नियम ताक पर रखकर सीलबंद अस्पताल को बिना सुधार के पुनः संचालन की अनुमति पर उठे सवाल; आयुष्मान घोटाले और प्रशासनिक सांठगांठ की निष्पक्ष जांच की मांग बुरहानपुर: अमरावती रोड स्थित चर्चित गुड अस्पताल को लेकर एक बार फिर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। पूर्व में गंभीर अनियमितताओं, सुरक्षा मानकों के अभाव और आयुष्मान भारत योजना में करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े के आरोपों के चलते सील किए गए इस अस्पताल को बिना किसी पुख्ता सुधार के आनन-फानन में दोबारा 35 बेड के संचालन की अनुमति जारी कर दी गई है। इस निर्णय से स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। 1. सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी: उक्त अस्पताल मूलतः एक रेस्टोरेंट संचालन हेतु निर्मित भवन में बिना उचित व्यावसायिक परिवर्तन के चलाया जा रहा है। अस्पताल के ठीक बगल में अमोनिया गैस आधारित बर्फ का कारखाना (आइस फैक्ट्री) संचालित है, जिससे कभी भी गैस रिसाव जैसी जनघाती दुर्घटना घटित हो सकती है। इसके अतिरिक्त अस्पताल भवन के पास फायर सेफ्टी (Fire NOC), इमरजेंसी एग्जिट (Fire Exit) और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का पूरी तरह अभाव है। 2. आयुष्मान योजना में बड़ा घोटाला एवं अन-ट्रेंड स्टाफ: पूर्व जांच में यह बात सामने आई थी कि 50 बेड की अनुमति वाले इस अस्पताल में 100 से अधिक मरीजों को भर्ती दिखाकर आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी बिलिंग का खेल खेला जा रहा था। नामी डॉक्टरों के बोर्ड और पोस्टर लगाकर दूर-दराज के ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों से मरीजों को लाया जाता था और अन-ट्रेंड (अप्रशिक्षित) कर्मचारियों के भरोसे इलाज के नाम पर धोखाधड़ी की जाती थी। 3. स्वास्थ्य विभाग और प्रबंधन के बीच साठगांठ की आशंका: अस्पताल सील होने के बाद, बिना किसी बुनियादी भौतिक बदलाव (Physical Verification) और सुरक्षा मानकों की पूर्ति के, स्वास्थ्य विभाग (सीएमएचओ कार्यालय) द्वारा रातों-रात 35 बेड की अनुमति जारी कर देना गंभीर भ्रष्टाचार, लेनदेन और प्रशासनिक सांठगांठ की ओर इशारा करता है। हमारी प्रमुख मांगें: 1. परमिशन तत्काल निरस्त हो: गुड हॉस्पिटल को दी गई पुनः संचालन की अनुमति को तुरंत प्रभाव से रद्द कर अस्पताल को स्थायी रूप से सील (Permanent Close) किया जाए। 2. निष्पक्ष एस.आई.टी. (SIT) जांच: आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए फर्जी दावों और कागजी मरीजों के नाम पर निकाले गए पैसों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। 3. अधिकारियों पर आपराधिक मामला: नियमों को ताक पर रखकर दोबारा एनओसी देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और अस्पताल संचालकों पर आपराधिक मामला (FIR) दर्ज किया जाए। शिकायतकर्ता ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा यदि प्रशासन ने जन-सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इस निर्णय को वापस नहीं लिया और भ्रष्टाचार में लिप्त दोषियों पर कड़ा कदम नहीं उठाया, तो समस्त नागरिक एवं जनसंगठन मिलकर सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई जारी रखेंगे।
नियम ताक पर रखकर सीलबंद अस्पताल को बिना सुधार के पुनः संचालन की अनुमति पर उठे सवाल; आयुष्मान घोटाले और प्रशासनिक सांठगांठ की निष्पक्ष जांच की मांग बुरहानपुर: अमरावती रोड स्थित चर्चित गुड अस्पताल को लेकर एक बार फिर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। पूर्व में गंभीर अनियमितताओं, सुरक्षा मानकों के अभाव और आयुष्मान भारत योजना में करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े के आरोपों के चलते सील किए गए इस अस्पताल को बिना किसी पुख्ता सुधार के आनन-फानन में दोबारा 35 बेड के संचालन की अनुमति जारी कर दी गई है। इस निर्णय से स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। 1. सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी: उक्त अस्पताल मूलतः एक रेस्टोरेंट संचालन हेतु निर्मित भवन में बिना उचित व्यावसायिक परिवर्तन के चलाया जा रहा है। अस्पताल के ठीक बगल में अमोनिया गैस आधारित बर्फ का कारखाना (आइस फैक्ट्री) संचालित है, जिससे कभी भी गैस रिसाव जैसी जनघाती दुर्घटना घटित हो सकती है। इसके अतिरिक्त अस्पताल भवन के पास फायर सेफ्टी (Fire NOC), इमरजेंसी एग्जिट (Fire Exit) और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का पूरी तरह अभाव है। 2. आयुष्मान योजना में बड़ा घोटाला एवं अन-ट्रेंड स्टाफ: पूर्व जांच में यह बात सामने आई थी कि 50 बेड की अनुमति वाले इस अस्पताल में 100 से अधिक मरीजों को भर्ती दिखाकर आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी बिलिंग का खेल खेला जा रहा था। नामी डॉक्टरों के बोर्ड और पोस्टर लगाकर दूर-दराज के ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों से मरीजों को लाया जाता था और अन-ट्रेंड (अप्रशिक्षित) कर्मचारियों के भरोसे इलाज के नाम पर धोखाधड़ी की जाती थी। 3. स्वास्थ्य विभाग और प्रबंधन के बीच साठगांठ की आशंका: अस्पताल सील होने के बाद, बिना किसी बुनियादी भौतिक बदलाव (Physical Verification) और सुरक्षा मानकों की पूर्ति के, स्वास्थ्य विभाग (सीएमएचओ कार्यालय) द्वारा रातों-रात 35 बेड की अनुमति जारी कर देना गंभीर भ्रष्टाचार, लेनदेन और प्रशासनिक सांठगांठ की ओर इशारा करता है। हमारी प्रमुख मांगें: 1. परमिशन तत्काल निरस्त हो: गुड हॉस्पिटल को दी गई पुनः संचालन की अनुमति को तुरंत प्रभाव से रद्द कर अस्पताल को स्थायी रूप से सील (Permanent Close) किया जाए। 2. निष्पक्ष एस.आई.टी. (SIT) जांच: आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए फर्जी दावों और कागजी मरीजों के नाम पर निकाले गए पैसों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। 3. अधिकारियों पर आपराधिक मामला: नियमों को ताक पर रखकर दोबारा एनओसी देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और अस्पताल संचालकों पर आपराधिक मामला (FIR) दर्ज किया जाए। शिकायतकर्ता ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा यदि प्रशासन ने जन-सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इस निर्णय को वापस नहीं लिया और भ्रष्टाचार में लिप्त दोषियों पर कड़ा कदम नहीं उठाया, तो समस्त नागरिक एवं जनसंगठन मिलकर सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई जारी रखेंगे।
- डोंगरगांव से सिरपुर तक जर्जर रोड ग्रामीणों में आक्रोश कलेक्ट्रेट पहुंच कर ज्ञापन सोफा1
- कचरा फेंकने की हमारी छोटी सी आदत किसी अन्य जीव के जीवन का अंत बन सकती है। गंभीर मुद्दे को एक अत्यंत रचनात्मक, मार्मिक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। इसे और अधिक प्रभावशाली, तार्किक और वैचारिक रूप से मजबूत बनाते हुए प्रस्तुत किया गया है: प्रदूषण और मानवता का मौन संकट: एक तार्किक विश्लेषण समस्या की शुरुआत: दैनिक लापरवाही और अदूरदर्शिता वीडियो की शुरुआत आम जीवन के एक सामान्य दृश्य से होती है—लोग अपनी गाड़ियों (स्कूटर) से चलते हुए कचरे और प्लास्टिक की थैलियों को सीधे नदियों या सड़कों पर फेंक देते हैं। यह इस बात का प्रतीक है कि आधुनिक समाज में सुविधा और स्वच्छता के नाम पर हम अपनी नैतिक जिम्मेदारी भूल चुके हैं। जल निकायों का दम घुटना (जल प्रदूषण) जब प्लास्टिक और कचरा पानी में गिरता है, तो यह केवल कचरा नहीं बल्कि जलीय जीवों के लिए मौत का बुलावा बनता है। वीडियो का यह भाग वैज्ञानिक रूप से इस बात को रेखांकित करता है कि: प्लास्टिक कभी नहीं गलता, यह पानी में घुलकर सूक्ष्म कणों (Microplastics) में बदल जाता है। जलीय जीव (मछलियां, कछुए आदि) इसे भोजन समझकर निगल लेते हैं, जिससे उनका दम घुट जाता है और संपूर्ण जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) नष्ट होने लगता है। मानवीय दृष्टिकोण से उलट: पानी के जीवों का दर्द