अयोध्या जनपद के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के मसौधा बाजार निवासी सृष्टि कसौधन नामक एक पीड़िता दहेज के लालच में अपने ससुराल वालों द्वारा लगातार प्रताड़ना और मारपीट का शिकार हो रही है। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उनसे स्कॉर्पियो और 10 लाख रुपये नकद की मांग कर रहे हैं, जिसे गरीब परिवार पूरा करने में असमर्थ है। इसी क्रम में गाली-गलौज और मारपीट के दौरान पीड़िता का सिर भी फट गया। पीड़िता को दहेज न दे पाने के कारण ससुराल वालों ने उसे कैदी बनाकर भूखे-प्यासे एक अलग कमरे में रहने पर मजबूर कर दिया है। आए दिन दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाता है। यह मामला कई बार प्रशासन तक पहुंचा, जहाँ पीड़िता पर दबाव डालकर सुलह-समझौता करा दिया गया। लेकिन, हर बार प्रशासन के सामने 'हाँ में हाँ' मिलाने के बाद ससुराल वाले फिर से मारपीट और प्रताड़ना शुरू कर देते हैं। ताजा मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है, लेकिन सास-ससुर, पति, देवर, नन्द और ममिया ससुर सहित सभी आरोपी अभी भी फरार हैं और पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। फरार आरोपी पीड़िता सृष्टि कसौधन और उसके परिवार को लगातार धमकी दे रहे हैं, जिससे उसकी जान को भी खतरा बताया गया है। पीड़िता न्याय के लिए दर-ब-दर भटकने पर मजबूर है और उसने महिला आयोग, मुख्यमंत्री पोर्टल तथा पूराकलंदर थाने तक शिकायतें की हैं, पर समस्या का समाधान नहीं हो रहा। इस घटना से 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' मिशन और 'मिशन शक्ति' जैसे नारों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठते हैं, क्योंकि पीड़िता का परिवार आरोप लगा रहा है कि ये योजनाएँ केवल कागजों तक सीमित हैं। दहेज के लोभी ससुराल वाले अपनी हदें पार करने को तैयार हैं, जिससे पीड़िता की जान भी जा सकती है।
अयोध्या जनपद के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के मसौधा बाजार निवासी सृष्टि कसौधन नामक एक पीड़िता दहेज के लालच में अपने ससुराल वालों द्वारा लगातार प्रताड़ना और मारपीट का शिकार हो रही है। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उनसे स्कॉर्पियो और 10 लाख रुपये नकद की मांग कर रहे हैं, जिसे गरीब परिवार पूरा करने में असमर्थ है। इसी क्रम में गाली-गलौज और मारपीट के दौरान पीड़िता का सिर भी फट गया। पीड़िता को दहेज न दे पाने के कारण ससुराल वालों ने उसे कैदी बनाकर भूखे-प्यासे एक अलग कमरे में रहने पर मजबूर कर दिया है। आए दिन दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाता है। यह मामला कई बार प्रशासन तक पहुंचा, जहाँ पीड़िता पर दबाव डालकर सुलह-समझौता करा दिया गया। लेकिन, हर बार प्रशासन के सामने 'हाँ में हाँ' मिलाने के बाद ससुराल वाले फिर से मारपीट और प्रताड़ना शुरू कर देते हैं। ताजा मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है, लेकिन सास-ससुर, पति, देवर, नन्द और ममिया ससुर सहित सभी आरोपी अभी भी फरार हैं और पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। फरार आरोपी पीड़िता सृष्टि कसौधन और उसके परिवार को लगातार धमकी दे रहे हैं, जिससे उसकी जान को भी खतरा बताया गया है। पीड़िता न्याय के लिए दर-ब-दर भटकने पर मजबूर है और उसने महिला आयोग, मुख्यमंत्री पोर्टल तथा पूराकलंदर थाने तक शिकायतें की हैं, पर समस्या का समाधान नहीं हो रहा। इस घटना से 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' मिशन और 'मिशन शक्ति' जैसे नारों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठते हैं, क्योंकि पीड़िता का परिवार आरोप लगा रहा है कि ये योजनाएँ केवल कागजों तक सीमित हैं। दहेज के लोभी ससुराल वाले अपनी हदें पार करने को तैयार हैं, जिससे पीड़िता की जान भी जा सकती है।
