हाथरस जनपद में बकरीद का त्योहार शुक्रवार को सख्त सुरक्षा व्यवस्था और आपसी भाईचारे के माहौल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सुबह से ही मुरसान गेट स्थित ईदगाह में बड़ी संख्या में नमाजी ईद-उल-अजहा की नमाज अदा करने पहुंचे। हजारों लोगों ने एक साथ नमाज अदा कर देश में अमन, शांति और तरक्की के लिए दुआ मांगी। ईदगाह में मौलाना इकबाल ने नमाज पढ़ाई, जबकि हाफिज हारुन नदवी ने तकरीर के दौरान भाईचारे, इंसानियत और कुर्बानी के महत्व का संदेश दिया। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान प्रशासन और पुलिस त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहे। ईदगाह के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही थी। भीड़ को नियंत्रित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी सड़क पर नमाज अदा न करे, पुलिस ने ईदगाह का मुख्य गेट अस्थायी रूप से बंद कर दिया। प्रशासन और मुस्लिम इंतजामिया कमेटी ने सड़क पर नमाज पढ़ने की कोशिश कर रहे लोगों को आसपास की मस्जिदों में भेज दिया और लगातार अनाउंसमेंट कर अपील की कि देरी से पहुंचने वाले लोग नजदीकी मस्जिदों में नमाज अदा करें। मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर राहत अहमद कुरैशी, डॉ. रईस अहमद अब्बासी, हाजी फजलुर्रहमान समेत कई पदाधिकारी मौके पर मौजूद रहे। कमेटी के सदस्यों और धर्मगुरुओं ने सभी को ईद की शुभकामनाएं दीं और कुर्बानी के दौरान शासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। ईदगाह के बाहर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की बधाई दी, जिनमें समाजवादी पार्टी के बृजमोहन राही, लल्लन बाबू एडवोकेट, रामनारायण काके और मोहर सिंह शामिल थे। साथ ही, बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष राज कपूर और आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रकाश चंद्र गौतम ने भी लोगों से मिलकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए उप जिलाधिकारी सदर राज बहादुर, सीओ सिटी हिमांशु माथुर और कोतवाली निरीक्षक सत्येंद्र सिंह राघव भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। ड्रोन कैमरों से निगरानी, ईदगाह के बाहर की सुरक्षा और नमाजियों को आसपास की मस्जिदों में भेजे जाने जैसी सभी गतिविधियां लगातार प्रशासन की पैनी नजर में रहीं, जिससे पूरा पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हो सका।
हाथरस जनपद में बकरीद का त्योहार शुक्रवार को सख्त सुरक्षा व्यवस्था और आपसी भाईचारे के माहौल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सुबह से ही मुरसान गेट स्थित ईदगाह में बड़ी संख्या में नमाजी ईद-उल-अजहा की नमाज अदा करने पहुंचे। हजारों लोगों ने एक साथ नमाज अदा कर देश में अमन, शांति और तरक्की के लिए दुआ मांगी। ईदगाह में मौलाना इकबाल ने नमाज पढ़ाई, जबकि हाफिज हारुन नदवी ने तकरीर के दौरान भाईचारे, इंसानियत और कुर्बानी के महत्व का संदेश दिया। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की
मुबारकबाद दी। इस दौरान प्रशासन और पुलिस त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहे। ईदगाह के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही थी। भीड़ को नियंत्रित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी सड़क पर नमाज अदा न करे, पुलिस ने ईदगाह का मुख्य गेट अस्थायी रूप से बंद कर दिया। प्रशासन और मुस्लिम इंतजामिया कमेटी ने सड़क पर नमाज पढ़ने की कोशिश कर रहे लोगों को आसपास की मस्जिदों में भेज दिया और
लगातार अनाउंसमेंट कर अपील की कि देरी से पहुंचने वाले लोग नजदीकी मस्जिदों में नमाज अदा करें। मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर राहत अहमद कुरैशी, डॉ. रईस अहमद अब्बासी, हाजी फजलुर्रहमान समेत कई पदाधिकारी मौके पर मौजूद रहे। कमेटी के सदस्यों और धर्मगुरुओं ने सभी को ईद की शुभकामनाएं दीं और कुर्बानी के दौरान शासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। ईदगाह के बाहर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की बधाई दी, जिनमें समाजवादी पार्टी के बृजमोहन राही, लल्लन बाबू एडवोकेट, रामनारायण काके और
मोहर सिंह शामिल थे। साथ ही, बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष राज कपूर और आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रकाश चंद्र गौतम ने भी लोगों से मिलकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए उप जिलाधिकारी सदर राज बहादुर, सीओ सिटी हिमांशु माथुर और कोतवाली निरीक्षक सत्येंद्र सिंह राघव भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। ड्रोन कैमरों से निगरानी, ईदगाह के बाहर की सुरक्षा और नमाजियों को आसपास की मस्जिदों में भेजे जाने जैसी सभी गतिविधियां लगातार प्रशासन की पैनी नजर में रहीं, जिससे पूरा पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हो सका।
