प्रयागराज स्थित इलाहाबाद उच्च न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए नवनिर्मित बहुमंजिला एडवोकेट्स चैंबर्स एवं पार्किंग भवन से जुड़ी एक ऐतिहासिक पहल के तहत इंटीग्रेटेड चैंबर अलॉटमेंट सिस्टम (आई.सी.ए.एस.) का शुभारंभ किया गया। इसी के साथ हाईकोर्ट एडवोकेट्स चैंबर्स एवं पार्किंग नियमावली, 2026 का ई-प्रकाशन भी कन्वेंशन सेंटर, ड्रमंड रोड में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में संपन्न हुआ। इस आयोजन को न्यायिक प्रशासन में तकनीकी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था की नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, वरिष्ठ अधिवक्ता और दोनों बार एसोसिएशनों के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे। बहुस्तरीय पार्किंग एवं अधिवक्ता चैंबर्स निर्माण की योजना तथा निगरानी हेतु गठित समिति के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इस तकनीक आधारित प्रणाली को वर्षों से अधिवक्ताओं को चैंबर आवंटन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को समाप्त करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने अपने उद्बोधन में इसे न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, सुगमता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने तथा अधिवक्ताओं के हित में एक दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक कदम बताया। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय, भारत के माननीय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंटीग्रेटेड चैंबर अलॉटमेंट सिस्टम का औपचारिक शुभारंभ किया और नियमावली का ई-प्रकाशन किया। कार्यक्रम के दौरान आई.सी.ए.एस. प्रणाली का ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतीकरण और संपूर्ण ऑनलाइन आवंटन प्रक्रिया का वर्चुअल प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी अधिवक्ताओं एवं उपस्थित अतिथियों ने काफी सराहना की। नए बहुमंजिला भवन में लगभग 2350 अधिवक्ताओं के लिए चैंबर की व्यवस्था की गई है, जहाँ ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे अधिवक्ताओं को सुविधा, निष्पक्षता एवं समयबद्ध प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के अध्यक्ष राकेश पाण्डे ने बताया कि ये 2350 चैंबर लगभग 11 हजार से अधिक अधिवक्ताओं को न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहयोग देंगे। माननीय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक संस्थानों में तकनीकी नवाचार न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ एवं विश्वसनीय बनाते हैं। कार्यक्रम के अंत में समिति के सदस्य माननीय न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह ने सभी अतिथियों, अधिवक्ताओं और सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन को न्यायिक अधोसंरचना के आधुनिकीकरण और अधिवक्ताओं के हितों के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर सिद्ध होने वाला कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर न्यायमूर्ति साहिल कुमार राय, न्यायमूर्ति अजय भनोट, न्यायमूर्ति विकास बुधवार, न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के अध्यक्ष राकेश पाण्डे सहित अनेक गणमान्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
प्रयागराज स्थित इलाहाबाद उच्च न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए नवनिर्मित बहुमंजिला एडवोकेट्स चैंबर्स एवं पार्किंग भवन से जुड़ी एक ऐतिहासिक पहल के तहत इंटीग्रेटेड चैंबर अलॉटमेंट सिस्टम (आई.सी.ए.एस.) का शुभारंभ किया गया। इसी के साथ हाईकोर्ट एडवोकेट्स चैंबर्स एवं पार्किंग नियमावली, 2026 का ई-प्रकाशन भी कन्वेंशन सेंटर, ड्रमंड रोड में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में संपन्न हुआ। इस आयोजन को न्यायिक प्रशासन में तकनीकी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था की नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, वरिष्ठ अधिवक्ता और दोनों बार एसोसिएशनों के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे। बहुस्तरीय पार्किंग एवं अधिवक्ता चैंबर्स निर्माण की योजना तथा निगरानी हेतु गठित समिति के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इस तकनीक आधारित प्रणाली को वर्षों से अधिवक्ताओं को चैंबर आवंटन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को समाप्त करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने अपने उद्बोधन में इसे न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, सुगमता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने तथा अधिवक्ताओं के हित में एक दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक कदम बताया। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय, भारत के माननीय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंटीग्रेटेड चैंबर अलॉटमेंट सिस्टम का औपचारिक शुभारंभ किया और नियमावली का ई-प्रकाशन किया। कार्यक्रम के दौरान आई.सी.ए.एस. प्रणाली का ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतीकरण और संपूर्ण ऑनलाइन आवंटन प्रक्रिया का वर्चुअल प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी अधिवक्ताओं एवं उपस्थित अतिथियों ने काफी सराहना की। नए बहुमंजिला भवन में लगभग 2350 अधिवक्ताओं के लिए चैंबर की व्यवस्था की गई है, जहाँ ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे अधिवक्ताओं को सुविधा, निष्पक्षता एवं समयबद्ध प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के अध्यक्ष राकेश पाण्डे ने बताया कि ये 2350 चैंबर लगभग 11 हजार से अधिक अधिवक्ताओं को न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहयोग देंगे। माननीय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक संस्थानों में तकनीकी नवाचार न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ एवं विश्वसनीय बनाते हैं। कार्यक्रम के अंत में समिति के सदस्य माननीय न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह ने सभी अतिथियों, अधिवक्ताओं और सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन को न्यायिक अधोसंरचना के आधुनिकीकरण और अधिवक्ताओं के हितों के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर सिद्ध होने वाला कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर न्यायमूर्ति साहिल कुमार राय, न्यायमूर्ति अजय भनोट, न्यायमूर्ति विकास बुधवार, न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के अध्यक्ष राकेश पाण्डे सहित अनेक गणमान्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