- प्रतापगढ़ निवासी सियाराम उमावैश्य, जिन्होंने अपनी ज़मीन बेचकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का दान दिया था, अब कथित दान गड़बड़ी के मामले को लेकर भावुक हो उठे हैं। उनके इस दर्द को एक वीडियो संदेश के ज़रिए सामने लाया गया है। उक्त वीडियो संदेश में, सियाराम उमावैश्य ने कहा कि उन्होंने भगवान राम के मंदिर के लिए पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ यह दान दिया था। हालांकि, अब सामने आ रहे घटनाक्रम और दान में कथित गड़बड़ी की ख़बरों से उन्हें गहरा दुख हो रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर यह भी कहा कि यदि दान की राशि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।1
- करणी सेना ने स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया है कि स्वामी प्रसाद मौर्य का जल्द ही 'इलाज' किया जाएगा।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान के गबन से जुड़े एक मामले में, मुकदमे में नामजद आठों आरोपियों को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। मोहर्रम की अवकाश होने के बावजूद विशेष रिमांड मजिस्ट्रेट कोर्ट में यह पेशी हुई, जिसके बाद सभी आठ आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने अभी तक इन आरोपियों की रिमांड नहीं ली है। हालांकि, सोमवार को उनकी फिर से पेशी होगी, और पुलिस इस दौरान आरोपियों की पुलिस कस्टडी डिमांड लेने का प्रयास करेगी। इस मामले में आरोपियों से 79 लाख 85 हजार रुपये की राशि बरामद की गई है।1
- अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा मंदिर के कोषाध्यक्ष स्वामी गिरी गोविंद गिरी महाराज जी को सौंपा। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के युवा नेता पंडित समरजीत पांडे ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पांडे ने इस्तीफे को महज एक बहाना बताते हुए सीधा आरोप लगाया कि यह कदम करोड़ों रुपए के चंदा गबन से जुड़ा हुआ है, जिससे करोड़ों लोगों की आस्था प्रभावित हुई है।1
- अयोध्या जिले के बीकापुर रामपुर भगन क्षेत्र में मोहर्रम का त्योहार अकीदत, गम और गंगा-जमुनी तहज़ीब की शानदार मिसाल पेश करते हुए मनाया गया। इस दौरान हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में क्षेत्र के ग्राम प्रधान बलवंत सिंह, भावी प्रधान पद प्रत्याशी अनवर अली, कादिर भाई, गुलाम, डॉक्टर नूर नाजिम साहिब, फैसल, आसिफ, राकेश, शिबू भाई, शंकर प्रसाद पांडे, मुनेश्वर चौरसिया, और पूर्व प्रधान संतराम सहित कई सम्मानित साथियों के सहयोग से विभिन्न गांवों से पारंपरिक ताजिए निकाले गए। पूरे क्षेत्र में लगातार "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं, और गमगीन माहौल में लोगों ने इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सुबह से ही इमामबाड़ों और मजलिसों में कर्बला की दर्दनाक दास्तान विस्तार से बयान की गई, जहाँ उलेमाओं ने हजरत इमाम हुसैन के इंसाफ, सच्चाई और मानवता की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान का मार्मिक वर्णन किया। इसे सुनकर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण गम में डूब गया। दोपहर बाद अलम और ताजियों के साथ एक भव्य जुलूस निकाला गया, जो गांवों और मुख्य मार्गों से होते हुए स्थानीय कर्बला तक पहुँचा। जुलूस में शामिल लोग पूरे जोश और श्रद्धा के साथ "या हुसैन" के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे, और