लहना पैक्स चुनाव को लेकर चेवाड़ा प्रखंड कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया तेज। लहना पंचायत में पैक्स चुनाव को लेकर चेवाड़ा प्रखंड कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया तेज। गौरतलब है कि शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड में आगामी पैक्स चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को चेवाड़ा प्रखंड कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया के तहत एनआर (नॉन-रिफंडेबल) रसीद काटी गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी विपिन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को कुल 2 अध्यक्ष पद के अभ्यर्थियों तथा 20 सदस्य पद के अभ्यर्थियों का एनआर रसीद काटा गया। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया शाम 4:00 बजे तक जारी रही, जिसमें बड़ी संख्या में प्रत्याशी प्रखंड कार्यालय पहुंचे। कार्यालय परिसर में दिनभर चुनावी हलचल बनी रही। अभ्यर्थियों के साथ उनके समर्थक भी मौजूद रहे, जिससे माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। प्रशासन की ओर से नामांकन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। वहीं, आगामी दिनों में नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
लहना पैक्स चुनाव को लेकर चेवाड़ा प्रखंड कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया तेज। लहना पंचायत में पैक्स चुनाव को लेकर चेवाड़ा प्रखंड कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया तेज। गौरतलब है कि शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड में आगामी पैक्स चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को चेवाड़ा प्रखंड कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया के तहत एनआर (नॉन-रिफंडेबल) रसीद काटी गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी विपिन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को कुल 2 अध्यक्ष पद के अभ्यर्थियों तथा 20 सदस्य पद के अभ्यर्थियों का एनआर रसीद काटा गया। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया शाम 4:00 बजे तक जारी रही, जिसमें बड़ी संख्या में प्रत्याशी प्रखंड कार्यालय पहुंचे। कार्यालय परिसर में दिनभर चुनावी हलचल बनी रही। अभ्यर्थियों के साथ उनके समर्थक भी मौजूद रहे, जिससे माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। प्रशासन की ओर से नामांकन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। वहीं, आगामी दिनों में नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
- ये जो दृश्य हम दिखा रहे हैं ये बिहार का सिकपुरा जिला का लोहान पंचायत के लोहान गाँव का है हाई स्कूल भी है और उच्च हाई स्कूल भी प्लस टू का है यहाँ की विधि व्यवस्था देख के बहुत ही सहानुभूति लगता है और एक-एक आड़ा का है विधि व्यवस्था हाई स्कूल उच्च विद्यालय वहाँ तो लगता है कि कचरा भरा हुआ है जो कि संस्थापक ही मतलब नहीं काम करते हैं तो फिर विधि व्यवस्था क्या सही होगा यह देख लीजिए लोहान का दोनों में कम्पेरिजन करके बताइए कौन सही है और कौन गलत है जनता1
- मोकामा में दो भाइयों के बीच फसल काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई जबकि दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए। मृतक की पहचान राजीव कुमार यादव के रूप में हुई है, जो अपने ही परिवार के सदस्यों के साथ खेत में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान सगे चाचा विजय यादव पर मारपीट का आरोप है। घटना में आदित्य कुमार, मंजू देवी और कृष्णा कुमार घायल हुए हैं, वहीं दूसरे पक्ष से बिक्रम कुमार भी जख्मी बताया जा रहा है। घायलों का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पारिवारिक विवाद से हुई इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।1
- बिल्लो गांव में एक युवक ने फांसी लगाकर किया आत्महत्या। लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत बिल्लो गांव में फांसी लगाकर एक युवा के की आत्महत्या का मामला प्रकाश में आ रहा है बिल्लों गांव निवासी कृष्णदास के 23 वर्षीय पुत्र अजय कुमार ने बीते दिन सोमवार को घर के तीसरे ताले पर कोई व्यक्ति नहीं था एकांत जगह देखकर छत की कड़ी में रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली जिसकी जानकारी घर वालों को तब हुई जब मृतक के पिता कृष्ण दास किसी कार्य हेतु ऊपर छत पर गए तो देखा कि उसका बेटा रस्सी से लटका हुआ है हल्ला करने के उपरांत तुरंत आसपास के लोग पहुंच कर सबको नीचे उतारा एवं अनान- फानन में इलाज हेतु प्राइवेट क्लीनिक ले जाया गया जहां डॉक्टर उसे मृतक घोषित कर दिया इसके उपरांत प्रशासन को इसकी सूचना प्राप्त हुई प्रशासन के द्वारा सबको कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा कर सब परिजन को सौंप दिया। मिली जानकारी के अनुसार मृतक अजय कुमार की पत्नी 10 रोज पहले बिल्लों से भागकर मायके गया चल गई थी जिसको लेकर मृतक अजय कुमार बराबर तनाव में रहता था उसकी पत्नी का नाम श्रुति कुमारी था जो पूर्व में अजय कुमार से पहले भी उसका शादी हो चुका था उससे बाल बच्चा भी था लेकिन सबको छोड़कर यह अभी वर्तमान समय में लगभग ढाई बरस से अजय कुमार के साथ रह रहा था पत्नी से बाल बच्चा नहीं होने के कारण वर्तमान समय में अजय कुमार एक बच्ची को गोद लेकर अपना पारिवारिक जीवन खुशी पूर्वक बिता रहा था कि अचानक पत्नी के भाग जाने का गम को नहीं बर्दाश्त कर सका और वह फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।1
