*शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह कॉलेज में आयोजित हुई ड्रोन की ऑनलाइन कार्यशाला, दिखा उत्साह* *ड्रोन तकनीकी क्षेत्र में छात्र अपना भविष्य बना सकते हैं,यह क्षेत्र बहुत ही उज्ज्वल है बच्चो के लिए*.... डॉ प्रभांशु कुमार *ड्रोन क्षेत्र में अपार संभावना को देखते हुए कॉलेज में लगाया गया ड्रोन कार्यशाला*... डॉ संगीता पटेल ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS चायल/कौशाम्बी... शुक्रवार 9 जनवरी को शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह स्मारक पीजी कॉलेज पुरामुफ्ती कोईलहा में छात्र छात्राओं को ड्रोन के बारे में जागरूक करने और ड्रोन के विस्तृत क्षेत्र के बारे जानकारी देने के लिए इसरो की ओर से ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन डॉ प्रभांशु कुमार इंडिया स्पेसिफिक नोडल सेन्टर इसरो प्रयागराज के स्टेट कॉर्डिनेटर के नेतृत्व में किया गया।इस ऑनलाइन कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को ड्रोन तकनीक की जानकारी दी गई जिसमें उनकी संरचना, सेंसर, नियंत्रण और उड़ान प्रक्रिया समझाई गई और साथ ही कृषि, सुरक्षा, शिक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में इसके व्यावहारिक उपयोग भी बताएं गए हैं। डॉ प्रभांशु कुमार ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि कई स्कूलों और कॉलेजों में अब ड्रोन क्लब और लैब स्थापित किए जा रहे हैं, जहाँ छात्र एआई, रोबोटिक्स के साथ ड्रोन बनाना और उड़ाना सीख रहे हैं, जिससे उनमें तकनीकी कौशल और वैज्ञानिक सोच विकसित हो रही है। उन्होंने बताया कि ड्रोन के क्षेत्र में बच्चे भविष्य कैसे आगे बढ़ सकते है।भविष्य में छात्रों के लिए ड्रोन कैसे उपयोगी हो सकता है। उन्होंने बताया कि इसरो और डीआरडीओ के वैज्ञानिक और इंजीनियर ड्रोन को और उपयोगी बनाने में लगे हुए है। छात्र सिर्फ सैद्धांतिक पढ़ाई नहीं कर रहे, बल्कि ड्रोन असेंबल करना, प्रोग्राम करना और उड़ाना सीख रहे हैं।उन्हें कृषि (फसल निगरानी), सर्वेक्षण, मीडिया, स्वास्थ्य सेवा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग के बारे में बताया जा रहा है। डॉ प्रभांशु कुमार ने कहा कि छात्र खुद ड्रोन बनाकर नवाचार कर रहे हैं, जैसे कुछ छात्रों ने कबाड़ से ड्रोन बनाए हैं या मल्टी-फ्रीक्वेंसी ड्रोन विकसित किए हैं।उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों और दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रोन क्लब और इनोवेशन लैब स्थापित किए जा रहे हैं, जहाँ वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों को भी यह शिक्षा मिल रही है। उन्होंने बताया कि ड्रोन तकनीक भविष्य के तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए छात्रों को तैयार करती है।छात्र-छात्राओं को ड्रोन के माध्यम से भविष्य की तकनीकों से जोड़ा जा रहा है, जो उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानाचार्या डॉ संगीता पटेल ने कहा है आज ड्रोन लोगो की एक जरूरत बन गया है, ड्रोन से आने वाले समय मे एक वृहद क्षेत्र प्रभावित होगा। इसी के देखते हुए शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह स्मारक पीजी कॉलेज में ड्रोन की कार्यशाला इसरो की ओर से आयोजित की गई है। बच्चों ने भी ड्रोन के बारे में जानकारी बहुत ही तटस्थता से ग्रहण किया। छात्रों ने कहा कि आज ड्रोन कार्यशाला में बहुत कुछ सीखने को मिला। हम आगे ड्रोन तकनीकी में अपना कैरियर बनाने की सोच सकते हैं। बच्चो में ड्रोन कार्यशाला को लेकर बहुत उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि हम आज हर कार्य में ड्रोन की भागीदारी देख सकते हैं। इस दौरान कार्यक्रम में कालेज के टीचर्स स्टॉफ सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
*शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह कॉलेज में आयोजित हुई ड्रोन की ऑनलाइन कार्यशाला, दिखा उत्साह* *ड्रोन तकनीकी क्षेत्र में छात्र अपना भविष्य बना सकते हैं,यह क्षेत्र बहुत ही उज्ज्वल है बच्चो के लिए*.... डॉ प्रभांशु कुमार *ड्रोन क्षेत्र में अपार संभावना को देखते हुए कॉलेज में लगाया गया ड्रोन कार्यशाला*... डॉ संगीता पटेल ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS चायल/कौशाम्बी... शुक्रवार 9 जनवरी को शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह स्मारक पीजी कॉलेज पुरामुफ्ती कोईलहा में छात्र छात्राओं को ड्रोन के बारे में जागरूक करने और ड्रोन के विस्तृत क्षेत्र के बारे जानकारी देने के लिए इसरो की ओर से ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन डॉ प्रभांशु कुमार इंडिया स्पेसिफिक नोडल सेन्टर इसरो प्रयागराज के स्टेट कॉर्डिनेटर के नेतृत्व में किया गया।इस ऑनलाइन कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को ड्रोन तकनीक की जानकारी दी गई जिसमें उनकी संरचना, सेंसर, नियंत्रण और उड़ान प्रक्रिया समझाई गई और साथ ही कृषि, सुरक्षा, शिक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में इसके व्यावहारिक उपयोग भी बताएं गए हैं। डॉ प्रभांशु कुमार ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि कई स्कूलों और कॉलेजों में अब ड्रोन क्लब और लैब स्थापित किए जा रहे हैं, जहाँ छात्र एआई, रोबोटिक्स के साथ ड्रोन बनाना और उड़ाना सीख रहे हैं, जिससे उनमें तकनीकी कौशल और वैज्ञानिक सोच विकसित हो रही है। उन्होंने बताया कि ड्रोन के क्षेत्र में बच्चे भविष्य कैसे आगे बढ़ सकते है।भविष्य में छात्रों के लिए ड्रोन कैसे उपयोगी हो सकता है। उन्होंने बताया कि इसरो और डीआरडीओ के वैज्ञानिक और इंजीनियर ड्रोन को और उपयोगी बनाने में लगे हुए है। छात्र सिर्फ सैद्धांतिक पढ़ाई नहीं कर रहे, बल्कि ड्रोन असेंबल करना, प्रोग्राम करना और उड़ाना सीख रहे हैं।उन्हें कृषि (फसल निगरानी), सर्वेक्षण, मीडिया, स्वास्थ्य सेवा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग के बारे में बताया जा रहा है। डॉ प्रभांशु कुमार ने कहा कि छात्र खुद ड्रोन बनाकर नवाचार कर रहे हैं, जैसे कुछ छात्रों ने कबाड़ से ड्रोन बनाए हैं या मल्टी-फ्रीक्वेंसी ड्रोन विकसित किए हैं।उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों और दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रोन क्लब और इनोवेशन लैब स्थापित किए जा रहे हैं, जहाँ वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों को भी यह शिक्षा मिल रही है। उन्होंने बताया कि ड्रोन तकनीक भविष्य के तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए छात्रों को तैयार करती है।छात्र-छात्राओं को ड्रोन के माध्यम से भविष्य की तकनीकों से जोड़ा जा रहा है, जो उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानाचार्या डॉ संगीता पटेल ने कहा है आज ड्रोन लोगो की एक जरूरत बन गया है, ड्रोन से आने वाले समय मे एक वृहद क्षेत्र प्रभावित होगा। इसी के देखते हुए शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह स्मारक पीजी कॉलेज में ड्रोन की कार्यशाला इसरो की ओर से आयोजित की गई है। बच्चों ने भी ड्रोन के बारे में जानकारी बहुत ही तटस्थता से ग्रहण किया। छात्रों ने कहा कि आज ड्रोन कार्यशाला में बहुत कुछ सीखने को मिला। हम आगे ड्रोन तकनीकी में अपना कैरियर बनाने की सोच सकते हैं। बच्चो में ड्रोन कार्यशाला को लेकर बहुत उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि हम आज हर कार्य में ड्रोन की भागीदारी देख सकते हैं। इस दौरान कार्यक्रम में कालेज के टीचर्स स्टॉफ सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