रास्ते में जगह-जगह सामाजिक संगठनों तथा ग्रामीणों द्वारा शरबत और ठंडा पानी का वितरण किया गया। मोहर्रम के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखी गई थी। स्थानीय पुलिस, तारुन थाना कोतवाली प्रभारी लालचंद सरोज, चौकी प्रभारी रामपुर भगन विकास सिंह और प्रशासन के अधिकारी लगातार जुलूस की निगरानी करते रहे, जिसके कारण पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। शाम को सभी ताजियों को स्थानीय कर्बला मैदान में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों और नम आँखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की एक खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली, जहाँ सभी समुदायों के लोगों ने मिलकर शांति, सद्भाव और आपसी सौहार्द बनाए रखने में पूरा सहयोग किया, जिससे मोहर्रम का यह पर्व सकुशल और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत केवल एक इतिहास नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, इंसानियत और त्याग का एक अमर संदेश है, जो हर दौर में लोगों को समानता का पाठ पढ़ाता है। यह पर्व वास्तव में गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक है जहाँ विभिन्न समुदाय एक साथ मिलकर रहते हैं।2
- इन दिनों पड़ रही तेज गर्मी और धूप के कारण लोगों से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। इस संदर्भ में, सभी नागरिकों से आह्वान किया गया है कि वे मिलकर अपने देश को स्वच्छ और सुंदर बनाएं, पर्यावरण का संरक्षण करें, जीवन को अनमोल समझें और सभी का ख्याल रखें। साथ ही, शुद्ध हवाओं के साथ योग करने और पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाने पर जोर दिया गया है। भारत सरकार और राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण बचाने के लिए सभी को आगे आने का आग्रह किया गया है। यह जानकारी 'आज सुबह टाइम्स' के लिए लाल चंद सोनी द्वारा रिपोर्ट की गई है।2
- अयोध्या के थाना पूराकलंदर मसौधा बाजार निवासी सृष्टि कसौधन दहेज के लालच में अपने ससुराल वालों की बर्बरता का शिकार हुई हैं, जहाँ मारपीट और गालीगलौज में उनका सिर फट गया। शादी के बाद से ही उन्हें लगातार स्कॉर्पियो और ₹10 लाख नगद की माँग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे उनका गरीब परिवार पूरा करने में असमर्थ है। पीड़िता सृष्टि कसौधन को दहेज न दे पाने के कारण शादी के बाद से ही एक अलग कमरे में भूखे-प्यासे कैदी की तरह रखा जा रहा है। आए दिन उन्हें माँग पूरी न होने पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। जब भी मामला प्रशासन तक पहुँचता है, ससुराल वाले दबाव बनाकर समझौता करवा लेते हैं, लेकिन शासन के सामने 'हाँ में हाँ' मिलाकर वे फिर से मारपीट और प्रताड़ना शुरू कर देते हैं। पीड़िता का आरोप है कि दहेज के लोभी ससुराल वाले हर हद पार करने को तैयार हैं, और उनकी जान को भी खतरा है। इस प्रताड़ना में उनके सास, ससुर, पति, देवर, ननद और ममिया ससुर शामिल हैं, जो पीड़िता और उसके परिवार को लगातार धमकियाँ दे रहे हैं। नए मामले में विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है, लेकिन सभी आरोपी फरार हैं और पुलिस की पहुँच से दूर हैं, बल्कि वे पीड़िता को लगातार धमकियाँ भी दे रहे हैं। सृष्टि कसौधन न्याय के लिए दर-ब-दर भटकने पर मजबूर हैं, उन्होंने महिला आयोग, मुख्यमंत्री और थाना पूराकलंदर तक शिकायतें दर्ज कराई हैं, पर हर बार सुलह के बाद फिर मारपीट का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' मिशन और 'मिशन शक्ति' जैसे नारे केवल कागजों तक ही सीमित हैं, जबकि हकीकत इसके बिलकुल विपरीत है।1