बांदा जिले में संचालित मर्का खदान पहलवान ट्रेडर्स खंड संख्या तीन में अनिमितताओं का बोलबाला 👉🏼 चांदी की चमक से आंखों में धूल झोंककर जिम्मेदार को नहीं नजर आते असोथर एवं थरियांव थाने के सामने से निकलने वाले ओवरलोड मोंरम वाहन..! 🫵 प्रशासन की कार्यवाही बेअसर शाम ढलते ही सुबह लगभग 11:00 बजे तक गुजरते हैं मोंरम भरे वाहन...! 🫵 मर्का खदान से चल रहे तेज रफ्तार वाहनों से फतेहपुर में दुर्घटनाओं की रहती है आशंका...! 🫵 मोंरम भरे निकल रहे वाहनों में रवन्ना के बड़े खेल की चहूँ ओर हो रही मर्का खादन की चर्चा...! 🫵 पड़ोसी जनपद के वाहनों की आवाजाही से जनपद की नवनिर्मित सड़कें हो रही ध्वस्त..* 🫵 गैर जनपद के वाहनों से नगर पंचायत असोथर एवं थरियांव में फैल रहा धूल व धुआं, लोगों का जीना हो रहा दुश्वार...!? 🫵 सिस्टम के दम पर माफिया मर्का बाँदा से फतेहपुर के असोथर, थरियांव, विजयीपुर रोड और गाजीपुर तक सड़कों पर रात दिन दौड़ा रहा वाहन...!* 🫵 प्रशासन की अनदेखी से मोंरम कारोबारी व जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल..!? फतेहपुर।* गैर जनपद की खदान से मोंरंम माफिया का साम्राज्य बेखौफ होकर सिर उठाने लगा है। बांदा जिले की में शुरू हुई मर्का खदान खंड 3 से लेकर फतेहपुर के असोथर, थरियांव, विजयीपुर रोड, गाजीपुर रोड तक सड़कों पर रात दिन में ओवरलोड ट्रक, डंपरों, ट्रैक्टरों की परेड लगातार जारी है। गैर जनपद की मर्का खदान में दो दर्जन से अधिक बूम वाली पोकलैंड मशीनें रात-दिन में गाड़ियां लोड कर रही हैं, और मोंरम खदान से 99 प्रतिशत असोथर से निकलने वाला हर ट्रक और डंपर - ट्रेलर एवं ट्रैक्टरों मानो कानून और गाइडलाइन का मज़ाक उड़ाता हुआ प्रशासन की नाक के नीचे से गुजर रहा है। विश्वत सूत्रों की मानें तो इस खदान के संचालन और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर कुछ दबंग और सत्ता से जुड़े सफेदपोश नेताओं जिले के एक बहुचर्चित मोंरम के कारोबारी टीम को सौंप दी गई है ताकि माफिया की बादशाहत कायम रहे और कोई भी जुबान न खुल सके। गैर जिले बांदा के मर्का खदान से आने वाली 99 प्रतिशत मोंरंम फतेहपुर जिलें के असोथर थाना क्षेत्र असोथर नगर पंचायत से शाम ढलते ही सुबह लगभग 11.00 बजे तक निकले जा रहे हैं। खनन भले ही बांदा में हो रहा हैं पर मोंरग की निकासी 99 प्रतिशत फतेहपुर जिलें के असोथर नगर पंचायत के बगल से वैकल्पिक रास्ता बनाकर मौत का रास्ता होकर असोथर नगर पंचायत से निकल कर सीधे थरियांव हाईवे और गैर जिलों रायबरेली , प्रतापगढ़ , कौशांबी , राजधानी लखनऊ तक मोंरम पहुंचाई जा रही हैं। योगी सरकार के तमाम आदेश और गाइडलाइनें सिर्फ कागजों में क़ैद हैं। धरातल पर न तो रोकथाम है, न ही कार्यवाही , क्योंकि सिस्टम के हर मोड़ पर कहीं न कहीं माफिया का हाथ, रसूख का साया और मिलीभगत की महक साफ महसूस होती है। अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति वाकई मजबूत होती, तो असोथर और थरियांव व विजयीपुर रोड गाजीपुर रोड की सड़कों पर यह ओवरलोडिंग का मेला नजर न आता। तस्वीरें और लगातार वायरल वीडियो खुद गवाही दे रही हैं कि कैसे मोंरम माफिया के ‘सिंडीकेट नेटवर्क’ ने शासन की साख को भी चुनौती फिर से दें डाली है। 🫵 *असोथर मार्ग एवं थरियांव की ताजा तस्वीरें प्रशासन की पोल खोल रही हैं। जहां बेतहाशा ओवरलोड मोंरग से भरे ट्रक, डंपरों और ट्रैक्टरों कानून की धज्जियां उड़ाते हुए दौड़ रहे हैं।*