- अलीगढ़ के मोहनलाल महिला जिला अस्पताल से एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अस्पताल स्टाफ पर तीमारदारों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब भीषण गर्मी के बीच अस्पताल स्टाफ ने पंखा बंद कर दिया और तीमारदारों ने इसका विरोध किया। तीमारदारों द्वारा इस बात का विरोध करने पर स्टाफ ने उनके साथ मारपीट की।1
- उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव नीति निवास में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां प्राथमिक विद्यालय के पास गंदे पानी की निकासी के लिए नाली निर्माण कार्य चल रहा था, तभी विद्यालय की पुरानी और जर्जर दीवार अचानक ढह गई। दीवार गिरने से तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला। हादसे में नीति निवास निवासी डालचंद पुत्र सीताराम (45 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल मोहित पुत्र प्रेम कुमार (25 वर्ष) ने आगरा ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं, मलबे में दबे तीसरे मजदूर सोनपाल पुत्र सीताराम (55 वर्ष) का उपचार जारी है। इस घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचकर मामले की जांच में जुट गए हैं। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही और विद्यालय की जर्जर दीवार को जिम्मेदार ठहराया है।1
- हाथरस जिले के सादाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम तसिंगा में 27 मई 2026 को एक निर्माणाधीन दीवार गिर गई, जिससे दो व्यक्तियों की दुःखद मृत्यु हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल पहुँचाया, जबकि मृतकों के पंचायतनामा की कार्यवाही कर उन्हें पोस्टमार्टम हेतु भिजवाया गया। इस पूरे प्रकरण के संबंध में क्षेत्राधिकारी सादाबाद की बाइट भी उपलब्ध है।1
- राष्ट्रीय हनुमान दल हरिगढ़ की टीम ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रावत के नेतृत्व में 84 कोस परिक्रमा के दौरान स्थापित एक सेवा शिविर में पहुंचकर श्रद्धालुओं की सेवा की। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष हरिगढ़ प्रमोद सारस्वत भी अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे, जहां दल ने परिक्रमा में शामिल हुए श्रद्धालुओं के लिए सेवा, सहयोग और व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान, संगठन के पदाधिकारियों ने यह दोहराया कि धर्म और सेवा ही राष्ट्रीय हनुमान दल का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने इस कार्य को सबसे बड़ा पुण्य बताते हुए कहा कि संगठन भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहेगा।1
- हाथरस जिले के सादाबाद स्थित तास्सिंगा गांव में देर शाम एक निर्माणाधीन दीवार गिरने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में एक अन्य मजदूर घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई, जिसकी जानकारी क्षेत्राधिकारी सादाबाद जे.एन. अस्थाना ने दी।1
- अलीगढ़ के मोहनलाल गौतम महिला जिला चिकित्सालय में भीषण गर्मी के दौरान पंखा बंद करने का विरोध करने पर एक तीमारदार को अस्पताल स्टाफ ने कथित तौर पर पीट दिया, जिसका वीडियो वायरल हो गया है। यह घटना बन्नादेवी थाना इलाके की है, जहाँ एक व्यक्ति अपनी पत्नी की डिलीवरी के बाद रात को अस्पताल में रुका हुआ था। अस्पताल के वार्ड में स्टाफ द्वारा पंखा बंद किए जाने के बाद तीमारदार ने इसका विरोध किया, जिसके बाद सिक्योरिटी स्टाफ ने उसके साथ मारपीट और अभद्रता की। पीड़ित व्यक्ति, जो अकराबाद क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है, ने इस मामले में इलाका पुलिस से शिकायत की है।1
- सासनी के निकटवर्ती गांव विघेपुर (चक्की) नगला में धार्मिक उल्लास के साथ श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हो गया है। कथा के प्रथम दिन गांव में धूमधाम से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे गांव में भ्रमण करते हुए कथा स्थल पर अपनी यात्रा पूरी की। इस दौरान पूरे गांव का माहौल भक्तिमय हो गया और ग्रामीणों ने जगह-जगह रुक-रुक कर पुष्प वर्षा के साथ कलश यात्रा का जोरदार स्वागत किया। श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन मथुरा से पधारीं कथा व्यास लाडली राधिका शरण संगीतमय शैली में श्रद्धालुओं को कथा का रसपान करा रही हैं। इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रीमती रुक्मणि देवी और बीरपाल शर्मा मुख्य परीक्षित के रूप में मौजूद हैं, वहीं राजकुमार शर्मा ने यज्ञपति की भूमिका निभाई है। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मुराली लाल शर्मा, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, महेंद्र प्रसाद शर्मा, राधेश्याम शर्मा, सुभाष शर्मा, बीरेंद्र पाठक, जयजय पाठक, विष्णु पाठक, रामकुमार पाठक, पुनीत उपाध्याय सहित समस्त ग्रामवासी पूरी श्रद्धा और मुस्तैदी के साथ सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।1
- डेढ़ महीने का समय बीत जाने के बावजूद भी दरिंदे अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस घटना को डेढ़ महीने हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है।1
- सिकंदराराऊ में ईद का पर्व बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।1