चंदनकियारी प्रखंड में मानसून की शुरुआत के साथ ही धान की खेती की तैयारियों के बीच किसानों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा अनुदानित (सब्सिडी वाले) धान बीज अब तक उपलब्ध नहीं हुए हैं, जिसके कारण किसानों को खुले बाजार से महंगे दामों पर बीज खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे उनकी खेती की लागत में वृद्धि हुई है और समय पर बुवाई शुरू होने को लेकर चिंता गहरी हो गई है। जानकारी के अनुसार, प्रखंड के लगभग 16 हजार किसान धान की खेती पर ही निर्भर हैं। हर साल कृषि विभाग उन्हें रियायती दरों पर धान बीज उपलब्ध कराता था, जिससे उनकी लागत कम रहती थी। लेकिन इस बार बीज की आपूर्ति नहीं होने से किसान बाजार से 25 किलो धान बीज ₹1600 तक में खरीद रहे हैं। किसानों का कहना है कि धान का बिचड़ा तैयार करने का समय तेजी से निकल रहा है, और यदि इसमें देरी हुई तो रोपनी का कार्य भी प्रभावित होगा, जिसका सीधा असर धान के उत्पादन पर पड़ेगा। महंगे खाद, मजदूरी और अन्य कृषि लागतों के बीच यह अतिरिक्त बोझ उनकी आर्थिक स्थिति पर और दबाव डाल रहा है। इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी युधिष्ठिर महतो ने बताया है कि विभाग को अभी तक धान बीज की आपूर्ति प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले दो से चार दिनों के भीतर बीज उपलब्ध होने की संभावना है, जिसके बाद किसानों के बीच वितरण प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल, किसान बारिश का इंतजार करने के साथ-साथ कृषि विभाग से जल्द बीज मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यदि बीज की आपूर्ति में और देरी होती है, तो चंदनकियारी क्षेत्र में धान की खेती और उसके उत्पादन दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
चंदनकियारी प्रखंड में मानसून की शुरुआत के साथ ही धान की खेती की तैयारियों के बीच किसानों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा अनुदानित (सब्सिडी वाले) धान बीज अब तक उपलब्ध नहीं हुए हैं, जिसके कारण किसानों को खुले बाजार से महंगे दामों पर बीज खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे उनकी खेती की लागत में वृद्धि हुई है और समय पर बुवाई शुरू होने को लेकर चिंता गहरी हो गई है। जानकारी के अनुसार, प्रखंड के लगभग 16 हजार किसान धान की खेती पर ही निर्भर हैं। हर साल कृषि
विभाग उन्हें रियायती दरों पर धान बीज उपलब्ध कराता था, जिससे उनकी लागत कम रहती थी। लेकिन इस बार बीज की आपूर्ति नहीं होने से किसान बाजार से 25 किलो धान बीज ₹1600 तक में खरीद रहे हैं। किसानों का कहना है कि धान का बिचड़ा तैयार करने का समय तेजी से निकल रहा है, और यदि इसमें देरी हुई तो रोपनी का कार्य भी प्रभावित होगा, जिसका सीधा असर धान के उत्पादन पर पड़ेगा। महंगे खाद, मजदूरी और अन्य कृषि लागतों के बीच यह अतिरिक्त बोझ उनकी आर्थिक स्थिति पर और दबाव डाल रहा है। इस संबंध में
प्रखंड कृषि पदाधिकारी युधिष्ठिर महतो ने बताया है कि विभाग को अभी तक धान बीज की आपूर्ति प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले दो से चार दिनों के भीतर बीज उपलब्ध होने की संभावना है, जिसके बाद किसानों के बीच वितरण प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल, किसान बारिश का इंतजार करने के साथ-साथ कृषि विभाग से जल्द बीज मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यदि बीज की आपूर्ति में और देरी होती है, तो चंदनकियारी क्षेत्र में धान की खेती और उसके उत्पादन दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
- धनबाद में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का आयोजन कड़ी निगरानी के बीच किया गया। जिले में बनाए गए सभी सात परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों और जैमर की मदद से व्यापक निगरानी रखी गई।1
- धनबाद के बाघमारा स्थित नावागढ़ में कई दशकों से जारी "नावागढ़ हरि मंदिर" के प्रांगण में आयोजित चार दिवसीय चौबीस प्रहर अखण्ड श्रीहरि संकीर्तन कार्यक्रम का आज "कुंज भंग" के साथ समापन हो गया। इस दौरान लगातार तीन दिनों तक संध्या बेला में रंग कीर्तन और रात्रि बेला में पाला कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सनातन धर्मावलंबियों द्वारा धार्मिक परंपरा और आस्था के अनुसार नावागढ़ में प्रतिवर्ष श्रीहरि संकीर्तन, भजन और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। क्षेत्र के ग्रामीणों की सुख, शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और सुरक्षा के संकल्प तथा संकट निवारण हेतु ऐसे अखण्ड हरि कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिसे नावागढ़ सौलह आना द्वारा हरि मंदिर के प्रांगण में आयोजित किया गया था। श्रीहरि संकीर्तन के समापन अवसर पर आज बराकर से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गायन प्रस्तुत कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और कड़कड़ाती धूप में भी श्रोताओं तथा दर्शकों ने इसका पूरा आनंद लिया। "कुंज भंग" में सैकड़ों की संख्या में भक्तगणों ने श्री हरि का प्रवचन सुना और खिचड़ी महाप्रसाद ग्रहण किया। अंत में, "कुंज भंग" के बाद श्री हरि को 52 भोग अर्पित कर पुनः ठाकुर देव को दीवान लाला परिवार स्थित दुर्गा मंदिर में स्थापित किया गया, जिसके साथ ही संकीर्तन का विधिवत समापन हुआ। इस "कुंज भंग" कार्यक्रम में नावागढ़ सौलह आना कमेटी के सदस्यगण, बाँसजोड़ा पंचायत, खरखरी पंचायत, तारगा पंचायत, फुलारीटाँड पंचायत और आसपास क्षेत्र के महिलाएं, पुरुष, बच्चे एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।2
