भीषण गर्मी में तालाब में उतरा भालू, दुधवा के जंगल में यूं लिया शीतल जल का आनंद भीषण गर्मी और उमस से जहां इंसान बेहाल हैं, वहीं जंगल के वन्यजीव भी राहत पाने के लिए जलस्रोतों का सहारा ले रहे हैं। पलिया के दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में एक भालू तालाब के ठंडे पानी में गर्मी से राहत लेते हुए दिखाई दिया। भालू का यह मनमोहक दृश्य कैमरे में कैद हो गया, जो अब वन्यजीव प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। भालू तालाब के बीचों-बीच पानी में बैठकर आराम फरमा रहा है। तालाब की सतह पर जलीय वनस्पतियां फैली हुई हैं, जबकि भालू पानी में डूबकर ठंडक का आनंद लेता नजर आ रहा है। जंगल के इस अनोखे दृश्य ने प्रकृति और वन्यजीवों के बीच गहरे संबंध को एक बार फिर उजागर किया है। दुधवा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर ने बताया कि इन दिनों क्षेत्र में तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जंगल के जीव-जन्तु भीषण गर्मी से बचने के लिए तालाबों, नालों और अन्य जलस्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा जंगल में मौजूद प्राकृतिक एवं कृत्रिम जलस्रोतों की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि वन्यजीवों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। बताया कि गर्मी के मौसम में बाघ, हाथी, हिरन, भालू समेत अन्य वन्यजीव अक्सर पानी के आसपास देखे जाते हैं। इससे उन्हें न केवल प्यास बुझाने में मदद मिलती है, बल्कि शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में भी राहत मिलती है। दुधवा के जंगल से सामने आया यह दृश्य वन्यजीवों की प्राकृतिक जीवनशैली की एक खूबसूरत झलक पेश करता है, जो यह बताता है कि बढ़ती गर्मी का असर जंगल के जीवों पर भी उतना ही पड़ रहा है, जितना कि इंसानों पर।
भीषण गर्मी में तालाब में उतरा भालू, दुधवा के जंगल में यूं लिया शीतल जल का आनंद भीषण गर्मी और उमस से जहां इंसान बेहाल हैं, वहीं जंगल के वन्यजीव भी राहत पाने के लिए जलस्रोतों का सहारा ले रहे हैं। पलिया के दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में एक भालू तालाब के ठंडे पानी में गर्मी से राहत लेते हुए दिखाई दिया। भालू का यह मनमोहक दृश्य कैमरे में कैद हो गया, जो अब वन्यजीव प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। भालू तालाब के बीचों-बीच पानी में बैठकर आराम फरमा रहा है। तालाब की सतह पर जलीय वनस्पतियां फैली हुई हैं, जबकि भालू पानी में डूबकर ठंडक का आनंद लेता नजर आ रहा है। जंगल के इस अनोखे दृश्य ने प्रकृति और वन्यजीवों के बीच गहरे संबंध को एक बार फिर उजागर किया है। दुधवा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर ने बताया कि इन दिनों क्षेत्र में तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जंगल के जीव-जन्तु भीषण गर्मी से बचने के लिए तालाबों, नालों और अन्य जलस्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा जंगल में मौजूद प्राकृतिक एवं कृत्रिम जलस्रोतों की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि वन्यजीवों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। बताया कि गर्मी के मौसम में बाघ, हाथी, हिरन, भालू समेत अन्य वन्यजीव अक्सर पानी के आसपास देखे जाते हैं। इससे उन्हें न केवल प्यास बुझाने में मदद मिलती है, बल्कि शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में भी राहत मिलती है। दुधवा के जंगल से सामने आया यह दृश्य वन्यजीवों की प्राकृतिक जीवनशैली की एक खूबसूरत झलक पेश करता है, जो यह बताता है कि बढ़ती गर्मी का असर जंगल के जीवों पर भी उतना ही पड़ रहा है, जितना कि इंसानों पर।