- Post by Rajput Anish Singh1
- लखीसराय:नगर थाना क्षेत्र स्थित सुप्रसिद्ध अशोक धाम इंद्रदमेश्वर महादेव मंदिर में 50वें प्रकटीकरण वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले दो दिवसीय अशोक धाम महोत्सव को लेकर मंगलवार को भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई।यह शोभा यात्रा चौकी ग्राम के शिव मंदिर से प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में कुंवारी कन्याएं एवं महिलाएं शामिल हुईं। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए यात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल हुए।कलश शोभा यात्रा चौकी ग्राम से निकलकर विभिन्न मार्गों से होते हुए अंततः अशोक धाम मंदिर परिसर पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के साथ इसका समापन किया गया।महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में उत्साह का वातावरण बना हुआ है तथा आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं।1
- लखीसराय जिले के व्यवहार न्यायालय सभा कक्ष में विद्वान अधिवक्ताओं में भाजपा के 47 वां स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से नया मौके पर संयोजक अधिवक्ता विजय कुमार सह संयोजक बासुकीनंदन सिंह संयोजक मीडिया प्रभारी अधिवक्ता अजय कुमार निराला जयशंकर प्रसाद शंभू शरण प्रसाद उपेंद्र प्रसाद सिंह बच्चू प्रसाद आदि दर्जनों अधिवक्ता उपस्थित थे।1
- रामगढ़ चौक पुलिस ने एक शराबी को किया गिरफ्तार। लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नंदनामा के बोध नगर गांव से गुप्त सूचना के आधार पर एक वारंटी को एस आई विपिन कुमार राय ने गिरफ्तार किया इसकी जानकारी देते हुए रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुन्नू कुमार ने बताया कि उक्त शराबी के विरुद्ध वारंट जारी की गई थी जिसको लेकर उसकी गिरफ्तारी हेतु प्रशासन जब पहुंचे तो व शराब के नशे में था जिसकी पहचान बोध नगर गांव निवासी स्वर्गीय चंद्र मल्लेश्वरी सिंह के पुत्र अलबेला सिंह उर्फ बेलू सिंह को गिरफ्तार कर मेडिकल जांच में शराब की पुष्टि होने पर शराब बंदी अधिनियम थाना अध्यक्ष ने स्पष्ट तौर पर बताया की बिहार में पूर्णता शराबबंदी है लेकिन कुछ मनचले लोग शराब का सेवन करते हैं उनके लिए लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है शराब शराबी और शराब कारोबारी को बक्सा नहीं जाएगा कानून के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दी गई है।1
- Post by Rajput Anish Singh1
- चला बुलडोजर, नोटिस का दावा vs दुकानदारों का आरोप – किसकी गलती? अस्थावां में बवाल, एंकर, नालंदा जिले के अस्थावां बाजार से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नगर पंचायत द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर बुलडोजर चलाया गया। इस कार्रवाई में 40 से 50 अस्थाई फुटपाथ गुमटी दुकानों को तोड़ दिया गया, जिससे कई गरीब दुकानदारों की रोजी-रोटी छिन गई है। दुकानदारों का आरोप है कि बिना उचित नोटिस के अचानक कार्रवाई की गई, जबकि प्रशासन का कहना है कि पहले ही सूचना दी गई थी। अस्थावां बाजार में सड़क के दोनों ओर बढ़ते अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर पंचायत की टीम बुलडोजर के साथ पहुंची। प्रशासन के अनुसार, माइकिंग के जरिए 24 घंटे पहले ही चेतावनी दी गई थी कि दुकानदार स्वयं अतिक्रमण हटा लें। नगर पंचायत पदाधिकारी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि लगभग 40 से 50 अस्थाई दुकानें हटाई गई हैं और आगे भी अभियान जारी रहेगा। लेकिन दूसरी ओर पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि उन्हें कोई स्पष्ट नोटिस नहीं दिया गया और अचानक बुलडोजर चलाकर उनकी दुकानों को तहस-नहस कर दिया गया। नूरजहां खातून ने कहा कि हम 3 फीट पीछे दुकान लगाए थे, फिर भी तोड़ दिया गया। हमें समय भी नहीं दिया गया। डेढ़ लाख तक का नुकसान हुआ है। अब हम क्या खाएंगे? विनोद कुमार पीड़ित दुकानने कहां की में चूल्हा जल रहा था, अचानक बुलडोजर आया और तोड़ दिया, जिससे आग लग गई। सारा सामान जल गया। संजय चौरसिया ने कहा कि हम रोज ₹20 टैक्स देते थे, फिर भी बिना नोटिस दुकान तोड़ दी गई। करीब 2 लाख का नुकसान हुआ है। कई अन्य दुकानदारों ने भी आरोप लगाया कि सिर्फ सब्जी विक्रेताओं को नोटिस दिया गया था, बाकी लोगों को कोई जानकारी नहीं थी। पीड़ितों ने जिला प्रशासन से मुआवजा और स्थाई दुकान की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन करेंगे। नगर पंचायत पदाधिकारी प्रदीप कुमार राय ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की सूचना पहले ही दी गई थी। साथ ही उन्होंने बताया कि अस्थाई दुकानदारों के लिए वेडिंग जोन बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। फिलहाल सवाल यही है—क्या यह कार्रवाई जरूरी थी या गरीबों पर अन्याय?1