सुबह से शाम तक मैदान में रहीं कलेक्टर, औद्योगिक इकाई से लेकर एकलव्य विद्यालय तक परखी जमीनी हकीकत सूरजपुर/ कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने आज जिले का सघन दौरा करते हुए शासकीय कार्यालयों, योजनाओं एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। दौरे की शुरुआत नयनपुर स्थित औद्योगिक परिक्षेत्र से हुई, जहां उन्होंने 10 मेगावाट के पावर प्लांट, सरिया निर्माण यूनिट तथा ब्रेड निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। पावर प्लांट की कार्यप्रणाली, रॉ मटेरियल एवं मशीनरी को बारीकी से समझते हुए उन्होंने संचालन में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। सरिया यूनिट में उत्पादन प्रक्रिया की पड़ताल कर उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों तथा संचालक को दिशा-निर्देशित किया, वहीं ब्रेड निर्माण इकाई में स्थापित मशीनों, उत्पादन लागत, आपूर्ति व्यवस्था तथा स्थानीय स्तर पर सृजित रोजगार के अवसरों पर चर्चा करते हुए स्वच्छता के कड़े मानकों के साथ उत्पादन करने पर बल दिया। इसके पश्चात कलेक्टर प्रशासनिक अमले के साथ भैयाथान पहुंचीं, जहां सबसे पहले तहसील एवं अनुविभागीय कार्यालय का निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्वयं कंप्यूटर सिस्टम पर लंबित प्रकरणों की स्थिति खंगाली तथा फाइलों की पड़ताल की। निराकरण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने समय-सीमा के भीतर प्रकरण निपटाने की सख्त हिदायत दी। खाद्य एवं दाण्डिक शाखा तथा नकल शाखा में प्राप्त आवेदनों और पंजी का अवलोकन करने के साथ ही अभिलेखागार के अभिलेख भी देखे तथा कार्यालय पहुंचे आमजन से व्यवस्थाओं पर सीधी प्रतिक्रिया ली। तहसील न्यायालय में आरबीसी 6-4 के प्रकरणों की समीक्षा कर उन्होंने शीघ्र निराकरण, पात्र हितग्राहियों को जन्म प्रमाण पत्र जारी करने तथा आधार पंजीयन में निर्धारित शुल्क का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जनपद कार्यालय में उपस्थिति पंजी देखने के उपरांत कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ स्वान कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति, राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान की गतिविधियों तथा विकसित भारत जी रामजी योजना के कार्यों की समीक्षा की। लंबित आवास शीघ्र पूर्ण कराने और हितग्राहियों को समय पर किश्त जारी करने के साथ परिसर की स्वच्छता बनाए रखने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। शासकीय उचित मूल्य राशन दुकान में उपलब्ध स्टॉक का मिलान करते हुए उन्होंने वितरण प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता बरतने की हिदायत दी। तत्पश्चात भैयाथान स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उन्होंने मरीजों से उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा बच्चों के पोषण एवं उपचार की स्थिति परखी। शिशुवती माताओं से आत्मीय चर्चा करते हुए उन्होंने शिशु देखभाल संबंधी व्यावहारिक सुझाव साझा किए और चिकित्सा अमले को निर्देशित किया कि प्रत्येक माता को बच्चों की देखभाल का सही तरीका अवश्य समझाया जाए। ग्राम पंचायत तरका में जल संचय से जुड़े कार्यों का अवलोकन कर कलेक्टर ने किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाकर नवाचारों को अपनाया जाए। दौरे के अंतिम चरण में उन्होंने एकलव्य मॉडल रेसीडेंसियल स्कूल ओड़गी का निरीक्षण कर विद्यार्थियों की दर्ज संख्या की जानकारी ली और उनसे खेल गतिविधियों पर बातचीत की, जिस पर विद्यार्थियों ने बताया कि यहां खेलकूद के साथ योग जैसी गतिविधियां भी नियमित रूप से कराई जाती हैं। एकलव्य आवासीय बालिका छात्रावास एवं वहां संचालित रसोई का अवलोकन करते हुए उन्होंने साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेन्द्र सिंह पाटले, एसडीएम श्रीमती चांदनी