शंकराचार्य स्वामी को सभा करने की अनुमती मिली पर छथ्वीस सर्तों के साथ।। भरथना/ इटावा। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सभा की लखनऊ प्रशासन से अनुमति मिल गई है। हालांकि, 26 शर्तें भी रखी गई हैं। प्रशासन के मुताबिक, किसी भी शर्त के टूटने पर अनुमति रद्द हो जाएगी। सभा में धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काने वाली बात नहीं होगी। कोविड के नियमों का भी पालन करना होगा। किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। 7 मार्च से काशी से शुरू हुई शंकराचार्य की “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” आज देर रात लखनऊ में प्रवेश करेगी। 11 मार्च को वे लखनऊ में धर्मसभा करेंगे। इसमें सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग करेंगे। अभी शंकराचार्य सीतापुर पहुंचे हैं। यहां उन्होंने कहा- गो-रक्षा से ही दुनिया की रक्षा संभव है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य गो-माता की रक्षा करना है। लखनऊ प्रशासन ने 26 शर्तें रखीं 1. धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काने वाली बात नहीं होगी। 2. किसी राजनीतिक या धार्मिक व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा नहीं होगी। 3. नाबालिग बच्चों से विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे। 4. सीमित वाहन आएंगे, जिससे ट्रैफिक न रुके। 5. पारंपरिक झंडे के अलावा कोई खतरनाक चीज नहीं लाई जाएगी। 6. अपनी मांगों का ज्ञापन संबंधित अधिकारी को दिया जाएगा। 7. किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। 8. पुलिस बल का खर्च आयोजकों को देना होगा। 9. शांत इलाकों में ढोल, संगीत और लाउडस्पीकर बैन रहेंगे। 10. ट्रैफिक और फायर विभाग के निर्देश मानने होंगे। 11. जरूरी सरकारी अनुमति आयोजक खुद लेंगे। 12. सड़क या सार्वजनिक जगह पर गाड़ियां पार्क नहीं होंगी। 13. ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन होगा। 14. आवाज तय सीमा (75 डेसीबल) से ज्यादा नहीं होगी। 15. आतिशबाजी, हथियार और हर्ष फायरिंग पूरी तरह मना है। 16. ध्वनि प्रदूषण के नियम तोड़ने पर कानून के तहत सजा हो सकती है। 17. किसी भी जरूरी लाइसेंस या अनुमति से छूट नहीं मिलेगी। 18. पुलिस के सभी निर्देश मानने होंगे। 19. पंडाल की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर होगी। 20. पर्याप्त निजी सुरक्षा गार्ड तैनात होंगे। 21. कोई सांप्रदायिक, जातीय या भड़काऊ बयान नहीं दिया जाएगा। 22. रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक आवाज बंद रहेगी। 23. स्थान का किराया और अन्य शुल्क आयोजक देंगे। 24. कोविड-19 से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। 25. जुलूस या शोभायात्रा की अनुमति नहीं होगी। 26. किसी भी शर्त के टूटने पर अनुमति अपने आप रद्द हो जाएगी।
शंकराचार्य स्वामी को सभा करने की अनुमती मिली पर छथ्वीस सर्तों के साथ।। भरथना/ इटावा। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सभा की लखनऊ प्रशासन से अनुमति मिल गई है। हालांकि, 26 शर्तें भी रखी गई हैं। प्रशासन के मुताबिक, किसी भी शर्त के टूटने पर अनुमति रद्द हो जाएगी। सभा में धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काने वाली बात नहीं होगी। कोविड के नियमों का भी पालन करना होगा। किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। 7 मार्च से काशी से शुरू हुई शंकराचार्य की “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” आज देर रात लखनऊ में प्रवेश करेगी। 11 मार्च को वे लखनऊ में धर्मसभा करेंगे। इसमें सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग करेंगे। अभी शंकराचार्य सीतापुर पहुंचे हैं। यहां उन्होंने कहा- गो-रक्षा से ही दुनिया की रक्षा संभव है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य गो-माता की रक्षा करना है। लखनऊ प्रशासन ने 26 शर्तें रखीं 1. धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काने वाली बात नहीं होगी। 2. किसी राजनीतिक या धार्मिक व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा नहीं होगी। 3. नाबालिग बच्चों से विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे। 4. सीमित वाहन आएंगे, जिससे ट्रैफिक
