रोहतास जिले के सासाराम स्थित ए.बी.आर. फाउंडेशन स्कूल के प्रांगण में बिहार हैंडबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित स्व. मालती कुंवर एवं स्व. सरोज स्मृति 11वीं बिहार राज्य सब जूनियर बालिका हैंडबॉल प्रतियोगिता का खिताब नवादा की टीम ने अपने नाम कर लिया है। तीन दिवसीय इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में नवादा की टीम ने पटना को 12-06 से हराकर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबलों में पटना ने सारण को 06-02 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में नवादा ने मुंगेर को 15-08 से पराजित कर फाइनल का टिकट पक्का किया था। इससे पहले क्वार्टर फाइनल मैचों में सारण ने गोपालगंज को 5-1 से, पटना ने पश्चिम चंपारण को 14-3 से, मुंगेर ने औरंगाबाद को 14-4 से और नवादा ने बेगूसराय को 8-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। समापन समारोह में विजेता एवं उपविजेता टीमों को विद्यालय के निर्देशक डॉ. पृथ्वीपाल सिंह, समाजसेवी विमलेश सिंह, जिला हैंडबॉल संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार राय और बिहार राज्य हैंडबॉल संघ के महासचिव बृज किशोर शर्मा ने ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान कर पुरस्कृत किया। इस दौरान 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार पटना की स्नेहा कुमारी को दिया गया, वहीं 'सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर' का पुरस्कार नवादा की अवनी वत्स ने जीता। प्रतियोगिता के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी तकनीकी पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. पृथ्वीपाल सिंह ने विजेता और उपविजेता टीमों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। जिला हैंडबॉल संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार राय ने खिलाड़ियों के खेल की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। विमलेश सिंह ने खिलाड़ियों को अपने जिले और राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। बिहार हैंडबॉल संघ के महासचिव ब्रजकिशोर शर्मा ने प्रतियोगिता के बाद खिलाड़ियों के चयन और उनके प्रशिक्षण शिविर पर प्रकाश डाला। अंत में आयोजन सचिव विनय कृष्ण ने उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर कुश कुमार त्रिपाठी, उपेंद्र कुमार, निरंजन सिंह, राणा प्रताप सिंह, अंतिम राज, नैंसी सिंह, प्रियंका कुमारी, अभिषेक कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार, ज्योति कुमारी, रिंकी कुमारी, सुमन कुमारी और एकता कुमारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रोहतास जिले के सासाराम स्थित ए.बी.आर. फाउंडेशन स्कूल के प्रांगण में बिहार हैंडबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित स्व. मालती कुंवर एवं स्व. सरोज स्मृति 11वीं बिहार राज्य सब जूनियर बालिका हैंडबॉल प्रतियोगिता का खिताब नवादा की टीम ने अपने नाम कर लिया है। तीन दिवसीय इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में नवादा की टीम ने पटना को 12-06 से हराकर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबलों में पटना ने सारण को 06-02 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में नवादा ने मुंगेर
को 15-08 से पराजित कर फाइनल का टिकट पक्का किया था। इससे पहले क्वार्टर फाइनल मैचों में सारण ने गोपालगंज को 5-1 से, पटना ने पश्चिम चंपारण को 14-3 से, मुंगेर ने औरंगाबाद को 14-4 से और नवादा ने बेगूसराय को 8-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। समापन समारोह में विजेता एवं उपविजेता टीमों को विद्यालय के निर्देशक डॉ. पृथ्वीपाल सिंह, समाजसेवी विमलेश सिंह, जिला हैंडबॉल संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार राय और बिहार राज्य हैंडबॉल संघ के महासचिव बृज किशोर शर्मा ने ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान कर पुरस्कृत
किया। इस दौरान 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार पटना की स्नेहा कुमारी को दिया गया, वहीं 'सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर' का पुरस्कार नवादा की अवनी वत्स ने जीता। प्रतियोगिता के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी तकनीकी पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. पृथ्वीपाल सिंह ने विजेता और उपविजेता टीमों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। जिला हैंडबॉल संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार राय ने खिलाड़ियों के खेल की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। विमलेश
