आस्था की पहाड़ी पर शिव का वास: मकर संक्रांति पर सिद्ध बाबा धाम बनता है श्रद्धा, परंपरा और पर्यटन का संगम: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: घने जंगलों, ऊँची-नीची पहाड़ियों और शांत प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित सिद्ध बाबा धाम आज केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और विकास की जीवंत गाथा बन चुका है। मकर संक्रांति के अवसर पर यह पावन स्थल श्रद्धालुओं से सराबोर हो उठता है और पूरा क्षेत्र मेले, भक्ति और उल्लास के रंग में रंग जाता है। कुछ वर्ष पूर्व तक जहाँ यह प्राचीन शिव मंदिर उपेक्षा और समय की मार झेल रहा था, वहीं आज केदारनाथ धाम की तर्ज पर निर्मित भव्य मंदिर श्रद्धालुओं को दूर-दूर से आकर्षित कर रहा है। रात्रि के समय रोशनी से जगमगाता मंदिर सिद्ध बाबा पर्वत को अलौकिक दिव्यता से भर देता है। *खनन से शुरू हुई शिव भक्ति की यात्रा: जिले के पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग के नोडल अधिकारी एवं इतिहासकार डॉ. विनोद पांडेय के अनुसार सिद्ध बाबा धाम की आस्था की जड़ें वर्ष 1928 से जुड़ी हैं। उस समय कारीमाटी (वर्तमान झगराखांड) क्षेत्र में कोयला खनन प्रारंभ हुआ था। उत्तर प्रदेश और बिहार से आए श्रमिकों ने इस पर्वत पर खुले में स्थित शिवलिंग की पूजा आरंभ की। समय के साथ साधु-संतों और तपस्वियों का यहाँ आगमन होने लगा। वे महीनों तक इस पहाड़ी पर साधना करते, शिव आराधना में लीन रहते और फिर आगे बढ़ जाते। दुर्गम रास्तों और घने जंगलों के कारण प्रारंभिक वर्षों में स्थानीय लोगों की पहुँच सीमित थी, किंतु धीरे-धीरे यह स्थल ग्राम देवता और आस्था के केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित हो गया। *जनसहयोग से बदली तस्वीर: स्थानीय मंदिर समिति, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से सिद्ध बाबा धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। जिला प्रशासन द्वारा बिजली, पानी, सीढ़ियाँ, चबूतरे सहित अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। आज यह धाम केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि जिले का एक उभरता हुआ धार्मिक पर्यटन केंद्र बन चुका है। *मकर संक्रांति: जब पहाड़ी बन जाती है मेला: मकर संक्रांति के दिन सिद्ध बाबा धाम का दृश्य अत्यंत मनोहारी होता है। हजारों श्रद्धालु तिल-गुड़ अर्पित कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिर समिति द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जहाँ जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी श्रद्धालु एक साथ प्रसाद ग्रहण करते हैं। मेले में पूजा सामग्री, बच्चों के खिलौने, प्रसाद, तिल-गुड़ के लड्डू और पारंपरिक व्यंजनों की दुकानों से वातावरण में विशेष रौनक बनी रहती है। *सीमाओं से परे आस्था: मध्यप्रदेश की सीमा से सटा होने के कारण सिद्ध बाबा धाम में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। इस दौरान जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग की सक्रियता और व्यवस्थाएँ आयोजन है सुव्यवस्थित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। *भविष्य की ओर बढ़ता सिद्ध बाबा धाम: आज सिद्ध बाबा धाम इतिहास, आस्था और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर संगम बन चुका है। यह स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन की अपार संभावनाओं को भी समेटे हुए है। मकर संक्रांति पर उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आने वाले समय में सिद्ध बाबा धाम जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
