राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग को 31 जुलाई तक प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनाव कराने का स्पष्ट आदेश दिया है। इस समयसीमा के भीतर शहरी निकाय चुनाव के लिए 20 जून तक परिसीमन और मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने का कार्य तो पूरा हो चुका है, लेकिन अब चुनाव के लिए मात्र 42 दिन शेष बचे हैं और जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आज से भी चुनाव प्रक्रिया शुरू की जाए तो इसे पूरा होने में 40 से 45 दिन का समय लगेगा, जिससे उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करना अत्यंत कठिन हो जाएगा। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दे दिया है, जिसके अनुसार पंचायतों के लिए 4.02 लाख से अधिक और शहरी निकायों के लिए 1.43 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। चुनावी प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण आरक्षित सीटों का निर्धारण है। हालांकि, पंचायत चुनाव और शहरी निकाय चुनाव दोनों को एक साथ एक ही दिन कराना संभव नहीं है, और दोनों प्रक्रियाओं को अलग-अलग पूरा करने के लिए 40-40 दिन से अधिक का समय चाहिए। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि यदि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग की रिपोर्ट में समय लग रहा है, तो उसके लिए और इंतजार नहीं किया जा सकता, और राज्य निर्वाचन आयोग को 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जमीनी स्थिति यह है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार से अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का विवरण पहले ही मांगा था और हाल ही में एक रिमाइंडर भेजकर पुनः विवरण की मांग की है, लेकिन अभी तक सीटों का निर्धारण नहीं हुआ है। पंचायत और शहरी निकायों का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद चुनाव नहीं होने के कारण प्रदेश की ग्रामीण और शहरी सरकारें केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गई हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष नवंबर में 15 अप्रैल तक इन चुनावों को कराने की समयसीमा तय की थी, लेकिन राज्य सरकार ने समय बढ़ाने का आग्रह किया और राहत प्राप्त कर ली। इसके बाद, न्यायालय ने 31 जुलाई तक चुनाव कराने की नई अंतिम तिथि तय की, जिसके बावजूद चुनावी प्रक्रिया अभी भी शुरुआती चरणों में ही दिखाई दे रही है।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग को 31 जुलाई तक प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनाव कराने का स्पष्ट आदेश दिया है। इस समयसीमा के भीतर शहरी निकाय चुनाव के लिए 20 जून तक परिसीमन और मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने का कार्य तो पूरा हो चुका है, लेकिन अब चुनाव के लिए मात्र 42 दिन शेष बचे हैं और जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आज से भी चुनाव प्रक्रिया शुरू की जाए तो इसे पूरा होने में 40 से 45 दिन का समय लगेगा, जिससे उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करना अत्यंत कठिन हो जाएगा। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दे दिया है, जिसके अनुसार पंचायतों के लिए 4.02 लाख से अधिक और शहरी निकायों के लिए 1.43 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। चुनावी प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण आरक्षित सीटों का निर्धारण है। हालांकि, पंचायत चुनाव और शहरी निकाय चुनाव दोनों को एक साथ एक ही दिन कराना संभव नहीं है, और दोनों प्रक्रियाओं को अलग-अलग पूरा करने के लिए 40-40 दिन से अधिक का समय चाहिए। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि यदि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग की रिपोर्ट में समय लग रहा है, तो उसके लिए और इंतजार नहीं किया जा सकता, और राज्य निर्वाचन आयोग को 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जमीनी स्थिति यह है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार से अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का विवरण पहले ही मांगा था और हाल ही में एक रिमाइंडर भेजकर पुनः विवरण की मांग की है, लेकिन अभी तक सीटों का निर्धारण नहीं हुआ है। पंचायत और शहरी निकायों का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद चुनाव नहीं होने के कारण प्रदेश की ग्रामीण और शहरी सरकारें केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गई हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष नवंबर में 15 अप्रैल तक इन चुनावों को कराने की समयसीमा तय की थी, लेकिन राज्य सरकार ने समय बढ़ाने का आग्रह किया और राहत प्राप्त कर ली। इसके बाद, न्यायालय ने 31 जुलाई तक चुनाव कराने की नई अंतिम तिथि तय की, जिसके बावजूद चुनावी प्रक्रिया अभी भी शुरुआती चरणों में ही दिखाई दे रही है।
