बड़ागांव पीएचसी में तैनाती, लम्भुआ सीएचसी में जमे डॉक्टर पर गंभीर सवाल; स्टिंग में सामने आए ड्यूटी और कार्यस्थल को लेकर कथित विरोधाभास *सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की नोटिस भी डॉक्टर पर बेअसर* लम्भुआ, सुलतानपुर। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों की तैनाती और ड्यूटी को लेकर लम्भुआ क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बड़ागांव पीएचसी में तैनात डॉक्टर राम सजीवन लंबे समय से लम्भुआ सीएचसी में बैठकर कार्य कर रहे हैं, जबकि उनकी नियमित तैनाती बड़ागांव पीएचसी में बताई जा रही है। मामला तब और गंभीर हो गया, जब शिकायत के बाद सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आया। बताया जा रहा है कि डॉक्टर राम सजीवन की सप्ताह में एक दिन लम्भुआ सीएचसी पर ड्यूटी निर्धारित है, लेकिन आरोप है कि वह निर्धारित दिन के अलावा भी सीएचसी परिसर में मौजूद रहते हैं और यहां मरीजों को देखते हैं। इतना ही नहीं, उनके ऊपर बाहर की दवाएं लिखने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि विभागीय जांच का विषय है। *महीनों के स्टिंग में खड़े हुए कई सवाल* मामले को लेकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन के दौरान जीपीएस लोकेशन, फोटो और वीडियो के माध्यम से डॉक्टर की उपस्थिति को दर्ज किए जाने का दावा किया गया है। आरोप है कि कई मौकों पर डॉक्टर राम सजीवन बड़ागांव पीएचसी के बजाय लम्भुआ सीएचसी में दिखाई दिए।सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि डॉक्टर की तैनाती बड़ागांव पीएचसी में है और लम्भुआ सीएचसी में उनकी नियमित ड्यूटी निर्धारित नहीं है, तो वह लगातार सीएचसी के एक कक्ष में बैठकर कार्य कैसे कर रहे हैं? *अधीक्षक की मौजूदगी में बैठने का आरोप* आरोप तो यहां तक है कि डॉक्टर राम सजीवन सीएचसी के प्रथम कक्ष में बैठकर कार्य करते हैं और यह सब सीएचसी अधीक्षक राघवेन्द्र की मौजूदगी में होता है। यदि आरोप सही हैं तो यह सवाल स्वाभाविक है कि अस्पताल परिसर में डॉक्टर की मौजूदगी और कार्यप्रणाली की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को क्यों नहीं हुई सीएचसी परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात भी सामने आती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि कैमरों की निगरानी और अस्पताल की दैनिक व्यवस्था देखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से यह कथित गतिविधियां कैसे बचती रहीं? *शिकायत के बाद नोटिस, लेकिन सवाल अब भी बरकरार* मामला जनसुनवाई के माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचने के बाद सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की ओर से डॉक्टर राम सजीवन को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। नोटिस में उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया कि वह लम्भुआ सीएचसी में किस आधार पर बैठकर कार्य कर रहे हैं। यह कार्रवाई अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। यदि अधीक्षक को यह जानकारी नहीं थी कि कौन डॉक्टर किस पीएचसी पर तैनात है और कौन कहां कार्य कर रहा है, तो अस्पताल की प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। और यदि जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? *‘पहचान’ और ‘दबदबे’ की चर्चाओं ने बढ़ाया संदेह* स्थानीय सूत्र डॉक्टर राम सजीवन के कथित रूप से प्रभावशाली संपर्कों और पारिवारिक पहचान का हवाला देते हुए विभागीय स्तर पर दबदबे की चर्चाएं कर रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यही वजह है कि पूरे मामले में निष्पक्ष विभागीय जांच बेहद जरूरी हो जाती है, ताकि यह साफ हो सके कि डॉक्टर की वास्तविक तैनाती क्या है, उनकी निर्धारित ड्यूटी कहां है और वह किन परिस्थितियों में लम्भुआ सीएचसी में कार्य कर रहे हैं। *बड़ा सवाल—व्यवस्था चल रही है या ‘व्यवस्था’ कराई जा रही है* सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि डॉक्टर की तैनाती एक स्थान पर है और वह कथित तौर पर दूसरे अस्पताल में लंबे समय तक बैठकर कार्य कर रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या विभाग के उच्चाधिकारी इससे अनजान हैं? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई? क्या डॉक्टर की उपस्थिति का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड खंगाला गया? क्या मरीजों को लिखी गई दवाओं की जांच हुई? और यदि बाहर की दवा लिखने के आरोप हैं, तो उसकी भी जांच कराई गई इन सवालों के जवाब सीएचसी प्रशासन से लेकर सीएमओ कार्यालय तक मांगे जाने चाहिए फिलहाल मामला सिर्फ एक डॉक्टर के अस्पताल में बैठने का नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी, ड्यूटी व्यवस्था और कथित प्रभाव के आगे प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति का बन गया है।अब देखना यह है कि कारण बताओ नोटिस के बाद विभाग केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रहता है या फिर डॉक्टर की तैनाती, उपस्थिति, सीसीटीवी फुटेज, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और मरीजों को लिखी गई दवाओं की निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाता है। मामले से जुड़े दस्तावेज, नोटिस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस प्रकरण की अगली कड़ी में और भी तथ्य सामने लाए जाएंगे।
बड़ागांव पीएचसी में तैनाती, लम्भुआ सीएचसी में जमे डॉक्टर पर गंभीर सवाल; स्टिंग में सामने आए ड्यूटी और कार्यस्थल को लेकर कथित विरोधाभास *सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की नोटिस भी डॉक्टर पर बेअसर* लम्भुआ, सुलतानपुर। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों की तैनाती और ड्यूटी को लेकर लम्भुआ क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बड़ागांव पीएचसी में तैनात डॉक्टर राम सजीवन लंबे समय से लम्भुआ सीएचसी में बैठकर कार्य कर रहे हैं, जबकि उनकी नियमित तैनाती बड़ागांव पीएचसी में बताई जा रही है। मामला तब और गंभीर हो गया, जब शिकायत के बाद सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आया। बताया जा रहा है कि डॉक्टर राम सजीवन की सप्ताह में एक दिन लम्भुआ सीएचसी पर ड्यूटी निर्धारित है, लेकिन आरोप है कि वह निर्धारित दिन के अलावा भी सीएचसी परिसर में मौजूद रहते हैं और यहां मरीजों को देखते हैं। इतना ही नहीं, उनके ऊपर बाहर की दवाएं लिखने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि विभागीय जांच का विषय है। *महीनों के स्टिंग में खड़े हुए कई सवाल* मामले को लेकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन के दौरान जीपीएस लोकेशन, फोटो और वीडियो के माध्यम से डॉक्टर की उपस्थिति को दर्ज किए जाने का दावा किया गया है। आरोप है कि कई मौकों पर डॉक्टर राम सजीवन बड़ागांव पीएचसी के बजाय लम्भुआ सीएचसी में दिखाई दिए।सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि डॉक्टर की तैनाती बड़ागांव पीएचसी में है और लम्भुआ सीएचसी में उनकी नियमित ड्यूटी निर्धारित नहीं है, तो वह लगातार सीएचसी के एक कक्ष में बैठकर कार्य कैसे कर रहे हैं? *अधीक्षक की मौजूदगी में बैठने का आरोप* आरोप तो यहां तक है कि डॉक्टर राम सजीवन सीएचसी के प्रथम कक्ष में बैठकर कार्य करते हैं और यह सब सीएचसी अधीक्षक राघवेन्द्र की मौजूदगी में होता है। यदि आरोप सही हैं तो यह सवाल स्वाभाविक है कि अस्पताल परिसर में डॉक्टर की मौजूदगी और कार्यप्रणाली की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को क्यों नहीं हुई सीएचसी परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात भी सामने आती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि कैमरों की निगरानी और अस्पताल की दैनिक व्यवस्था देखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से यह कथित गतिविधियां कैसे बचती रहीं? *शिकायत के बाद नोटिस, लेकिन सवाल