वीडियो का सबसे शक्तिशाली और झकझोर देने वाला मोड़ तब आता है जब जलीय जीव (दरियाई घोड़ा, शार्क, कछुए और मछलियां) मानव बस्ती में आकर विरोध दर्ज कराते हैं। यह दृश्य एक गहरा तार्किक संदेश देता है: "जिस जल को हम केवल एक माध्यम या नाला समझकर गंदा कर रहे हैं, वही जल उन जीवों का पूरा संसार है।" * जैसे इंसानों के लिए अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं जीवन रक्षा का आधार हैं, वैसे ही इन बेजुबान जीवों के लिए साफ पानी ही इनका एकमात्र घर और जीवन है। हमारे द्वारा फेंका गया कचरा उनके बच्चों को बीमार कर रहा है और उनकी पीढ़ियों को समाप्त कर रहा है। अंततः सवाल: सबसे बुद्धिमान प्राणी कौन? मानव जाति खुद को इस पृथ्वी की सबसे बुद्धिमान प्रजाति मानती है। वीडियो अंत में यही सवाल खड़े करता है—यदि हम सबसे बुद्धिमान हैं, तो इतनी सी साधारण सी बात क्यों नहीं समझ पा रहे हैं कि जिस पर्यावरण को हम नष्ट कर रहे हैं, अंततः वही हमारे अपने विनाश का कारण बनेगा? निष्कर्ष और संदेश यह वीडियो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि कचरा फेंकने की हमारी छोटी सी आदत किसी अन्य जीव के जीवन का अंत बन सकती है। जल है तो जीवन है, और नदियों को बचाना केवल प्रकृति पर उपकार नहीं, बल्कि स्वयं के अस्तित्व को बचाने की अनिवार्य शर्त है।4
- बड़वाह: सार्वजनिक गणेश उत्सव के मंच पर दूसरे दिवस नानी बाई का मायरा कथा की रही धूम1
- मुख्यमंत्री जन सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जैविक हाट का शुभारंभ* * *जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री से किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार और उचित मूल्य* *धार 17 सितम्बर 2026।* मुख्यमंत्री जन सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जैविक हाट का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती नीना विक्रम वर्मा उपस्थित रहीं। *जैविक उत्पादों के उपयोग से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश* इस अवसर पर कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने जैविक उत्पादों की खरीदी करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों के उपयोग से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने किसानों एवं आमजन को जैविक खेती तथा स्वस्थ आहार के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। विधायक श्रीमती नीना विक्रम वर्मा ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री के सेवा काल के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जन सेवा अभियान के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को अपनाने तथा अपने भोजन में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल कर स्वस्थ एवं निरोगी जीवन जीने की बात कही। उन्होंने जिले के किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदारपुर सिंह मेड़ा ने जैविक हाट के शुभारंभ को जन सेवा अभियान के अंतर्गत महत्वपूर्ण एवं अच्छी पहल बताते हुए कहा कि यह किसानों एवं आमजन दोनों के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली को देखते हुए स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ एवं पौष्टिक आहार आवश्यक है। भारतीय किसान संघ के प्रांतीय मंत्री श्री अमोल पाटीदार ने पर्यावरण संरक्षण एवं टिकाऊ खेती को ध्यान में रखते हुए जैविक खेती करने वाले किसानों के उत्पादों को सामान्य कृषि उत्पादों की तुलना में उचित एवं बेहतर मूल्य दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों का उत्पादन अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद यदि किसानों को बेहतर बाजार एवं उचित मूल्य मिले तो जैविक खेती को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। जैविक हाट में जिले के विभिन्न विकासखंडों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसान उत्साहपूर्वक अपने उत्पाद लेकर पहुंचे। किसानों द्वारा