सिंह ने खिलाड़ियों को अपने जिले और राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। बिहार हैंडबॉल संघ के महासचिव ब्रजकिशोर शर्मा ने प्रतियोगिता के बाद खिलाड़ियों के चयन और उनके प्रशिक्षण शिविर पर प्रकाश डाला। अंत में आयोजन सचिव विनय कृष्ण ने उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर कुश कुमार त्रिपाठी, उपेंद्र कुमार, निरंजन सिंह, राणा प्रताप सिंह, अंतिम राज, नैंसी सिंह, प्रियंका कुमारी, अभिषेक कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार, ज्योति कुमारी, रिंकी कुमारी, सुमन कुमारी और एकता कुमारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- नवादा जिला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनाव को लेकर न्यायालय परिसर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं, जहां विभिन्न पदों के लिए अधिवक्ताओं द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, अवलोक अधिवक्ता ने संयुक्त सचिव पद के लिए और आदित्य राज मेधावी अधिवक्ता ने कार्यकारिणी समिति सदस्य पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार अवलोक ने बताया कि यह पद संघ के प्रशासनिक एवं कार्यालयीन कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें सचिव को सहयोग करना तथा उनकी अनुपस्थिति में सभी दायित्वों का निर्वहन करना शामिल है। इसमें पुस्तकालय, कार्यालय प्रबंधन और बैठकों के सफल संचालन की जिम्मेदारी भी निहित है। वहीं, कार्यकारिणी सदस्य पद के प्रत्याशी आदित्य राज मेधावी ने कहा कि कार्यकारिणी समिति अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, संघ के विकास, बजट निर्माण और कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में अहम भूमिका निभाती है। यह समिति अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान, संघ के कार्यक्रमों के आयोजन तथा बार संघ के नियमों एवं आचार संहिता के पालन को सुनिश्चित करने का कार्य करती है। नामांकन के उपरांत आदित्य राज मेधावी अधिवक्ता ने नवादा व्यवहार न्यायालय की एक महत्वपूर्ण समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि न्यायालय परिसर में महिला अधिवक्ताओं और महिला आगंतुकों के लिए समुचित शौचालय की व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि न्यायालय परिसर में महिलाओं के लिए सम्मानजनक एवं आवश्यक सुविधाओं का होना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें कार्यकारिणी समिति में सेवा करने का अवसर मिलता है, तो महिला अधिवक्ताओं की सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छ शौचालय निर्माण तथा अधिवक्ताओं की अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल है और सभी प्रत्याशी अपने-अपने मुद्दों के साथ समर्थन जुटाने में सक्रिय हैं।4
- ललित शर्मा नामक व्यक्ति पर मुस्लिम महिलाओं का गर्भ चीरकर उनके बच्चों को मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। इस आरोप के सामने आने के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह एक आतंकी सोच नहीं है और क्या इससे अधिक घिनौना व्यक्ति कोई हो सकता है। इस मामले में देश के महिला आयोग और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं, कि ऐसे व्यक्ति को अब तक जेल में क्यों नहीं डाला गया है। पोस्ट में यह स्पष्ट मांग की गई है कि सभ्य समाज में ऐसी हिंसक और नफरत भरी मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए, क्योंकि कानून और संविधान से बड़ा कोई नहीं है। प्रशासन और पुलिस से आग्रह किया गया है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए और समाज में शांति बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। आगे यह भी सवाल किया गया है कि जो लोग सरेआम नफरत और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ रहे हैं, क्या उनके लिए डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर साहब द्वारा लिखी गई कानून की किताबों का कोई महत्व नहीं है। यह चिंता भी व्यक्त की गई है कि क्या भारत में अब कोई ऐसा IAS, IPS या पुलिस अधिकारी नहीं बचा है जो इन जैसे गुंडों को हवालात की हवा खिलाकर देश में शांति बनाए रख सके।1