कंवर, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शुभम बंसल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सुबह से शाम तक मैदान में रहीं कलेक्टर, औद्योगिक इकाई से लेकर एकलव्य विद्यालय तक परखी जमीनी हकीकत सूरजपुर/ कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने आज जिले का सघन दौरा करते हुए शासकीय कार्यालयों, योजनाओं एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। दौरे की शुरुआत नयनपुर स्थित औद्योगिक परिक्षेत्र से हुई, जहां उन्होंने 10 मेगावाट के पावर प्लांट, सरिया निर्माण यूनिट तथा ब्रेड निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। पावर प्लांट की कार्यप्रणाली, रॉ मटेरियल एवं मशीनरी को बारीकी से समझते हुए उन्होंने संचालन में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। सरिया यूनिट में उत्पादन प्रक्रिया की पड़ताल कर उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों तथा संचालक को दिशा-निर्देशित किया, वहीं ब्रेड निर्माण इकाई में स्थापित मशीनों, उत्पादन लागत, आपूर्ति व्यवस्था तथा स्थानीय स्तर पर सृजित रोजगार के अवसरों पर चर्चा करते हुए स्वच्छता के कड़े मानकों के साथ उत्पादन करने पर बल दिया। इसके पश्चात कलेक्टर प्रशासनिक अमले के साथ भैयाथान पहुंचीं, जहां सबसे पहले तहसील एवं अनुविभागीय कार्यालय का निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्वयं कंप्यूटर सिस्टम पर लंबित प्रकरणों की स्थिति खंगाली तथा फाइलों की पड़ताल की। निराकरण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने
समय-सीमा के भीतर प्रकरण निपटाने की सख्त हिदायत दी। खाद्य एवं दाण्डिक शाखा तथा नकल शाखा में प्राप्त आवेदनों और पंजी का अवलोकन करने के साथ ही अभिलेखागार के अभिलेख भी देखे तथा कार्यालय पहुंचे आमजन से व्यवस्थाओं पर सीधी प्रतिक्रिया ली। तहसील न्यायालय में आरबीसी 6-4 के प्रकरणों की समीक्षा कर उन्होंने शीघ्र निराकरण, पात्र हितग्राहियों को जन्म प्रमाण पत्र जारी करने तथा आधार पंजीयन में निर्धारित शुल्क का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जनपद कार्यालय में उपस्थिति पंजी देखने के उपरांत कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ स्वान कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति, राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान की गतिविधियों तथा विकसित भारत जी रामजी योजना के कार्यों की समीक्षा की। लंबित आवास शीघ्र पूर्ण कराने और हितग्राहियों को समय पर किश्त जारी करने के साथ परिसर की स्वच्छता बनाए रखने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। शासकीय उचित मूल्य राशन दुकान में उपलब्ध स्टॉक का मिलान करते हुए उन्होंने वितरण प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता बरतने की हिदायत दी। तत्पश्चात भैयाथान स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उन्होंने मरीजों से उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा बच्चों के पोषण एवं उपचार की स्थिति परखी।
शिशुवती माताओं से आत्मीय चर्चा करते हुए उन्होंने शिशु देखभाल संबंधी व्यावहारिक सुझाव साझा किए और चिकित्सा अमले को निर्देशित किया कि प्रत्येक माता को बच्चों की देखभाल का सही तरीका अवश्य समझाया जाए। ग्राम पंचायत तरका में जल संचय से जुड़े कार्यों का अवलोकन कर कलेक्टर ने किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाकर नवाचारों को अपनाया जाए। दौरे के अंतिम चरण में उन्होंने एकलव्य मॉडल रेसीडेंसियल स्कूल ओड़गी का निरीक्षण कर विद्यार्थियों की दर्ज संख्या की जानकारी ली और उनसे खेल गतिविधियों पर बातचीत की, जिस पर विद्यार्थियों ने बताया कि यहां खेलकूद के साथ योग जैसी गतिविधियां भी नियमित रूप से कराई जाती हैं। एकलव्य आवासीय बालिका छात्रावास एवं वहां संचालित रसोई का अवलोकन करते हुए उन्होंने साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेन्द्र सिंह पाटले, एसडीएम श्रीमती चांदनी कंवर, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शुभम बंसल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- 4.24 करोड़ के गांजा मामले में फरार आरोपी को जयननगर पुलिस ने किया गिरफ्तार सूरजपुर। जयनगर पुलिस ने 4.24 करोड़ रुपये कीमत के 848 किलो 650 ग्राम गांजा जप्ती मामले में फरार आरोपी जाजोन पारधी (39) को मध्यप्रदेश के कटनी जिले के बरही से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जून में नीलम बस से गांजा बरामद कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तकनीकी जांच के आधार पर फरार आरोपी का पता लगाकर पुलिस टीम ने दबिश दी और उसे ट्रांजिट रिमांड पर सूरजपुर लाया। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश और इण्ड-टू-इण्ड विवेचना जारी है।2
- शराबी शिक्षकों के शराब पीकर स्कूल पहुंचने का सिलसिला जारी वीडियो हो रहा वायरल #LatestNews #trendingreelsvideo1
- सरकारी हैंड पंप में प्राइवेट बर लगाया गया है और यहां चारों तरफ रास्ता है आने जाने का मूवमेंट यहां पर जाली जीवन है इसको शासन प्रशासन शामिल करता हूं कि तत्काल कार्रवाईकिया जाए आप लोग देख सकते हैं चारों तरफ रास्ता है बीच में तो हेडफोन पर इसमें भी प्राइवेट स्टोर से बोर लगाया गया1
- “हमें खाना दो, सुरक्षा दो” के नारों से गूंजा स्टेट हाईवे धूप में सड़क पर बैठीं आदिवासी छात्राएं, व्यवस्थाओं को लेकर लगाए गंभीर आरोप सूरजपुर/रामानुजनगर। ग्राम भूनेश्वरपुर स्थित प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की व्यवस्थाओं के खिलाफ सोमवार को आदिवासी छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्राएं रामानुजनगर-कलुवा स्टेट हाईवे पर बैठ गईं और “हमें खाना दो, सुरक्षा दो” के नारे लगाए। तेज धूप में प्रदर्शन के दौरान कई छात्राएं अपनी समस्याएं बताते हुए रो पड़ीं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन और नाश्ता नहीं दिया जाता। उनके अनुसार खराब चावल, सब्जी और पतली दाल परोसी जाती है। छात्राओं ने साबुन, तेल और टूथपेस्ट जैसी जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने की भी शिकायत की। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि अधीक्षिका की अनुपस्थिति में उनके 23 वर्षीय पुत्र द्वारा छात्रावास की व्यवस्थाओं में कथित रूप से हस्तक्षेप किया जाता है। छात्राओं ने इसे सुरक्षा और निजता से जुड़ा मामला बताते हुए जांच की मांग की। इसके अलावा छात्राओं ने छात्रावास भवन की जर्जर स्थिति, बारिश के दौरान छत से पानी टपकने, खराब पंखों और पर्याप्त बिस्तर नहीं होने की शिकायत प्रशासन के सामने रखी। मामले की सूचना मिलने के बाद ग्रामीण, छात्र नेता और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। कांग्रेस नेता एवं जिला मीडिया प्रभारी अविनाश साहू ने भी छात्राओं की मांगों का समर्थन किया। मामला बढ़ने के बाद जिला स्तरीय प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्राओं की शिकायतें सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राओं ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। अविनाश साहू ने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्राओं के साथ कलेक्टर कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अब सवाल यह है—छात्राओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कब होगी और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई कब होगी?1
- बक्सवाहा से निकली भव्य कांवड़ यात्रा, जटाशंकर धाम में हुआ शिव का जलाभिषेक बक्सवाहा से निकली भव्य कांवड़ यात्रा, जटाशंकर धाम में हुआ शिव का जलाभिषेक1
- सुबह से दिनभर तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। वहीं दोपहर करीब 3 बजे अचानक मौसम बदला और बोईदा में करीब आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। तेज बारिश से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।1
