ग्वालियर जिले के हस्तिनापुर गांव में शनिवार शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ एक नवविवाहित दंपती ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर मामले की जांच शुरू कर दी। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय विनोद प्रजापति और उनकी 20 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी प्रजापति के रूप में हुई है। बताया गया है कि यह दंपती हाल ही में अपने ससुराल से लौटकर घर आया था। शनिवार शाम जब काफी देर तक उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को संदेह हुआ। दरवाजा खोलने पर दोनों के शव कमरे के अंदर एक ही रस्सी से बने फंदे पर लटके हुए मिले, जिससे पूरे परिवार में मातम छा गया। घटनास्थल की प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को कमरे में टूटे हुए मोबाइल फोन मिले हैं। इसके साथ ही, एक थाली में रखा हुआ खाना भी बरामद हुआ है, जिससे पुलिस यह अनुमान लगा रही है कि दंपती ने यह कदम उठाने से पहले भोजन किया था। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की आशंका जताई जा रही है, और इसी विवाद के चलते दोनों द्वारा यह आत्मघाती कदम उठाए जाने की संभावना व्यक्त की गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने दंपती के परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। ग्रामीणों के अनुसार, दंपती का विवाह अधिक समय पहले नहीं हुआ था और वे सामान्य जीवन जी रहे थे, जिसके कारण इस अप्रत्याशित घटना से पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही आत्महत्या के पीछे की सही वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्वालियर जिले के हस्तिनापुर गांव में शनिवार शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ एक नवविवाहित दंपती ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर मामले की जांच शुरू कर दी। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय विनोद प्रजापति और उनकी 20 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी प्रजापति के रूप में हुई है। बताया गया है कि यह दंपती हाल ही में अपने ससुराल से लौटकर घर आया था। शनिवार शाम जब काफी देर तक उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को संदेह हुआ। दरवाजा खोलने पर दोनों के शव कमरे के अंदर एक ही रस्सी से बने फंदे पर लटके हुए मिले, जिससे पूरे परिवार में मातम छा गया। घटनास्थल की प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को कमरे में टूटे हुए मोबाइल फोन मिले हैं। इसके साथ ही, एक थाली में रखा हुआ खाना भी बरामद हुआ है, जिससे पुलिस यह अनुमान लगा रही है कि दंपती ने यह कदम उठाने से पहले
भोजन किया था। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की आशंका जताई जा रही है, और इसी विवाद के चलते दोनों द्वारा यह आत्मघाती कदम उठाए जाने की संभावना व्यक्त की गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने दंपती के परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। ग्रामीणों के अनुसार, दंपती का विवाह अधिक समय पहले नहीं हुआ था और वे सामान्य जीवन जी रहे थे, जिसके कारण इस अप्रत्याशित घटना से पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही आत्महत्या के पीछे की सही वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
- भिंड में देहात थाना पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर एक संभावित वारदात को टाल दिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई आईटीआई रोड पर गश्त के दौरान हुई, जब पुलिस टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस को देखकर संदिग्ध ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से देशी पिस्टल और एक जिंदा राउंड बरामद हुआ।1
- राष्ट्रीय ड्राइवर संयुक्त मोर्चा ने सभी चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण 'चालक सुरक्षा संदेश' जारी किया है। संगठन ने ड्राइवरों से अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेने का आह्वान किया है, क्योंकि स्टेयरिंग उनके हाथ में होती है, लेकिन सैकड़ों जिंदगियां उनकी जिम्मेदारी पर निर्भर करती हैं। मोर्चा ने आज के लिए पाँच प्रमुख सुरक्षा संकल्प निर्धारित किए हैं। इनमें सबसे पहले, पूरी नींद लेकर ही गाड़ी चलाना शामिल है, क्योंकि थकान को मौत को बुलावा बताया गया है। दूसरा संकल्प सीट बेल्ट को अपना कवच मानने का है, चाहे यात्रा दो किलोमीटर की हो या दो हज़ार किलोमीटर की। तीसरा बिंदु ओवरलोडिंग से बचना है, यह कहते हुए कि मालिक के 500 रुपये के लिए जान दांव पर नहीं लगानी चाहिए। चौथा संकल्प है मोबाइल को साइलेंट रखना और ध्यान केवल सड़क पर केंद्रित करना, क्योंकि एक सेकंड की लापरवाही जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है। अंत में, सभी कागजात जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और फिटनेस को पूरा रखने पर ज़ोर दिया गया है, ताकि पुलिस से नहीं, बल्कि परेशानी से बचाव हो सके। राष्ट्रीय सचिव रामनरेश द्वारा जारी इस संदेश में सभी ड्राइवरों को याद दिलाया गया है कि घर पर कोई उनका इंतजार कर रहा है, इसलिए 'तेज नहीं, सुरक्षित पहुंचो'। संदेश में कहा गया है कि ड्राइवर केवल चालक नहीं होते, बल्कि वे किसी के पिता, पति या बेटे भी हैं। यह संदेश 'सावधानी हटी, दुर्घटना घटी' की चेतावनी और 'सुरक्षित चालक, सुरक्षित भारत' के आह्वान के साथ समाप्त होता है, सभी की यात्रा मंगलमय और सुरक्षित होने की कामना के साथ।1