- प्रयागराज मंडल में रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु यात्रियों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न सुविधाओं पर चर्चा करना रहा।1
- प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र के शांतिपुरम इलाके में 22 वर्षीय युवक विवेक सिंह की आत्महत्या का मामला अब न्याय की लड़ाई बनता जा रहा है। युवक की मौत को एक महीना बीत चुका है, लेकिन परिवार का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित परिवार अब मीडिया और प्रशासन से इंसाफ की मांग कर रहा है। परिजनों ने बताया कि विवेक सिंह का पिछले चार वर्षों से एक युवती के साथ प्रेम संबंध था, जिसकी शुरुआत इंस्टाग्राम से हुई थी। परिवार का आरोप है कि युवती पहले से दो शादियां कर चुकी थी और उसने विवेक को प्रेम जाल में फंसाकर उससे लाखों रुपये ऐंठे। इसके बाद युवती और उसके पति ने मिलकर विवेक को कथित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। लगातार तनाव और दबाव के कारण विवेक पूरी तरह टूट चुका था। आत्महत्या से पहले उसने एक भावुक सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपने साथ हुई पूरी घटना का जिक्र करते हुए अपनी मौत के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया। मृतक की बहन ने आरोप लगाया है कि 26 अप्रैल को एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। परिवार जब थाने पर कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए फोन करता है, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। बहन ने मीडिया से कहा कि अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो शायद उसका भाई आज जिंदा होता। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है और वे सवाल उठा रहे हैं कि मृतक के वीडियो और सुसाइड नोट में आरोप लगाने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। परिवार की मुख्य मांग है कि सुसाइड नोट और वीडियो को मुख्य साक्ष्य माना जाए, युवती और उसके पति की तत्काल गिरफ्तारी हो, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाए। यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, और प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है, यह देखना बाकी है।3
- प्रयागराज जिले में आई तेज आंधी और बारिश ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुँचाया है, जिसके कारण जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं। इसके अतिरिक्त, कई मकानों और दुकानों को भी क्षति पहुँचने की खबरें हैं। इन गंभीर स्थितियों को देखते हुए, प्रयागराज के DM ने तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।1
- प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने माफिया अतीक अहमद के करीबियों द्वारा की गई अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया है। यह कार्रवाई विष्णुपुरी के रसूलपुर क्षेत्र में की गई। इस अवैध प्लाटिंग में ज़ैद खालिद, इंतखाब आलम, फदीन, उमेश, बुद्धि राम और उदय यादव सहित अन्य लोग शामिल थे, जिन्होंने 20 बीघा भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग की थी।1
- प्रयागराज मंडल कार्यालय के संकल्प सभागार में गुरुवार 29 मई 2026 को मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज श्री रजनीश अग्रवाल ने की। बैठक के दौरान यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने और जनहित से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों पर गहन चर्चा हुई। मंडल रेल प्रबंधक ने इस अवसर पर बताया कि अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों की सूरत लगातार बदल रही है।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित पकरी सेवर में स्वामी पगलानंद आश्रम को बुधवार रात आई तेज आंधी-तूफान से भारी नुकसान पहुंचा है। इस आंधी के कारण आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। आश्रम परिसर में लगा करीब 35-40 हजार रुपये का डिवाइस टावर गिरकर ध्वस्त हो गया, जिससे सीसीटीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का संचालन बंद हो गया। इसके अतिरिक्त, आंधी ने बिजली ट्रांसफार्मर को भी खराब कर दिया, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। बिजली न होने के कारण साधु-संतों और सेवादारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और रात के अंधेरे में सुरक्षा का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एक घंटे तक चली इस आंधी से आसपास के इलाकों में भी पेड़ गिरे और नुकसान हुआ है। वर्तमान में, आश्रम की अधिष्ठाता उमा देवी श्रद्धानंद सरस्वती इसकी व्यवस्थाएं संभाल रही हैं। उन्होंने प्रशासन से इस नुकसान का आकलन कर तत्काल मदद की मांग की है, ताकि ध्वस्त हुए टावर और खराब हुए ट्रांसफार्मर की जल्द मरम्मत कराई जा सके और आश्रम की सामान्य व्यवस्थाएं बहाल हो सकें।2
- प्रयागराज के मानसरोवर चौराहे पर शुक्रवार को दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद अचानक गोलीबारी शुरू होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी फैल गई और पूरे बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झगड़े के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई, जिसके परिणामस्वरूप कुछ लोगों ने गोलियां चला दीं। इस घटना के तुरंत बाद, मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1