भारत-नेपाल बॉर्डर इनरवा स्थित मैनाटांड प्रखंड क्षेत्र में रविवार को 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा एक विशाल नशा मुक्ति अभियान चलाया गया। इस पहल के तहत, एसएसबी ने फ्लैग मार्च निकालकर ग्रामीणों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया और एक स्वस्थ, नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। अभियान की शुरुआत कैंप परिसर में हुई, जहाँ एसएसबी के इंस्पेक्टर उत्तम कुमार सिंह ने बल के सभी जवानों और अधिकारियों को जीवन में कभी भी नशा न करने और समाज को नशे की बुराई से मुक्त कराने की सामूहिक शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद, इंस्पेक्टर उत्तम कुमार सिंह के नेतृत्व में जवानों ने एक भव्य फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च इनरवा एसएसबी कैंप से शुरू होकर खम्हिया, सकरौल, बैरिया और नागरदेही जैसे क्षेत्र के विभिन्न गांवों से गुजरा। जवानों ने हाथों में नशा मुक्ति के नारे लिखी तख्तियां ले रखी थीं, जिन्हें देखकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान जवानों ने आम लोगों से मिलकर उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में समझाया। मौके पर 47वीं बटालियन के जवान देवराज पांडे, राममिलन यादव, दुर्गेश भगत, राजन, कई मुख्य अधिकारी, भारी संख्या में एसएसबी के जवान और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इंस्पेक्टर उत्तम कुमार सिंह ने बताया कि नशा न केवल एक व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से खोखला करता है, बल्कि यह पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर धकेल देता है। उन्होंने युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने को आज की सबसे बड़ी जरूरत करार दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसएसबी का उद्देश्य सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा करना ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण करना भी है। जवानों ने ग्रामीणों को यह भी समझाया कि शराब, स्मैक या किसी भी अन्य प्रकार का नशा अपराध और घरेलू हिंसा को बढ़ावा देता है। उन्होंने ग्रामीणों से इस जंग में साथ देने और अपने बच्चों को नशे से दूर रखने की अपील की। एसएसबी के इस सामाजिक और सराहनीय कदम की स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भरपूर प्रशंसा की। ग्रामीणों ने बल को यह विश्वास दिलाया कि वे अपने गांवों को नशामुक्त बनाने के प्रयासों में प्रशासन और सशस्त्र सीमा बल का पूरा सहयोग करेंगे।
भारत-नेपाल बॉर्डर इनरवा स्थित मैनाटांड प्रखंड क्षेत्र में रविवार को 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा एक विशाल नशा मुक्ति अभियान चलाया गया। इस पहल के तहत, एसएसबी ने फ्लैग मार्च निकालकर ग्रामीणों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया और एक स्वस्थ, नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। अभियान की शुरुआत कैंप परिसर में हुई, जहाँ एसएसबी के इंस्पेक्टर उत्तम कुमार सिंह ने बल के सभी जवानों और अधिकारियों को जीवन में कभी भी नशा न करने और समाज को नशे की बुराई से मुक्त कराने की सामूहिक शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद, इंस्पेक्टर उत्तम कुमार सिंह के नेतृत्व में जवानों ने एक भव्य फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च इनरवा एसएसबी कैंप से शुरू होकर खम्हिया, सकरौल, बैरिया और नागरदेही जैसे क्षेत्र के विभिन्न गांवों से गुजरा। जवानों ने हाथों में नशा मुक्ति के नारे लिखी तख्तियां ले रखी थीं, जिन्हें देखकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान जवानों ने आम लोगों से मिलकर उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में समझाया। मौके पर 47वीं बटालियन के जवान देवराज पांडे, राममिलन यादव, दुर्गेश भगत, राजन, कई मुख्य अधिकारी, भारी संख्या में एसएसबी के जवान और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इंस्पेक्टर उत्तम कुमार सिंह ने बताया कि नशा न केवल एक व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से खोखला करता है, बल्कि यह पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर धकेल देता है। उन्होंने युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने को आज की सबसे बड़ी जरूरत करार दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसएसबी का उद्देश्य सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा करना ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण करना भी है। जवानों ने ग्रामीणों को यह भी समझाया कि शराब, स्मैक या किसी भी अन्य प्रकार का नशा अपराध और घरेलू हिंसा को बढ़ावा देता है। उन्होंने ग्रामीणों से इस जंग में साथ देने और अपने बच्चों को नशे से दूर रखने की अपील की। एसएसबी के इस सामाजिक और सराहनीय कदम की स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भरपूर प्रशंसा की। ग्रामीणों ने बल को यह विश्वास दिलाया कि वे अपने गांवों को नशामुक्त बनाने के प्रयासों में प्रशासन और सशस्त्र सीमा बल का पूरा सहयोग करेंगे।