- 🚨 आदिवासी छात्राओं ने सड़क पर बैठकर किया विरोध-प्रदर्शन खराब व मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं देने का लगाया आरोप। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर ब्लाक अंतर्गत प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास भुनेश्वरपुर की आदिवासी छात्राओं को अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें मेन्यू अनुसार भोजन नहीं दिया जाता है। #Surajpur #Chhattisgarh #AdivasiGirls #TribalStudents #JusticeForStudents1
- FIR के डेढ़ महीने बाद भी 'फरार' या 'फरमाइशी छूट'? लैलूंगा में पॉक्सो की फाइल धूल फांक रही, खाकी की सुस्ती पर उठे सवाल "13 साल की दिव्यांग नाबालिक बच्ची के साथ रेप" लैलूंगा/रायगढ़। 13 साल की दिव्यांग नाबालिग बच्ची से दरिंदगी, 10 जुलाई को दर्ज FIR (धारा 127(1), 76 BNS व 8 POCSO) और घटना को बीते 45 से ज्यादा दिन... लेकिन पुलिस की मुस्तैदी का आलम यह है कि मुख्य आरोपी श्याम लाल चौहान आज भी 'गायब' है। कानून की किताबों में POCSO मामलों को लेकर त्वरित गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दर्ज हैं, पर लैलूंगा पुलिस के कागजों में शायद 'इंतजार करो और देखो' की नई धारा जुड़ गई है। आखिर कानून के हाथ आरोपी की गर्दन तक पहुंचने में इतने ढीले क्यों पड़ रहे हैं? गोविंद मालाकार की भूमिका: मददगार या 'मार्गदर्शक'? मामले का सबसे दिलचस्प और उलझा हुआ पहलू है गोविंद मालाकार की एंट्री। पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि वारदात के बाद आरोपी को गोविंद मालाकार के ठिकाने पर शरण दी गई और पिछले दरवाजे से सुरक्षित निकालने में मदद की गई। दूसरी तरफ, गोविंद के चाचा सुंदरलाल मालाकार का एक कथित वीडियो सामने लाकर यह समानांतर कहानी गढ़ी जा रही है कि भतीजे ने तो आरोपी को सीधे थाने ले जाकर 'सुपुर्द' कर दिया था। * अगर आरोपी को थाने में 'सरेंडर' करा दिया गया था, तो फिर वह पुलिस कस्टडी से कहां चला गया? * और अगर वह थाने नहीं पहुंचा, तो यह वीडियो बयान किस पटकथा का हिस्सा है? * क्या गोविंद मालाकार ने शरणदाता की भूमिका निभाई या वो वाकई एक 'जिम्मेदार नागरिक' थे? यह विरोधाभास साफ इशारा करता है कि साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जगह बयानों का गोलमाल खेल खेला जा रहा है। पंचायती इंसाफ: सिर्फ हमदर्दी के बोल या कागजी गोलमोल? दावा किया जा रहा है कि स्थानीय पंचायत पीड़ित परिवार के साथ खड़ी थी। लेकिन जब कागजी कार्रवाई का हिसाब मांगा जाता है, तो जवाब में सन्नाटा पसरा मिलता है: * लिखित बैठक और प्रस्ताव: क्या पीड़ित बच्ची के न्याय के लिए पंचायत की कोई आधिकारिक बैठक हुई या प्रस्ताव पास हुआ? * नोटिस और पंचनामा: क्या आरोपी पक्ष या उसके कथित मददगारों को कोई लिखित नोटिस दिया गया? क्या मौके का कोई कानूनी पंचनामा या पंचायत रिकॉर्ड तैयार हुआ? यदि कागजों पर कुछ दर्ज ही नहीं हुआ, तो यह पंचायती समर्थन महज मौखिक सांत्वना था या मामले को रफा-दफा करने का अनौपचारिक जरिया? जांच पर लगा 'रिश्वत और संरक्षण' का दाग डेढ़ महीने का लंबा वक्त, उलझे हुए बयान और पुलिस की खामोशी—यह सब मिलकर अब खाकी पर रिश्वतखोरी और राजनीतिक/स्थानीय संरक्षण के गंभीर आरोप मढ़ रहे हैं। एक दिव्यांग नाबालिग की चीख पर जब डेढ़ महीने तक गिरफ्तारी न हो, तो सवाल उठना लाजिमी है कि पुलिस आखिर किसकी ढाल बन रही है? क्या लैलूंगा पुलिस गोविंद मालाकार की भूमिका और आरोपी की फरारी के बीच के तारों को बेनकाब करने का साहस दिखाएगी, या यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबकर रह जाएगा? जवाब का इंतजार अब सिर्फ पीड़ित परिवार को ही नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखने वाले हर नागरिक को है। सारे सबूत संरक्षित रखा गया है4