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पूर्वी चंपारण ज़िले के लछिरमा स्कूल में लगातार जलभराव की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि वहाँ से पानी की निकासी नहीं हो पाती। इस समस्या के कारण स्कूल आने-जाने वाले छात्रों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
Tabrez Alam
पूर्वी चंपारण ज़िले के लछिरमा स्कूल में लगातार जलभराव की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि वहाँ से पानी की निकासी नहीं हो पाती। इस समस्या के कारण स्कूल आने-जाने वाले छात्रों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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- बेरुआरबारी क्षेत्र के बाबा अमरनाथ करिहरा बेरूआरबारी मंदिर प्रांगण में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन का मार्मिक प्रसंग सुनाया। इस भावपूर्ण वर्णन से पूरा पंडाल भक्ति, प्रेम और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाने लगे और उनकी आंखें नम हो गईं। महाराज जी ने बताया कि भरत मिलाप के पश्चात् भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ माता शबरी के आश्रम पहुँचे, जो अपने गुरु के वचन के अनुसार वर्षों से प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा कर रही थीं। माता शबरी ने अत्यंत प्रेम और अपार श्रद्धा के साथ उनका स्वागत किया और उन्हें चख-चखकर मीठे बेर अर्पित किए। भगवान श्रीराम ने उन बेरों में छिपे निष्कलुष प्रेम, समर्पण और अटूट भक्ति को सहर्ष स्वीकार कर यह शाश्वत संदेश दिया कि ईश्वर के दरबार में न जाति का महत्व है, न धन-वैभव का, बल्कि सच्ची श्रद्धा, निर्मल हृदय और निष्काम भक्ति ही सबसे बड़ी आराधना है। राजन जी महाराज ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान श्रीराम ने माता शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश देकर यह स्पष्ट किया कि भक्त और भगवान का संबंध केवल प्रेम, विश्वास और समर्पण पर आधारित होता है। राजन जी महाराज के अनुसार, माता शबरी का यह प्रसंग आज भी समाज को सेवा, समानता, करुणा और भक्ति का अमूल्य संदेश प्रदान करता है, साथ ही हर व्यक्ति को अहंकार त्यागकर प्रेम और विनम्रता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा के इस अत्यंत भावुक क्षण को सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं की आँखें अश्रुपूरित हो गईं और पूरा कथा पंडाल श्रीराम के जयघोष व भक्ति रस से गूँज उठा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, राकेश सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, पूर्व विधायक संजय यादव, ईश्वर दयाल मिश्रा, विश्राम सिंह, शांत स्वरूप सिंह, शशिकांत ओझा, मिथुन सिंह, राकेश महाजन सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र सिंह मुन्ना ने किया।1
- बेतिया में एक मंदिर के भीतर एक अज्ञात युवक का शव मिला है। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस मामले की गहन जाँच में जुट गई है।1
- बेरुआरबारी क्षेत्र के बाबा अमरनाथ करिहरा बेरूआरबारी मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन, अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन का एक मार्मिक प्रसंग सुनाया। इस भावपूर्ण वर्णन से पूरा पंडाल भक्ति, प्रेम और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा, और कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं, जिससे वे भाव-विभोर होकर प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाने लगे। महाराज जी ने बताया कि भरत मिलाप के पश्चात् भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ माता शबरी के आश्रम पहुंचे। माता शबरी, जो वर्षों से अपने गुरु के वचन के अनुसार प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा कर रही थीं, उन्होंने अत्यंत प्रेम और अपार श्रद्धा से उनका स्वागत किया। उन्होंने प्रभु को चख-चखकर मीठे बेर अर्पित किए। भगवान श्रीराम ने उन बेरों में छिपे निष्कलुष प्रेम, समर्पण और अटूट भक्ति को सहर्ष स्वीकार किया, जिससे यह संदेश दिया गया कि ईश्वर के दरबार में न तो जाति का महत्व है, न धन और वैभव का, बल्कि सच्ची श्रद्धा, निर्मल हृदय और निष्काम भक्ति ही सबसे बड़ी पूजा है। राजन जी महाराज ने आगे कहा कि भगवान श्रीराम ने माता शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश देकर यह स्पष्ट किया कि भक्त और भगवान का संबंध केवल प्रेम, विश्वास और समर्पण पर आधारित होता है। माता शबरी का यह प्रसंग आज भी समाज को सेवा, समानता, करुणा और भक्ति का अमूल्य संदेश प्रदान करता है, और प्रत्येक व्यक्ति को अहंकार छोड़कर प्रेम तथा विनम्रता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा के इस अत्यंत भावुक प्रसंग को सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें एक बार फिर नम हो गईं और पूरा कथा पंडाल श्रीराम के जयघोष व भक्ति रस से गूंज उठा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, राकेश सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, पूर्व विधायक संजय यादव, ईश्वर दयाल मिश्रा, विश्राम सिंह, शांत स्वरूप सिंह, शशिकांत ओझा, मिथुन सिंह, राकेश महाजन, आदि लोग उपस्थित रहे, और कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र सिंह मुन्ना ने किया।1