अब भी बरकरार* मामला जनसुनवाई के माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचने के बाद सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की ओर से डॉक्टर राम सजीवन को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। नोटिस में उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया कि वह लम्भुआ सीएचसी में किस आधार पर बैठकर कार्य कर रहे हैं। यह कार्रवाई अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। यदि अधीक्षक को यह जानकारी नहीं थी कि कौन डॉक्टर किस पीएचसी पर तैनात है और कौन कहां कार्य कर रहा है, तो अस्पताल की प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। और यदि जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? *‘पहचान’ और ‘दबदबे’ की चर्चाओं ने बढ़ाया संदेह* स्थानीय सूत्र डॉक्टर राम सजीवन के कथित रूप से प्रभावशाली संपर्कों और पारिवारिक पहचान का हवाला देते हुए विभागीय स्तर पर दबदबे की चर्चाएं कर रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यही वजह है कि पूरे मामले में निष्पक्ष विभागीय जांच बेहद जरूरी हो जाती है, ताकि यह साफ हो सके कि डॉक्टर की वास्तविक तैनाती क्या है, उनकी निर्धारित ड्यूटी कहां है और वह किन परिस्थितियों में लम्भुआ सीएचसी में कार्य कर रहे हैं। *बड़ा सवाल—व्यवस्था चल रही है या ‘व्यवस्था’ कराई जा रही है* सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि डॉक्टर की तैनाती एक स्थान पर है और वह कथित तौर पर दूसरे अस्पताल में लंबे समय तक बैठकर कार्य कर रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या विभाग के उच्चाधिकारी इससे अनजान हैं? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई? क्या डॉक्टर की उपस्थिति का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड खंगाला गया? क्या मरीजों को लिखी गई दवाओं की जांच हुई? और यदि बाहर की दवा लिखने के आरोप हैं, तो उसकी भी जांच कराई गई इन सवालों के जवाब सीएचसी प्रशासन से लेकर सीएमओ कार्यालय तक मांगे जाने चाहिए फिलहाल मामला सिर्फ एक डॉक्टर के अस्पताल में बैठने का नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी, ड्यूटी व्यवस्था और कथित प्रभाव के आगे प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति का बन गया है।अब देखना यह है कि कारण बताओ नोटिस के बाद विभाग केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रहता है या फिर डॉक्टर की तैनाती, उपस्थिति, सीसीटीवी फुटेज, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और मरीजों को लिखी गई दवाओं की निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाता है। मामले से जुड़े दस्तावेज, नोटिस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस प्रकरण की अगली कड़ी में और भी तथ्य सामने लाए जाएंगे।
- बौराजगदीशपुर में भव्य रूद्राभिषेक से गूंजा भक्ति मय माहौल ओम नमः शिवाय से गुंजायमान सुल्तानपुर। जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बौराजगदीशपुर में श्रद्धा और भक्ति के बीच रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। आचार्य ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन कराया गया। रुद्राभिषेक के दौरान मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। आयोजन में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बना।1
- पुलिस लाइन सभागार में बाल कल्याण समिति की बैठक क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में ,हुई संपन्न सुल्तानपुर जनपद में पुलिस लाइन सभागार में क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में बाल कल्याण समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें बैठक का संचालन बाल कल्याण समिति के न्यायिक मजिस्ट्रेट शिव मूर्ति पांडे ने किया वहीं अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल ने पास्को एक्ट के तहत सभी आए हुए थाने के नामित बाल कल्याण अधिकारी को पूर्ण रूप से जानकारियां दी,इसी दौरान नाबालिक बच्चों पर विशेष ध्यान देते हुए उम्र के प्रमाण पत्र पर पूर्ण रूप से चर्चा की , वहीं दूसरी तरफ हलियापुर थाने के संबंधित एक मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी व बाल कल्याण समिति की टीम तरफ से थाना प्रभारी व नामित अध्यक्ष की बड़ी ही प्रशंसा की, और यह भी उन्होंने कहा कि दिशा निर्देश के अनुसार वहां पर बच्चे को संरक्षित करते हुए पेश किया गया है, बैठक में मौजूद गरीब सेवा समिति के अध्यक्ष घनश्याम वर्मा, व अन्य विभाग से आए हुए अधिकारी सहित समस्त थानों के नामित बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मौजूद रहे1
- *दिनाँक-26.08.2026 को सुलतानपुर शहर में डायवर्जन के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री राघवेन्द्र सिंह की बाइट *दिनाँक-26.08.2026 को सुलतानपुर शहर में डायवर्जन के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री राघवेन्द्र सिंह की बाइटः-*1
- *रक्षाबन्धन पर्व के सुअवसर पर उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम की समस्त बसों में सभी महिलाओं को एक सहयात्री के साथ दिनांक 27.08.2026 की प्रातः 06:00 बजे से दिनांक 29.08.2026 की मध्य रात्रि 12:00 बजे तक निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में।*1
- सलाहपुर गांव में जमीनी रंजिश को लेकर युवक की पिटाई पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले जाकर कर रही कार्रवाई पट्टी। जमीन पर अवैध कब्जे का विरोध करने पर युवक को जमकर मारा पीटा गया। घायल युवक ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया है। जौनपुर जनपद के सुजानगंज थाना अंतर्गत केवटली गांव निवासी प्रदीप कुमार यादव ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि वह बधवा बाजार स्थित अपनी भूमि पर निर्माण कर गाटर पटिया की दुकान चलाता है। सोमवार को वह अपने दुकान के पीछे गया तो उसकी भूमि पर जो तालाबी भूमि से सटी है, उस पर पड़ोस के कुछ लोग गोबर आदि फेंक कर कब्जा कर रहे थे। उसने जब विरोध किया तो आरोप है कि विपक्षियों ने उसे जमकर मारा पीटा। जिससे उसे काफी चोटे आ गई। पीड़ित का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर थाना पहुंचा तो पुलिस विपक्षियों के साथ उसे भी हिरासत में ले लिया। उसका मेडिकल आदि भी नहीं करवाया गया।1
- गोसाईगंज कारगिल मानसिंह गेट से लेकर हयात नगर रोड हुआ जलमग्न, राहगीरों को आने जाने में हो रही ,परेशानियों सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत गोसाईगंज बाजार से स्थित कारगिल में शहीद हुए मानसिंह गेट से लेकर हयात नगर को जाने वाली संपर्क सड़क मार्ग पूर्ण रूप से जर्जर होने की वजह से थोड़ी सी बारिश को लेकर जलमग्न हो जाती है, जहां पर यह साफ वीडियो में दिख रहा है,और लगभग हजारों की संख्या में रोजाना आने-जाने वाले राहगीरो को काफी परेशानियां हो रही है जो कि यह सड़क नाले का आकर लेकर जल वहाव हो कर रही है, जहां पर जिम्मेदार लोग अभी भी इस रोड पर ध्यान नहीं, दे रहे हैं1
- सुल्तानपुर में दीवार ढहने से व्यक्ति की मौत;बारिश के कारण हादसा, पत्नी गंभीर रूप से घायल सुल्तानपुर जिले के धम्मौर थाना अंतर्गत अकारीपुर गांव में बुधवार तड़के हुई भारी बारिश के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। बारिश के चलते एक मकान की कच्ची दीवार ढह गई, जिसके मलबे में दबकर एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। यह घटना धम्मौर थाना क्षेत्र के अकारीपुर गांव की है। पीड़ित अमरजीत कुमार ने बताया कि हादसा रात करीब 3 बजे के बाद हुआ, जब उनके माता-पिता घर के अंदर सो रहे थे। लगातार बारिश के कारण मकान की कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अमरजीत के पिता संतराम (70वर्ष) पुत्र हेलई की मलबे में दबकर मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनकी माताजी गंभीर रूप से घायल हो गईं। अमरजीत के अनुसार, उनकी मां के सिर, पेट और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं और हाथ में फ्रैक्चर भी हुआ है। घायल महिला को तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया जहां उन्हें भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है और उनका उपचार जारी है। वही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम में भेजकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दिया है।1