बांदा जिले में संचालित मर्का खदान पहलवान ट्रेडर्स खंड संख्या तीन में अनिमितताओं का बोलबाला 👉🏼 चांदी की चमक से आंखों में धूल झोंककर जिम्मेदार को नहीं नजर आते असोथर एवं थरियांव थाने के सामने से निकलने वाले ओवरलोड मोंरम वाहन..! 🫵 प्रशासन की कार्यवाही बेअसर शाम ढलते ही सुबह लगभग 11:00 बजे तक गुजरते हैं मोंरम भरे वाहन...! 🫵 मर्का खदान से चल रहे तेज रफ्तार वाहनों से फतेहपुर में दुर्घटनाओं की रहती है आशंका...! 🫵 मोंरम भरे निकल रहे वाहनों में रवन्ना के बड़े खेल की चहूँ ओर हो रही मर्का खादन की चर्चा...! 🫵 पड़ोसी जनपद के वाहनों की आवाजाही से जनपद की नवनिर्मित सड़कें हो रही ध्वस्त..* 🫵 गैर जनपद के वाहनों से नगर पंचायत असोथर एवं थरियांव में फैल रहा धूल व धुआं, लोगों का जीना हो रहा दुश्वार...!? 🫵 सिस्टम के दम पर माफिया मर्का बाँदा से फतेहपुर के असोथर, थरियांव, विजयीपुर रोड और गाजीपुर तक सड़कों पर रात दिन दौड़ा रहा वाहन...!* 🫵 प्रशासन की अनदेखी से मोंरम कारोबारी व जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल..!? फतेहपुर।* गैर जनपद की खदान से मोंरंम माफिया का साम्राज्य बेखौफ होकर सिर उठाने लगा है। बांदा जिले की में शुरू हुई मर्का खदान खंड 3 से लेकर फतेहपुर के असोथर, थरियांव, विजयीपुर रोड, गाजीपुर रोड तक सड़कों पर रात दिन में ओवरलोड ट्रक, डंपरों, ट्रैक्टरों की परेड लगातार जारी है। गैर जनपद की मर्का खदान में दो दर्जन से अधिक बूम वाली पोकलैंड मशीनें रात-दिन में गाड़ियां लोड कर रही हैं, और मोंरम खदान से 99 प्रतिशत असोथर से निकलने वाला हर ट्रक और डंपर - ट्रेलर एवं ट्रैक्टरों मानो कानून और गाइडलाइन का मज़ाक उड़ाता हुआ प्रशासन की नाक के नीचे से गुजर रहा है। विश्वत सूत्रों की मानें तो इस खदान के संचालन और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर कुछ दबंग और सत्ता से जुड़े सफेदपोश नेताओं जिले के एक बहुचर्चित मोंरम के कारोबारी टीम को सौंप दी गई है ताकि माफिया की बादशाहत कायम रहे और कोई भी जुबान न खुल सके। गैर जिले बांदा के मर्का खदान से आने वाली 99 प्रतिशत मोंरंम फतेहपुर जिलें के असोथर थाना क्षेत्र असोथर नगर पंचायत से शाम ढलते ही सुबह लगभग 11.00 बजे तक निकले जा रहे हैं। खनन भले ही बांदा में हो रहा हैं पर मोंरग की निकासी 99 प्रतिशत फतेहपुर जिलें के असोथर नगर पंचायत के बगल से वैकल्पिक रास्ता बनाकर मौत का रास्ता होकर असोथर नगर पंचायत से निकल कर सीधे थरियांव हाईवे और गैर जिलों रायबरेली , प्रतापगढ़ , कौशांबी , राजधानी लखनऊ तक मोंरम पहुंचाई जा रही हैं। योगी सरकार के तमाम आदेश और गाइडलाइनें सिर्फ कागजों में क़ैद हैं। धरातल पर न तो रोकथाम है, न ही कार्यवाही , क्योंकि सिस्टम के हर मोड़ पर कहीं न कहीं माफिया का हाथ, रसूख का साया और मिलीभगत की महक साफ महसूस होती है। अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति वाकई मजबूत होती, तो असोथर और थरियांव व विजयीपुर रोड गाजीपुर रोड की सड़कों पर यह ओवरलोडिंग का मेला नजर न आता। तस्वीरें और लगातार वायरल वीडियो खुद गवाही दे रही हैं कि कैसे मोंरम माफिया के ‘सिंडीकेट नेटवर्क’ ने शासन की साख को भी चुनौती फिर से दें डाली है। 🫵 *असोथर मार्ग एवं थरियांव की ताजा तस्वीरें प्रशासन की पोल खोल रही हैं। जहां बेतहाशा ओवरलोड मोंरग से भरे ट्रक, डंपरों और ट्रैक्टरों कानून की धज्जियां उड़ाते हुए दौड़ रहे हैं।*
- दौताना स्थित चोटी वाला ढाबे पऱ चल रहा था देह व्यपार का धंधा...1
