राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कैमूर इकाई ने राजद प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार, भभुआ स्थित लिच्छवी भवन में अपना 30वां स्थापना दिवस समारोह अत्यंत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद के जिला अध्यक्ष अकलू राम ने की, जबकि मंच का संचालन जिला प्रधान महासचिव भोलानाथ सिंह यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष माननीय श्री तेजस्वी यादव ने जूम ऐप के माध्यम से वर्चुअली जुड़कर कैमूर सहित सभी जिलों के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और पार्टी की नीतियों व भविष्य के संकल्पों को रेखांकित करते हुए उनमें नया जोश भरा। समारोह में दिनारा विधानसभा के पूर्व विधायक व कैमूर जिला प्रभारी विजय कुमार मंडल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ ही विशिष्ट अतिथियों में चैनपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बृजकिशोर बिंद, भभुआ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बिरेंद्र कुशवाहा, और रामगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अजीत सिंह प्रमुख रूप से शामिल हुए। समारोह को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने राष्ट्रीय जनता दल के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजद की स्थापना 5 जुलाई 1997 को पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में हुई थी। यह 30वां स्थापना दिवस सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई के 'संकल्प दिवस' के रूप में मनाया गया। नेताओं ने राजद को केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश और बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रतीक बताया, जिसने पिछले तीन दशकों में शोषितों, वंचितों, अल्पसंख्यकों और दबे-कुचले वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया है। कार्यकर्ताओं के त्याग और परिश्रम को ही राजद की जनता की सबसे मजबूत आवाज बनने का श्रेय दिया गया। पार्टी की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए नेताओं ने कहा कि राजद का विकास मॉडल केवल चमकते हवाई अड्डों, आलीशान मॉलों और ऊंची इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों, मजदूरों, कारीगरों और कर्मचारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके श्रम से देश के विकास की नींव तैयार होती है। पार्टी ने डॉ. राम मनोहर लोहिया, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर चलते हुए आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारी संख्या में राजद के नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से बिरजू पटेल, आसिफ मुन्ना खान, ललन सिंह, बबन लाल श्रीवास्तव, सिद्धेश्वर कुशवाहा, डॉ. पुनीत सिंह, चंद्रमोहन पाल, असलम अंसारी, इस्लाम अंसारी, कमर खां, सचिदानंद यादव, जनार्दन उपाध्याय, संतोष पटेल, पशुपतिनाथ पटेल, संदीप राम, राजेंद्र प्रजापति, सलमान खान, अशोक यादव कैमूरी, विद्याधर कुशवाहा, रामदुलार यादव, धनंजय यादव, लक्ष्मी यादव, संगीता गुप्ता, अखिलेश पटेल, मुकेश पटेल, रोहित तिवारी, सुरेश सिंह, नंदकुमार सिंह, विनोद प्रजापति, बनारसी यादव, अमजद खां, मुन्ना सिंह, गोविंद यादव, सिनोद, बैजू, जगनारायण यादव, गुदरी शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कैमूर इकाई ने राजद प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार, भभुआ स्थित लिच्छवी भवन में अपना 30वां स्थापना दिवस समारोह अत्यंत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद के जिला अध्यक्ष अकलू राम ने की, जबकि मंच का संचालन जिला प्रधान महासचिव भोलानाथ सिंह यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष माननीय श्री तेजस्वी यादव ने जूम ऐप के माध्यम से वर्चुअली जुड़कर कैमूर सहित सभी जिलों के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और पार्टी की नीतियों व भविष्य के संकल्पों को रेखांकित करते हुए उनमें नया जोश भरा। समारोह में दिनारा विधानसभा के पूर्व विधायक व कैमूर जिला प्रभारी विजय कुमार मंडल मुख्य अतिथि