- रामनाथ सिंह पीजी कॉलेज चायल में सम्पन्न हुआ निःशुल्क मेधा मूल्यांकन परीक्षा,500 बच्चो ने दी परीक्षा 12वी कक्षा विद्यार्थियों के जीवन लिए बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव हैं इसके बाद बच्चे किस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, तय करते हैं... डॉ एसके पटेल परीक्षा का उद्देश्य, बच्चो में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाना है... प्रदीप विश्वकर्मा यह मूल्यांकन परीक्षा गिर रहे शिक्षा स्तर को सुधारने की एक कड़ी है.. संदीप प्रजापति 1वी से 200वें स्थान पर आने सभी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा... शनि प्रताप सिंह ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू/ वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक चायल/कौशांबी.... 11 जनवरी को चायल स्थित रामनाथ सिंह पीजी कॉलेज और बाला जी हॉस्पिटल द्वारा मेधा मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया गया है। मेधा मूल्यांकन परीक्षा में विभिन्न स्कूल कालेजों के कक्षा 12वीं के विज्ञान वर्ग और कला वर्ग विद्यार्थियों ने भाग लिया है। रविवार को हुए परीक्षा में लगभग 500 बच्चों ने भाग लिया। परीक्षा 10 बजे से शुरू होकर 12 बजे तक चली। प्रश्न पत्र में कुल 100 प्रश्न दिए गए थे। इस दौरान रामनाथ सिंह पीजी कॉलेज के प्रबंधक डॉ एसके पटेल ने परीक्षा का निरीक्षण किया। डॉ एसके पटेल ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा की यह मेधा मूल्यांकन परीक्षा विद्यार्थियों की बौद्धिक परीक्षा, विषयगत ज्ञान एवं भयमुक्त परीक्षा की तैयारी का आंकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि 12वी कक्षा विद्यार्थियों के जीवन लिए बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव हैं इसके बाद बच्चे किस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, तय करते हैं। तो 12वीं की पढ़ाई बहुत गहनता से होनी चाहिए। इसीलिए यह परीक्षा आयोजित किया गया है कि बच्चे अपने आप का मूल्यांकन कर लें और आगे उसी प्रकार तैयारी करें। परीक्षा नियंत्रक रहें प्रदीप विश्वकर्मा ने कहा कि आगे भी इस तरह की परीक्षा और बड़े स्तर पर कराई जाएगी और अन्य कक्षा के विद्यार्थी भी इस परीक्षा को दे सकेंगे। प्रदीप विश्वकर्मा ने कहा यह परीक्षा अंकों की नहीं, बच्चों की प्रतिभा, आत्म विश्वास और भविष्य की तैयारी कि पहचान है। यह परीक्षा आगामी बोर्ड परीक्षा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करेगी और स्वयं को दूसरों से बेहतर साबित करने का अवसर देती है। परीक्षा संचालक संदीप प्रजापति ने कहा कि मेधा मूल्यांकन परीक्षा गिर रहे शिक्षा स्तर को सुधारने की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि आज की मेहनत कल की सफलता है। परीक्षा व्यवस्थापक शनि प्रताप सिंह ने बताया कि पुरस्कार वितरण समारोह 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन होगा। इसमें 1वी से 200वें स्थान पर आने सभी विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किया जाएगा।परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने में लवकुश, सचिन कुमार मिश्रा, विजय विश्वकर्मा, कमल चंद्र वर्मा, राजेंद्र कुमार, चंद्रभान सिंह पटेल, धर्मेंद्र कुमार सिंह का विशेष योगदान रहा है।1
- #प्रयागराज : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों पर उठी आवाज... 👉 पूरी खबर देखने के लिए हमारे फेसबुक पेज, वाट्सऐप चैनल को फॉलो करें और यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें, नीचे दिए गए लिंकों पर क्लिक करें... 👉 वाट्सऐप चैलन-https://whatsapp.com/channel/0029VaAieaUCXC3IsdYkgq1I 👉 फेसबुक पेज-https://www.facebook.com/profile.php?id=100063769788697&mibextid=ZbWKwL 👉 यूट्यूब चैनल-https://www.youtube.com/@tbnewslive72051
- #कौशाम्बी में संदीपनघाट थाना क्षेत्र के #आलमचंद से #आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले #दो_छात्र_लापता #परिजनों ने हर जगह की #खोजबीन नहीं कोई सुराग । रिंकू राज Rinku Raaz Founder : Indian National News " सच की खोज " ( भारतीय राष्ट्रीय समाचार ) #kaushambipolice #dmkaushambi #viralreelsシ #trendingvideo #viralnews #कौशाम्बी #kaushambinews #UPPolice #viralvideoシfyp1