- फ़िरोज़ाबाद के थाना रामगढ़ क्षेत्रान्तर्गत एक व्यक्ति चंदन पुत्र महेश के शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भिजवाकर की जा रही अग्रिम विधिक कार्यवाही के सम्बन्ध में ASP नगर द्वारा दी गयी बाइट- Updated News- 31/मार्च/26- AIN नेटवर्क से संपादक अनुज रावत देश व प्रदेश की हर छोटी बड़ी खबर को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूलें | AIN NETWORK को आवश्यकता है पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले तहसील व ब्लॉक से पत्रकारिता करने हेतु युवक युवतियों की | संपर्क करें -9193250352 ( प्रधान संपादक -अनुज रावत )1
- आज आगरा में श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर मोती कटरा हनुमान चौराहा आगरा में भगवान महावीर स्वामी जी के 2625 वे जन्म कल्याणक महोत्सव के अंतर्गत आचार्य श्री चैतय सागर जी महाराज एवं निर्यापक मुनी श्री बिलोक सागर जी महाराज ससनग के मंगल सानिध्य मैं 31 मार्च को प्रातः 8:00 बजे श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर हनुमान चौराहा मोती कटरा से विशाल जन्म कल्याणक शोभायात्रा निकाली गई जो विभिन्न मार्गो से होती हुई एमडी जैन इंटर कॉलेज हरी पर्वत आगरा पर समापन हुई नेशनल मीडिया न्यूज़ एजेंसी के माध्यम से आगरा से पत्रकार धर्मेंद्र कुमार राजपूत4
- Post by Soni Verma1
- आगरा में थाना न्यू आगरा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय वाहन चोर गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को शमशान घाट के पास से दबोचा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 4 चोरी की मोटरसाइकिल और 1 ऑटो बरामद किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी राजस्थान समेत अन्य राज्यों से भी वाहन चोरी करते थे और नंबर प्लेट हटाकर उनकी पहचान मिटा देते थे। बताया जा रहा है कि आरोपी चोरी के वाहनों को खंदौली क्षेत्र में बेचने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है। फिलहाल थाना न्यू आगरा में दर्ज मामलों का खुलासा करते हुए पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।1
- Gorakhpur: CM Yogi Adityanath की मां पर टिप्पणी मामले में Maulana Arrest, वकीलों ने बांटी मिठाई1
- आगरा संवाददाता बहादुर सिंह ✍️ जनकवि' मियां नजीर अकबराबादी की विरासत और यादों को सहेजने के लिये एक विशाल हस्ताक्षर अभियान को अमृता विद्या एजुकेशन फॉर इम्मोर्टालिटी संस्था द्वारा प्रारंभ किया गया है। संस्था के सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने बताया कि यह प्रयास एक नयी शुरुआत जरूर है किंतु शहर वासियों से उम्मीद है कि इसे पूर्व में किये जाते रहे प्रयासों से जोड कर उनके अगले चरण के रूप में ही देखा जायेगा। श्री शर्मा का कहना है कि मियां नजीर अकबराबादी, जिन्हें उनकी धर्मनिरपेक्ष और लोक-केंद्रित कविताओं के लिए जाना जाता है, साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) के प्रतीक रहे हैं। संस्था का मानना है कि वर्तमान पीढ़ी को उनके साहित्यिक योगदान की जानकारी दिया जाना अनिवार्य है। --अभियान का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान नजीर अकबराबादी की उपेक्षित विरासतों की ओर आकर्षित करना है। हस्ताक्षर अभियान के जरिए सरकार से मांग की जाएगी कि:उनकी स्मृति में विशेष स्मारकों या पुस्तकालयों का जीर्णोद्धार किया जाए। प्रयास होगा कि नजीर की रचनाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रमो में उचित स्थान मिले।ताजगंज की मल्लिकों गली में स्थित उनकी मज़ार और संबंधित स्थलों का संरक्षण सुनिश्चित हो। नजीर केवल एक कवि नहीं, बल्कि भारतीय समाज की एकता की आवाज थे।