लौकी, गिलकी, भिंडी, धनिया, सौंफ, दालें, अरहर, चना, मूंग, गेहूं, ज्वार, रागी, मसाले, मिर्ची, हल्दी सहित विभिन्न जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों का विक्रय किया गया। इसके साथ ही गिर नस्ल के शुद्ध घी की लगभग 30 लीटर मात्रा का भी विक्रय हुआ, जिसकी कीमत लगभग 75 हजार रुपये रही। गेहूं, दाल एवं अन्य जैविक उत्पादों सहित कुल 1.50 लाख रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री हुई। *प्रत्येक शनिवार लगेगा जैविक हाट* जैविक हाट का आयोजन अब प्रत्येक शनिवार किया जाएगा। इसमें जिले के किसान अपने जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को उचित एवं बेहतर मूल्य पर बेच सकेंगे। इससे किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम का संक्षिप्त उद्बोधन उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया द्वारा दिया गया। उन्होंने बताया कि जिले के प्रत्येक विकासखंड से किसान अपने जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद लेकर जैविक हाट में पहुंचे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों द्वारा किसानों से स्वयं जैविक उत्पादों की खरीदी कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। कृषि विभाग की ओर से जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार के लिए किसानों को प्रिंटेड बैग भी वितरित किए गए। साथ ही अतिथियों का स्वागत जैविक उत्पादों की टोकरी भेंट कर किया गया। कार्यक्रम के अंत में परियोजना संचालक आत्मा श्री के.एस. झणिया द्वारा उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, किसानों एवं आमजन का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, किसान एवं आमजन उपस्थित रहे। जैविक हाट के माध्यम से जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा आमजन को रसायन मुक्त एवं स्वस्थ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।1
- धामनोद अवैध कच्ची शराब के तहत बुटीनाला में आबकारी व पुलिस की सयुक्त कारवाही 5 प्रकरण दर्ज 12000 महुवा लहान किया नस्ट 3 थाने का बल रहा मौजुद शराब माफियाओ में हड़कंप लोकेशन - धामनोद / धरमपुरी रिपोर्टर जगन्नाथ यादव धरमपुरी मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पिने से २२ मोतो के बाद धरमपुरी आबकरी विभाग भी कुम्भकर्ण की नीद से जाग गया और आज सुबह तड़के धार जिले के धामनोद में ३ थानों की पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बुटी नाले के क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के खिलाफ कार्रवाई की। सुबह करीब 7 बजे से 9:30 बजे तक चली कार्रवाई में ९५ लीटर हाथ बैठत महुवा शराब एवं शराब निर्माण में पर्युक्त सामग्री एवं उपकण जप्त क्रर लगभग 12000 किलोग्राम महुवा लहान नष्ट किया गया कुल कीमत 12 .50000 रु बताई गई इस कारवाही में ५ दर्जन से पुलिस बल एवं अधिकारी मौजूद रहे इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में शराब बनाई जाती है हालांकि दो वर्ष पूर्व में भी इसी तरह की कारवाही हुई थी यही नहीं शराब नर्मदा पट्टी में भी खुली धड़ले से बिक रही है जबकी cm ने नर्मदा किनारे शराब बंद क्रर रखी है इसके बाद अगली कारवाही कब होगी यह भी एक सवाल है धरमपुरी से जगन्नाथ यादव की रिपोर्ट बाइट -01 प्रशांत मंडलोई सहायक जिला आबकारी धार 02 मोनिका सिंह sdop धामनोद3
- बडवानीं जिले मे ग्राम रलावती गांव 17 गुरुवार का मौसम.. MP मौसम रलावतीं।।1
- खंडवा कांग्रेस ने किया भ्रष्टाचार का खुलासा स्वामित्व योजना से पहले 51 पट्टों को लेकर कलेक्टर से शिकायत उत्तम पाल कोलागांव में पटवारी ने अपने परिवार के नाम किए 51 पट्टों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल कलेक्टर से पट्टों की जांच और निरस्तीकरण की मांग1