- युवा नेता राकेश रौशन ने 'नया सोच' के विचार के साथ अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित की है और वे स्वयं को भावी जिला परिषद उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। उनके प्रचार में 'युवा नेता' और 'युवा जिला परिषद' की अवधारणा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राकेश रौशन पूर्व में पिपरा विधानसभा क्षेत्र संख्या 42 से प्रत्याशी रह चुके हैं।1
- मधेपुरा के बनचोल्हा मोरकाही के वार्ड नंबर 12 में सड़क निर्माण के संबंध में एक शिकायत की अपील की गई है।1
- सहरसा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹10 हजार के इनामी अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है।1
- मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय रामपुर खोड़ा में शनिवार को प्रभारी प्रधानाध्यापिका कुमारी आशा यादव के सेवानिवृत्त होने पर एक भव्य विदाई-सह-सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस भावुक अवसर पर शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी विदाई दी, जिससे पूरा वातावरण सम्मान और गौरव से ओत-प्रोत हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सागर कुमार चौधरी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कुमारी आशा यादव के लंबे शैक्षणिक योगदान, अनुशासित कार्यशैली और विद्यार्थियों के प्रति उनकी समर्पित भावना की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान कुमारी आशा यादव ने विद्यालय के शैक्षणिक स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप विद्यालय ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई। मूल रूप से उदाकिशुनगंज अनुमंडल के करौती पिपरा गांव की निवासी कुमारी आशा यादव ने वर्ष 2012 में इसी विद्यालय में शिक्षक के पद पर योगदान दिया था। इससे पहले, वे वर्ष 2006 से वर्ष 2012 तक के पी एन मध्य विद्यालय पिपरा करौती में प्रभारी प्रधान के रूप में कार्यरत थीं। शिक्षा के क्षेत्र में दो दशक से अधिक के सेवाकाल में उन्होंने विभिन्न विद्यालयों में अपनी सेवाएं देकर अमूल्य योगदान दिया है। इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके अपनी प्रिय शिक्षिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया। अपने संबोधन में, कुमारी आशा यादव ने विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा सेवा उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय रही है और विद्यार्थियों की सफलता ही किसी शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। समारोह में प्रभारी प्रधानाध्यापक ललन कुमार दीनबंधु, शिक्षक भवेश कुमार, अरुण कुमार सिंह, दिनेश कुमार भारती, परमानंद मेहता, ओमप्रकाश कुमार, अभिषेक कुमार, तथा शिक्षिकाएं शबनम कुमारी, मीरा कुमारी, शोभा कुमारी, अनीता कुमारी एवं निधि कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं, अभिभावक एवं ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने आशा कुमारी के स्वस्थ, सुखद और सम्मानजनक सेवानिवृत्त जीवन की कामना की, और इस विदाई के क्षणों में उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।4
- मधेपुरा जिले में अवैध नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। सदर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 258 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया है। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही तस्करी में प्रयुक्त एक चार चक्का वाहन भी जब्त कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक पर्वेंद्र भारती ने प्रेस वार्ता में बताया कि सदर थाना अध्यक्ष विमलेंदु कुमार को सूचना मिली थी कि साहुगढ़ बाजार टोला वार्ड संख्या-09 निवासी अमरेश साह उर्फ हिटलर अपने घर के समीप एक वाहन में भारी मात्रा में नशीली दवा छिपाकर रखे हुए है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर वाहन संख्या BR-43AG-5556 की तलाशी ली। जांच के दौरान वाहन से कुल 258 लीटर कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया गया, जिसमें Codeine Phosphate & Triprolidine Hydrochloride Syrup शामिल था, जिसका अवैध रूप से कारोबार किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 55 वर्षीय आरोपी अमरेश साह उर्फ हिटलर को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मधेपुरा थाना कांड संख्या 581/26 दर्ज किया गया है। आरोपी अमरेश साह उर्फ हिटलर के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसपी ने यह भी कहा कि जिले में नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- एक भावनात्मक प्रश्न उठाया गया है कि उस लड़की पर क्या बीतती होगी, जिसे सुबह के समय 'चोर' जैसा संबोधित किया जाता है।1
- Post by Vijaykumar1
- सहरसा पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने एक दस हज़ार इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। बदमाश की पहचान ललटू के रूप में हुई है, जिसे कटिहार से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई सहरसा पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।1