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- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी1
- सिंधु अमर धाम आश्रम चकरभाठा झूलेलाल मंदिर में चालिहो महोत्सव का हुआ समापन आज गुरुवार की दोपहर 1:00 बजे सिंधु अमर धाम आश्रम झूलेलाल मंदिर चकरभाठा से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर के चकरभाठा स्थित सिंधु अमरधाम झूलेलाल मंदिर में हर साल 'चालीहा महोत्सव' मनाया जाता है, जिसमें सिंधी समाज 40 दिनों तक भगवान झूलेलाल की विशेष पूजा, भजन-कीर्तन, और व्रत रखता है, जो भक्ति, तपस्या और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं और समापन पर बहराणे साहब की शोभायात्रा निकाली जाती है इस चालिहो महोत्सव के अवसर पर सिंधु अमर धाम आश्रम झूलेलाल मंदिर चकरभाठा के संत श्री लाल दास साईं जी 40 दिनों तक मौन व्रत कर कठिन तपस्या करते हैं 40 वें दिन व्रत की समाप्ति कर दिव्य दर्शन देते हैं जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु चकरभाठा पहुंचते हैं इस अवसर पर नगर में शोभा यात्रा निकल जाती है साथ ही भंडारे का आयोजन किया जाता है उसके बाद बुधवार की शाम 7:00 बजे से रात 1.30 तक बाहर से आए हुए श्रद्धालुओं ने संत लाल दास साइन से मुलाकात की और चढ़ोतरी चढ़ा कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया इस दौरान चकरभाटा में भक्ति में माहौल रहता है छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्य से भी श्रद्धा बाबा गुरु मुख दास लाल साइन के दिव्य दर्शन के लिए पहुंचते हैं हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भाटापारा वाले साईं भक्तो की टीम ने स्वलप आहार चाय नाश्ते का वितरण किया श्रद्धालुओं में समर्पण का भाव नजर आया भक्तों की भीड़ को संभालने के लिए चकरभाठा बिल्हा सहित बिलासपुर से भी पुलिस के बाल लगाए गए थे जिसकी वजह से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई और शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम संपन्न हुआ1
- ऐसे व्यक्तियों को जेल होना चाहिए जो ज्ञान गंगा पुस्तक फाड़ रहे हैं जो पुस्तक संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित चारों वेदों 18 पुराण पुराण से बाइबल के आधार से लिखा गया है की सब कहते हैं सबको मालिक एक है उसी को इस पुस्तक में बताया गया है सबका मालिक एक है उसका नाम कबीर देव है सभी धार्मिक ग्रंथो में प्रमाण है की कबीर साहेब ही पूर्ण परमात्मा है जिसने सृष्टि की रचना की1
- 1 जनवरी20261
- all key rings available1
- अंबिकापुर: महामाया मंदिर में टला बड़ा हादसा, पुजारी एवं श्रद्धालुओं की सूझबूझ से मंदिर परिसर मे लगे आग पर पाया गया काबू नए साल के आगमन पर जहाँ पूरा शहर भक्ति के माहौल में डूबा हुआ था, वहीं अंबिकापुर की आराध्य देवी माँ महामाया के मंदिर परिसर में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि वहां मौजूद पुजारियों और भक्तों ने त्वरित सूझबूझ दिखाई, जिससे एक बड़ी दुर्घटना होने से टल गई। नव वर्ष के उपलक्ष्य में सुबह से ही मंदिर में दर्शनार्थियों का भारी हुजूम उमड़ा हुआ था। मंदिर परिसर में जिस स्थान पर श्रद्धालु मन्नत के धागे और चुनरी बांधते हैं, वहां अचानक लपटें उठने लगीं। आशंका जताई जा रही है कि जलती हुई अगरबत्ती की चिंगारी से चुनरियों ने आग पकड़ ली थी। देखते ही देखते परिसर में धुंआ फैल गया और श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। भक्तों और पुजारियों ने पेश की मिसाल घबराने के बजाय वहां मौजूद मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने मोर्चा संभाला। सबसे पहले भीड़ को सुरक्षित स्थान की ओर हटाया गया ताकि भगदड़ न मचे। इसके बाद सभी ने मिलकर सक्रियता दिखाई और आग को आगे फैलने से रोकते हुए उस पर पूरी तरह काबू पा लिया। सुरक्षित है मंदिर परिसर राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या मंदिर की संपत्ति को बड़ा नुकसान नहीं पहुँचा है। आग बुझने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है और अब श्रद्धालु पुनः शांतिपूर्वक माता के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है।1
- जिस काम को 6 वर्ष पहले कबीर साहेब करने आए थे उसी काम को करने में संत रामपाल जी महाराज लगे हुए हैं हिंदू मुस्लिम सिख इसाई जाति धर्म का भेदभाव को हटाकर सबको एक करना चाहते हैं और यह जाति पाति धर्म के नाम पर लड़ाने वाले संत रामपाल जी महाराज के पुस्तक दो लाइन पढ़ के गलत बताकर प्रस्तुत कर रहे हैं क्या मुसलमान मूर्ति पूजा नहीं करता तो वह गलत है क्या ईसाई मूर्ति पूजा नहीं करते तो वह गलत है उनका विरोध क्यों नहीं होता जो शास्त्र में प्रमाणित है उसी को तो बता रहे हैं संत रामपाल जी महाराज1
- Post by Rani Kasyap1
- 36 वे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का हुआ सुभारम्भ1