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छायाकार अमल कुमार
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- गढ़हरा आरपीएफ पोस्ट रेल पुलिस ने चोरी मोबाइल के साथ छिनतई गिरोह के एक शातिर अपराधी को किया गिरफ्तार। चोरी किया गया मोबाइल बरामद।3
- *बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर की 135 वाँ जयंती के अवसर पर समस्तीपुर शहर में भीम सेना द्वारा भव्य शोभा यात्रा निकली गई.1
- बाबा साहेब की जयंती मनाई गई| देखिए पूरा विडियो #tauseefkamal #htktoday #nauhatta #saharsa #drbhimraoambedkar #DRBHIMRAORAMJIAMBEDKAR #babasaheb #todaybestvideo1
- बेगूसराय जिला जनतादल यू के जिला अध्यक्ष नंदलाल राय की अध्यक्षता में संबिधान निर्माता बाबा साहेब डॉ0भीमराव आंबेडकर की 135 वीं जयंती समावेशी विकास दिवस रूप में मनाया गया । जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए जदयू जिला अध्यक्ष नंदलाल राय ने कहा कि भारत के संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक, विचारक, सामाजिक न्याय के पुरोधा, भारत रत्न बाबा साहब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी समावेशी विकास के मार्गदर्शक थे । भारतीय संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय, समानता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त आधार प्रदान किया। किया ।4
- सहरसा जिले के नोहट्टा नगर पंचायत में संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती मंगलवार को मनाई गई यह कार्यक्रम नगर पंचायत पंचायत में आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता नोहट्टा पूर्व जिला परिषद अशोक पासवान ने की इस अवसर पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष बी एन सहनी, जिला मत्री पंकज पाठक, मण्डल अध्यक्ष कृष्णा साह, खड़का तेलवा पूर्व मुखिया हिरेन्द्र गुप्ता,पंचायत सदस्य सामिति मुकेश पासवान, और कमल नारायण गुप्ता उपस्थित गणमान्य लोगों और ग्रामीणों ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सम्मान पूर्वक श्रद्धांजलि दी वक्ताओं ने डॉक्टर अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया कि समाज में सामान्य, शिक्षा और अधिकारों के लिए बाबा साहब का संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत है उनके बताएं मार्ग पर चलकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है1
- Post by गौरव कुमार पत्रकार बखरी बेगूसर2
- बेगूसराय अंबेडकर चौक पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के जन्मदिन पर अधिकारियों ने.. भारत रत्न, भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन, बेगूसराय द्वारा श्रद्धापूर्वक उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। इस अवसर पर बेगूसराय स्थित अंबेडकर चौक पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके उपरांत बड़ी पोखर स्थित डॉ. अंबेडकर पुस्तकालय में भी उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने बाबा साहेब के विचारों एवं उनके द्वारा समाज में समानता, न्याय और अधिकारों की स्थापना के लिए किए गए अमूल्य योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री आकाश चौधरी, अपर समाहर्ता बेगूसराय, अपर समाहर्ता.विभागीय जांच., सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी बेगूसराय, भूमि सुधार उप समाहर्ता बेगूसराय, वरीय उप समाहर्ता सहित अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।4
- *अम्बेडकर जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि, संविधान निर्माता को किया नमन* _उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौरा में आयोजित हुई संकल्प सभा_ _14 अप्रैल 2026 | गौरा, बिहार_ भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर की 135वीं जयंती देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहेब को नमन किया। उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौरा परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संकल्प सभा का आयोजन किया गया। *संकल्प सभा के मुख्य वक्तव्य* *प्रधानाध्यापिका रंजू कुमारी* ने सभा की अध्यक्षता करते हुए कहा, "14 अप्रैल 1891 को महू में जन्मे डॉ. अम्बेडकर भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार, पहले कानून मंत्री और महान समाज सुधारक थे। उन्होंने छुआछूत और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ का संदेश देकर उन्होंने वंचित वर्ग को अधिकारों के प्रति जागरूक किया।" *जिला माध्यमिक शिक्षक संघ शैक्षिक परिषद के जिला संयोजक अविनाश शास्त्री* ने कहा, "समता, स्वतंत्रता और बंधुता के संवैधानिक मूल्यों को अपनाना ही बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि है।" *वरीय शिक्षिका मधु कुमारी* ने कहा, "शिक्षा की जिद उनमें इतनी थी कि अपमानों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वे पहले दलित बने जिन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टरेट की उपाधियाँ प्राप्त कीं। उन्होंने अपनी क्रांति हथियारों से नहीं बल्कि कलम से लड़ी। ‘मूकनायक’ पत्रिका और ‘महाड़ सत्याग्रह’ के जरिए दलितों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का हक दिलाया।" *माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रखंड सचिव रवि कुमार* ने बाबा साहेब के विचार रखे: "शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पिएगा वह दहाड़ेगा। लोकतंत्र केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं है, यह जीवन जीने का एक माध्यम है।" *शिक्षक धर्मवीर कुमार, शशि साकेत, कृष्ण कन्हैया, राम कैलाश दास, मंजय कुमार, अमितेश कुमार* ने कहा कि बाबा साहेब महिला सशक्तिकरण के पुरजोर समर्थक थे। उनके शब्द दोहराए: "मैं किसी समुदाय की प्रगति को उस समुदाय की महिलाओं द्वारा की गई प्रगति से मापता हूँ। मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है। गुलाम को अहसास दिला दो कि वह गुलाम है, फिर वह खुद अपनी बेड़ियाँ तोड़ देगा।" इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने भी बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और अम्बेडकर जयंती संकल्प सभा के रूप में मनाई।4
- बेगूसराय सिविल कोर्ट में बाबा भीम राव अम्बेडकर 135 वी जयंती मनाई गई जयंती मे उपस्थित सभी अधिवक्ता मौजूद रहे बैठक मे उपस्थित दीपक कुमार सिन्हा, राजीव रंजन, प्रभाकर कुमार, रणजीत कुमार सिन्हा, ओर तमाम चैनल के बुद्धिजीवी पत्रकार लोग उपस्थित थे4