- सम्राट चौधरी जी से सीधे तौर पर जवाब माँगा गया है, जिसमें कहा गया है कि बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे पर अब तक दिए गए भाषण पर्याप्त नहीं हैं। पोस्ट में स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि अब भाषणों का समय समाप्त हो गया है और इस गंभीर विषय पर उन्हें उत्तर देना चाहिए।1
- नवादा जिले के रजौली अनुमंडल के कर्बला नगर में मोहर्रम का चांद दिखने के साथ ही इमामबाड़े अगरबत्ती, गुलाब पानी और इत्र की खुशबू से महक उठे हैं। इस खास अवसर पर इमामबाड़ा के पास लोग डंके बजाते हुए देखे जा रहे हैं, जो मोहर्रम के आयोजनों की शुरुआत का संकेत है। आने वाले दिनों में मोहर्रम से जुड़े विभिन्न अनुष्ठान होंगे। मोहर्रम के पांचवें दिन, यानी 21 जून 2026 रविवार को, इमामबाड़ा पर मिट्टी की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद 23 जून 2026 मंगलवार को पैकारों की टोली 'या अली या हुसैन, कर्बला दूर है, जाना जरूर है' के नारे लगाते हुए नज़र आएगी। मोहर्रम के दसवें दिन, जो 26 जून 2026 शुक्रवार को पड़ेगा, डंके-बाजे के साथ ताजिया का जुलूस निकाला जाएगा। इसी रात को, नम आँखों से कर्बला पर ताजिया को पहलाम किया जाएगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मोहर्रम में नवमी और दशमी को रोज़ा रखना खास अहमियत रखता है।1
- बिहार में समाज सेवा के परिणामों को लेकर एक व्यंग्यात्मक चेतावनी जारी की गई है। इस पोस्ट में कहा गया है कि जो व्यक्ति समाज सेवा में लिप्त रहते हैं, वे अंततः मानसिक बीमारी का शिकार हो सकते हैं। आगे तंज कसते हुए सुझाव दिया गया है कि लोगों को 'स्मार्ट' बन जाना चाहिए, क्योंकि समाज सेवा के कारण होने वाली मानसिक बीमारी का उपचार केवल सरकारी माध्यम से किया जाता है, जिसे सांकेतिक रूप से '5 सरकारी कैप्सूल' के रूप में वर्णित किया गया है। पोस्ट विशेष रूप से बिहार में इस स्थिति पर जोर देती है और पाठकों को 'संभल के' रहने की सलाह देती है, क्योंकि ऐसी स्थिति में सरकारी इलाज ही एकमात्र प्रावधान है।1
- रजौली में शनिवार को अंचल अधिकारी (सीओ) गुफरान मजहरी और थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रणजीत कुमार के नेतृत्व में रजौली थाना क्षेत्र के विभिन्न जगहों से जब्त की गई कुल 392 लीटर देसी और अंग्रेजी शराब का विनष्टीकरण किया गया। थानाध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि नष्ट की गई शराब कई अलग-अलग थाना कांड संख्याओं के तहत जब्त की गई थी। इसमें 16 अप्रैल 2026 को रजौली थाना कांड संख्या 211/26 के अंतर्गत जब्त 19 लीटर देसी महुआ शराब शामिल थी। इसके अलावा, 19 अप्रैल 2026 को थाना कांड संख्या 212/26 में जब्त 15 लीटर, उसी दिन थाना कांड संख्या 121/26 में जब्त 39 लीटर तथा 6.375 लीटर अंग्रेजी शराब भी विनष्टीकरण की गई। अन्य जब्त शराब में 6 मई 2026 को रजौली थाना कांड संख्या 242/26 के तहत जब्त 95 लीटर, 7 मई 2026 को कांड संख्या 245/26 में जब्त 99 लीटर, 11 मई 2026 को कांड संख्या 253/26 के तहत जब्त 11 लीटर, और थाना कांड संख्या 198/26 के तहत जब्त 114 लीटर शराब शामिल थी। इन सभी को मिलाकर कुल 392 लीटर देसी और अंग्रेजी शराब का विनष्टीकरण किया गया। थानाध्यक्ष ने इस मौके पर दोहराया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी को सफल बनाने के लिए शराब और शराब धंधेबाजों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- दानापुर, पटना में आयोजित एक तिलक समारोह में दो डांसरों से सामूहिक बलात्कार का गंभीर मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पीड़ित दोनों डांसर सगी बहनें हैं। इस घटना को लेकर कुल 13 लोगों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया गया है।1
- महाराष्ट्र के परभणी में स्थित एक हनुमान मंदिर में पूजा के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ मंदिर की छत अचानक गिर गई। इस दुखद घटना में पाँच लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य श्रद्धालु मलबे में दबकर घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है, साथ ही इस हादसे के कारणों की गहन जाँच भी की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना पर ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है।1