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डढ़हतमाफ गांव में मेला मैदान के बगल की सड़क पर जलभरावसड़क पर जलभराव की स्थिति बन जाती है। इससे पैदल राहगीरों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी दिक्कत होती है।
Ashok kumar News repoter
डढ़हतमाफ गांव में मेला मैदान के बगल की सड़क पर जलभरावसड़क पर जलभराव की स्थिति बन जाती है। इससे पैदल राहगीरों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी दिक्कत होती है।
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- डढ़हतमाफ गांव में पक्का मकान गिरने से मचा हड़कंप, करीब 80 हजार रुपये का नुकसान सड़क किनारे खड़ी बोलेरो गाड़ी पर जा गिरा, जिससे वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर मलबा और ईंट-पत्थर बिखर गए।1
- शॉर्ट सर्किट से इंडियन बैंक में लगी आग, फायर विग्रेड ने शीघ्र ही आग पर पाया काबू, जरा भी देरी होती तो भीषण आग फैल सकती थी शॉर्ट सर्किट से इंडियन बैंक में लगी आग, फायर विग्रेड ने शीघ्र ही आग पर पाया काबू, जरा भी देरी होती तो भीषण आग फैल सकती थी1
- जनपद महोबा के ग्राम मझलवारा में लगातार 6-7 घंटे की वारिस की वजह से एक गरीब किसान का घर जनपद महोबा के ग्राम मझलवारा में लगातार 6-7 घंटे की वारिस की वजह से एक गरीब किसान का घर1
- जिला महिला अस्पताल में भ्रष्टाचार के आरोपों पर महिला आयोग सदस्य नाराज महोबा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनुपमा सिंह लोधी ने जिला महिला अस्पताल में व्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार को लेकर गहरी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। मरीजों एवं तीमारदारों से बातचीत के दौरान अस्पताल में कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महिला आयोग की सदस्य ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष नाराजगी व्यक्त की और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर मरीजों या उनके तीमारदारों का उत्पीड़न अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सामने आई शिकायतों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई।1
- ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस को लेकर पुलिस ने परखी सुरक्षा व्यवस्था छतरपुर। ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। जुलूस से पहले एडिशनल एसपी और सिटी कोतवाली टीआई ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने जुलूस के मार्ग का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जुलूस के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। साथ ही लोगों से शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की गई है।1
- नौगांव की पिपरी मस्जिद में हुई परचम कुशाई, अमन और खुशहाली की मांगी गई दुआ परचम कुशाही पिपरी मस्जिद के पेश इमाम साजिद अली साहब ने की साथ ही ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके देश सहित नगर एवं क्षेत्र में अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए खास दुआ की गई ।1
- बारिश के बाद अंडरपास में जलभराव महोबा। केबरीपुरा गांव में लगातार हो रही बारिश के बाद कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि अंडरपास में भारी मात्रा में पानी भर गया है, जिससे लोगों के आवागमन में परेशानी हो सकती है।1
- बारिश का कहर: खेत से लौट रहे तीन लोगों को उफ़नाते नाले ने निग़ला दो महिलाओं समेत तीन की मौत बांदा। आसमान से बरसता पानी जब हद पार कर जाए तो बारिश राहत नहीं, आफत बन जाती है। मरका थाना क्षेत्र के गुजेनी गांव में मूसलाधार बारिश के बीच उफनाए गहरे नाले ने दो महिलाओं समेत तीन लोगों की जिंदगी निगल ली। खेत तक पहुंचने की मजबूरी में नाला पार करने वाले ग्रामीण जब वापस लौटे, तब तक पानी का बहाव विकराल हो चुका था। बताया गया कि तीनों लोग नाला पार कर अपने खेत गए थे। लौटते समय लगातार हो रही तेज बारिश से नाले में अचानक पानी बढ़ गया और तेज बहाव की चपेट में आकर तीनों डूब गए। ग्रामीणों और पुलिस ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों के शव बरामद किए।हादसे की सूचना पर बबेरू विधानसभा क्षेत्र के विधायक विशंभर सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि बारिश के दिनों में गांवों के रास्ते और नाले कितने सुरक्षित हैं। जिस नाले को पार कर किसान रोज अपनी जमीन तक पहुंचते हैं, वही नाला कुछ ही घंटों की बारिश में मौत का मुहाना बन गया। बारिश तो आसमान से उतरी थी, लेकिन तीन जिंदगियों का यह मातम व्यवस्था की जमीनी हकीकत भी सामने रख गया।हादसे के बाद गुजेनी गांव में सन्नाटा पसरा है। जिन घरों में रोजमर्रा की जिंदगी की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब अपनों को खोने का विलाप है।1