- चित्रकूट/मऊ। ग्राम पंचायत कोल मजरा में मकर संक्रांति के अवसर पर सेवा और सामाजिक दायित्व का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। कड़ाके की ठंड से राहत दिलाने हेतु ग्राम प्रधान शोभनाथ और समाजसेवी अजय त्रिपाठी द्वारा पंचायत क्षेत्र के निहायत जरूरतमंद ग्रामीणों को लगभग 500 कंबल वितरित किए गए। इस वितरण कार्यक्रम में ग्रामीणों की बड़ी संख्या मौजूद रही तथा लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्राम प्रधान शोभनाथ ने कहा कि पंचायत स्तर पर जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देना ही वास्तविक सेवा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक सहायता पहुँचाना केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं होना चाहिए, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों को आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। वहीं समाजसेवी अजय त्रिपाठी ने बताया कि ठंड के मौसम में कई परिवार कंबल और गरम वस्तुओं के अभाव में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं। ऐसे में सहयोग का यह कार्य मानवता और संवेदनशीलता को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि आगामी समय में भी जरूरतमंदों के बीच सहयोग की ऐसी पहल जारी रहेगी। ग्रामीणों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पंचायत द्वारा कराया गया यह वितरण कार्यक्रम उनके लिए राहत लेकर आया है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के प्रयास की प्रशंसा की और आशा जताई कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्य जारी रहेंगे। ग्रामीणों की उपस्थिति तथा पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से कंबल वितरण कार्यक्रम सफल रूप से संपन्न हुआ।1
- कौशाम्बी | थाना संदीपनघाट पुलिस की बड़ी कार्रवाई जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना संदीपनघाट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दिनांक 10 जनवरी 2026 को गश्त व चेकिंग के दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने इरफान पुत्र स्व. उमर अली निवासी कुरई, थाना संदीपनघाट को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अभियुक्त को गौसपुर से उमरछा जाने वाले मार्ग पर स्थित पानी टंकी के पास से गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर और एक जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद किया गया। रविवार शाम करीब 5 बजे की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है, जिससे असामाजिक तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है। 🔹 ट्विटर हेतु टैग 🔹 #Kaushambi #SandipanGhat #UPPolice #UPNews #CrimeNews #PoliceAction #IllegalArms #DesiKatta #Arrested #CrimeControl #LawAndOrder #UPPoliceAction #KaushambiPolice #BreakingNews #HindiNews #PoliceSuccess #CrimeFreeUP #PublicSafety #PoliceAlert #NewsUpdate1
- ग्राम पंचायत कोल मजरा में मकर संक्रांति पर मानवीय सेवा का शानदार उदाहरण! ग्राम प्रधान शोभनाथ व समाजसेवी अजय त्रिपाठी द्वारा लगभग 500 कंबलों का वितरण, कड़ाके की ठंड में निहायत जरूरतमंद ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत। कार्यक्रम में ग्रामीणों की भारी भीड़ व उत्साह देखने को मिला। ग्राम प्रधान बोले— जनहित के कार्यों को देना प्राथमिकता ही वास्तविक सेवा, वहीं समाजसेवी अजय त्रिपाठी ने कहा— गरीब परिवारों तक सहयोग पहुँचाना ही मानवता का सार। #ग्रामीणों ने कार्यक्रम की जमकर सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यों की उम्मीद जताई। #कंबल वितरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न #Chitrakoot #vairalreels #CMYogiAdityanath #CMYogi #PanchayatChunav2026 #Panchayat #BJPNEWS #बुन्देलखण्ड #वायरल #वायरलवीडियोシ #न्यूज #कोलमजरा1
- आज इलाहाबाद प्रयागराज के शानदार सांसद कुंवर उज्ज्वल रेवती रमण सिंह जी ने करेली में कंबल वितरण करते हुए1
- चायल/कौशांबी.... चायल स्थित रामनाथ सिंह पीजी कॉलेज द्वारा आयोजित निशुल्क 12th...मेधा मूल्यांकन परीक्षा मे exam देते विद्यार्थी। लगभग 500 विद्यार्थी exam दे रहे हैं । 14 जनवरी को पुरस्कार वितरण किया जाएगा। नकल विहीन मेधा मूल्यांकन एग्जाम जारी। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक prime 18 news1