- भदेसर में सामाजिक कार्यकर्ता शंकरलाल मेघवाल (बिलड़ी) ने अपने 37वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर एक सराहनीय पहल करते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए पीपल, वट वृक्ष और नीम जैसे लगभग 21 छायादार पौधे लगाए गए। इस गरिमामयी अवसर पर मेघ सेना के प्रदेश सचिव एवं भीलवाड़ा प्रभारी प्रकाश चंद्र सेटवाना, जय भीम मित्र मंडल के अध्यक्ष लक्ष्मण मेघवाल, सवराम मेघवाल, लक्ष्मी राम मेघवाल, प्रेमी बाई और ऋषिका कंप्यूटर के संचालक शंभू लाल मेघवाल सहित कई प्रबुद्ध कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी मौजूद लोगों ने शंकरलाल मेघवाल को दीर्घायु और उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- उदयपुर जिले के मावली, फतहनगर सहित विभिन्न गांवों और कस्बों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मावली में उपखंड स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम खास तौर पर आयोजित हुआ, जिसमें उपखंड अधिकारी रमेश सीरवी के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान भाजपा नेता और विधानसभा प्रभारी कृष्ण गोपाल पालीवाल ने भी क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर योग दिवस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। फतहनगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी योग के प्रति लोगों का उत्साह उल्लेखनीय रहा। कुल मिलाकर, मावली और फतहनगर के साथ-साथ जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर तरह-तरह के कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए, जिनमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज की गई।1
- रेलमगरा की ग्राम पंचायत जवासिया स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को राज्य सरकार के निर्देशानुसार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य मोतीलाल सुथार के सानिध्य में किया गया। योग दिवस प्रभारी और शारीरिक शिक्षक रमेश चन्द्र वैष्णव ने उपस्थित विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास करवाते हुए योग के स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य मोतीलाल सुथार ने दैनिक जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी से नियमित योग अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनों को मतदाता जागरूकता की शपथ भी दिलाई गई। इस आयोजन में विद्यालय स्टाफ, ग्राम पंचायत के कार्मिकों, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। योग दिवस के सफल आयोजन पर सभी ने नियमित योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।2
- राजसमंद जिले के रेलमगरा स्थित गोगाथला ग्राम पंचायत में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में हुए इस आयोजन की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थी और यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत प्रशासक छोगालाल सालवी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। योग प्रशिक्षक कृष्ण खटीक के मार्गदर्शन में उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास किया। इस दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए नियमित योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताया गया, जिस पर प्रतिभागियों ने निरोगी जीवन और सकारात्मक सोच अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालय के प्राचार्य सत्यनारायण पुरबिया, शारीरिक शिक्षक प्रहलाद लोहार, हेल्थ कम्युनिटी ऑफिसर रेखा सालवी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता उषा सालवी और पशुधन निरीक्षक छोटूलाल कुमावत सहित स्थानीय एवं अधीनस्थ विद्यालयों के अध्यापक-अध्यापिकाएं, विभागीय कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण महिला-पुरुष, युवा तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे। योगाभ्यास के बाद सभी उपस्थित लोगों ने प्लास्टिक का उपयोग न करने, ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने और मतदाता जागरूकता बढ़ाने की शपथ ली। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित जीवन जीने की एक प्रभावी जीवनशैली है। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ समाज, स्वच्छ ग्राम और जागरूक मतदाता निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को उदयपुर में देवास-3 एवं देवास-4 पेयजल परियोजना का हवाई निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरा किया जाए। इस महत्वपूर्ण परियोजना का लक्ष्य उदयपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों की वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति करना है।1
- प्रो. सारंगदेवोत ने योग को लेकर एक महत्वपूर्ण बात कही है। उनके अनुसार, योग केवल आंतरिक पूर्णता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह पंच तत्वों को संतुलित करने की एक क्रिया भी है।1
- वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नवानिया स्थित प्रसिद्ध खेड़ाखूंट माताजी मंदिर परिसर में एक सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का विधिविधान और पूजा-अर्चना के साथ नींव का मुहूर्त किया गया। यह सामुदायिक भवन वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी की अनुशंसा पर स्वीकृत राशि से स्थानीय ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है। विधायक डांगी ने इस कार्य के लिए 5 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस सामुदायिक भवन के निर्माण से क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के लिए एक बेहतर स्थान मिल सकेगा। नींव के इस अवसर पर पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण भी मौजूद रहे।1
- अहमदाबाद के गीता मंदिर में एक गैस सिलेंडर में जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके के तुरंत बाद आग की लपटें उठने लगीं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।1