बेगूसराय कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक अमिता भूषण ने अपना प्रक्रिया देते हुए पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति बाधित होना देश में रसोई गैस (एलपीजी) का संकट गहरा रहा है। तकनीकी तौर पर पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति बाधित होना इस संकट की जड़ में है। कमर्शियल सिलेंडरों की कमी से होटल-रेस्तरां बंद होने की कगार पर हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को घंटों कतार में इंतजार करना पड़ रहा है। कीमतें आसमान छू रही है। घरेलू सिलेंडर पर ₹60 और कमर्शियल पर ₹115 की बढ़ोतरी पहले ही हो चुकी है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ वैश्विक संकट है या केंद्र सरकार की पूर्व तैयारी की भारी नाकामी? सरकार दावा कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को कोई कमी नहीं है। उसने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन 10 प्रतिशत बढ़ाने का आदेश दे दिया है, गैस आपूर्ति को प्राथमिकता वाले क्षेत्र में डाल दिया है, बुकिंग टाइम का अंतर 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। लेकिन हकीकत कुछ और है। संकट जब दरवाजे पर दस्तक दे गई तो सरकार खुद को एक्टिव मोड में दिखा रही है। पर क्या सरकार को इस संकट का कोई आभास नहीं था? अगर था तो सरकार ने आज से पहले क्या कदम उठाए। आम आदमी की रसोई पर असर पड़ रहा है, छोटे व्यवसायी त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। खबरों रेस्टोरेंट बंद किए जा रहे हैं। जबकि यह संकट अचानक नहीं आया। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है। कुल जरूरत का दो-तिहाई हिस्सा आयात से पूरा होता है, जिसमें 85-90 प्रतिशत मध्य पूर्व से आता है। अब जब संकट सर पर आ गया तो सरकार ‘आपातकालीन उपाय का सहारा लेती दिख रही है। एक तरफ देश की 75 साल पुरानी नॉन-अलाइन्ड पॉलिसी को तोड़कर इजरायल-अमेरिका के साथ खड़े होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है दूसरी तरफ सरकार सच छिपा रही है और आम जनता को गुमराह कर रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय को खुद पता नहीं कि देश में पेट्रोलियम पदार्थ के कितने दिनों के आपातकालीन भंडार हैं। ऐसे में नो पैनिक का नारा खोखला लगता है। हर मंच पर आत्मनिर्भर भारत का नारा लगाने बाली सरकार क्या यह बताएगी कि ऊर्जा सुरक्षा में हम कितने आत्मनिर्भर हैं? घरेलू उत्पादन बढ़ाने के बजाय आयात पर टिकी यह सरकार देश के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को एलपीजी सब्सिडी कटौती के दौर से पहले ही गुजार रही थी। अब संकट की मार और महंगाई ने जीवन को मुश्किल बना दिया है। उद्योग क्षेत्र में गैस सप्लाई 20 प्रतिशत तक काट दी गई है, जिसका असर रोजगार और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। सरकार की इस नाकामी से साफ है कि विदेश नीति और ऊर्जा नीति में दीर्घकालिक सोच की कमी है। समय आ गया है कि सरकार जनता से सच्चाई साझा करे और ठोस रोडमैप पेश करे। नहीं तो यह गैस संकट सिर्फ रसोई का नहीं, बल्कि सरकार की विश्वसनीयता का संकट बन जाएगा। जनता को आश्वासन नहीं, समाधान की जरूरत है।
बेगूसराय कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक अमिता भूषण ने अपना प्रक्रिया देते हुए पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति बाधित होना देश में रसोई गैस (एलपीजी) का संकट गहरा रहा है। तकनीकी तौर पर पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति बाधित होना इस संकट की जड़ में है। कमर्शियल सिलेंडरों की कमी से होटल-रेस्तरां बंद होने की कगार पर हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को घंटों कतार में इंतजार करना पड़ रहा है। कीमतें आसमान छू रही है। घरेलू सिलेंडर पर ₹60 और कमर्शियल पर ₹115 की बढ़ोतरी पहले ही हो चुकी है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ वैश्विक संकट है या केंद्र सरकार की पूर्व तैयारी की भारी नाकामी? सरकार दावा कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को कोई कमी नहीं है। उसने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन 10 प्रतिशत बढ़ाने का आदेश दे दिया है, गैस आपूर्ति को प्राथमिकता वाले क्षेत्र में डाल दिया है, बुकिंग टाइम का अंतर 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। लेकिन हकीकत कुछ और है। संकट जब दरवाजे पर दस्तक दे गई तो सरकार खुद को एक्टिव मोड में दिखा रही है। पर क्या सरकार को इस संकट का कोई आभास नहीं था? अगर था तो सरकार ने आज से पहले क्या कदम उठाए। आम आदमी की रसोई पर असर पड़ रहा है, छोटे व्यवसायी त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। खबरों रेस्टोरेंट बंद किए जा रहे हैं। जबकि यह