- चौकिया–भरकट–लालपूरा मार्ग की हालत कब सुधरेगी सुल्तानपुर के लम्भुआ क्षेत्र में चौकिया से भरकट होते हुए लालपूरा जाने वाली सड़क विगत कई वर्षों से जर्जर हालत में है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, महिलाएं और बड़ी संख्या में आम नागरिक आवागमन करते हैं। सुल्तानपुर के लम्भुआ क्षेत्र में चौकिया से भरकट होते हुए लालपूरा जाने वाली सड़क विगत कई वर्षों से जर्जर हालत में है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, महिलाएं और बड़ी संख्या में आम नागरिक आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और यह मार्ग दिन-ब-दिन दुर्घटना की आशंका को बढ़ा रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि कई बार स्थानीय लोगों द्वारा शासन-प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। सड़क पहले से बनी हुई है, फिर आखिर इसके मरम्मत कार्य में इतनी देरी क्यों हो रही है? क्या शासन-प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? मैं सुल्तानपुर के जिलाधिकारी महोदय से विनम्र निवेदन करता हूँ कि जनहित को गंभीरता से लेते हुए चौकिया–भरकट–लालपूरा मार्ग का शीघ्र निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि स्कूली बच्चों और आम जनमानस को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। अंकित कोरी समाजसेवी लम्भुआ1
- जम्मू के रहने वाले ड्राइवर ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर की आत्महत्या, कंटेनर से फांसी लगाकर जान दी सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक कंटेनर ट्रक के ड्राइवर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना किलोमीटर संख्या 126 पर हुई। मृतक की पहचान जम्मू के रियासी जिले के निवासी ओमप्रकाश (44) पुत्र देवी दास के रूप में हुई है। सुरक्षा अधिकारी राम चरण वर्मा को 26 अगस्त, को सुबह इस घटना की सूचना मिली। इसके बाद सुरक्षा अधिकारी कपिल देव यादव अपनी टीम के साथ सुबह 7:40 बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि कंटेनर नंबर NL01 AK5262 के दाहिनी ओर की खूंटियों से नायलॉन की रस्सी बांधकर ड्राइवर लटका हुआ था। घटना की सूचना तुरंत गोसाईगंज थाना प्रभारी को दी गई। 112 नंबर की गाड़ी भी मौके पर पहुंची। सुबह 7:50 बजे थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जिसके बाद फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई। जयसिंहपुर सीओ सुबह 8:00 बजे मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी गोसाईगंज ने आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और शव को एंबुलेंस द्वारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में लेकर गोसाईगंज थाने ले गई है। यातायात में किसी प्रकार का अवरोध नहीं हुआ। मृतक की पहचान उसकी जेब से बरामद आधार कार्ड के आधार पर हुई। आधार कार्ड के अनुसार, ओमप्रकाश पुत्र देवी दास, उम्र 44 वर्ष, मकान नंबर 222, ग्राम शीला, पोस्ट रियासी, जिला रियासी, जम्मू का निवासी था। गोसाईगंज पुलिस थाने द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर, सुनील कुमार सिंह ने बताया कि थाना गोसाईगंज क्षेत्र अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक ट्रक चालक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई है और गोसाईगंज पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1