न रुके। 5. पारंपरिक झंडे के अलावा कोई खतरनाक चीज नहीं लाई जाएगी। 6. अपनी मांगों का ज्ञापन संबंधित अधिकारी को दिया जाएगा। 7. किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। 8. पुलिस बल का खर्च आयोजकों को देना होगा। 9. शांत इलाकों में ढोल, संगीत और लाउडस्पीकर बैन रहेंगे। 10. ट्रैफिक और फायर विभाग के निर्देश मानने होंगे। 11. जरूरी सरकारी अनुमति आयोजक खुद लेंगे। 12. सड़क या सार्वजनिक जगह पर गाड़ियां पार्क नहीं होंगी। 13. ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन होगा। 14. आवाज तय सीमा (75 डेसीबल) से ज्यादा नहीं होगी। 15. आतिशबाजी, हथियार और हर्ष फायरिंग पूरी तरह मना है। 16. ध्वनि प्रदूषण के नियम तोड़ने पर कानून के तहत सजा हो सकती है। 17. किसी भी जरूरी लाइसेंस या अनुमति से छूट नहीं मिलेगी। 18. पुलिस के सभी निर्देश मानने होंगे। 19. पंडाल की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर होगी। 20. पर्याप्त निजी सुरक्षा गार्ड तैनात होंगे। 21. कोई सांप्रदायिक, जातीय या भड़काऊ बयान नहीं दिया जाएगा। 22. रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक आवाज बंद रहेगी। 23. स्थान का किराया और अन्य शुल्क आयोजक देंगे। 24. कोविड-19 से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। 25. जुलूस या शोभायात्रा की अनुमति नहीं होगी। 26. किसी भी शर्त के टूटने पर अनुमति अपने आप रद्द हो जाएगी।
- Post by Kanhaiya lal1
- takha Indian Gas agency karmchari ne camera dikhane se keya mana 🤔 jald se jald karva ho agency per camera kyon band hai Raat mein Koi chori kar le keya kari gi1
- अमेरिका ईरान के छिड़े भीषण युद्ध का असर इस जनपद के गैस एजेंसियों की मनमानी व कालाबाजारी से यहां घरेलू उपभोक्ताओं को काफी अपमानित किया गया। लोहिया गैस एजेंसी में गैस की किल्लत को लेकर अपने काफी दिनों से बुक गैस उपभोक्ताओं की आज सुबह से लम्बी कतारें लगी रहीं जहां शाम को दो ट्रकों में सिलेण्डर आने के बाद कुछ अपने चहेतों को सिलेण्डर दिये इस बीच गैस एजेंसी के मैनेजर विकास यादव व उपभोक्ताओं में काफी नोक झोंक हुई जहां मालिक सिद्धार्थ भदौरिया की शह पर मैनेजर विकास यादव ने कई महिलाओं को अपमानित किया। तथा आए दिन यह उपभोक्ताओं को अपमानित करता है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस गैस एजेंसी में खुलकर कालाबाजारी हो रही जहां जिला प्रशासन को इसके खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए। और इस माह के गैस उपलब्ध होनी चाहिए।1
- Post by Rohit Kumar4
- इटावा। जनपद के ऊसराहार क्षेत्र में कथित रूप से संचालित अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई न होने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में कई क्लीनिक बिना मान्यता के संचालित होने की चर्चाएं हैं, लेकिन अब तक उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रशांत कुमार यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक पर पोस्ट करते हुए स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों या क्लीनिकों से रिश्वत नहीं मिलती, उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जबकि अन्य को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के समक्ष रखी जाएगी और दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रशांत कुमार यादव ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ अल्ट्रासाउंड सेंटर फर्जी डिग्री से संचालित हो रहे थे और वहां लिंग परीक्षण जैसे गंभीर मामलों की शिकायतें भी सामने आईं थीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ समय पहले एक सेंटर फर्जी डिग्री के आधार पर संचालित होता पाया गया था, लेकिन उसके खिलाफ न तो कोई मुकदमा दर्ज किया गया और न ही सख्त कार्रवाई की गई। आरोप है कि बाद में दूसरी डिग्री लगाकर सेंटर को दोबारा संचालित करा दिया गया। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. सतेंद्र यादव ने क्षेत्र के कुछ अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच कर जुर्माना लगाया था, जिसके बाद यह मामला और चर्चा में आ गया। वहीं डिप्टी सीएमओ डॉ. सतेंद्र यादव ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कोई क्लीनिक बिना पंजीकरण के संचालित पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 29 अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की जा चुकी है। फिलहाल यह मामला पूरे जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- Post by PK Crime Story1
- Post by Shuru User, satendra kevat1
- Post by Rohit Kumar1