- शीतला सप्तमी पर्व की तैयारी: शीतला माता मंदिर परिसर में नगर पालिका कर्मी हारून भाई द्वारा की गई विशेष साफ-सफाई और दवा का छिड़काव; सुरक्षा को लेकर थाना प्रभारी को सौंपा गया आवेदन सनावद ग्राउंड रिपोर्ट: ऋषि एरन एमपी का आईना सनावद में आगामी पावन पर्वों को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर तैयारियां तेजी से शुरू हो चुकी हैं। आगामी 18 सितंबर 2026 को आने वाले 'शीतला सप्तमी' के पवित्र पर्व को दृष्टिगत रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने लगे हैं। इस कड़ी में स्वच्छता और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर बेहतरीन पहल देखने को मिली है। नगर पालिका के सफाई कर्मी हारून भाई का सराहनीय कार्य: शीतला सप्तमी के पावन पर्व के अवसर पर नगर पालिका के समर्पित और सक्रिय कर्मचारी हारून भाई द्वारा शीतला माता मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने न केवल परिसर की पूरी तरह साफ-सफाई की, बल्कि संक्रमण से बचाव और स्वच्छता बनाए रखने के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव भी किया। मंदिर परिसर को चकाचक करने वाले इस सराहनीय कार्य के लिए समिति और सभी क्षेत्रवासियों की ओर से हारून भाई का दिल से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया गया है। साथ ही यह उम्मीद जताई गई है कि त्योहारी सीजन के चलते वे अपनी ऐसी ही सक्रियता और ऊर्जा आगे भी बनाए रखेंगे। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन को आवेदन: पर्व के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा पुलिस प्रशासन से सहयोग की मांग की गई है। शीतला माता मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष दिनेश जी सोनी 'नेताजी' और मंदिर के पुजारी पंडित Shashank Bhargav ने सनावद थाने पहुंचकर थाना प्रभारी महोदय Dharmendra Yadav को एक औपचारिक आवेदन सौंपा है। आवेदन के माध्यम से निवेदन किया गया है कि: दिनांक 18 सितंबर 2026 को शीतला सप्तमी पर्व के पावन अवसर पर प्रात: 06:00 बजे से कार्यक्रम की समाप्ति तक मंदिर परिसर में कानून-व्यवस्था और दर्शन व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए 02 महिला कांस्टेबलों की ड्यूटी तैनात की जाए। पर्व के दौरान नगर व आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में माताओं और बहनों की उपस्थिति को देखते हुए उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए यह कदम बेहद आवश्यक है। प्रशासन और स्वच्छता कर्मियों के इस совместных (सहयोगी) प्रयासों से यह उम्मीद बंध गई है कि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में अपने इष्ट के दर्शन कर सकेंगे।4
- खलघाट मीसाबंदी व समाजसेवी डाँ शोभाराम प्रजापति का निधन* *गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम सलामी* *अंतिम यात्रा में बड़ी समाजन एवं भाजपा कार्यकर्ता हुए शामिल* लोकेशन खलघाट /धरमपुरी ,(जगन्नाथ यादव) ग्राम खलघाट के वरिष्ठ भाजपा नेता मीसाबंदी एवं समाजसेवी डॉक्टर शोभाराम प्रजापति का बुधवार देर रात निधन हो गया वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। लोकतंत्र सेनानी के रूप में उनके योगदान को देखते हुये अंतिम यात्रा के पुर्व इनके ग्रहनिवास पर पुलिस जवानो के द्वारा गार्ड आफ ऑनर के साथ अंतिम सलामी दी गई। श्री प्रजापति की शोक की खबर सोशल मीडिया के माध्यम से लगते ही वरिष्ठ भाजपा नेता सहित सैकड़ो भाजपाई उनके निज स्थान खलघाट पहुंचे जहां पर श्रद्धांजलि के साथ-साथ तिरंगे व भाजपा का झंडा ओढ़कर भाजपायों द्वारा श्रद्धांजलि दी इस अवसर पर विधायक धरमपुरी ठाकुर धार युंवा मौर्चा जिला अंध्यक्ष उज्जवल सौलंकी मनावर एसडीएम प्रमोद सिंह गुर्जर धरमपुरी तहसीलदार श्रीमति अंजली गुप्ता धामनोद नायब तहसीलदार कृष्णा पटेल धामनोद एसडीओपी मोनिका सिंह धामनोद टीआई संतोष यादव एव भाजपा के वरिष्ठ नेता उमेंश पाटीदार जीवनसिंह पटेल महादेव खानदेशिया विष्णु मालाधारी राधेश्याम कसरावदीया महेश पाटीदार अरूण पाटीदार ओम पाटीदार जितेन्द्र पाटीदार पंकज गावडेकर सहित ग्रामीणों ने उपस्थित होकर खलघाट नर्मदा तट पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1