यही कारण है कि बडी संख्या में स्थानीय नागरिक और साहित्य प्रेमी इस मुहिम से जुड़कर आवाज बुलंद करने को तत्पर हैं। --ताजमहल के प्रति अटूट प्रेम मियां नजीर अकबराबादी का ताजमहल के प्रति प्रेम अतुलनीय था। इसी लगाव के कारण उन्होंने कभी आगरा नहीं छोड़ा और अपनी पूरी जिंदगी इसी शहर की गलियों और संस्कृति को समर्पित कर दी। --लोकप्रिय 'जन कवि' और सामाजिक सरोकार: नजीर वास्तव में जनता के कवि थे। उनकी लेखनी में भारतीय त्योहारों, मेलों, जीवन के दर्शन और आम आदमी के सुख-दुख का जीवंत चित्रण मिलता है।वे गली-कूचे के विक्रेताओं की मदद के लिए उन्हें तुकबंदी वाले शेर (couplets) लिखकर देते थे ताकि वे अपना सामान आसानी से बेच सकें। सांस्कृतिक प्रभाव उनकी शायरी ताजगंज क्षेत्र की महिलाओं और आम जनमानस के बीच अत्यंत लोकप्रिय थी, जहाँ उनके कलामों,नज्मो और गजलों पर चर्चा की जाती थी।नजीर अकबराबादी की भगवान कृष्ण के प्रति वैसी ही अनन्य श्रद्धा थी जैसी प्रसिद्ध मुस्लिम कवि रसखान की थी। उनकी कविताओं में कृष्ण प्रेम और दर्शन की गहरी झलक मिलती है, जो उन्हें भारतीय धर्मनिरपेक्ष संस्कृति का एक बड़ा स्तंभ बनाती है। सरकार से मुख्य मांगें:- -संस्था इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से सरकार से मांग करती है कि नजीर अकबराबादी की स्मृति में विशेष स्मारकों का निर्माण हो और उनकी रचनाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी महान विरासत से परिचित हो सकें। -मेट्रो स्टेशन का नामकरण: आगरा मेट्रो के किसी प्रमुख स्टेशन का नाम 'नजीर अकबराबादी मेट्रो स्टेशन' रखा जाए या उनके नाम को जोड़ा जाए।मेट्रो का ध्येय वाक्य 'नई विरासत की ओर' है। इसी के अनुरूप, मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर नजीर के प्रसिद्ध भजन और उनको "अवामी शायर" के रूप में स्थापित करने वाली नज्म :- "आशिक कहो, असीर कहो, आगरे का है, मुल्ला कहो, दबीर कहो, आगरे का है, मुफ़लिस कहो, फ़कीर कहो, आगरे का है, शायर कहो, नज़ीर कहो, आगरे का है को प्रदर्शित किया जाए। जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आगरा की वास्तविक सांस्कृतिक विरासत और गंगा-जमुनी तहजीब को समझ सकेंगे। सड़क का नामकरण-- पुरानी मंडी से मलको गली तक जाने वाले मार्ग का नाम 'नजीर अकबराबादी मार्ग' घोषित किया जाए। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि जल्द ही इस हस्ताक्षर अभियान के साथ आगरा के जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया जाएगा और उन्हें इस मुहिम से जोड़कर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि नजीर की विरासत को 'नई विरासत' का हिस्सा बनाया जाए। हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत मियां नजीर मल्लिको गली स्थित मजार से शुरू हुई, इसमें मियां फैज शाह, श्री आरिफ तैमूरी,असलम सलीमी आदि सहभागी रहे। फिल्म बनाने का प्रयास आगरा के सुधिजनो का प्रयास - जनकवि नज़ीर पर एक डाक्यूमेंट्री ड्रामा फिल्म बनाने का प्रयास होगा. इस संदर्भ में एक प्रोमो फिल्म मिथुन प्रमाणिक द्वारा बनाई गयी है. इस का अवलोकन कर चर्चा भी की गयी. इस चर्चा में सुधीर नारायण , डॉ मधु भारद्वाज, फैज़ शाह, डॉ विजय शर्मा, आरिफ तैमूरी, शांतनु, अजय तोमर , असलम सलीमी, अनिल शर्मा आदि उपस्थित रहे . अनिल शर्मा सेक्रेटरी अमृता विद्या - एजुकेशन फार इम्मोर्टालिटी सोसायटी, Cell- +9198378209211
- किसानों के शोषण का मुद्दा उठाया, नीलामी का विरोध करने की चेतावनी...1