शुक्रवार को प्रयागराज की फूलपुर तहसील परिसर में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन किया। सपा जिलाध्यक्ष (गंगापार) अनिल यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता अपने हाथों में गैस सिलेंडर और विरोध स्वरूप पोस्टर लेकर तहसील पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने बढ़ती महंगाई, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा। प्रदर्शन के बाद, सपा नेताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपकर इन समस्याओं के समाधान की मांग की। ज्ञापन में विशेष रूप से महंगाई पर नियंत्रण करने, युवाओं को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने और पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ देर के लिए नोकझोंक भी हुई, क्योंकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया था। हालांकि, सपा कार्यकर्ता अपनी मांगों पर डटे रहे और अंततः एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद ही उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जनसमस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो पार्टी भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी।
शुक्रवार को प्रयागराज की फूलपुर तहसील परिसर में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन किया। सपा जिलाध्यक्ष (गंगापार) अनिल यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता अपने हाथों में गैस सिलेंडर और विरोध स्वरूप पोस्टर लेकर तहसील पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने बढ़ती महंगाई, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा। प्रदर्शन के बाद, सपा नेताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपकर इन समस्याओं के समाधान की मांग की। ज्ञापन में विशेष रूप से महंगाई पर नियंत्रण करने, युवाओं को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने और पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ देर के लिए नोकझोंक भी हुई, क्योंकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया था। हालांकि, सपा कार्यकर्ता अपनी मांगों पर डटे रहे और अंततः एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद ही उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जनसमस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो पार्टी भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी।
- उत्तराखंड के देहरादून में हुई मूसलाधार बारिश के चलते एक निर्माणाधीन दीवार ढह गई। यह दीवार एमडीडीए (MDDA) द्वारा बनाई जा रही एक परियोजना का हिस्सा थी। दीवार गिरने की इस घटना में उसके नीचे कई वाहन दब गए।1
- पीलीभीत में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने जनहित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।1
- Post by Sudheer Kumar1
- बरेली के फतेहगंज पश्चिम थाना क्षेत्र में 30 मई 2026 को एक खेत में एक व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर गहन जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए गए हैं, और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। क्षेत्राधिकारी हाईवे/लाइन्स श्री शिवम आशुतोष (आईपीएस) ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा शव की पहचान और मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द ही घटना के कारणों का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।1
- पीलीभीत जिले में अवैध खनन का सिलसिला मुख्यमंत्री योगी की फटकार के बावजूद जारी है, जिससे जिला अधिकारी (DM) इसे रोकने में नाकाम साबित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जिला अधिकारी के आदेशों का सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) पर कोई असर नहीं होता। अवैध खनन का यह कार्य जरा चौकी के आगे संडई हल्ट के पास रायपुर में पूरी रात चलता रहता है।1
- देशभर में बढ़ती महंगाई और उत्तर प्रदेश में गहराते बिजली संकट के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में, शनिवार को पीलीभीत में सपा कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने सरकार की जनविरोधी नीतियों के प्रति अपना आक्रोश जताते हुए एक कार को रस्सी से खींचकर जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन सपा के प्रदेशव्यापी आह्वान का हिस्सा था। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शनिवार दोपहर को केजीएन कॉलोनी स्थित पार्टी के जिला कार्यालय पर एकत्र हुए। यहाँ से शुरू होकर यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचा। रास्ते भर प्रदर्शनकारी तख्तियाँ और बैनर थामे सरकार विरोधी नारे लगाते रहे, और कार को रस्सी से खींचने का यह दृश्य राहगीरों के लिए भी कौतूहल का विषय बना रहा। कलेक्ट्रेट पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जग्गा ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से बुरी तरह त्रस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम आम आदमी के बजट से बाहर हो चुके हैं, और इसी कारण उन्हें कार को रस्सी से खींचकर यह दिखाना पड़ रहा है कि गाड़ियाँ अब केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। सपा नेताओं ने उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह चरमराया हुआ बताया, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की जनता परेशान है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सपाइयों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन जनविरोधी नीतियों को जल्द वापस नहीं लिया और महंगाई व बेरोजगारी पर लगाम नहीं लगाई, तो समाजवादी पार्टी सड़क से संसद तक अपने आंदोलन को और उग्र करेगी। प्रदर्शन के समापन पर महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया।3
- Post by Sudheer Kumar1
- पीलीभीत जिले के पूरनपुर में शनिवार देर शाम राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टैक्स चोरी की पुख्ता आशंका के चलते SIB की टीम ने नगर स्थित प्रसिद्ध 'पारस मोबाइल' की दुकान पर अचानक छापेमारी की, जिससे स्थानीय बाजार और मोबाइल व्यापारियों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई होते ही आसपास के अन्य मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं और मौके से रफूचक्कर हो गए। मामले की जानकारी देते हुए SIB के डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि पारस मोबाइल के व्यावसायिक खातों और टर्नओवर की प्राथमिक जांच में एक बड़ा वित्तीय विसंगति (मिसमैच) सामने आया है। डेटा के अनुसार, फर्म ने लगभग 80 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बिक्री दिखाई है, लेकिन इसके एवज में अब तक कुल मिलाकर महज 24 लाख रुपये का ही टैक्स जमा किया गया है। टर्नओवर और जमा किए गए टैक्स के बीच का यह भारी अंतर प्राथमिक तौर पर गंभीर टैक्स चोरी की ओर इशारा कर रहा है, इसी संदेह के आधार पर विभाग ने यह औचक कार्रवाई सुनिश्चित की है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, SIB की टीम दुकान के भीतर मौजूद स्टॉक, खरीद-बिक्री के बिल, कंप्यूटर डेटा और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों ने बताया कि यह जांच काफी व्यापक है, जिसके चलते कार्रवाई देर रात तक जारी रहेगी। डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि स्टॉक के भौतिक सत्यापन और सभी अभिलेखों के मिलान के बाद ही टैक्स चोरी के वास्तविक आंकड़े का पता चल पाएगा। पूरी कार्रवाई संपन्न होने के बाद ही विभाग की ओर से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से स्थानीय कारोबारियों में हड़कंप का माहौल बना हुआ है।3