के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ ही विशिष्ट अतिथियों में चैनपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बृजकिशोर बिंद, भभुआ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बिरेंद्र कुशवाहा, और रामगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अजीत सिंह प्रमुख रूप से शामिल हुए। समारोह को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने राष्ट्रीय जनता दल के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजद की स्थापना 5 जुलाई 1997 को पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में हुई थी। यह 30वां स्थापना दिवस सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई के 'संकल्प दिवस' के रूप में मनाया गया। नेताओं ने राजद को केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश और बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक
परिवर्तन का प्रतीक बताया, जिसने पिछले तीन दशकों में शोषितों, वंचितों, अल्पसंख्यकों और दबे-कुचले वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया है। कार्यकर्ताओं के त्याग और परिश्रम को ही राजद की जनता की सबसे मजबूत आवाज बनने का श्रेय दिया गया। पार्टी की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए नेताओं ने कहा कि राजद का विकास मॉडल केवल चमकते हवाई अड्डों, आलीशान मॉलों और ऊंची इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों, मजदूरों, कारीगरों और कर्मचारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके श्रम से देश के विकास की नींव तैयार होती है। पार्टी ने डॉ. राम मनोहर लोहिया, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के
आदर्शों पर चलते हुए आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारी संख्या में राजद के नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से बिरजू पटेल, आसिफ मुन्ना खान, ललन सिंह, बबन लाल श्रीवास्तव, सिद्धेश्वर कुशवाहा, डॉ. पुनीत सिंह, चंद्रमोहन पाल, असलम अंसारी, इस्लाम अंसारी, कमर खां, सचिदानंद यादव, जनार्दन उपाध्याय, संतोष पटेल, पशुपतिनाथ पटेल, संदीप राम, राजेंद्र प्रजापति, सलमान खान, अशोक यादव कैमूरी, विद्याधर कुशवाहा, रामदुलार यादव, धनंजय यादव, लक्ष्मी यादव, संगीता गुप्ता, अखिलेश पटेल, मुकेश पटेल, रोहित तिवारी, सुरेश सिंह, नंदकुमार सिंह, विनोद प्रजापति, बनारसी यादव, अमजद खां, मुन्ना सिंह, गोविंद यादव, सिनोद, बैजू, जगनारायण यादव, गुदरी शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।
- सकलडीहा, चंदौली में सोमवार, 6 जुलाई 2026 को तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दिवस पर कुल 102 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनकी अध्यक्षता उप जिला अधिकारी कुंदन राज कपूर ने की। उन्होंने सभी फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। आयोजन के दौरान प्राप्त हुए 102 शिकायतों में से 10 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष बचे 92 मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्देश दिए गए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर उनका निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।1
- चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने राम मंदिर चंदा संग्रह के विषय में एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है।1
- चंदौली के सकलडीहा तहसील परिसर में सोमवार को अपर जिला अधिकारी (एडीएम) की उपस्थिति में एक संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान दूर-दराज से आए ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। कार्यक्रम में कुल 102 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए 10 प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया। शेष 92 मामलों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए उन्हें समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। सुनवाई के दौरान एडीएम ने कड़े तेवर अपनाते हुए स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े मामलों में दोनों टीमें संयुक्त रूप से मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें, क्योंकि शासन की मंशा के अनुरूप हर पीड़ित को न्याय मिलना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर, तहसीलदार, अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर, क्षेत्राधिकारी, खंड विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह और एसडीओ सीताराम यादव सहित विभिन्न विभागों के ब्लॉक और तहसील स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।1
