उन्नाव के सफीपुर क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा एक भूमि विवाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ तक पहुँच गया है। याचिका संख्या 877/2025 में यह आरोप लगाया गया है कि याची की हिस्सेदारी वाली भूमि का कथित रूप से फर्जी बैनामा कराकर उसके वैधानिक अधिकारों का हनन किया गया है। याचिका के अनुसार, गाटा संख्या 1145, जिसका कुल रकबा 0.2400 हेक्टेयर है, में सराय सूबेदार निवासी रामबाबू कश्यप का 1/6 हिस्सा, यानी 0.040 हेक्टेयर भूमि पर वैधानिक अधिकार था। आरोप है कि विपक्षी पक्षों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी, कूटरचना और एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इस भूमि का बैनामा महावीर सिंह के पक्ष में करा दिया, जबकि भूमि में याची का वैध हिस्सा अभी भी मौजूद था। याची का कहना है कि उसने इस मामले में कार्रवाई के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उन्नाव के समक्ष भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 156(3) के तहत एक प्रार्थना पत्र दिया था। हालाँकि, अपेक्षित न्याय न मिलने के कारण उसे उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। इस याचिका को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 528 तथा पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के अंतर्गत दाखिल किया गया है। याचिका में अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों को विधि-विरुद्ध बताते हुए उन्हें निरस्त किए जाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट से यह प्रार्थना की गई है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए, संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं, और कथित फर्जीवाड़े की सच्चाई को सामने लाया जाए। इस मामले के हाईकोर्ट पहुँचने के बाद, सफीपुर क्षेत्र में भूमि विवादों और कथित भू-माफिया गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, जिन व्यक्तियों के नाम स्थानीय स्तर पर चर्चा में हैं, उनके विरुद्ध अभी तक किसी सक्षम न्यायालय द्वारा कोई दोष सिद्ध नहीं किया गया है। सफीपुर क्षेत्र में सरकारी गाटा संख्या 3327 (0.890 हे.), चक रोड संख्या 1149 (0.1040 हे.), तथा गाटा संख्या 1145, 1134ख, 1141ख और 1144मि से जुड़े विवाद पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। इन भूमि खंडों पर कथित अवैध कब्जे, प्लॉटिंग और आरसीसी सड़क निर्माण के आरोप लगते रहे हैं, और इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत कर एसआईटी जांच, पैमाइश तथा अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग भी की जा चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में विचाराधीन है, और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उन्नाव के सफीपुर क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा एक भूमि विवाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ तक पहुँच गया है। याचिका संख्या 877/2025 में यह आरोप लगाया गया है कि याची की हिस्सेदारी वाली भूमि का कथित रूप से फर्जी बैनामा कराकर उसके वैधानिक अधिकारों का हनन किया गया है। याचिका के अनुसार, गाटा संख्या 1145, जिसका कुल रकबा 0.2400 हेक्टेयर है, में सराय सूबेदार निवासी रामबाबू कश्यप का 1/6 हिस्सा, यानी 0.040 हेक्टेयर भूमि पर वैधानिक अधिकार था। आरोप है कि विपक्षी पक्षों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी, कूटरचना और एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इस भूमि का बैनामा महावीर सिंह के पक्ष में करा दिया, जबकि भूमि में याची का वैध हिस्सा अभी भी मौजूद था। याची का कहना है कि उसने इस मामले में कार्रवाई के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उन्नाव के समक्ष भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 156(3) के तहत एक प्रार्थना पत्र दिया था। हालाँकि, अपेक्षित न्याय न मिलने के कारण उसे उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। इस याचिका को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 528 तथा पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के अंतर्गत दाखिल किया गया है। याचिका में अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों को विधि-विरुद्ध बताते हुए उन्हें निरस्त किए जाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट से यह प्रार्थना की गई है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए, संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं, और कथित फर्जीवाड़े की सच्चाई को सामने लाया जाए। इस मामले के हाईकोर्ट पहुँचने के बाद, सफीपुर क्षेत्र में भूमि विवादों और कथित भू-माफिया गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, जिन व्यक्तियों के नाम स्थानीय स्तर पर चर्चा में हैं, उनके विरुद्ध अभी तक किसी सक्षम न्यायालय द्वारा कोई दोष सिद्ध नहीं किया गया है। सफीपुर क्षेत्र में सरकारी गाटा संख्या 3327 (0.890 हे.), चक रोड संख्या 1149 (0.1040 हे.), तथा गाटा संख्या 1145, 1134ख, 1141ख और 1144मि से जुड़े विवाद पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। इन भूमि खंडों पर कथित अवैध कब्जे, प्लॉटिंग और आरसीसी सड़क निर्माण के आरोप लगते रहे हैं, और इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत कर एसआईटी जांच, पैमाइश तथा अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग भी की जा चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में विचाराधीन है, और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- उन्नाव जिले में ओवरलोड वाहनों, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग का विशेष अभियान जारी है। इस अभियान के तहत 1 अप्रैल से अब तक लगभग 2 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर खनन विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन ने मिलकर एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। टास्क फोर्स द्वारा हर दूसरे दिन रात में औचक निरीक्षण किया जा रहा है, वहीं प्रमुख चेक प्वाइंटों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन सड़कों पर न चल सकें। एआरटीओ के अनुसार, 1 अप्रैल से अब तक लगभग 750 वाहनों पर बिना नंबर प्लेट के लिए कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, ओवरलोडिंग के आरोप में लगभग 250 वाहनों का चालान कर उन्हें बंद किया गया है, जबकि क्षमता से अधिक माल ढोने के लिए वाहनों की बॉडी बढ़ाने वाले करीब 170 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। सड़क हादसों का कारण बनने वाले नो पार्किंग में खड़े वाहनों और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाकर 125 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। बिना नंबर प्लेट या नंबर छिपाकर चलने वाले 724 डंपर और ट्रकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें नंबर प्लेट पर कालिख पोतना, कीचड़ लगाना या नंबर अधूरा प्रदर्शित करने जैसी शिकायतें शामिल थीं; ऐसे वाहनों पर पहले चालान और फिर सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। यातायात नियमों के अन्य उल्लंघनों पर भी कार्रवाई करते हुए 2066 लोगों के चालान किए गए हैं। इस अभियान से अब तक लगभग दो करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। एआरटीओ ने यह भी बताया कि ओवरलोडिंग में काफी कमी आई है और पहले की तुलना में सड़क पर ओवरलोड वाहन कम दिखाई दे रहे हैं। विभाग का लक्ष्य ओवरलोडिंग को पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रात्रिकालीन अभियान लगातार जारी रहेगा और टास्क फोर्स समय-समय पर कार्रवाई करती रहेगी, जिसमें ओवरलोडिंग और नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।4
- जगदलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक तीन दिवसीय विकास प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ किया गया। विधायक किरण सिंह देव ने फीता काटकर इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसे उन्होंने देश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और 'नए भारत' की उपलब्धियों का एक सशक्त प्रदर्शन बताया। यह भव्य प्रदर्शनी मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों की झलक प्रस्तुत करती है।1
- लोगों ने पुलिस से आग्रह किया है कि उन्हें जंतर मंतर आने से न रोका जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोई गलत कार्य नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं जिन्होंने आत्महत्या कर ली है।1
- कानपुर नगर के परमट मंदिर आनंदेश्वर के पास गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जहां छोटे बच्चे और कम आयु के लोग बीच धारा में स्नान व जलक्रीड़ा कर रहे हैं। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्धि भारत समाचार पत्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 21 जून, रविवार को लगभग 7 बजकर 52 मिनट पर किसी जनमानस द्वारा यह वीडियो प्रकाशित किया गया था, जिसमें अज्ञात बच्चे बीच धारा में जल क्रीड़ा करते दिख रहे थे। हालांकि, संवाददाता दिनकर जी ने वीडियो की पुष्टि नहीं की है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए, रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई गई है कि यदि इन बच्चों के साथ कोई अनहोनी या दुर्घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि आमतौर पर जनरक्षक किसी समस्या या दुर्घटना के बाद ही उचित कार्रवाई करते हैं। भविष्य में संभावित अनहोनी और उसके बाद की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं, साथ ही शासन और प्रशासन की चुप्पी पर भी प्रश्नचिह्न लगाया गया है, यह पूछा गया है कि आखिर प्रशासन इस गंभीर विषय पर मौन क्यों है।1
- खुद को चमत्कारी बताने वाला 'बोतल बाबा' अब सलाखों के पीछे पहुंच गया है। खबर के अनुसार, यह व्यक्ति खुद को चमत्कारी बताता था, जिसके बाद उसे सलाखों के पीछे डाल दिया गया है।1
- कुंदन रोड नगर पालिका क्षेत्र में स्थित अनवार अहमद एजुकेशन सेंटर स्कूल के भीतर और बाहर से नालियों में कूड़ा फेंके जाने के कारण गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस लापरवाही के चलते नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं, जिससे पानी की निकासी रुक गई है। पानी के न निकल पाने से स्थानीय जनता बेहद परेशान है और इस समस्या पर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।1
- कुंदन रोड, नगर पालिका क्षेत्र में स्थित अनवार अहमद एजुकेशन सेंटर स्कूल के बाहर और अंदर से नाड़े में कूड़ा फेंका जा रहा है। इस लगातार कूड़ा फेंकने के कारण क्षेत्र की नालियाँ पूरी तरह से जाम हो गई हैं, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पानी के जमाव के चलते स्थानीय जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनता ने इस गंभीर समस्या पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने की मांग की है।1