- भिंड पुलिस ने लगभग 14 महीने पुराने कल्यानपुरा हत्याकांड और चोरी के सनसनीखेज मामले को सुलझा लिया है। इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वारदात में शामिल 6 अन्य अपराधी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। ये सभी शातिर अपराधी हैं और इन पर पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। चंबल जोन के पुलिस महानिरीक्षक ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए तीस हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। यह घटना 14-15 अप्रैल 2025 की रात को ग्राम कल्यानपुरा में हुई थी। इस दौरान एक फौजी की बुजुर्ग पत्नी सुशीला की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी और उनके घर से जेवरात चोरी कर लिए गए थे। मुख्य आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी एक महिला मित्र के घर रुककर पूरी घटना की रेकी की थी और फिर अपने 6 साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। मामले को सुलझाने के लिए एक विशेष जांच दल (S.I.T.) का गठन किया गया था, जिसने करीब 500 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। इसके साथ ही, तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया और 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी के मुरैना स्थित घर से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं, जिनका मूल्य लगभग 2.50 लाख रुपये बताया जा रहा है।1
- भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष गोविन्द सिंह परिहार ने एक बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि दतिया से डॉ नरोत्तम मिश्रा को कोई भी चुनाव नहीं हरा सकता। यह महत्वपूर्ण बयान उन्होंने 'आपकी जन अदालत न्यूज' पर चैनल हेड राजा भैया पाल के पॉडकास्ट में दिया। परिहार का यह इंटरव्यू मुख्य रूप से डॉ नरोत्तम मिश्रा के आगामी चुनाव को लेकर केंद्रित था।1
- भाजपा नगर मंडल द्वारा रविवार सुबह 9 बजे शासकीय सर्वोदय विद्यालय गोहद में योग दिवस का आयोजन किया गया। इस सामूहिक योग कार्यक्रम के माध्यम से स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन का संदेश प्रसारित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रेरणादायी संबोधन का भी सीधा प्रसारण किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने सुना।2
- पुलिस ने एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने का दावा किया है। हालांकि, इस मामले में किसकी हत्या हुई और कौन हत्यारा निकला, इसकी विस्तृत जानकारी जानने के लिए पाठकों को मूल खबर देखने के लिए कहा गया है।2
- दतिया में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में दतिया कलेक्टर और सेवढ़ा विधानसभा विधायक प्रदीप अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में दतिया कलेक्टर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।1
- भिंड गौरी किनारे से हत्या के प्रयास के मामले में वांछित एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक हथियार और एक कार भी जब्त की गई है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार सुबह दबोह के शासकीय हाईस्कूल परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम में गंभीर अव्यवस्थाएँ सामने आईं। निर्धारित समय सुबह 6 बजे से 7:30 बजे तक होने वाले इस कार्यक्रम के लिए विद्यालय का मुख्य द्वार बंद मिला, जिस पर ताला लटका होने के कारण सभी प्रतिभागियों को बाहर ही इंतज़ार करना पड़ा। इस दौरान नगर परिषद के कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी विद्यालय परिसर के बाहर ही खड़े नज़र आए। वार्ड पार्षद सुधीर तिवारी ने इस व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि योग दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए संबंधित विभागों को पहले से ही समुचित तैयारी सुनिश्चित करनी चाहिए थी। उन्होंने इस स्थिति को प्रशासनिक लापरवाही बताया, जिससे कार्यक्रम की गंभीरता प्रभावित हुई, खासकर जब सरकार योग को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है। पार्षद ने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1