- लखीमपुर खीरी के पढुआ थाना क्षेत्र में थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार सुबह कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी 20 जून 2026 को सुबह लगभग 8:24 बजे कटहा मोड़ नाले से करीब 250 मीटर आगे दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने के बाद की गई। तलाशी के दौरान, पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई दो भैंसें, दो 315 बोर के तमंचे और तीन 315 बोर के जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गुलाम पुत्र हबीब, निवासी ग्राम पठाननपुरवा, थाना पढुआ, और अमित कुमार पुत्र माखन, निवासी ग्राम प्रीतमपुरवा, थाना निघासन, के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, बरामद की गई भैंसों के संबंध में पहले से ही थाना सिंगाही में मुकदमा संख्या 127/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत एक मामला दर्ज है। इस बरामदगी के आधार पर, पढुआ थाने में मुकदमा संख्या 343/26 धारा 317(2)/317(5) बीएनएस और 3/25 आयुध अधिनियम 1959 के तहत नया मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया है कि दोनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, पुलिस द्वारा दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मोहित पुण्डीर, उपनिरीक्षक जुबेर अहमद, कांस्टेबल चन्द्रमोहन त्यागी, कांस्टेबल अंकित कुमार और कांस्टेबल कृष्ण कुमार शामिल थे।1
- मितौली तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिवक्ता संघ मितौली के वकीलों ने क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जिओ नेटवर्क की समस्या को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रमुखता से उठाया। अधिवक्ताओं ने प्रशासन को बताया कि नेटवर्क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऑनलाइन सेवाओं, बैंकिंग कार्यों, शिक्षा तथा संचार व्यवस्था में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वकीलों ने ग्रामीण जनता की इन गंभीर समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समस्या के निवारण हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। संपूर्ण समाधान दिवस में ग्रामीणों की अन्य विभिन्न समस्याओं पर भी सुनवाई की गई।1
- लखीमपुर खीरी की सदर कोतवाली में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ मालखाने से करोड़ों रुपये का सोना गायब होने के बाद पुलिस ने अदालत में अजीबोगरीब दलील दी। पुलिस ने दावा किया कि बारिश में भीगने के बाद सुखाने रखे गए जेवर बंदर उठा ले गए। माननीय न्यायालय ने पुलिस की इस हास्यास्पद दलील को सिरे से खारिज कर दिया है, इसे गंभीर कदाचार मानते हुए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है। यह घटना कानून की रखवाली करने वाली पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े करती है और पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा करती है। यह 'फिल्मी दास्तान' वर्ष 2007 में शुरू हुई थी, जब दीपावली की रात कपूरथला मोहल्ले की रानी अग्रवाल उर्फ जूली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके वालों की शिकायत पर पति मुदित अग्रवाल और उनके ससुरालियों पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के शरीर से सोने की चूड़ियाँ, चेन, लॉकेट, अंगूठी और नाक की कील जैसे बहुमूल्य आभूषण बरामद हुए थे, जिन्हें सदर कोतवाली के मालखाने में सुरक्षित जमा किया गया। वर्तमान में इन आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालाँकि, वर्षों तक चले ट्रायल के दौरान पुलिस इन आभूषणों को कभी भी साक्ष्य के रूप में अदालत में पेश नहीं कर पाई, जिसके चलते फरवरी 2024 में सबूतों के अभाव में मुदित अग्रवाल और उनका परिवार बरी हो गया। मामले में असली मोड़ तब आया जब बरी होने के बाद मुदित अग्रवाल ने अदालत के माध्यम से अपने जेवर वापस मांगे। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने जो रिपोर्ट पेश की, उसे सुनकर न्यायालय भी दंग रह गया। पुलिस का दावा था कि वर्ष 2013 में मालखाने की पोटलियाँ सीलन के कारण खराब हो रही थीं, जिन्हें सुखाने के लिए छत पर रखा गया था। इसी दौरान अचानक बारिश आ गई और बाद में बंदरों ने उन पोटलियों पर धावा बोलकर करोड़ों रुपये के जेवर गायब कर दिए। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने इस स्पष्टीकरण को हैरान करने वाला बताया और कहा कि यह साफ तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, क्योंकि पंचनामा में दर्ज इन जेवरों की कीमत आज की तारीख में लगभग एक करोड़ रुपये है। न्यायालय ने पुलिस की इस पूरी कहानी को मनगढ़ंत और अविश्वसनीय करार दिया। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सोना कभी पानी में नहीं गलता और करोड़ों की सरकारी तथा जब्त संपत्ति को इस तरह खुले में छोड़ देना घोर लापरवाही व साजिश का हिस्सा है। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया यह माना कि मालखाने के आभूषणों के साथ हेराफेरी की गई है और रिकॉर्ड में फर्जी एंट्री करके मामले को दबाने की कोशिश की गई। अदालत ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और पीड़ित को उचित क्षतिपूर्ति (मुआवजा) देने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद, पूरे जिले की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि खाकी के इस 'सिंडिकेट' का पर्दाफाश कब और कैसे होता है।4
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। विकासखंड बिजुआ क्षेत्र के लखरावा में एक मोबाइल फोन फटने से दो साल की बच्ची की जान चली गई।1
- लखीमपुर खीरी जिले के ब्लॉक बिजुआ स्थित ग्राम पंचायत बसलीपुर में पिछले करीब 10 दिनों से चल रहे एक टूर्नामेंट का सेमीफाइनल मुकाबला आज संपन्न हुआ।1
- लखीमपुर खीरी में पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। ईसानगर पुलिस टीम ने आज दिनांक 19.06.2026 को हत्या के एक वांछित अभियुक्त सुनील राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी थाना ईसानगर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 209/2026 धारा 103(1) बीएनएस से संबंधित मामले में की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक खीरी, डा0 ख्याति गर्ग के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक खीरी (पूर्वी) के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी धौरहरा के कुशल मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थानाध्यक्ष ईसानगर श्री बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम, जिसमें उ0नि0 श्री धर्मेन्द्र कुमार सिंह, ए0एस0आई0 श्री शरद शुक्ला (सर्विलांस सेल खीरी), हे0का0 उमेश मिश्रा (सर्विलांस सेल खीरी), हे0का0 मो0 शोएब और का0 महताब व का0 भूपेन्द्र सिंह शामिल थे, ने सुनील राजपूत पुत्र चंद्रिका प्रसाद, निवासी ग्राम फूलपुर मजरा अदलीशपुर, थाना ईसानगर, जनपद खीरी को आलाकत्ल (हत्या के हथियार) और मृतका के सामान सहित गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के उपरांत, अभियुक्त को माननीय न्यायालय खीरी के समक्ष विधिक कार्रवाई हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक घटना सामने आई है, जहाँ CO अंजनी चतुर्वेदी ने सांसद चंद्रशेखर के प्रतिनिधि को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान, बीच-बचाव करने आए एक इंस्पेक्टर को भी CO ने अपनी नसीहतों के लपेटे में ले लिया। यह पूरी घटना उन पुलिसकर्मियों के लिए खास तौर पर देखने लायक बताई जा रही है जो नेताओं की चमचागिरी में लिप्त रहते हैं, एक ऐसा पाठ पढ़ाया गया जिससे पुलिसकर्मियों को सीखने की बात कही गई है।1
- गोला गोकर्णनाथ में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला 'रिंकू' ने नगर में चल रहे नाला सफाई कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सभी नालों की सफाई समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इस पहल का मुख्य लक्ष्य बरसात के मौसम में जलभराव जैसी समस्याओं से शहर को निजात दिलाना है।1
- लखीमपुर खीरी जिले में, धौरहरा वन रेंज के क्षेत्र अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से जामुन के पेड़ों का बड़े पैमाने पर अवैध कटान जारी है। इस क्षेत्र में खुलेआम जामुन के पेड़ों पर आरा चलाया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'एक पेड़ माँ के नाम' वृक्षारोपण अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद, धौरहरा वन रेंज के वन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से जामुन के पेड़ बेधड़क काटे जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ईसानगर से कटौली मार्ग पर ट्रैक्टर पटियाला पर लदी हुई लकड़ी ले जाई जा रही है। कोतवाली ईसानगर क्षेत्र में हो रहे इस अवैध कटान का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, लेकिन प्रशासन इस मामले पर मौन है।1