आस्था की पहाड़ी पर शिव का वास: मकर संक्रांति पर सिद्ध बाबा धाम बनता है श्रद्धा, परंपरा और पर्यटन का संगम: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: घने जंगलों, ऊँची-नीची पहाड़ियों और शांत प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित सिद्ध बाबा धाम आज केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और विकास की जीवंत गाथा बन चुका है। मकर संक्रांति के अवसर पर यह पावन स्थल श्रद्धालुओं से सराबोर हो उठता है और पूरा क्षेत्र मेले, भक्ति और उल्लास के रंग में रंग जाता है। कुछ वर्ष पूर्व तक जहाँ यह प्राचीन शिव मंदिर उपेक्षा और समय की मार झेल रहा था, वहीं आज केदारनाथ धाम की तर्ज पर निर्मित भव्य मंदिर श्रद्धालुओं को दूर-दूर से आकर्षित कर रहा है। रात्रि के समय रोशनी से जगमगाता मंदिर सिद्ध बाबा पर्वत को अलौकिक दिव्यता से भर देता है। *खनन से शुरू हुई शिव भक्ति की यात्रा: जिले के पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग के नोडल अधिकारी एवं इतिहासकार डॉ. विनोद पांडेय के अनुसार सिद्ध बाबा धाम की आस्था की जड़ें वर्ष 1928 से जुड़ी हैं। उस समय कारीमाटी (वर्तमान झगराखांड) क्षेत्र में कोयला खनन प्रारंभ हुआ था। उत्तर प्रदेश और बिहार से आए श्रमिकों ने इस पर्वत पर खुले में स्थित शिवलिंग की पूजा आरंभ की। समय के साथ साधु-संतों और तपस्वियों का यहाँ आगमन होने लगा। वे महीनों तक इस पहाड़ी पर साधना करते, शिव आराधना में लीन रहते और फिर आगे बढ़ जाते। दुर्गम रास्तों और घने जंगलों के कारण प्रारंभिक वर्षों में स्थानीय लोगों की पहुँच सीमित थी, किंतु धीरे-धीरे यह स्थल ग्राम देवता और आस्था के केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित हो गया। *जनसहयोग
से बदली तस्वीर: स्थानीय मंदिर समिति, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से सिद्ध बाबा धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। जिला प्रशासन द्वारा बिजली, पानी, सीढ़ियाँ, चबूतरे सहित अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। आज यह धाम केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि जिले का एक उभरता हुआ धार्मिक पर्यटन केंद्र बन चुका है। *मकर संक्रांति: जब पहाड़ी बन जाती है मेला: मकर संक्रांति के दिन सिद्ध बाबा धाम का दृश्य अत्यंत मनोहारी होता है। हजारों श्रद्धालु तिल-गुड़ अर्पित कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिर समिति द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जहाँ जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी श्रद्धालु एक साथ प्रसाद ग्रहण करते हैं। मेले में पूजा सामग्री, बच्चों के खिलौने, प्रसाद, तिल-गुड़ के लड्डू और पारंपरिक व्यंजनों की दुकानों से वातावरण में विशेष रौनक बनी रहती है। *सीमाओं से परे आस्था: मध्यप्रदेश की सीमा से सटा होने के कारण सिद्ध बाबा धाम में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। इस दौरान जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग की सक्रियता और व्यवस्थाएँ आयोजन है सुव्यवस्थित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। *भविष्य की ओर बढ़ता सिद्ध बाबा धाम: आज सिद्ध बाबा धाम इतिहास, आस्था और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर संगम बन चुका है। यह स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन की अपार संभावनाओं को भी समेटे हुए है। मकर संक्रांति पर उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आने वाले समय में सिद्ध बाबा धाम जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
- छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी घोषणा: राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि, अब केंद्र के समान 58% होगा DA रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के शासकीय सेवकों को एक बड़ी सौगात देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के आठवें प्रदेश अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के कर्मचारियों को अब केंद्र सरकार के समान ही भत्ता प्रदान किया जाएगा। इस निर्णय के तहत राज्य में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% करने का ऐलान किया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों अधिकारी-कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ प्राप्त होगा। अधिवेशन के दौरान कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारी संघ द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संघ की ओर से पांच प्रमुख बिंदुओं पर आधारित मांगें रखी गई हैं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण मांग ‘महंगाई भत्ते’ को तत्काल प्रभाव से पूरा करने की घोषणा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी शेष अन्य मांगें भी पूरी तरह से जायज हैं और सरकार उन पर गंभीर है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इन शेष मांगों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए शासन स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य के विकास की गति को बनाए रखने में शासकीय कर्मचारियों का योगदान अतुलनीय है, और सरकार उनके हितों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है1
- सोशल मीडिया पर एक बच्चे का मज़ेदार वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उसके एक्सप्रेशन पर यूज़र्स ने लिखा, अब होगी पूरी फैमिली की फील्डिंग सेट।वीडियो को ह्यूमर और रिएक्शन मीम के तौर पर खूब शेयर किया जा रहा है। #Viral #TrendingReels #InternetBuzz #FunnyVideo #MemeCulture #Reels1
- Post by Santosh Sao1
- भारतीय शक्ति चेतना पार्टी अध्यक्ष रोहित कुमार पटेल के द्वारा नशा मुक्ति रैली में जांजगीर में रैली के माध्यम से लोगों को क्या कुछ कहा 👍👍👍1
- मेड पार बाजार के पास अनियंत्रित बाइक बाइक चालक गिर कर हूवा घायल जिसे डायल 112 ने पहुंचाया अस्पताल आज रविवार की सुबह 11:00 बजे डायल 112 से मिली जानकारी के अनुसार कल शनिवार की रात 11:34 पर डायल 112 को एक कालर से फोन से सूचना प्राप्त हुई की हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम मेड पार बाजार मेन रोड में एक बाइक चालक आयंत्रित होकर गिरकर घायल हो गया है जिसके सर एवं हाथ पैर में गंभीर चोटे आई हैं खून बह रहा है अस्पताल लेकर जाना होगा सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम घटनास्थल पहुंची जहां बाइक क्रमांक सीजी 10 सी ए 5629 का बाइक चालक अनंत्रित होकर गिर गया था जिसके चेहरे हाथ पैर में चोटे आई थी और खून बह रहा था जैसे तत्काल डायल 112 वाहन से बिल्हा अस्पताल ले जा कर भर्ती कराया गया है1
- प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाएं - मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया स्वच्छ जल अभियान का शुभारंभ दो चरणों में 31 मई तक निरंतर चलेगा अभियान जीआईएस मैप आधारित एप से होगी जल शोधन यंत्र और पेयजल टंकियों की निगरानी स्वच्छ पेयजल प्रदाय के कार्य में ढिलाई बरते जाने पर की जाएगी कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी द्वारा प्रदेश के स्थानीय निकायों के पदाधिकारियों को दिए निर्देश उमरिया । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ जल पेयजल उपलब्ध करवाना नगरीय निकायों का दायित्व है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में स्वच्छ जलप्रदाय सुनिश्चित किया जाए। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो, दूषित होने पर वैकल्पिक व्यवास्था करें। किसी भी स्थिति में दूषित पेयजल स्पलाई न हो। यह बड़ी चुनौती है लेकिन गंभीरता से सामना करें जिससे देश में एक आदर्श प्रस्तुत हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की शाम सागर जिले के प्रवास से लौटने के बाद राज्य विमानतल के सभा कक्ष में उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रांतव्यापी स्वच्छ जल अभियान का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर उमरिया एनआईसी मे कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता , नगर पालिका अध्यक्ष पाली शंकुतला प्रधान, नगर पालिका अध्यक्ष चंदिया पुरूर्षाेत्तम कोल, सीएमओ उमरिया किशन सिंह , पाली सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।1
- Post by Santosh Sao1
- नशा मुक्ति संकल्प पद यात्रा जिला जांजगीर में भगवती मानव कल्याण संगठन द्वारा 11 जनवरी 2026 को 12:00 बजे से 2:00 बजे तक रैली के माध्यम से कचहरी चौक से नेताजी चौक भीमा तालाब शिव प्रारंभ किया गया था पुर जांजगीर में भ्रमण किया गया1
- Post by Pramod Yadav1