- भोजपुर जिले से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें भरत तिवारी के लाइव इनकाउंटर की घटना दिख रही है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- बेतिया शहर स्थित कालीबाग मंदिर परिसर के पोखरे में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मंगलवार को स्थानीय लोगों ने पोखरे के पानी में एक शव को तैरता देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जानकारी मिलते ही कालीबाग थाना अध्यक्ष अजय चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव को पोखरे से बाहर निकाला और उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंदिर के गेट के पास एक साइकिल मिली है, जिस पर एक बैग बंधा हुआ था। इस बैग से कपड़े और एक मोबाइल चार्जर बरामद हुआ है। हालांकि, मृतक युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, और न ही यह स्पष्ट हो सका है कि वह किस क्षेत्र का निवासी था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उसके फोटो और उपलब्ध जानकारी को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मृतक की पहचान कर सके तो वह तत्काल कालीबाग थाना से संपर्क करे। पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, और मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट व पहचान होने के बाद ही हो सकेगा।1
- गोपालगंज जिले में विसंभरपुर पुलिस एक ऐसे चोर को गिरफ्तार करने में विफल रही है, जिसे चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था और जिसके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की जा चुकी है। पुलिस अभी तक उस चोर को नहीं पकड़ पाई है।1
- बलिया/सुखपुरा निवासी लोकतंत्र सेनानी दीनानाथ सिंह का सोमवार सुबह निधन हो गया, जिसके बाद सुखपुरा पुलिस द्वारा उनके आवास पर उन्हें अंतिम सलामी दी गई। राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार के लिए गंगा तट पर ले जाने से पूर्व, पुलिस जवानों ने उन्हें सम्मानपूर्वक सलामी अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार रजनीश सिंह, थानाध्यक्ष रत्नेश दुबे, ग्राम पंचायत प्रशासक अभिमन्यु चौहान, शिक्षक उमेश सिंह, भाकपा के जिला सह सचिव रामानंद गौड़, पूर्व जिला मंत्री सत्य प्रकाश सिंह, पारस सिंह, अख्तर अली उर्फ ललू जी, यमुना वर्मा, शंभूनाथ सिंह, गुलाम राजभर, विप्लव सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बाद में गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहाँ क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके बड़े पुत्र प्रदीप सिंह ने मुखाग्नि दी। इसी क्रम में, इंटर कॉलेज सुखपुरा में एक शोकसभा का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंध समिति के उप प्रबंधक रहे दीनानाथ सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोकसभा में विद्यालय के प्रबंधक दिनेश चंद्र सिंह, प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार सिंह, विजय शंकर सिंह सहित शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।1
- जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन क्लब के बाहर हुई चाकूबाजी की घटना अब एक बड़े जनआक्रोश और तनावपूर्ण स्थिति में बदल गई है। टीएमएच में इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत की पुष्टि होते ही पूरे इलाके में माहौल अचानक उग्र हो गया। मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा, जिसके बाद अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते गंभीरता से कार्रवाई की होती, तो शायद हिमांशु सिंह की जान बचाई जा सकती थी। इसी नाराजगी के बीच भीड़ ने थाना अध्यक्ष के सस्पेंड की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और कई जगहों पर सड़क जाम किए जाने की भी सूचना है, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं और आरोप लगाया है कि घटना के बाद कार्रवाई की गति बेहद धीमी रही, जिससे स्थिति और बिगड़ती चली गई। परिजनों ने साफ तौर पर प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की है। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर पुलिस या प्रशासन की ओर से अब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी का विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। वहीं, पुलिस सूत्रों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की संभावना भी जताई जा रही है। चाकूबाजी की इस दर्दनाक घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां एक युवा की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर उतरा जनआक्रोश प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। पूरे मामले ने अब एक संवेदनशील और विस्फोटक रूप ले लिया है, जहां हर तरफ गुस्सा, आक्रोश और न्याय की मांग तेज होती जा रही है।1