संकट अचानक नहीं आया। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है। कुल जरूरत का दो-तिहाई हिस्सा आयात से पूरा होता है, जिसमें 85-90 प्रतिशत मध्य पूर्व से आता है। अब जब संकट सर पर आ गया तो सरकार ‘आपातकालीन उपाय का सहारा लेती दिख रही है। एक तरफ देश की 75 साल पुरानी नॉन-अलाइन्ड पॉलिसी को तोड़कर इजरायल-अमेरिका के साथ खड़े होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है दूसरी तरफ सरकार सच छिपा रही है और आम जनता को गुमराह कर रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय को खुद पता नहीं कि देश में पेट्रोलियम पदार्थ के कितने दिनों के आपातकालीन भंडार हैं। ऐसे में नो पैनिक का नारा खोखला लगता है। हर मंच पर आत्मनिर्भर भारत का नारा लगाने बाली सरकार क्या यह बताएगी कि ऊर्जा सुरक्षा में हम कितने आत्मनिर्भर हैं? घरेलू उत्पादन बढ़ाने के बजाय आयात पर टिकी यह सरकार देश के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को एलपीजी सब्सिडी कटौती के दौर से पहले ही गुजार रही थी। अब संकट की मार और महंगाई ने जीवन को मुश्किल बना दिया है। उद्योग क्षेत्र में गैस सप्लाई 20 प्रतिशत तक काट दी गई है, जिसका असर रोजगार और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। सरकार की इस नाकामी से साफ है कि विदेश नीति और ऊर्जा नीति में दीर्घकालिक सोच की कमी है। समय आ गया है कि सरकार जनता से सच्चाई साझा करे और ठोस रोडमैप पेश करे। नहीं तो यह गैस संकट सिर्फ रसोई का नहीं, बल्कि सरकार की विश्वसनीयता का संकट बन जाएगा। जनता को आश्वासन नहीं, समाधान की जरूरत है।
- बेगूसराय पुलिस ने पिछले 24 घंटे में कुल 31 अभियुक्त को गिरफ्तार किया है. इस बात की जानकारी बुधवार की शाम 5:00 बजे एसपी मनीष ने प्रेस विभक्ति जारी करते हुए दी. इस संबंध में SP ने बताया कि बेगूसराय पुलिस वारंटी की गिरफ्तारी एवं अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चलाया. एसपी ने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है. इसके लिए सभी पुलिस पदाधिकारी को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं.1
- Post by Focus Bihar News1
- बेगूसराय4
- बिरला को पद से हटाने का ओवैसी संकल्प, विपक्ष को शाह की फटकार, इंदिरा,नेहरू को गालिरों पर माइक चालू- राजीव राय, गांधी परिवार में पैदा होने वाला ही राजा बोले निशिकांत, देश में फ्यूल की कमी नहीं - गोयल और राजनाथ सिंह ने मिलिट्री विजन डॉक्यूमेंट जारी किया..... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर....1
- चेरियाबरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चेरियाबरियारपुर राजेश्वरी प्लस टू हाई स्कूल के शिक्षक के साथ विद्यार्थी के द्वारा मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने की घटना को अंजाम दिया गया है शिक्षक थाने से न्याय की गुहार लगाया है1
- पटना के फतुहा थाना क्षेत्र के सिरपतपुर गांव में बुधवार देर शाम पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। गुप्त सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने मौके से तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। घायल अपराधी की पहचान सारण निवासी सुंदरम उर्फ भोला के रूप में हुई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मौके से 1200 से अधिक जिंदा कारतूस और हथियार बरामद किए हैं। एसएसपी ने बताया कि अंतरराज्यीय गिरोह बड़ी वारदात की योजना बना रहा था। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ जारी है और अन्य की तलाश में छापेमारी चल रही है।1
- लखीसराय से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां जमीन और बिजनेस के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में एक सरकारी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कई लोगों को फर्जी चेक देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। मामला लखीसराय नगर थाना क्षेत्र के पुरानी बाजार छोटी दरगाह वार्ड संख्या 11 का है। जानकारी के अनुसार मोहम्मद शकील नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि करीब 18 महीने पहले जमीन से जुड़े काम के लिए उन्होंने मोहम्मद परवेज को छह लाख रुपये दिए थे। जब काम नहीं हुआ तो आरोपी ने उन्हें एक चेक दिया, लेकिन जांच में वह चेक फर्जी निकला। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी सरकारी शिक्षक मोहम्मद परवेज ने जमीन के नाम पर एक अन्य व्यक्ति से भी करीब 11 लाख रुपये लिए थे और उसे भी फर्जी चेक थमा दिया था। इतना ही नहीं, एक महिला से बिजनेस के नाम पर पांच लाख रुपये लेने का मामला भी सामने आया है।लगातार सामने आ रही शिकायतों के आधार पर नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक मोहम्मद परवेज को गिरफ्तार कर लिया है।1
- बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों के आलोक में डीएम श्रीकांत शास्त्री एवं पुलिस अधीक्षक मनीष ने संयुक्त रूप से बुधवार की दोपहर 03:00 बजे कार्यालय प्रकोष्ठ में बैठक आयोजित की. बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि मध्य पूर्व (खाड़ी देशों) में उत्पन्न युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों एवं गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है. इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिले में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी गैस की उपलब्धता पर नियमित और सघन निगरानी सुनिश्चित की जायेगी.1