्रा ने बताया कि उनके खेतों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन की चिंगारी से यह आग लगी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही समय में पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय लेखपाल सत्यवीर पाल मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित फसल का आंकलन कर संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की बात कही है।1
- *इटावा के सिविल लाइन क्षेत्र में कार गैराज में भीषण आग, 4 कारें जलकर राख…* *ईदगाह के सामने हुआ हादसा, लाखों का सामान खाक* *फायर ब्रिगेड मौके पर, आग के कारणों की जांच जारी…!!*1
- इटावा, 20 अप्रैल। इटावा में यमुना और चंबल के बीहड़ों में गर्मी का असर काफ़ी ज़्यादा महसूस होता है। बीहड़ों में पानी की कमी के साथ ही जीव जंतुओं को धूप से बचाव हेतु छाया की भी भारी कमी हो जाती है। उक्त के क्रम में इटावा सफारी पार्क में वास कर रहे वन्य जीवों को गर्मी तथा लू से बचाने के लिए हर वर्ष कुछ विशेष तैयारियों की आवश्यकता पड़ती है। जिसके अंतर्गत सफारी क्षेत्र में फूस के छप्पर लगाना तथा पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना है। साथ ही सभी नाईट सेल के तापमान को नियंत्रित करने के लिये खिड़कियों एवं दरवाजों में ख़स की चटाई लगाकर पानी से लगातार गीला रखा जाता है एवं डेज़र्ट कूलर भी लगाये जाते है। उक्त के अतिरिक्त ब्रीडिंग सेंटर एवं पार्चुरिशन हाउस में एसी लगाए गए है जिससे कि शेरनी और उनके नवजात शावकों को बेहतर और ध्वनिरहित वातावरण मिल सके। वर्तमान समय में ब्रीडिंग सेंटर में पेड़ पौधों की छाया काफ़ी बेहतर हो गई है जो बब्बर शेरों को प्राकृतिक वातावरण प्रदान कर रहा है। सफारी क्षेत्र तथा क्राल में भी फोगर लगाये गए है जिससे लॉयन सफारी क्षेत्र एवं क्राल को ठंडा रखा जा सके। भालू और लेपर्ड हाउस में कूलर और ख़स की चटाई लगाकर नाईट सेल को ठंडा रखा जा रहा है। इसी प्रकार डियर और एंटीलोप सफारी में तालाबों में लगातार ट्यूबवेल से पानी भरने की कार्यवाही की जा रही है ताकि सांभर और बारहसिंघा प्रजाति के हिरणों को अपना तापमान नियंत्रित करने हेतु पर्याप्त स्थान मिल सके। ज्ञातव्य हो कि लॉयन हाउस 02 में वृद्ध बब्बर शेर गीगो पिछले कुछ समय से कॉन्स्टिपेशन की समस्या से ग्रसित था जिसका उपचार दिनांक 15.04.2026 को डॉ आरपी पाण्डे, सेवा निवृत प्रोफेसर सर्जरी विभाग, पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विष्वविद्यालय द्वारा किया गया। उक्त उपचार के परिणाम स्वरूप अब गीगो स्वस्थ है तथा पूर्ण मात्रा में आहार और पानी ग्रहण कर रहा है। वृद्ध बब्बर शेरों में बढ़ती उम्र के कारण कई बार कॉन्स्टिपेशन (कब्ज) की समस्या होना एक सामान्य लक्षण है। लायन हाउस 2 में भी बुजुर्ग बब्बर शेरों को गर्मी और लू से बचाने के लिए फॉगर लगाए गए हैं ताकि हवा में नमी बनी रहे। सफारी पार्ट-2 में वृद्ध बब्बर शेरों को बारी बारी छोड़ा जाता है ताकि बुजुर्ग शेर बड़े क्षेत्र में चहलकदमी करते हुए एक्सरसाइज कर सके। गर्मी के मौसम और तेज धूप को ध्यान में रखते हुए सफारी पार्क के खुलने के समय में भी परिवर्तन किया गया है और दिनाँक 01/04/2026 से प्रातः 6.30 बजे से सफारी पार्क पर्यटकों के लिए खोला जा रहा है क्योंकि सुबह और देर शाम के समय वन्य जीवों में सक्रियता काफ़ी अधिक दिखाई देती है।1
- औरैया। बिना निमंत्रण के शादी में पहुंचना युवक को पड़ा भारी। जानकारी होने पर गुस्साए लोगों ने युवक को बेरहमी से पीटकर किया घायल घटना की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को एम्बुलेंस 108 से अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। “फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि क्या बिना निमंत्रण शादी में जाना इतनी बड़ी गलती है कि किसी की जान पर बन आए? पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। पूरा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के कानपुर रोड़ स्थित एक गेस्ट हाउस का1
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