- पश्चिम जमशेदपुर के विधायक सरयू राय ने कटरा क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने कतरी नदी और बाघमारा में पड़ने वाली जमुनिया नदी का जायजा लिया। इन दोनों नदियों का अस्तित्व खतरे में बताया जा रहा है। नदियों का मुआयना करने के बाद, विधायक सरयू राय ने प्रेस को भी संबोधित किया।1
- कतरास में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया और निरोग रहने का संकल्प लिया। आर्य व्यायामशाला परिसर में आयोजित इस शिविर में 'स्वस्थ समाज' का संदेश गूंजा। विधायक सरयू राय भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने योग को स्वस्थ जीवन की एक वैज्ञानिक पद्धति बताया।1
- निरसा और कालूबथान पुलिस ने मिलकर एक शातिर बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के करीब आधा दर्जन सदस्यों को हिरासत में लिया है। सभी पकड़े गए सदस्यों की उम्र 20 से 25 साल के बीच बताई जा रही है। गिरोह के सदस्यों को कालूबथान ओपी में रखकर गहन पूछताछ की जा रही है। ग्रामीण एसपी मोहम्मद फारूकी और एसडीपीओ लीलेश्वर महतो भी मौके पर पहुंचे और वे भी पूछताछ में शामिल हैं। पुलिस ने पकड़े गए लोगों से मिली जानकारी के आधार पर चोरी की दो बाइक भी बरामद की हैं। इस मामले में अभी भी छापेमारी जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- नावाडीह प्रखंड के बिरनी पंचायत सचिवालय और पीएम श्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बिरनी में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बिरनी में भव्य आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी की। बिरनी पंचायत सचिवालय में मुखिया देवेंद्र कुमार महतो के नेतृत्व में एक योग शिविर का आयोजन किया गया। मुखिया महतो ने उपस्थित ग्रामीणों को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया, इस बात पर जोर देते हुए कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसी तरह, पीएम श्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बिरनी में विद्यालय के प्राचार्य प्रकाश चंद्र प्रामाणिक के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। प्राचार्य प्रामाणिक ने बच्चों को योग के महत्व और नियमित योगाभ्यास से प्राप्त होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस गरिमामय अवसर पर उपमुखिया प्रतिनिधि प्रीतम साहू, पुनेश्वर रजवार, प्रेम कुमार, नागेंद्र कुमार, विनीत कुमारी, अपर्णा कुमारी और फुलेश्वर ठाकुर सहित अन्य शिक्षक, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।3
- धनबाद के लुबी सर्कुलर रोड स्थित एक सभागार में घटवार/घटवाल आदिवासी महासभा की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से समाज के लोग शामिल हुए। इस बैठक के दौरान चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया और हंगामे की स्थिति बन गई। उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि प्रदेश अध्यक्ष ने पहले सभी पक्षों की बात सुनने का आश्वासन दिया था, लेकिन बैठक में इस वादे का पालन नहीं हुआ। उनका कहना था कि व्यापक राय-मशविरा के बिना ही चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जिससे उनमें गहरी नाराजगी पैदा हुई। समाज के कुछ सदस्यों ने पारदर्शिता की कमी पर जोर देते हुए कहा कि संगठन में पदों का चयन मनमाने तरीके से हो रहा है, जबकि लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया से होना चाहिए। उन्होंने यह भी शिकायत की कि सोशल मीडिया पर अपनी राय रखने वालों को बैठक में बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया, जबकि उन्हें सामने आकर बात रखने के लिए कहा गया था। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोग केवल औपचारिक बैठकों तक ही सीमित रहते हैं और संगठन के संबंध में अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं। बैठक के बाद कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस बीच, बैठक का संचालन कर रहे सहदेव प्रसाद सिंह ने आश्वासन दिया कि जल्द ही एक और बैठक आयोजित की जाएगी ताकि मौजूदा विवाद और समस्याओं का समाधान किया जा सके। समाज के लोगों ने संगठन को लोकतांत्रिक तरीके से चलाने के लिए समय-समय पर चुनाव कराने की आवश्यकता पर बल दिया।5
- धनबाद में नीट की परीक्षा कड़ी निगरानी के बीच संपन्न हुई। जिले के सभी 7 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और जैमर के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।1