- धीना क्षेत्र में अगर वीर बहुरिया नदी की खुदाई और सफाई कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीण जयप्रकाश, प्रवीण कुमार, राहुल, रामदुलार, संजय और अशोक का आरोप है कि नदी की खुदाई के नाम पर लाखों रुपये का खर्च तो दिखाया गया, लेकिन धरातल पर अधिकांश स्थानों पर केवल घास हटाकर और सतही जुताई करके औपचारिकता पूरी कर दी गई। इसके चलते कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, और इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 33 किलोमीटर लंबी इस नदी की खुदाई के लिए करीब 60 लाख रुपये की लागत का कार्य स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि कई ठेकेदारों ने मिलकर लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में सफाई का जिम्मा लिया, मगर मानकों के अनुरूप खुदाई नहीं कराई गई। आज भी नदी के बीच और किनारों पर जगह-जगह मिट्टी के बड़े-बड़े टीले पड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रैथा गांव से गोपालपुर जाने वाली पुलिया के पश्चिम दिशा में कुछ कार्य हुआ, पर पुलिया के पूर्व दिशा में नदी के बीच आज भी बड़ा टीला मौजूद है, जिससे धारा सिमटकर करीब 10 फीट चौड़ी रह गई है। खझरा गांव के पूर्वी छोर से तंबागढ़ तक लगभग आठ किलोमीटर क्षेत्र में कोई खुदाई नहीं हुई, और तंबागढ़ में केवल लगभग 300 मीटर तक सफाई कर काम छोड़ दिया गया। इसके बाद गंगा नदी तक लगभग सात किलोमीटर क्षेत्र में भी खुदाई न होने का आरोप है। नूरी गांव से कुशहा गांव तक भी नदी की सफाई और खुदाई न किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बीच के गांवों और नदी के टेल हिस्से में खुदाई न होने से बरसात के दौरान पानी का दबाव बढ़ जाता है, जिससे आसपास के गांवों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। इस संबंध में बंधी डिवीजन के अवर अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि गंगा किनारे महुजी नाला के पास कुछ किसानों ने अपनी निजी भूमि बताकर खुदाई का विरोध किया था। उन्होंने यह भी बताया कि 33 किलोमीटर लंबाई में नदी की खुदाई का प्रस्ताव था, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 60 लाख रुपये थी। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर अधूरी खुदाई को पूर्ण कराने, नदी में पड़े मिट्टी के टीलों को हटाने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है।3
- प्रशांत किशोर जी के बिहार में लड़ाई लड़ने आने को लेकर यह सवाल उठाया गया है कि वे आखिर क्यों और किसके लिए यह संघर्ष कर रहे हैं। इस विषय पर पूरी जानकारी के लिए वीडियो को अंत तक सुनने का आह्वान किया गया है, जिसका समापन 'जय बिहार' के नारे के साथ होता है।1
- प्रिंस शर्मा ने माननीय विधायक जी से एक सड़क के निर्माण का प्रयास करने का निवेदन किया है। यह निवेदन वार्ड नंबर 13 और 15 से सटी उस सड़क के संबंध में है, जो बबुरी रोड से लेकर चंदौली कोट तक जाती है। निवेदनकर्ता के अनुसार, इस सड़क का काम नहीं हो रहा है और यह बुरी तरह खराब हो चुकी है। इसलिए, उन्होंने विधायक जी से इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द शुरू करवाने की अपील की है।3
- Post by Ajay Singh1
- चंदौली जिले के धानापुर थाना क्षेत्र की रमरजाय चट्टी पर रविवार शाम दो पक्षों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। गाली-गलौज से शुरू हुआ यह झगड़ा जल्द ही लाठी-डंडों तक पहुंच गया, जिसके बाद एक व्यक्ति ने असलहे से हवाई फायरिंग कर दी। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और गोली चलने की आवाज सुनकर भारी भीड़ जमा हो गई। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी, जिसके बाद मौके पर मौजूद भीड़ ने दोनों पक्षों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह विवाद डबरिया गांव निवासी अखिलेश सिंह उर्फ लाखन सिंह और धीना थाना क्षेत्र के महुरा निवासी कलाधर सिंह उर्फ लालबहादुर सिंह के बीच ब्याज पर पैसे के लेन-देन को लेकर हुआ था। बताया जा रहा है कि इसी लेन-देन को लेकर हुई कहासुनी बाद में मारपीट में बदल गई। घटना की जानकारी मिलते ही सकलडीहा के क्षेत्राधिकारी (CO) कृष्ण मुरारी शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और जांच-पड़ताल में जुट गए। बगल में लगे सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति को असलहे की मुठिया से मारते हुए देखा गया है। सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि रमरजाय चट्टी के पास दो लोगों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा असलहे से हवाई फायरिंग की गई है। इसकी पुष्टि के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, और दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मारपीट में कलाधर सिंह उर्फ लालबहादुर सिंह को चोटें आई हैं, जिनका मेडिकल कराया जा रहा है।2